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  • एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में उतरेगा भारत, हॉकी इंडिया ने घोषित किया 20 सदस्यीय दल

    एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में उतरेगा भारत, हॉकी इंडिया ने घोषित किया 20 सदस्यीय दल


    नई दिल्ली । हॉकी इंडिया ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में स्टार डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। मौजूदा चैंपियन भारत इस बार भी स्वर्ण पदक बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगा। इस टूर्नामेंट का विजेता सीधे लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई करेगा, इसलिए यह प्रतियोगिता भारतीय टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    हॉकी इंडिया ने इस बार अनुभव और युवा जोश का संतुलित मिश्रण तैयार किया है। टीम में देश के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल मिडफील्डर मनप्रीत सिंह को भी जगह दी गई है। लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ मनप्रीत टीम को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    गोलकीपिंग की जिम्मेदारी मोहित एचएस और सूरज करकेरा के कंधों पर होगी। डिफेंस में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच शामिल किए गए हैं। मिडफील्ड में हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकांता शर्मा, राजिंदर सिंह और राज कुमार पाल टीम की कमान संभालेंगे। वहीं फॉरवर्ड लाइन में दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और अभिषेक विरोधी टीमों के खिलाफ गोल दागने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

    भारतीय टीम को पूल-ए में मेजबान जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। इसके बाद श्रीलंका से 22 सितंबर, कोरिया से 24 सितंबर, जापान से 26 सितंबर और बांग्लादेश से 28 सितंबर को मुकाबला होगा। सभी मैच जापान के काकामिगहारा स्थित गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम की घोषणा के बाद कहा कि भारतीय टीम पूरी तरह तैयार है और उसका सबसे बड़ा लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट हासिल करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का यह संयोजन टीम को सफलता दिलाने में सक्षम है।

    कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी टीम पर पूरा विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि चाहे युवा खिलाड़ी हों या अनुभवी, सभी अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझते हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए और हर मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए।

    भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में स्वर्ण पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल किया था। अब टीम की नजर लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का खिताब जीतने और एक बार फिर सीधे ओलंपिक में जगह बनाने पर होगी।

    भारतीय टीम

    गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा

    डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच

    मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलाकांता शर्मा, विवेक सागर प्रसाद

    फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक

  • एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया घोषित, हरमनप्रीत कप्तान; पाकिस्तान से 19 अगस्त को महामुकाबला

    एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया घोषित, हरमनप्रीत कप्तान; पाकिस्तान से 19 अगस्त को महामुकाबला


    नई दिल्ली । एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। हॉकी इंडिया ने बेल्जियम और नीदरलैंड में 15 से 30 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की है। अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह को एक बार फिर टीम की कप्तानी सौंपी गई है। चयनित टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती युवा प्रतिभाओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिलता है, जिससे भारतीय हॉकी प्रशंसकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम चयन के बाद भरोसा जताया कि मौजूदा भारतीय टीम के पास इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि टीम में शामिल हर खिलाड़ी ने अपनी जगह प्रदर्शन के दम पर बनाई है। उनके अनुसार यह टीम दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने, तेज जवाबी हमला करने और अनुशासित खेल दिखाने में सक्षम है। फुल्टन ने स्पष्ट किया कि टीम का पूरा फोकस एक-एक मैच पर रहेगा और खिलाड़ी भविष्य की बजाय वर्तमान मुकाबलों पर ध्यान देंगे।

    भारतीय टीम गोलकीपिंग में मोहित एचएस और सूरज करकेरा पर भरोसा करेगी। रक्षा पंक्ति की जिम्मेदारी कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के हाथों में होगी। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और विवेक सागर प्रसाद टीम की रीढ़ होंगे, जबकि युवा खिलाड़ी राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे और नीलाकांता शर्मा भी अपनी ऊर्जा और कौशल से टीम को मजबूती देंगे।

    आक्रमण की कमान मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अभिषेक और शिलानंद लाकड़ा संभालेंगे। इन खिलाड़ियों से तेज़ और आक्रामक हॉकी की उम्मीद की जा रही है, जो विरोधी टीमों की रक्षा पंक्ति को लगातार चुनौती दे सकते हैं।

    भारत को विश्व कप में पूल-डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स जैसी मजबूत टीमों के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ंत होगी, जबकि 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेला जाएगा। भारत-पाकिस्तान मैच पर दुनियाभर के हॉकी प्रेमियों की विशेष नजर रहेगी और इसे पूल चरण का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।

    भारतीय हॉकी के लिए यह विश्व कप इसलिए भी खास है क्योंकि टीम पिछले पांच दशकों से विश्व कप पदक का इंतजार कर रही है। भारत ने 1971 में कांस्य, 1973 में रजत और 1975 में कुआलालंपुर में विश्व कप का स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से भारतीय टीम विश्व कप में कोई पदक नहीं जीत सकी है। ऐसे में हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली यह टीम 50 साल के लंबे इंतजार को खत्म कर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन का मानना है कि इस टीम में अनुभव, फिटनेस, अनुशासन और युवा जोश का बेहतरीन तालमेल है। यदि खिलाड़ी अपनी रणनीति के अनुसार प्रदर्शन करते हैं तो भारत एक बार फिर विश्व हॉकी में अपनी खोई हुई चमक हासिल कर सकता है।

  • हॉकी में भारत का जलवा बरकरार: पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फिर लहराया तिरंगा

    हॉकी में भारत का जलवा बरकरार: पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फिर लहराया तिरंगा


    नई दिल्ली ।एफआईएच प्रो लीग 2025-26 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया मुकाबला एक बार फिर हॉकी प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 4-3 से शिकस्त दी। कप्तान Harmanpreet Singh की अगुवाई में टीम इंडिया ने न केवल जीत दर्ज की बल्कि पिछले एक दशक से जारी अपने दबदबे को भी बरकरार रखा।

    ओलंपिक चैंपियन Netherlands पर जीत के बाद आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम मैदान में उतरी थी। हालांकि मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहले क्वार्टर के आठवें मिनट में पाकिस्तान के नदीम अहमद ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती झटके के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया और लगातार पाकिस्तानी गोलपोस्ट पर दबाव बनाए रखा।

    दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। 22वें मिनट में अभिषेक ने रिबाउंड पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई। इसके केवल दो मिनट बाद नीलकांत शर्मा ने शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। हाफटाइम तक भारतीय टीम पूरी तरह लय में दिखाई दी और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाती रही।

    तीसरे क्वार्टर में भी भारत का आक्रमण जारी रहा। 40वें मिनट में सुखजीत सिंह ने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन करते हुए शानदार गोल दागा। उन्होंने गेंद को हवा में उछालकर ऐसा शॉट लगाया जिसे रोक पाना पाकिस्तानी गोलकीपर के लिए संभव नहीं था। इस गोल ने भारत की बढ़त 3-1 कर दी और मैच पर उसकी पकड़ मजबूत हो गई।

    चौथे क्वार्टर में मुकाबला और रोमांचक हो गया। 52वें मिनट में राजिंदर सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार गोल करते हुए भारत को 4-1 की मजबूत बढ़त दिलाई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के सटीक पास का राजिंदर ने शानदार तरीके से फायदा उठाया। हालांकि पाकिस्तान ने हार नहीं मानी और अबू महमूद तथा मोइन शकील के गोलों की बदौलत स्कोर 4-3 तक पहुंचा दिया। अंतिम मिनटों में पाकिस्तान ने बराबरी की भरपूर कोशिश की लेकिन भारतीय डिफेंस ने मजबूती दिखाते हुए जीत सुनिश्चित कर ली।

    इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हाल के वर्षों में भारत हॉकी में पाकिस्तान पर लगातार हावी रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में पाकिस्तान ने कुल 82 और भारत ने 68 जीत दर्ज की हैं लेकिन पिछले दस वर्षों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इस दौरान भारत पाकिस्तान के खिलाफ 18 मुकाबलों में अपराजित रहा है जिसमें 16 जीत और दो ड्रॉ शामिल हैं।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एफआईएच प्रो लीग अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की है। 13 मुकाबलों में तीन जीत के साथ भारत सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं पाकिस्तान की टीम लगातार 13 हार के साथ तालिका में सबसे नीचे बनी हुई है। अब भारतीय टीम की नजर अगले मुकाबलों पर होगी जहां उसे पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच तथा इंग्लैंड के खिलाफ दो महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं।

    यह जीत केवल अंक तालिका के लिहाज से ही नहीं बल्कि मनोबल के स्तर पर भी भारतीय टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। हरमनप्रीत ब्रिगेड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में दबाव को कैसे अवसर में बदला जाता है।