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  • पंजोखरा साहिब विवाद ने पकड़ा तूल, NH-44 पर घंटों बवाल; लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद हालात काबू में

    पंजोखरा साहिब विवाद ने पकड़ा तूल, NH-44 पर घंटों बवाल; लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद हालात काबू में


    नई दिल्ली। हरियाणा के अंबाला में पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर गुरुवार को हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ कार्रवाई की मांग और हिरासत में लिए गए सिख युवाओं की रिहाई को लेकर बड़ी संख्या में सिख संगत ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए नेशनल हाईवे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। कई घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

    मामला पंजोखरा साहिब में गुरसिमरन सिंह मंड से जुड़े पुराने विवाद के बाद शुरू हुआ था। 7 अगस्त को मंड पर कथित हमले के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सिख संगठनों की ओर से इन युवकों की गिरफ्तारी का विरोध शुरू हो गया। संगत की मांग थी कि युवकों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और मंड के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। इसी मांग को लेकर पंजोखरा साहिब में बैठक हुई जिसमें पंजाब से भी सिख संगठनों के लोगों के पहुंचने की बात सामने आई।

    गुरुवार को प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा साहिब से बाहर निकले और नेशनल हाईवे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की थी। स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। आखिरकार संगत ने हाईवे पर पहुंचकर यातायात रोक दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार हाईवे पर कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।

    इस बीच प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद पुलिस ने गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे भवजोत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर दी। हालांकि FIR दर्ज होने के बाद भी प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ। संगत ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सिख युवाओं की तत्काल रिहाई की मांग रख दी। पुलिस और सिख प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। प्रदर्शनकारी युवाओं की रिहाई और मामले में कार्रवाई को लेकर अपनी मांग पर अड़े रहे।

    शाम होते होते पुलिस ने हाईवे खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने की अपील की लेकिन जब गतिरोध खत्म नहीं हुआ तो कार्रवाई की गई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आईं।

    हिंसा के दौरान नारायणगढ़ के DSP वीरेंद्र शर्मा के अंगूठे पर गंभीर चोट लगी और उनका अंगूठा कट गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक करीब छह से सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कुछ गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। NDTV की रिपोर्ट में भी DSP समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर भी सामने आई है।

    पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सार्वजनिक मार्ग को लंबे समय तक बाधित नहीं रहने दिया जा सकता। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। दूसरी ओर सिख संगठनों की ओर से युवाओं की गिरफ्तारी और पूरे विवाद को लेकर नाराजगी बनी हुई है।

    कई घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने हाईवे को खाली कराया और यातायात बहाल करने की कोशिश की। हालांकि पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया है। अब पूरे घटनाक्रम में हिंसा के दौरान घायल हुए लोगों और प्रदर्शनकारियों की मांगों के साथ साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

  • रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला

    रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला


    नई दिल्ली। फरीदाबाद से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले ने घरेलू हिंसा और रिश्तों में अविश्वास की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय छह माह की गर्भवती महिला की कथित तौर पर उसके पति ने हत्या कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी पर लगातार शक करता था और इसी वजह से उसे रोजाना कई घंटों तक घर के अंदर बंद रखता था। घटना के बाद आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अमित गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एक निजी कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करता था। वह रोज सुबह काम पर निकलने से पहले घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर देता था और शाम को लौटकर ही उसे खोलता था। इस दौरान उसकी पत्नी नेहा कुमारी पूरे दिन घर के अंदर अकेली रहती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है और इसी शक के कारण वह उसे किसी से मिलने तक नहीं देता था।

    परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि नेहा लंबे समय से इस तरह की प्रताड़ना झेल रही थी। उसे अकेले बाजार जाने की भी अनुमति नहीं थी और वह अधिकतर समय घर में कैद जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर थी। पड़ोसियों ने पुष्टि की कि महिला अक्सर पूरे दिन घर के अंदर बंद रहती थी और बाहर बहुत कम दिखाई देती थी। इसके बावजूद उसने कभी खुलकर अपने साथ हो रही प्रताड़ना का विरोध नहीं किया।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पिछले कुछ दिनों से नौकरी पर जाना बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार इसी विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी गर्भवती पत्नी का सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि महिला के पिता ने अपनी बेटी और दामाद के लिए जमीन खरीदकर घर बनवाया था। हालांकि जमीन का पंजीकरण आरोपी के नाम पर कराया गया था। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    महिला के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू हिंसा और संदेह जैसी मानसिकता किस तरह पूरे परिवार को बर्बाद कर सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • टटीरी गाने पर घमासान: बादशाह ने मांगी माफी, विजेंद्र सिंह बोले गलती मान ली तो अब विवाद खत्म करो

    टटीरी गाने पर घमासान: बादशाह ने मांगी माफी, विजेंद्र सिंह बोले गलती मान ली तो अब विवाद खत्म करो


    नई दिल्ली । रैपर Badshah का नया गाना टटीरी इन दिनों भारी विवादों में घिरा हुआ है। गाने के लिरिक्स और वीडियो में दिखाई गई कुछ झलकियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आरोप है कि गाने में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद बादशाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है लेकिन मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है। इस बीच भारतीय बॉक्सर Vijender Singh ने आगे आकर बादशाह का समर्थन किया है और लोगों से इस विवाद को खत्म करने की अपील की है।

    दरअसल कुछ दिन पहले रिलीज हुए टटीरी गाने के वीडियो में स्कूल की बच्चियों को दिखाया गया था। इसके साथ ही गाने के कुछ लिरिक्स को लेकर भी लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे महिलाओं और नाबालिगों के प्रति अपमानजनक बताते हुए इसकी आलोचना की। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस तक पहुंच गया और हरियाणा में बादशाह के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई जाने लगीं।

    इसी बीच विजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लोगों से संयम बरतने और कलाकार को माफ करने की अपील की। उन्होंने लिखा कि हरियाणा के लोगों की भावनाओं को कई बार गानों के जरिए ठेस पहुंचती है। कभी कोई सिंगर माफी मांगता है तो कभी किसी का गाना हटवा दिया जाता है। उनका कहना था कि कलाकारों से भी गलती हो सकती है और कई बार उनके शब्दों का मतलब बदलकर समझा जाता है।

    विजेंद्र सिंह ने आगे कहा कि समाज को भी बड़ा दिल दिखाते हुए माफी को स्वीकार करना चाहिए। अगर हर छोटी बात पर विवाद बढ़ता रहेगा तो इससे हरियाणा की कला और संस्कृति को नुकसान होगा। कलाकार भविष्य में मनोरंजन से जुड़े किसी भी काम को करने से पहले डरने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छे काम की तारीफ भी जरूरी है और गलत काम पर रोक लगाना भी उतना ही जरूरी है।

    उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि बादशाह से गलती हुई है और उन्होंने माफी भी मांग ली है इसलिए अब इस मुद्दे को खत्म कर आगे बढ़ना चाहिए। विजेंद्र ने यह भी कहा कि बादशाह हरियाणा का ही बेटा है और वह अपने काम के जरिए हरियाणा की पहचान को आगे बढ़ा रहा है।

    दूसरी ओर बादशाह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर इस पूरे मामले पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि उनके नए गाने के एक हिस्से में इस्तेमाल किए गए लिरिक्स और विजुअल रिप्रेजेंटेशन की वजह से कई लोगों खासकर हरियाणा के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। बादशाह ने स्पष्ट किया कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था कि वे हरियाणा की किसी महिला या बच्चे के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करें।

    उन्होंने कहा कि वह खुद हरियाणा से हैं और अपनी भाषा संस्कृति और पहचान पर गर्व करते हैं। उनके मुताबिक हिप-हॉप जॉनर में कई बार लिरिक्स प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाकर लिखे जाते हैं लेकिन उनका उद्देश्य कभी भी महिलाओं या बच्चों का अपमान करना नहीं था। उन्होंने लोगों से उन्हें हरियाणा का बेटा समझकर माफ करने की अपील की।

    हालांकि विवाद अभी थमा नहीं है। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बादशाह के खिलाफ केस दर्ज किया है। उन्हें देश छोड़कर जाने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की और उन्हें जल्द पेश होने के निर्देश दिए। इसके अलावा हरियाणा महिला आयोग ने भी बादशाह को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।