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  • यमुना के पानी पर हरियाणा-राजस्थान में बनी सहमति, लाखों लोगों को मिलेगा पीने का पानी, तीन दशक पुरानी समस्या खत्म

    यमुना के पानी पर हरियाणा-राजस्थान में बनी सहमति, लाखों लोगों को मिलेगा पीने का पानी, तीन दशक पुरानी समस्या खत्म

    नई दिल्ली। हरियाणा और राजस्थान के बीच लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों राज्यों ने यमुना जल परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते की मौजूदगी में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस समझौते को जल प्रबंधन और सहकारी संघवाद की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

    समझौते के तहत मानसून के दौरान जुलाई से अक्टूबर के बीच हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान को उसके हिस्से का पानी भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के अनुसार लगभग 580 एमसीएम पानी तीन बड़ी भूमिगत पाइपलाइनों के जरिए राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा। इन पाइपलाइनों का व्यास 3.6 मीटर से अधिक होगा, जिससे पानी की सुरक्षित और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

    सरकार का कहना है कि इस परियोजना से राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू जिलों के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। लंबे समय से पानी की कमी झेल रहे इन इलाकों में इस परियोजना से लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा जल संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार की दिशा में भी यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    समझौते में लागत साझा करने, वित्तीय जिम्मेदारियों, जल आवंटन, जल छोड़ने की प्रक्रिया, रखरखाव और निगरानी तंत्र से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। इसके साथ ही पारदर्शिता बनाए रखने और भविष्य में किसी भी विवाद के समाधान के लिए स्पष्ट व्यवस्था भी तय की गई है। सरकार का दावा है कि वैज्ञानिक आधार पर तैयार यह मॉडल आने वाले वर्षों में भी प्रभावी ढंग से काम करेगा।

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह समझौता सहकारी संघवाद की भावना का मजबूत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य आपसी सहयोग और संवाद की भावना से कार्य करें तो वर्षों पुराने विवादों का भी स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने परियोजना को दोनों राज्यों के लिए लाभकारी बताते हुए इसे जल संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    सरकार के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य पश्चिमी यमुना नहर से राजस्थान के हिस्से का पानी भूमिगत पाइपलाइन के जरिए पहुंचाना है, ताकि वर्ष 1994 के जल बंटवारा समझौते के तहत मिले पानी का प्रभावी उपयोग किया जा सके। इससे विशेष रूप से सूखे और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी और सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। साथ ही यह मॉडल भविष्य में राज्यों के बीच जल प्रबंधन से जुड़े अन्य मामलों के समाधान के लिए भी एक प्रभावी उदाहरण बन सकता है। सरकार का विश्वास है कि सभी संबंधित एजेंसियों के सहयोग से इस परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लाखों लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।

  • आईडीएफसी बैंक फंड दुरुपयोग मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रकरणों में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

    आईडीएफसी बैंक फंड दुरुपयोग मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रकरणों में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

    नई दिल्ली । हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जांच को आगे बढ़ाते हुए नौ आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालतों में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एजेंसी के अनुसार इन मामलों में सरकारी अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की कथित मिलीभगत के जरिए सरकारी धन के अनुचित उपयोग और वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया।

    सीबीआई द्वारा दाखिल आरोपपत्रों के अनुसार हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में अवैध बैंकिंग लेन-देन के कारण लगभग 504 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। वहीं चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में करीब 153 करोड़ रुपये की धनराशि प्रभावित होने का दावा किया गया है। दोनों मामलों को मिलाकर कथित अनियमितताओं का आंकड़ा 650 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचता है।

    जांच एजेंसी ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं को भी आरोपपत्र में शामिल किया गया है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका का विस्तृत विश्लेषण किया गया है और आगे की जांच भी जारी रहेगी।

    हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में दाखिल चार्जशीट पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में प्रस्तुत की गई है। इस मामले में दो निजी व्यक्तियों को कथित रूप से अपराध से अर्जित धन का लाभार्थी बताते हुए आरोपी बनाया गया है। यह इस प्रकरण में दाखिल दूसरी चार्जशीट है। इससे पहले एजेंसी 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जिनमें सरकारी कर्मचारी, बैंक अधिकारी, निजी कंपनियां और अन्य व्यक्ति शामिल थे।

    दूसरी ओर चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में पहली बार आरोपपत्र दाखिल किया गया है। चंडीगढ़ स्थित विशेष अदालत में प्रस्तुत इस चार्जशीट में सात आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें पांच बैंक अधिकारी, स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ा एक अधिकारी तथा एक निजी व्यक्ति शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि वित्तीय लेन-देन की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन करते हुए सरकारी धन को अनुचित तरीके से स्थानांतरित किया गया।

    सीबीआई के अनुसार इन मामलों की जांच विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त शिकायतों और प्राथमिक जांच रिपोर्टों के आधार पर शुरू की गई थी। हरियाणा के कई सरकारी विभागों से जुड़े मामलों की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक तंत्र से सीबीआई को सौंपी गई थी। वहीं चंडीगढ़ में आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों की जांच भी बाद में केंद्रीय एजेंसी के हवाले की गई।

    जांच के दौरान एजेंसी ने हाल ही में चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इन छापों के दौरान कुछ सरकारी अधिकारियों के आवासों, निजी कंपनियों और संबंधित व्यक्तियों के परिसरों की जांच की गई। एजेंसी का उद्देश्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन के प्रवाह की जानकारी जुटाना था।

    सीबीआई का दावा है कि जांच में ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि कुछ सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों ने आपसी समन्वय के साथ खातों के संचालन, धन हस्तांतरण और रकम को विभिन्न माध्यमों से आगे भेजने में भूमिका निभाई। एजेंसी अब वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला को खंगाल रही है ताकि कथित अनियमितताओं के सभी पहलुओं को सामने लाया जा सके।

    जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भविष्य में अतिरिक्त आरोपपत्र भी दाखिल किए जा सकते हैं। मामले की सुनवाई विशेष अदालतों में आगे बढ़ेगी, जहां प्रस्तुत साक्ष्यों और आरोपों की न्यायिक जांच की जाएगी।

  • पंचकुला के रामगढ़ रेंज में DRDO का हाई-पावर बम परीक्षण, 2 किमी क्षेत्र ‘स्प्लिंटर डेंजर जोन’ घोषित

    पंचकुला के रामगढ़ रेंज में DRDO का हाई-पावर बम परीक्षण, 2 किमी क्षेत्र ‘स्प्लिंटर डेंजर जोन’ घोषित

    नई दिल्ली । हरियाणा के पंचकुला जिले में सुरक्षा और वैज्ञानिक परीक्षण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण गतिविधि के तहत रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) 31 मई को रामगढ़ रेंज में हाई-पावर बम का परीक्षण करने जा रहा है। इस परीक्षण को लेकर स्थानीय प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है और आसपास के गांवों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है। यह परीक्षण DRDO की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा किया जा रहा है, जो देश में हथियारों, विस्फोटकों और गोला-बारूद की जांच एवं विकास से जुड़ी प्रमुख इकाई मानी जाती है।

    प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह परीक्षण पूरी तरह से नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाएगा और इसका उद्देश्य रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत एवं सुरक्षित बनाना है। परीक्षण के दौरान संभावित खतरे को देखते हुए रामगढ़ रेंज के आसपास के लगभग दो किलोमीटर के दायरे को ‘स्प्लिंटर डेंजर जोन’ घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र में बम विस्फोट के दौरान निकलने वाले टुकड़े और प्रभावी दबाव से किसी भी तरह की जनहानि या नुकसान से बचाव के लिए प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

    स्थानीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण के दौरान बम के टुकड़े लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकते हैं, इसलिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस वजह से प्रभावित क्षेत्र के सभी गांवों को अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से अपील की गई है कि परीक्षण के निर्धारित समय के दौरान वे अपने घरों के अंदर ही रहें और किसी भी प्रकार की खुले स्थानों पर आवाजाही से बचें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह एक नियमित और वैज्ञानिक परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

    सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जाएगी और भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी इस परीक्षण की मॉनिटरिंग के लिए मौजूद रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

    प्रशासन ने विशेष रूप से भानू और बिल्ला गांवों के निवासियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आसरेवाली, नाग्गल, मोगीनंद, किशनगढ़ और रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य गांवों के लोगों को भी सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह परीक्षण देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है और इसमें सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है ताकि परीक्षण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।

  • हरियाणा में एक और बैंक घोटाला…. कोटक महिंद्रा पर 160 करोड़ रुपये गायब करने का आरोप

    हरियाणा में एक और बैंक घोटाला…. कोटक महिंद्रा पर 160 करोड़ रुपये गायब करने का आरोप


    पंचकूला।
    हरियाणा (Haryana) में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) में 590 करोड़ रुपये (590 Crore Rupees) के घोटाले के बाद अब एक और बैंक में स्कैम किया गया है. पंचकूला (Panchkula) के सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) की शाखा में हरियाणा सरकार (Haryana Government) के करीब 160 करोड़ रुपये गायब मिले हैं. इसमें पंचकूला नगर निगम की पांच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का रिकॉर्ड नहीं मिलने से हड़कंप मच गया है. फिलहाल, जांच के आदेश दिए गए हैं. उधर, विजिलेंस ने इस संंबंध में केस दर्ज कर लिया है. बैंक कर्मचारियों और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

    जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने इस बैंक शाखा में कुल 16 एफडी करवाई थीं, जिन्हें पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ट्रांसफर किया गया था. हाल ही में जब निगम ने एफडी मैच्योर होने पर राशि वापसी के लिए पत्र लिखा, तो बैंक ने जवाब दिया कि संबंधित एफडी का कोई रिकॉर्ड उनके पास मौजूद नहीं है।

    इस खुलासे के बाद नगर निगम ने तत्काल आंतरिक जांच शुरू की. अकाउंट अधिकारियों, कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर की टीम ने दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट सरकार और बैंक को भेजी. शुरुआती जांच में सामने आया कि फर्जी तरीके से समान दस्तावेजों पर अतिरिक्त खाते खोलकर रकम को अन्य खातों में ट्रांसफर की गई. मामले में एक महिला खाते में बड़ी राशि ट्रांसफर होने की भी आशंका जताई जा रही है. अहम बात है कि पैसा शैल कंपनियों के खाते में जमा किया गया था।

    घोटाले को छिपाने के लिए कथित तौर पर एफडी के रिन्यूअल दस्तावेज नियमित रूप से निगम को भेजे जाते रहे, जिससे अधिकारियों को संदेह नहीं हुआ. हालांकि, जब हालिया घोटालों के बाद राशि वापस मांगी गई, तब पूरा मामला उजागर हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (इकोनॉमिक्स विंग) को जांच सौंपी गई है. साथ ही बैंक प्रबंधन ने भी शिकायत दर्ज कराई है. यह मामला करीब 590 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले से जुड़ा माना जा रहा है, जिसमें पहले ही अन्य बैंकों के नाम सामने आ चुके हैं. अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका रही।


    महिला के खाते में ट्रांसफर हुआ पैसा

    अब तक मिली जानकारी के अनुसार, एफडी के नाम पर बैंक में जमा कराई गई राशि को बैंक ने विभिन्न फर्जी खातों में ट्रांसफर किया है. मामले का खुलासा तब हुआ जब निगम ने 58 करोड़ रुपये और 102 करोड़ की एफडी की मैच्योरिटी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा और फिर बैंक ने स्टेटमेंट में राशि ट्रांसफर दिखाई और बताया कि वास्तविक खाते में पैसा नहीं पहुंचा. जांच में पता चला कि स्टेटमेंट भी फर्जी थी और रकम गायब है. सूत्रों के अनुसार एक महिला के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर हुई है. बताया जा रहा है कि उसके परिवार में कुछ IAS -IPS अधिकारी हैं।


    पहले हुआ था 590 करोड़ रुपये का स्कैम

    गौर रहे कि इसके पहले आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू बैंक में भी पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये का गबन किया गया था. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में कुल 590 करोड़ रुपये की राशि का फ्रॉड हुआ था, हरियाणा सरकार का यह पैसा हालांकि, बैंक ने बाद में लौटा दिया था, लेकिन इस मामले में अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

  • Haryana: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का घोटाला…. मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार

    Haryana: IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का घोटाला…. मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार


    चंडीगढ़।
    हरियाणा (Haryana) में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) में 590 करोड़ रुपये के घोटाला में बड़ी खबर है. इस मामले में एसीबी की टीम ने घोटाला के मास्टर मांइड (Master Mind) रिभव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. फर्जीवाड़े में शामिल अभिषेक सिंगला, अभय और महिला स्वाति की गिरफ्तारी हुई है।

    देर रात पंचकूला के सेक्टर 6 हॉस्पिटल में सभी आरोपियों का मेडिकल करवाया गयया है. मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से मामला दर्ज किया गया है.गौर रहे है कि आरोपी रिषभ बैंक में पूर्व मैनेजर था, जिसे नौकरी से निकाल दिया गया था. हरियाणा सरकार के पंचायत विभाग के पैसों का गबन किया गया था।

    बताया जा रहा है कि मास्टरमाइंड रिषभ मोहाली का रहने वाला है और वह बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात रहा था. गौरतलब है कि बैंक की तरफ से अब तक 578 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार को लौटा दिए गए हैं. इस पूरे घोटाले में प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 180 करोड़ रुपये थे।


    आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के मास्टरमाइंड कौन

    दरअसल, हरियाणा सरकार के 18 विभागों के खातों से कुल 590 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई थी. आरोपी मास्टरमाइंड चंडीगढ़ में आईडीएफसी ब्रांच में तैनात था. 19 फरवरी को बैंक के हैडक्वार्टर में इस बारे में पता चला था. पिछले साल बैंक ने इंटर ऑडिट करवाया था और हेराफेरी की बात सामने आने पर मास्टरमाइंड पूर्व मैनेजर को नौकरी से निकाल लिया था. आरोपी ने दोस्तों और जानकारों के नाम पर कागजों में फर्जी कंपनियां बनाईं थी और सरकारी पैसे को इन खातों में ट्रांसफर किया. ये पैसा एफडी के रूप में दिया गया था. उधर, मामले को लेकर मंगलवार को बजट सत्र के दौरान हंगामा भी देखने को मिला था और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर सवाल उठाए थे. इस सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा था कि सारा पैसा वापस आ गया है और जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है।


    बैंक की प्रतिक्रिया भी आई

    आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने बताया कि हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों के खातों में मूलधन एवं ब्याज समेत पूरी राशि जमा करा दी है जो कुल मिलाकर 583 करोड़ रुपये है. बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, “मामले की जांच जारी होने के बावजूद बैंक ने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों की ओर से दावा की गई मूलधन और ब्याज की समूची राशि का भुगतान कर दिया है, जो शुद्ध रूप से 583 करोड़ रुपये है.” बैंक ने कहा कि वह कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और राज्य सरकार के विभागों के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा और अपनी देनदारियों की वसूली के लिए प्रयासरत रहेगा. बैंक ने चंडीगढ़ की एक शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था।

    सीएम सैनी को सदन में देना पड़ा जवाब
    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले पर विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक मामले में करीब 556 करोड़ रुपये की राशि वापस हासिल कर ली है. मुख्यमंत्री ने कहा, “लगभग 22 करोड़ रुपये के ब्याज समेत करीब 556 करोड़ रुपये 24 घंटे के भीतर ही वापस आ गए.” उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार के विभागों से संबंधित पूरी राशि दोबारा खातों में जमा करा दी गई है और यह वसूली 24 घंटे के भीतर हुई है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, बैंक ने सरकार को सूचित किया है कि मामला चंडीगढ़ की एक शाखा से जुड़ा है, जिसमें मध्य और निचले स्तर के चार-पांच बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है. उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे बैंक कर्मचारी हों, निजी व्यक्ति हों या सरकारी कर्मचारी हों. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने पहले कहा था कि यह धोखाधड़ी हरियाणा सरकार से जुड़े सीमित खातों तक ही सीमित है और चंडीगढ़ शाखा के अन्य ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं है. मामला सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के साथ एयू स्माल फाइनेंस बैंक को भी सरकारी कामकाज की सूची से हटाने का निर्णय लिया है।

  • महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार और हरियाणा समेत 10 राज्यों के लिए राज्यसभा चुनाव की घोषणा, 16 मार्च को होगा मतदान

    महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार और हरियाणा समेत 10 राज्यों के लिए राज्यसभा चुनाव की घोषणा, 16 मार्च को होगा मतदान


    नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। यह चुनाव उन सदस्यों की जगह भरे जाने के लिए कराया जा रहा है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। कुल 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होंगे। आयोग के अनुसार 26 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने, जांच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया तय समय सीमा के अनुसार पूरी की जाएगी। सभी सीटों के लिए मतदान और मतगणना 16 मार्च 2026 को ही होंगे।

    मतदान और मतगणना का कार्यक्रम

    26 फरवरी 2026 को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च 2026 है, जबकि 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 मार्च 2026 तय की गई है। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी। चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।

    कौन से राज्यों की सीटों पर चुनाव
    इस चुनाव में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश की सीटों के लिए चुनाव होगा। राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है और राज्यों में चुनावी हलचल बढ़ गई है।

    रिटायर हो रहे सदस्य

    महाराष्ट्र: डॉ. भगवत किशनराव कराड, डॉ. फौजिया तहसीन अहमद खान, प्रियंका विक्रम चतुर्वेदी, शरदचंद्र गोविंदराव पवार, धैर्यशील मोहन पाटिल, रजनी अशोकराव पाटिल, रामदास बंदू अठावले।

    ओडिशा: ममता मोहंता, मुजीबुल्ला खान, सुजीत कुमार, निरंजन बिशी।

    तमिलनाडु: एन आर एलंगो, पी सेल्वारासु, एम थम्बिदुरई, तिरुची सिवा, डॉ. कनिमोझी एन वी एन सोमू, जी के वासन।

    पश्चिम बंगाल: साकेत गोखले, ऋतब्रत बनर्जी, बिकाश रंजन भट्टाचार्य, मौसम नूर, सुब्रत बक्शी।

    असम: रामेश्वर तेली, भुवनेश्वर कलिता, अजीत कुमार भुइयां।

    बिहार: अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा, हरिवंश नारायण सिंह।

    छत्तीसगढ़: कवि तेजपाल सिंह तुलसी, फूलो देवी नेताम।

    हरियाणा: किरण चौधरी, राम चंदर जांगड़ा।

    हिमाचल प्रदेश: इंदु बाला गोस्वामी।

    तेलंगाना: डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, के आर सुरेश रेड्डी।

    राजनीतिक दल अब अपने उम्मीदवार तय कर रहे हैं और 16 मार्च 2026 को इन सभी सीटों के लिए मतदान होगा।

  • डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक

    डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक


    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसकी वजह उननई दिल्लीकी खराब सेहत है। चहल डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी फिटनेस पर गहरा असर पड़ा है और उन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस बीमारी के कारण उन्हें घरेलू क्रिकेट के अहम मुकाबलों से भी बाहर रहना पड़ा है।युजवेंद्र चहल को आखिरी बार नवंबर महीने में हरियाणा की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप मैच में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही वह टीम से लगातार बाहर चल रहे थे, जिससे उनके फैंस के बीच उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। अब खुद चहल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित रहे हैं और इसी वजह से क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा। 
    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा के लिए बेहद अहम था, लेकिन इस निर्णायक मैच में भी चहल अपनी टीम का हिस्सा नहीं बन सके। फाइनल से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया। चहल ने लिखा कि वह टीम के साथ मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। उन्होंने हरियाणा टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह जल्द पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।

    डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

    बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।

  • सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टक्कर मिलेगा नया विजेता

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टक्कर मिलेगा नया विजेता


    पुणे । सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टीमें आमने-सामने होंगी और इस बार यह टूर्नामेंट एक नया विजेता पैदा करने की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को हरियाणा ने अपनी शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ हैदराबाद को 124 रनों से करारी शिकस्त दी और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। वहीं झारखंड ने भी अपनी शानदार प्रदर्शन से फाइनल में प्रवेश किया है। यह दोनों टीमें पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची हैं जो इस मैच को और भी रोमांचक बना देता है।

    हरियाणा की धमाकेदार जीत
    हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 246 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज अंकित कुमार ने 27 गेंदों में 57 रन बनाये और अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने अर्श रंगा  के साथ मिलकर 81 रनों की साझेदारी की। अंकित की आक्रामक बल्लेबाजी में छह छक्के और एक चौका शामिल था। इसके बाद सामंत जाखड़ ने 22 गेंदों में आठ छक्कों और एक चौके की मदद से 60 रन बनाकर टीम को और ऊंचाई तक पहुंचाया। अंत में पार्थ वत्स ने भी 19 गेंदों में चार चौके और तीन छक्के जड़ते हुए 45 रन बनाये।

    हैदराबाद के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था। हैदराबाद की टीम केवल 122 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। अमित राणा ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रन पर तीन विकेट लिए वहीं सामंत जाखड़ इशांत भारद्वाज और अंशुल कंबोज ने भी दो-दो विकेट चटकाए।

    झारखंड की टीम भी फाइनल में

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल भी रोमांचक होने की संभावना है क्योंकि झारखंड की टीम ने भी शानदार क्रिकेट खेला है। ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और अब वे हरियाणा के खिलाफ खिताबी भिड़ंत के लिए तैयार हैं।

    फाइनल का रोमांच

    फाइनल में हरियाणा और झारखंड दोनों ही टीमों ने इस सीजन में अपने शानदार खेल से सभी को प्रभावित किया है। हरियाणा की ओर से अंकित कुमार और सामंत जाखड़ की तूफानी बल्लेबाजी ने उन्हें सेमीफाइनल में हैदराबाद को हराने में मदद की जबकि झारखंड ने भी अपने सामूहिक प्रदर्शन से फाइनल में जगह बनाई। इस मुकाबले में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या हरियाणा अपना पहला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खिताब जीत पाती है या फिर झारखंड अपने पहले खिताब के साथ इतिहास रचने में सफल होता है।

    मुकाबला पुणे में

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल मैच 18 दिसंबर को पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच दो शानदार टीमों के बीच होगा जो दोनों ही पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं और इस कारण इस मुकाबले का रोमांच काफी बढ़ चुका है। अब देखना यह है कि कौन सी टीम इस ऐतिहासिक खिताबी भिड़ंत में बाजी मारती है और नया विजेता बनता है!
  • हरियाणा में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें

    हरियाणा में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें


    हरियाणा। में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर बुधवार (10 दिसंबर) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार की ओर से डॉक्टरों पर ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू किया गया है, साथ ही No Work No Pay का नियम भी लगाया गया, लेकिन डॉक्टर अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल जारी रखेंगे।

    इस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीज दवा लेने और इलाज कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं और कई जगहों पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    डॉक्टरों की मुख्य मांगें

    हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने पिछले साल लिखित रूप में कहा था कि सरकारी डॉक्टरों की पदोन्नति के लिए Assured Career Progression (ACP) लागू किया जाएगा, लेकिन अब तक यह लागू नहीं हुआ है।
    डॉ. ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने हाल ही में 200 SMO (Senior Medical Officer) भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें 160 पद सीधे भरे जाएंगे। उनका कहना है कि यह मौजूदा सरकारी डॉक्टरों के साथ अन्याय है, क्योंकि इन पदों पर उनकी पदोन्नति होनी चाहिए थी।

    खाली पदों की समस्या

    राज्य में लगभग 600 मेडिकल ऑफिसर्स के पद खाली हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले इन पदों को भरा जाना चाहिए, न कि हड़ताल करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    भूख हड़ताल का ऐलान

    डॉ. ख्यालिया ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशालय पंचकूला में तीन डॉक्टरों ने हड़ताल के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

    सरकार की प्रतिक्रिया

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की कुछ मांगें मान ली हैं और शेष पर बातचीत जारी है। इसके बावजूद डॉक्टर अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।

    इस हड़ताल के चलते हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी असर पड़ रहा है और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।