Tag: Hatpipliya

  • देवास में NSUI का हल्ला बोल, जर्जर स्कूल भवन हटाने से लेकर कॉलेज का नाम बदलने तक उठाईं कई अहम मांगें

    देवास में NSUI का हल्ला बोल, जर्जर स्कूल भवन हटाने से लेकर कॉलेज का नाम बदलने तक उठाईं कई अहम मांगें


    देवास । देवास जिले के हाटपिपल्या में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने तहसील कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाया।

    एनएसयूआई के अध्यक्ष अरुण माली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील कार्यालय पहुंचे। संगठन का कहना है कि पिछले चार वर्षों से विभिन्न समस्याओं को लेकर लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता रहा लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। इसी कारण संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

    प्रदर्शन के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा शासकीय बालक विद्यालय के जर्जर भवन का रहा। एनएसयूआई ने बताया कि स्कूल भवन लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में है और वहां पढ़ने वाले छात्र लगातार खतरे के बीच शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। संगठन ने याद दिलाया कि करीब दो वर्ष पहले भवन की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्र घायल हो गए थे लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने नया भवन बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। छात्रों ने मांग की कि पुराने और जर्जर भवन को हटाकर वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाए तथा सीएम राइज स्कूल की स्थापना की जाए ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

    एनएसयूआई ने शासकीय महाविद्यालय हाटपिपल्या का नाम भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखने की भी मांग की। संगठन का कहना है कि शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया जाना चाहिए। इससे नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण से प्रेरणा मिलेगी।

    ज्ञापन में महाविद्यालय के एक छात्र के साथ हुई कथित मारपीट की घटना का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एनएसयूआई का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

    प्रदर्शन के अंत में एनएसयूआई नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने कहा कि छात्र हितों की रक्षा के लिए वह लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन छात्रों ने जल्द सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

  • देवास में देर रात किराना दुकान में लगी भीषण आग: ऊपर सो रहे थे मालिक, लाखों का सामान जलकर खाक

    देवास में देर रात किराना दुकान में लगी भीषण आग: ऊपर सो रहे थे मालिक, लाखों का सामान जलकर खाक


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के हाटपीपल्या क्षेत्र के ग्राम गाराखेड़ी में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन एक व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। गांव में स्थित एक किराना दुकान में अचानक आग लग गई, जिससे दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि आग ने दुकान के भीतर रखे अधिकांश सामान को अपनी चपेट में ले लिया।

    जानकारी के अनुसार, गाराखेड़ी निवासी धर्मेंद्र सिंह सैंधव की किराना दुकान में देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। घटना के समय धर्मेंद्र सिंह दुकान के ऊपर बने हिस्से में सो रहे थे। रात करीब 2:30 बजे उन्हें अचानक जलने की तेज बदबू और धुएं का एहसास हुआ। पहले तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब उन्होंने नीचे आकर देखा तो दुकान के भीतर आग तेजी से फैल चुकी थी।

    आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर धर्मेंद्र सिंह घबरा गए। उन्होंने तत्काल डायल-112 को सूचना दी और आसपास के लोगों को भी मदद के लिए बुलाया। कुछ ही देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही गांव के कई लोग भी आग बुझाने के प्रयास में जुट गए।

    घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम सक्रिय हुई। सैनिक जालम सिंह और पायलट विजय पटेल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। वहीं फायर ब्रिगेड के कर्मचारी सुरेंद्र सिंह और राहुल सिंह ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए। आग की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने भी पूरा सहयोग किया।

    पड़ोसी रघुवीर सिंह सोलंकी, भगत सिंह, सावन सिंह, संजय सिंह और आर्यन शर्मा सहित कई ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। सभी ने मिलकर आग को आसपास के मकानों और अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने की कोशिश की। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

    हालांकि जब तक आग बुझाई गई, तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। किराना सामग्री, दैनिक उपयोग के उत्पाद और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार व्यापारी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। नुकसान का सटीक आकलन प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा किया जाएगा।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट, विद्युत खराबी या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग का पता नहीं चलता तो यह हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था। समय पर मिली सूचना, फायर ब्रिगेड की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़ा नुकसान होने से जरूर बच गया, लेकिन व्यापारी की वर्षों की मेहनत कुछ ही घंटों में राख में बदल गई।