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  • कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल तो इन बातों पर दें, ध्यान पोषण और लाइफस्टाइल में बदलाव से मिल सकती है मदद

    कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल तो इन बातों पर दें, ध्यान पोषण और लाइफस्टाइल में बदलाव से मिल सकती है मदद


    नई दिल्ली ।आजकल कम उम्र में बाल सफेद होना कई लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। कुछ लोगों के बालों में 20 से 30 साल की उम्र के बीच ही सफेद बाल दिखाई देने लगते हैं। इसके पीछे केवल उम्र ही जिम्मेदार नहीं होती बल्कि आनुवंशिक कारण तनाव धूम्रपान और शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी भी भूमिका निभा सकती है। बालों का प्राकृतिक रंग मेलेनिन नामक पिगमेंट से तय होता है और उम्र बढ़ने के साथ बालों की जड़ों में मौजूद मेलेनोसाइट कोशिकाएं कम मेलेनिन बनाने लगती हैं। इसी वजह से बाल धीरे धीरे सफेद या ग्रे दिखाई देने लगते हैं।

    अगर आप अपने बालों को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से काला और स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। खाने में पर्याप्त प्रोटीन के साथ आयरन और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होना जरूरी है। कुछ मामलों में इन पोषक तत्वों की कमी समय से पहले बाल सफेद होने से जुड़ी पाई गई है। हालांकि बिना जांच के किसी विटामिन या सप्लीमेंट का सेवन शुरू करना सही तरीका नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच कराकर ही कमी की पुष्टि करनी चाहिए।

    तनाव को नियंत्रित करना भी बालों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। लगातार तनाव शरीर पर अलग अलग तरह से असर डाल सकता है और शोध में तनाव तथा बालों के रंग में बदलाव के बीच संबंध देखा गया है। इसलिए पर्याप्त नींद नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव कम करने वाली आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    धूम्रपान की आदत भी समय से पहले बाल सफेद होने से जुड़ी पाई गई है। इसलिए बालों की सेहत के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए धूम्रपान से दूरी बनाना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा बालों पर बहुत ज्यादा गर्मी और कठोर केमिकल ट्रीटमेंट का इस्तेमाल भी कम करना चाहिए। बार बार कलर या दूसरे केमिकल ट्रीटमेंट कराने से बाल रूखे और कमजोर हो सकते हैं।

    बालों को काला करने के लिए इंटरनेट पर आंवला करी पत्ता तेल प्याज या कई तरह के घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं लेकिन इनसे सफेद हो चुके बाल स्थायी रूप से दोबारा काले होने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अगर बाल पहले ही सफेद हो चुके हैं तो उन्हें ढकने के लिए हेयर कलर का इस्तेमाल किया जा सकता है। हेयर कलर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है क्योंकि कुछ लोगों को इससे एलर्जी या त्वचा में जलन हो सकती है।

    अगर कम उम्र में अचानक तेजी से बाल सफेद होने लगें या इसके साथ बाल झड़ने और स्कैल्प से जुड़ी दूसरी समस्या भी दिखाई दे तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। कुछ मामलों में विटामिन की कमी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी बालों में बदलाव से जुड़ी हो सकती हैं। सही कारण पता चलने के बाद ही उचित उपाय किया जा सकता है।

    इसलिए बालों को नेचुरली काला बनाए रखने का सबसे व्यावहारिक तरीका किसी एक चमत्कारी नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खानपान तनाव नियंत्रण धूम्रपान से दूरी और बालों की सही देखभाल पर ध्यान देना है। उम्र के कारण सफेद हुए बालों को पूरी तरह वापस काला करने का कोई प्रमाणित घरेलू तरीका नहीं है लेकिन स्वस्थ जीवनशैली समय से पहले होने वाले बदलावों को कम करने में मदद कर सकती है।

  • झड़ते बालों से हैं परेशान तो ऐसे करें नारियल तेल का इस्तेमाल जानिए लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    झड़ते बालों से हैं परेशान तो ऐसे करें नारियल तेल का इस्तेमाल जानिए लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली तनाव खानपान में पोषक तत्वों की कमी नींद पूरी न होना और बालों की सही देखभाल नहीं करना इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए बाजार में कई तरह के उत्पाद मौजूद हैं लेकिन घरेलू स्तर पर नारियल तेल का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। नारियल तेल बालों को कंडीशन करने और रूखेपन को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा हो तो केवल घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय कारण की पहचान करना जरूरी है।

    नारियल तेल को बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल करने का एक आसान तरीका है इसे हल्का गुनगुना करके सिर की त्वचा पर लगाना। तेल को बहुत गर्म नहीं करना चाहिए। हल्के हाथों से उंगलियों की मदद से सिर की त्वचा पर मसाज की जा सकती है। इससे बालों में तेल अच्छी तरह फैलता है और सिर की त्वचा की मालिश करने से आराम भी महसूस हो सकता है। मसाज करते समय नाखूनों का इस्तेमाल करने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे मालिश करना बेहतर रहता है।

    अगर बाल बहुत ज्यादा रूखे हैं तो नारियल तेल को बालों की लंबाई पर भी लगाया जा सकता है। खासतौर पर बालों के सिरों पर थोड़ी मात्रा में तेल लगाने से रूखापन और उलझने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। तेल लगाने के बाद कुछ समय के लिए बालों को छोड़ दें और फिर हल्के शैंपू से धो लें। बहुत अधिक तेल लगाने से बाल चिपचिपे हो सकते हैं और उन्हें साफ करने में ज्यादा शैंपू की जरूरत पड़ सकती है।

    नारियल तेल में कुछ लोग एलोवेरा जेल या मेथी जैसी चीजें मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे घरेलू मिश्रणों का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि किसी चीज से एलर्जी या सिर की त्वचा में जलन तो नहीं होती। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोग थोड़ी मात्रा को त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देख सकते हैं। जलन खुजली लालिमा या किसी तरह की परेशानी होने पर इसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।

    बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल तेल लगाना पर्याप्त नहीं है। भोजन में प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होना भी महत्वपूर्ण है। दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल और मेवे जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना भी बालों की सामान्य सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है।

    बालों को धोने के बाद बहुत जोर से रगड़ने या लगातार गर्म उपकरणों का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं इसलिए उन्हें धीरे से सुखाना बेहतर रहता है। बहुत कसकर बाल बांधने की आदत भी बालों पर खिंचाव बढ़ा सकती है।

    ध्यान रखें कि हर व्यक्ति में बाल झड़ने का कारण अलग हो सकता है। अगर बाल अचानक बहुत तेजी से झड़ने लगें सिर की त्वचा पर खुजली या घाव हों या बालों में स्पष्ट रूप से खाली जगह दिखाई देने लगे तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। नारियल तेल बालों की देखभाल का एक सामान्य घरेलू तरीका हो सकता है लेकिन यह हर तरह के बाल झड़ने का इलाज नहीं है।

  • बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके

    बालों का झड़ना रोकना है तो इन आदतों को बदलें: डाइट से लेकर हेयर केयर तक जानिए बालों को मजबूत रखने के आसान तरीके


    नई दिल्ली। बालों का झड़ना आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। मौसम में बदलाव तनाव नींद की कमी खानपान में पोषक तत्वों की कमी और बालों की गलत तरीके से देखभाल करने जैसी कई वजहों से बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। कुछ मात्रा में बालों का रोज झड़ना सामान्य हो सकता है लेकिन अगर लगातार बाल पहले से ज्यादा गिर रहे हों सिर की त्वचा दिखाई देने लगी हो या बालों की मोटाई तेजी से कम हो रही हो तो इसके कारण पर ध्यान देना जरूरी है। केवल महंगे हेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय बालों की देखभाल के साथ खानपान और रोजमर्रा की आदतों में सुधार करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

    बालों को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे पहले संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन आयरन जिंक विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलना बालों के सामान्य विकास के लिए महत्वपूर्ण है। भोजन में दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल मेवे और बीज जैसे पौष्टिक विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति के भोजन में पोषक तत्वों की कमी है तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। हालांकि बिना जांच के आयरन या किसी अन्य सप्लीमेंट का सेवन शुरू करना उचित नहीं है।

    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
    बालों की सफाई भी जरूरी है लेकिन उन्हें बहुत ज्यादा रगड़कर धोने से बचना चाहिए। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है। शैंपू लगाते समय नाखूनों से जोर से सिर की त्वचा खरोंचने के बजाय उंगलियों के पोरों से धीरे धीरे सफाई करना बेहतर है। बाल धोने के बाद उन्हें जोर से रगड़कर सुखाने के बजाय मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से पानी सोखना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं इसलिए उन्हें जोर से कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है।

    हेयर स्टाइलिंग की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लगातार बहुत टाइट पोनीटेल जूड़ा या ऐसी हेयर स्टाइल जिसमें बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ता है बालों को कमजोर कर सकती है। बार बार हेयर स्ट्रेटनिंग कर्लिंग और अत्यधिक गर्म उपकरणों का इस्तेमाल भी बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हीट स्टाइलिंग कम करना और जरूरत पड़ने पर हीट प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। बालों को बार बार केमिकल ट्रीटमेंट देने से भी बचना चाहिए।

    तनाव और नींद की कमी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक तनाव शरीर पर कई तरह से असर डाल सकता है और कुछ लोगों में इसके बाद बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए नियमित नींद हल्की शारीरिक गतिविधि योग या ध्यान जैसी स्वस्थ आदतों को दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना भी शरीर और त्वचा की सामान्य सेहत के लिए जरूरी है।

    अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा झड़ने लगें या लंबे समय तक समस्या बनी रहे तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। थायरॉयड संबंधी समस्या आयरन की कमी हार्मोनल बदलाव कुछ दवाएं आनुवंशिक कारण या स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं भी बाल झड़ने की वजह हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना बेहतर रहता है। कारण पता चलने के बाद ही सही उपचार तय किया जा सकता है।

    कुल मिलाकर बालों को झड़ने से रोकने के लिए किसी एक घरेलू उपाय या तेल को चमत्कारी समाधान मानना सही नहीं है। पौष्टिक भोजन नियमित नींद तनाव को नियंत्रित रखना स्कैल्प की उचित सफाई और बालों के साथ कम से कम खिंचाव वाला व्यवहार लंबे समय में बेहतर हेयर केयर रूटीन बनाने में मदद कर सकता है। अगर बालों के झड़ने की समस्या लगातार बढ़ रही है तो समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।

  • बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने

    बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने


    नई दिल्ली। बालों को खूबसूरत और मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। बालों की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतों पर ध्यान देना भी काफी महत्वपूर्ण है। बदलते मौसम खासकर बारिश के दिनों में बालों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। नमी और पसीने के कारण स्कैल्प चिपचिपा हो सकता है और डैंड्रफ जैसी समस्या परेशान कर सकती है। इसके अलावा तनाव खराब खानपान नींद की कमी और बालों पर ज्यादा केमिकल इस्तेमाल करने से भी बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। ऐसे में बालों की जड़ों से लेकर उनकी लंबाई तक सही देखभाल करना जरूरी है।

    बालों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले स्कैल्प की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। पसीना और गंदगी लंबे समय तक स्कैल्प पर जमा रहने से बालों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अपनी स्कैल्प की जरूरत के अनुसार किसी हल्के शैंपू से बालों को साफ करें। बहुत ज्यादा शैंपू करने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। अगर स्कैल्प बहुत तैलीय है या डैंड्रफ की समस्या लगातार बनी हुई है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

    बालों में तेल लगाने की परंपरा काफी पुरानी है और सही तरीके से किया जाए तो इससे स्कैल्प की मालिश करने में मदद मिल सकती है। नारियल या अन्य उपयुक्त हेयर ऑयल से हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश की जा सकती है। हालांकि तेल लगाने के बाद उसे बहुत लंबे समय तक छोड़ना जरूरी नहीं है। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार तेल लगाने की आदत बनाना बेहतर है। बहुत ज्यादा तेल लगाने या जोर से मसाज करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की जड़ों पर अनावश्यक खिंचाव पड़ सकता है।

    बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने के तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं और उन्हें जोर से रगड़ने या खींचने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बालों को मुलायम तौलिए से धीरे से सुखाना चाहिए। गीले बालों में बहुत जोर से कंघी करने के बजाय उन्हें थोड़ा सूखने देना बेहतर माना जाता है। बाल सुलझाने के लिए चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बालों की मजबूती के लिए खानपान भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन विटामिन और मिनरल्स शामिल होने चाहिए। दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल और मेवे जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण को समझना जरूरी है।

    हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर कर्लर और बहुत ज्यादा गर्मी वाले उपकरणों का लगातार इस्तेमाल बालों को रूखा और कमजोर कर सकता है। इसी तरह बार बार हेयर कलर या केमिकल ट्रीटमेंट कराने से भी बालों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को अत्यधिक गर्मी और अनावश्यक केमिकल ट्रीटमेंट से बचाना चाहिए।

    अगर बाल लगातार झड़ रहे हों स्कैल्प में खुजली या घाव हो डैंड्रफ बहुत ज्यादा हो या बालों में अचानक असामान्य बदलाव दिखाई दे तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। सही खानपान नियमित सफाई पर्याप्त नींद और बालों के प्रति थोड़ी सावधानी अपनाकर उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।

  • महंगे हेयर प्रोडक्ट नहीं सही देखभाल है जरूरी इन घरेलू उपायों से बाल बनेंगे मजबूत लंबे और चमकदार

    महंगे हेयर प्रोडक्ट नहीं सही देखभाल है जरूरी इन घरेलू उपायों से बाल बनेंगे मजबूत लंबे और चमकदार


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली बढ़ता प्रदूषण तनाव अनियमित खानपान और केमिकल युक्त उत्पादों का अधिक इस्तेमाल बालों की सेहत पर सीधा असर डालता है। यही वजह है कि कम उम्र में ही बाल झड़ना रूखे होना दोमुंहे बाल डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि बालों की सही समय पर देखभाल की जाए और प्राकृतिक उपायों को अपनाया जाए तो इन परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।

    बालों की अच्छी सेहत की शुरुआत संतुलित आहार से होती है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन आयरन बायोटिन जिंक और विटामिन ए सी डी तथा ई मिलने पर बालों की जड़ें मजबूत रहती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां मौसमी फल दालें अंडे दूध मेवे और बीजों को भोजन में शामिल करना लाभदायक माना जाता है। साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है क्योंकि शरीर में पानी की कमी का असर सबसे पहले त्वचा और बालों पर दिखाई देता है।

    बालों की सफाई भी उतनी ही जरूरी है। सप्ताह में दो से तीन बार हल्के और सल्फेट मुक्त शैंपू से बाल धोना बेहतर रहता है। बहुत ज्यादा गर्म पानी से बाल धोने से बालों की प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है इसलिए हमेशा सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का उपयोग करें। शैंपू के बाद कंडीशनर लगाने से बाल मुलायम रहते हैं और टूटने की संभावना कम होती है।

    प्राकृतिक तेलों से नियमित मालिश बालों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। नारियल तेल बादाम तेल तिल का तेल या आंवला तेल हल्का गुनगुना करके सप्ताह में एक या दो बार सिर की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और बालों की जड़ों को पोषण मिलता है। इससे बाल मजबूत होने के साथ उनकी चमक भी बढ़ती है।

    घरेलू हेयर मास्क भी बालों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दही और मेथी का मिश्रण रूखे बालों के लिए लाभकारी माना जाता है। एलोवेरा जेल बालों को नमी देता है जबकि आंवला और भृंगराज का उपयोग बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है। हालांकि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा पर छोटा पैच टेस्ट करना बेहतर होता है ताकि किसी प्रकार की एलर्जी की संभावना को परखा जा सके।

    तनाव भी बाल झड़ने का एक बड़ा कारण माना जाता है। पर्याप्त नींद नियमित योग ध्यान और हल्की एक्सरसाइज मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है जिसका सकारात्मक असर बालों की सेहत पर भी दिखाई देता है। इसके अलावा गीले बालों में जोर से कंघी करने हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर और केमिकल ट्रीटमेंट का बार बार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बाल कमजोर हो सकते हैं।

    यदि लंबे समय तक अत्यधिक बाल झड़ने सिर में लगातार खुजली संक्रमण या अचानक गंजेपन जैसी समस्या दिखाई दे तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर जांच और उपचार से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।

    स्वस्थ और सुंदर बाल किसी महंगे उत्पाद से नहीं बल्कि नियमित देखभाल संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली से मिलते हैं। यदि रोजमर्रा की छोटी छोटी अच्छी आदतों को अपनाया जाए तो लंबे समय तक बाल मजबूत घने और चमकदार बनाए रखे जा सकते हैं।

  • नेचुरल हेयर केयर का बढ़ता ट्रेंड, हर किसी के बालों पर अलग असर दिखाता है रीठा

    नेचुरल हेयर केयर का बढ़ता ट्रेंड, हर किसी के बालों पर अलग असर दिखाता है रीठा

    नई दिल्ली । आजकल बालों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। धूल, प्रदूषण, तनाव और कैमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के लगातार इस्तेमाल से लोगों के बाल कमजोर और बेजान होते जा रहे हैं। ऐसे माहौल में लोग फिर से पुराने घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर लौट रहे हैं। इन्हीं पारंपरिक विकल्पों में Reetha का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है, जिसे लंबे समय से बालों की सफाई और देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।

    रीठा को प्राकृतिक क्लेंजर माना जाता है। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पानी के साथ मिलकर झाग बनाते हैं और सिर की त्वचा की सफाई करने में मदद करते हैं। जब इसका उपयोग बाल धोने के लिए किया जाता है, तो यह स्कैल्प पर जमा धूल, अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने का काम करता है। यही वजह है कि कई लोग इसे कैमिकल वाले शैंपू का प्राकृतिक विकल्प मानते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, साफ स्कैल्प बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए जरूरी होता है। जब सिर की त्वचा पर गंदगी और अतिरिक्त तेल जमा हो जाता है, तो बाल कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में रीठा बालों की जड़ों को साफ रखने में मदद कर सकता है, जिससे बालों को बेहतर वातावरण मिलता है।

    रूसी और खुजली जैसी समस्याओं में भी रीठा को उपयोगी माना जाता है। सिर की त्वचा पर जमा मृत कोशिकाएं और तेल अक्सर डैंड्रफ की वजह बनते हैं। रीठा इन तत्वों को साफ करने में मदद करता है, जिससे कुछ लोगों को राहत महसूस हो सकती है। हालांकि अगर किसी को ज्यादा खुजली, संक्रमण या एलर्जी की समस्या हो, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है।

    रीठा का नियमित और संतुलित इस्तेमाल बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में भी मदद कर सकता है। कई लोग मानते हैं कि इससे बाल टूटना कम होते हैं और उनकी प्राकृतिक चमक बनी रहती है। हालांकि बालों का स्वस्थ और घना होना केवल एक चीज पर निर्भर नहीं करता। इसके पीछे खानपान, शरीर में पोषण, हार्मोन और जीवनशैली जैसे कई कारण भी जिम्मेदार होते हैं।

    विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि हर व्यक्ति के बालों और स्कैल्प की प्रकृति अलग होती है। इसलिए किसी भी प्राकृतिक चीज का असर सभी पर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को रीठा इस्तेमाल करने के बाद सूखापन, जलन या खुजली महसूस हो सकती है। ऐसी स्थिति में इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    बहुत ज्यादा ड्राई हेयर वाले लोगों को भी इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह सिर के प्राकृतिक तेल को कम कर सकता है। इसके अलावा किसी भी नए घरेलू उपाय को अपनाने से पहले थोड़ा परीक्षण करना बेहतर माना जाता है।

  • बालों की हर समस्या से पाएं छुटकारा: अपनाएं ये आसान और असरदार हेयर केयर ट्रिक्स

    बालों की हर समस्या से पाएं छुटकारा: अपनाएं ये आसान और असरदार हेयर केयर ट्रिक्स


    नई दिल्ली। आज के समय में बालों की समस्या लगभग हर किसी के लिए चिंता का विषय बन गई है। धूल, प्रदूषण, तेज धूप, पसीना और रोजमर्रा की भागदौड़ का असर सीधे हमारे बालों पर पड़ता है। नतीजा बाल झड़ना, रूखापन, बेजानपन और उलझे बाल। ऐसे में महंगे प्रोडक्ट्स या पार्लर ट्रीटमेंट ही एकमात्र समाधान नहीं हैं, बल्कि कुछ आसान आदतें अपनाकर भी आप अपने बालों को हेल्दी और खूबसूरत बना सकते हैं।
    सबसे पहले बात करें बालों की सुरक्षा की।
    अगर आप रोजाना बाइक, ऑटो या खुले वातावरण में यात्रा करते हैं, तो बालों को कवर करना बेहद जरूरी है। स्कार्फ, स्टोल या कैप का इस्तेमाल करने से बाल धूल और प्रदूषण से बचते हैं। इससे बाल उलझते भी कम हैं और उनका नैचुरल मॉइस्चर बरकरार रहता है।
    यात्रा के दौरान एक और जरूरी चीज है हेयर केयर प्रोडक्ट्स का सही इस्तेमाल। अपने बैग में छोटा हेयर सीरम या लीव-इन कंडीशनर जरूर रखें। इससे बालों को तुरंत स्मूथ और मैनेजबल बनाया जा सकता है, खासकर जब मौसम उमस भरा हो या बाल फ्रिज़ी हो जाएं।
    हेलमेट पहनने वालों के लिए खास टिप यह है कि हेलमेट के अंदर कॉटन लाइनर का उपयोग करें। इससे पसीना कम लगेगा और स्कैल्प पर होने वाली जलन या खुजली से भी राहत मिलेगी। साथ ही बालों का टूटना भी कम होगा।
    बाल धोते समय सबसे बड़ी गलती लोग शैंपू का चुनाव करते समय करते हैं। हर शैंपू हर बालों के लिए सही नहीं होता। हार्श केमिकल वाले शैंपू बालों को कमजोर बना सकते हैं, इसलिए हमेशा माइल्ड और अपने हेयर टाइप के अनुसार शैंपू चुनें। इससे बालों की जड़ों को मजबूती मिलती है और बाल लंबे समय तक हेल्दी रहते हैं।
    इसके अलावा, सप्ताह में एक या दो बार तेल लगाना भी जरूरी है। हल्के हाथों से स्कैल्प मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे बालों की ग्रोथ में मदद मिलती है।
    कुल मिलाकर, अगर आप अपने डेली रूटीन में छोटी-छोटी सावधानियां और सही आदतें शामिल कर लेते हैं, तो बालों की ज्यादातर समस्याओं से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। जरूरी है कि आप नियमित देखभाल करें और अपने बालों को समय दें तभी वे लंबे, घने और खूबसूरत बने रहेंगे।