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  • भीषण गर्मी में घर पर बनाएं ठंडी-ठंडी आइसक्रीम, स्वाद भी हेल्दी भी

    भीषण गर्मी में घर पर बनाएं ठंडी-ठंडी आइसक्रीम, स्वाद भी हेल्दी भी


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने साथ तेज धूप और थकान लेकर आता है, ऐसे में ठंडी आइसक्रीम मिल जाए तो सारा मूड फ्रेश हो जाता है। हालांकि बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम स्वादिष्ट जरूर होती है, लेकिन उसमें प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल फ्लेवर भी होते हैं। ऐसे में घर पर बनी आइसक्रीम न सिर्फ स्वाद में बेहतर होती है, बल्कि सेहत के लिए भी ज्यादा फायदेमंद रहती है। खास बात यह है कि आप इसे अपनी पसंद के फ्लेवर में आसानी से तैयार कर सकते हैं।
    घर पर आइसक्रीम बनाना बेहद आसान है और इसके लिए ज्यादा मेहनत की भी जरूरत नहीं होती। वनीला आइसक्रीम बनाने के लिए सबसे पहले 2 कप ठंडी फ्रेश क्रीम लें और उसे अच्छी तरह फेंटें जब तक वह गाढ़ी और फ्लफी न हो जाए। इसके बाद इसमें 1 कप कंडेंस्ड मिल्क डालकर हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि मिश्रण की क्रीमीनेस बनी रहे। अब इसमें एक छोटा चम्मच वनीला एसेंस डालें और स्वाद के अनुसार 2-3 चम्मच चीनी मिलाएं।
    अगर आप आइसक्रीम को और मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इसमें चॉकलेट चिप्स, ड्राई फ्रूट्स या अपनी पसंद के टॉपिंग्स भी जोड़ सकते हैं। इससे इसका स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं। जब मिश्रण पूरी तरह तैयार हो जाए, तो इसे एक एयरटाइट कंटेनर में डालकर फ्रीजर में 6 से 8 घंटे के लिए रख दें। बीच-बीच में एक-दो बार इसे बाहर निकालकर हल्का सा मिक्स कर लें, इससे आइसक्रीम ज्यादा स्मूद और क्रीमी बनती है।
    अगर आप फ्रूटी फ्लेवर पसंद करते हैं, तो इसी बेस में आम का पल्प मिलाकर Mango Ice Cream भी तैयार कर सकते हैं। यह खासतौर पर बच्चों और परिवार के सभी सदस्यों को खूब पसंद आती है और गर्मियों में एक परफेक्ट ट्रीट बन जाती है।
    घर पर बनी आइसक्रीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी तरह का प्रिजर्वेटिव नहीं होता। आप अपनी जरूरत और हेल्थ के हिसाब से इसमें शुगर की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं। साथ ही, यह बाहर मिलने वाली आइसक्रीम की तुलना में काफी किफायती भी पड़ती है।
    इस गर्मी में बाहर की बजाय घर पर ही ठंडी, स्वादिष्ट और हेल्दी आइसक्रीम बनाएं और अपने परिवार के साथ इसका आनंद लें। यह न सिर्फ आपको गर्मी से राहत देगी, बल्कि आपके स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखेगी।

  • व्रत में मीठा भी और हेल्दी भी, खजूर से बने साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड की आसान रेसिपी

    व्रत में मीठा भी और हेल्दी भी, खजूर से बने साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड की आसान रेसिपी


    नई दिल्ली:नवरात्रि के व्रत शुरू होते ही ज्यादातर घरों में खाने का मेन्यू लगभग एक जैसा हो जाता है। साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा या फिर साधारण फलाहार बार-बार बनने लगता है। कुछ ही दिनों में लोगों को कुछ अलग और हल्का खाने का मन होने लगता है। ऐसे समय में अगर व्रत के दौरान कुछ मीठा, ठंडा और हेल्दी मिल जाए तो स्वाद के साथ ऊर्जा भी मिलती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसी ही एक खास रेसिपी तेजी से ट्रेंड कर रही है, जिसे बिना चीनी का साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड कहा जा रहा है।

    इस रेसिपी को फूड कंटेंट क्रिएटर वृत्ता साहनी ने शेयर किया है और खास बात यह है कि इसमें चीनी का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता। मिठास के लिए खजूर का उपयोग किया जाता है, जो प्राकृतिक स्वीटनर की तरह काम करता है। इसके साथ मखाने, बादाम, काजू और ताजे फलों का मिश्रण इसे स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता है। यही वजह है कि यह डिश व्रत रखने वालों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

    नवरात्रि के दौरान लोग सात्विक और हल्का भोजन करना पसंद करते हैं, लेकिन विकल्प सीमित होने की वजह से अक्सर एक ही तरह का खाना बनता है। साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड इसी पारंपरिक फलाहार का एक नया और हेल्दी रूप है। इसमें साबूदाना, दूध, ड्राई फ्रूट्स और ताजे फलों का संतुलित मिश्रण होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा भी मिलती है और स्वाद भी बरकरार रहता है।

    इस रेसिपी की एक और खासियत यह है कि इसमें बाजार में मिलने वाले कस्टर्ड पाउडर की जरूरत नहीं पड़ती। कस्टर्ड का बेस पूरी तरह से मखाने और मेवों से तैयार किया जाता है। इसके लिए लगभग एक कप भुने हुए मखाने, आधा कप बादाम, दस काजू, थोड़ा केसर और इलायची पाउडर लिया जाता है। मिठास के लिए लगभग बारह से पंद्रह खजूर का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी चीजें स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देती हैं, जो व्रत के दिनों में काफी फायदेमंद होता है।

    कस्टर्ड बनाने के लिए सबसे पहले बादाम, काजू, मखाने, खजूर, केसर और इलायची को एक बाउल में डालकर उसमें एक कप गर्म दूध मिला दिया जाता है। इस मिश्रण को लगभग तीस मिनट तक भिगोकर रखा जाता है ताकि खजूर मुलायम हो जाएं और मेवे अच्छी तरह फूल जाएं। इसके बाद इन सभी चीजों को मिक्सर में पीसकर गाढ़ा और क्रीमी पेस्ट तैयार किया जाता है। यही पेस्ट पूरे कस्टर्ड का बेस बनता है और इसमें खजूर की हल्की मिठास और केसर की खुशबू स्वाद को खास बना देती है।

    इसके बाद एक बर्तन में करीब दो कप दूध हल्का गर्म किया जाता है और उसमें तैयार किया हुआ मेवों का पेस्ट डालकर धीमी आंच पर चलाया जाता है। अब इसमें पहले से उबला या स्टीम किया हुआ साबूदाना मिलाया जाता है। पकने के बाद साबूदाना पारदर्शी मोतियों जैसा दिखने लगता है, जो कस्टर्ड में अच्छा टेक्सचर देता है। कुछ देर तक मिश्रण को चलाने के बाद यह कस्टर्ड जैसा गाढ़ा हो जाता है।

    जब यह थोड़ा ठंडा हो जाए तो इसमें कटे हुए ताजे फल जैसे आम, केला, अनार और अंगूर मिलाए जाते हैं। फल न केवल स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी देते हैं।

    तैयार साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड को एक से दो घंटे के लिए फ्रिज में रख दिया जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। परोसते समय ऊपर से कटे हुए पिस्ता या गुलाब की पंखुड़ियां डालकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है। यह डिश न केवल स्वादिष्ट है बल्कि मखाने, दूध और ड्राई फ्रूट्स की वजह से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है। इसी कारण इसे नवरात्रि व्रत के दौरान एक हेल्दी और एनर्जी देने वाला विकल्प माना जा रहा है।

  • सर्दियों में स्वाद और सेहत का संगम: घर पर बनाएं गरमागरम खसखस का हलवा..

    सर्दियों में स्वाद और सेहत का संगम: घर पर बनाएं गरमागरम खसखस का हलवा..


    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही कुछ गरमागरम और मीठा खाने की इच्छा अपने आप बढ़ जाती है। ऐसे में अगर स्वाद के साथ सेहत भी मिले, तो वह डेज़र्ट और भी खास बन जाता है। खसखस का हलवा एक ऐसा ही पारंपरिक व्यंजन है, जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि शरीर को भीतर से गर्म रखने और ताकत देने में भी मदद करता है। यह हलवा खासतौर पर उत्तर भारत और आयुर्वेदिक परंपराओं में सर्दियों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।

    आमतौर पर सर्दियों में गाजर का हलवा या मूंग दाल का हलवा ज्यादा बनाया जाता है, लेकिन खसखस से बना हलवा अपनी अलग खुशबू, मलाईदार टेक्सचर और पोषण गुणों के कारण खास पहचान रखता है। खसखस कैल्शियम, आयरन, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर होता है, जो ठंड के मौसम में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा देता है। अच्छी बात यह है कि इसे घर पर बहुत ही आसान तरीके से तैयार किया जा सकता है।खसखस का हलवा बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। आधा कप खसखस, एक कप दूध, 3 से 4 टेबलस्पून देसी घी, आधा कप चीनी या गुड़, थोड़ी सी इलायची और पसंद के ड्राई फ्रूट्स से यह स्वादिष्ट हलवा तैयार हो जाता है। सबसे पहले खसखस को अच्छे से धोकर 3–4 घंटे या रातभर के लिए भिगो देना चाहिए। इससे खसखस नरम हो जाता है और पीसने में आसानी होती है। भीगने के बाद थोड़ा दूध डालकर इसे मिक्सर में बारीक पीस लें, ताकि पेस्ट एकदम स्मूद बन जाए।

    अब कड़ाही में देसी घी गर्म करें और उसमें पिसा हुआ खसखस डालें। मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए इसे भूनें। कुछ ही देर में इसमें से खुशबू आने लगेगी और घी अलग दिखाई देने लगेगा। इसके बाद इसमें दूध डालें और धीमी आंच पर पकाते रहें। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे, तब इसमें चीनी या गुड़ डालें और अच्छी तरह मिलाएं। आखिर में इलायची पाउडर और कटे हुए काजू, बादाम व किशमिश डालकर 2–3 मिनट तक और पकाएं। बस तैयार है गरमागरम खसखस का हलवा।

    सेहत के लिहाज से खसखस का हलवा सर्दियों में बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है, कमजोरी और थकान दूर करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है और पाचन तंत्र को बेहतर करता है। साथ ही यह तुरंत ऊर्जा देने वाला पौष्टिक डेज़र्ट भी है।अगर आप रिफाइंड चीनी से परहेज करते हैं, तो इस हलवे में गुड़ या खजूर का पेस्ट इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे हलवा और भी हेल्दी बन जाता है। सर्दियों में परिवार के साथ बैठकर खसखस के हलवे का आनंद लेना स्वाद और सेहत-दोनों का बेहतरीन संगम साबित हो सकता है।