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  • एमपी में दो दिन झुलसाएगी तेज गर्मी, फिर 18-19 मार्च को बदलेगा मौसम, बारिश के आसार

    एमपी में दो दिन झुलसाएगी तेज गर्मी, फिर 18-19 मार्च को बदलेगा मौसम, बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लोगों ने अब इंतजाम शुरू कर दिए हैं। राजधानी भोपाल में कई घरों को ग्रीन नेट से ढककर धूप के असर को कम करने की कोशिश की जा रही है, ताकि घरों का तापमान ज्यादा न बढ़े। वहीं इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन तक तेज गर्मी का असर बना रहेगा। इसके बाद 18 और 19 मार्च को कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दिया। क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक अब यह सिस्टम कमजोर पड़ गया है।

    मौसम विभाग ने बताया कि 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। हालांकि 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश में 18 और 19 मार्च को देखने को मिल सकता है।

    कई जिलों में तापमान में गिरावट
    मौसम विभाग के अनुसार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में मौसम में बदलाव की संभावना पहले ही जताई गई थी। शाम तक बारिश दर्ज नहीं हुई, लेकिन बादलों की वजह से तापमान में गिरावट देखी गई।

    वहीं पिछले तीन दिनों से लू के असर वाले नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    अप्रैल–मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी
    मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल अप्रैल और मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे। इन महीनों के दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहने की संभावना है।

  • MP में झुलसाने लगी गर्मी, नर्मदापुरम में पारा 40.1 डिग्री, 15-17 मार्च के बीच बदलेगा मौसम

    MP में झुलसाने लगी गर्मी, नर्मदापुरम में पारा 40.1 डिग्री, 15-17 मार्च के बीच बदलेगा मौसम



    भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। प्रदेश में लगातार सूरज की तीखी तपिश बनी हुई है। शुक्रवार को नर्मदापुरम में लगातार दूसरे दिन तीव्र लू चली और अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि शनिवार को कुछ इलाकों में गर्मी से हल्की राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार 15, 16 और 17 मार्च को प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी हिस्सों, खासकर ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश होने का अनुमान है।

    तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने एडवायजरी जारी कर लोगों को दोपहर में बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी पीने और घर के अंदर तापमान कम रखने के लिए ओवन जैसे उपकरणों का सीमित उपयोग करने को कहा गया है।

    प्रदेश में पिछले दो दिनों से तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है।

    नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। शुक्रवार को पचमढ़ी को छोड़कर लगभग सभी शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा। पांच बड़े शहरों में भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    इसके अलावा नर्मदापुरम में 40.1 डिग्री, रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री, खरगोन में 38.4 डिग्री तथा सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    कल से बदल सकता है मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 15 मार्च से इसका असर शुरू होगा और जिन जिलों में बारिश होगी वहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि अन्य शहरों में गर्मी का असर बना रहेगा।

    गर्मी बढ़ने की वजह
    मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर मध्य प्रदेश पहुंच रही है, जिससे गर्म हवाओं का असर बढ़ रहा है।

    तीन दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान
    15 मार्च: ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर।
    16 मार्च: रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।
    17 मार्च: अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट।

  • मध्यप्रदेश में मार्च में ही ‘हीट अटैक’: नर्मदापुरम 40°C पार, हीट स्ट्रोक का खतरा; 15-17 मार्च को कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    मध्यप्रदेश में मार्च में ही ‘हीट अटैक’: नर्मदापुरम 40°C पार, हीट स्ट्रोक का खतरा; 15-17 मार्च को कई जिलों में बारिश का अलर्ट



    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और कुछ जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। शुक्रवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया। यहां लगातार दूसरे दिन तीव्र लू का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है और लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए।

    प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री और खरगोन में 38.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में गर्मी का असर इसलिए तेज हुआ है क्योंकि हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर हो गई है। इसके साथ ही हवा में नमी काफी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं तापमान को और बढ़ा रही हैं।

    हालांकि शनिवार से मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि 14 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 15 मार्च से मध्यप्रदेश में दिखाई देगा। इसके कारण प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

    15 मार्च को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं 16 मार्च को रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। 17 मार्च को अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में बारिश होगी वहां तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में गर्मी का असर बना रहेगा।

    तेज गर्मी और पानी की कमी को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भोपाल को जल अभावग्रस्त घोषित करते हुए निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी कर कहा है कि बिना अनुमति ट्यूबवेल खोदने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि सरकारी ट्यूबवेल और पीएचई विभाग की नल-जल योजनाएं जारी रहेंगी।

    डॉक्टरों के अनुसार मार्च का मौसम स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। इसलिए लोगों को सुबह और देर रात की ठंडी हवा से बचने और खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है।

  • मध्‍य प्रदेश में मौसम के दो रंग, दिन में बढ़ी गर्मी-रात में ठंडक, कई शहरों में ‘लू’ जैसी तपिश

    मध्‍य प्रदेश में मौसम के दो रंग, दिन में बढ़ी गर्मी-रात में ठंडक, कई शहरों में ‘लू’ जैसी तपिश



    भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज दो तरह का देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंडक बनी हुई है। कई शहरों में दिन के समय ‘लू’ जैसी तपिश महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है और अस्पतालों में सर्दी-जुकाम व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत कई शहरों में तेज गर्मी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी गर्मी का असर बना रह सकता है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी पड़ रही है। भोपाल, इंदौर, रीवा और शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 से 2.7 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है। वहीं ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान 3.1 से 4.6 डिग्री तक अधिक है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।

    रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में 38 डिग्री पार

    मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने लगा है। सोमवार को रतलाम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, धार, गुना, दमोह, सागर, श्योपुर और मंडला में भी तापमान 38 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर और उज्जैन सबसे गर्म रहे, जहां तापमान 37 डिग्री से अधिक रहा। वहीं भोपाल में 36.8 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    हवा की दिशा बदली, बढ़ी गर्मी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की दिशा में बदलाव भी गर्मी बढ़ने की वजह है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर प्रदेश में पहुंच रही है, जिससे गर्मी बढ़ रही है।

    15 मार्च के बाद मौसम बदलने के संकेत

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद मौसम में बदलाव हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होती है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और पहले ही पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ गया है।