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  • 45°C की आग उगलती गर्मी में ऐसे बचाएं खुद को, नौतपा में भूलकर भी न करें ये गलतियां

    45°C की आग उगलती गर्मी में ऐसे बचाएं खुद को, नौतपा में भूलकर भी न करें ये गलतियां


    नई दिल्ली । नौतपा के नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में गिने जाते हैं। इस दौरान सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं और तापमान कई शहरों में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। तेज धूप, गर्म हवाएं और लू शरीर पर तेजी से असर डालती हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी डीहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं की वजह बन सकती है। खासकर उन लोगों के लिए खतरा ज्यादा बढ़ जाता है जिन्हें रोजमर्रा के काम, नौकरी, व्यापार या यात्रा के कारण घर से बाहर निकलना पड़ता है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक नौतपा में सबसे जरूरी है कि शरीर को ज्यादा गर्म होने से बचाया जाए और पानी की कमी न होने दी जाए। डॉक्टरों का कहना है कि अगर सही सावधानी बरती जाए तो इस भीषण गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    घर से बाहर निकलते समय कुछ जरूरी चीजें हमेशा साथ रखनी चाहिए। पानी की बोतल, ORS या ग्लूकोज, छाता या टोपी, सनग्लास, गमछा या कॉटन कपड़ा, हल्का स्नैक और जरूरी दवाइयां साथ रखना बेहद जरूरी माना गया है। धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढंकना लू से बचाने में काफी मदद करता है।

    नौतपा के दौरान सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और शाम 5 बजे के बाद बाहर निकलना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक का समय सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। इस दौरान गर्म हवाएं और तेज धूप शरीर का तापमान तेजी से बढ़ा देती हैं। यदि जरूरी काम न हो तो इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए।

    पैदल चलने वालों और बाइक सवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बाइक चलाते समय फुल स्लीव कपड़े, ग्लव्स और हेलमेट का इस्तेमाल करें। हेलमेट के अंदर कॉटन का कपड़ा लगाने से सिर जल्दी गर्म नहीं होता। वहीं पैदल चलने वाले लोग बीच-बीच में छांव में रुककर आराम करें और हर 20 से 30 मिनट में पानी पीते रहें। खाली पेट बाहर निकलना भी खतरनाक हो सकता है।

    डॉक्टरों के अनुसार कुछ शारीरिक संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, ज्यादा पसीना आना या अचानक पसीना बंद हो जाना, तेज कमजोरी, उल्टी, सांस लेने में दिक्कत, शरीर का तापमान बढ़ना, बेहोशी या दिल की धड़कन तेज होना हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत छांव या ठंडी जगह पर जाएं और मेडिकल मदद लें।

    नौतपा में सिर्फ पानी पीना काफी नहीं होता। शरीर से पसीने के साथ जरूरी मिनरल्स भी निकल जाते हैं। इसलिए ORS, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और बेल या आम पना जैसे देसी पेय शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। बहुत ज्यादा चाय, कॉफी, शराब और कोल्ड ड्रिंक्स से बचना चाहिए क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं।

    बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में खास देखभाल की जरूरत होती है। बच्चों को धूप में खेलने से बचाएं और उन्हें बार-बार पानी या तरल पदार्थ देते रहें। वहीं बुजुर्गों को लंबे समय तक गर्मी में न रहने दें। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट या सांस की बीमारी है उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।

    नौतपा के दौरान लाइफस्टाइल में भी बदलाव जरूरी है। हल्का और सुपाच्य भोजन करें। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और मौसमी फल डाइट में शामिल करें। ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर में हवा का संचार बना रहे। पर्याप्त नींद और आराम भी शरीर को गर्मी से लड़ने की ताकत देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। सही सावधानी और जागरूकता ही इस भीषण गर्मी में सबसे बड़ा बचाव है।

  • तपती धूप बनी खतरा: बढ़ती गर्मी के बीच हीटस्ट्रोक ने बढ़ाई चिंता, जानिए बचने के उपाय

    तपती धूप बनी खतरा: बढ़ती गर्मी के बीच हीटस्ट्रोक ने बढ़ाई चिंता, जानिए बचने के उपाय


    नई दिल्ली । राजधानी समेत देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी खतरनाक समस्याओं का शिकार होकर अस्पताल पहुंचने लगे हैं। इसी बीच राजधानी में इस सीजन का पहला हीटस्ट्रोक का गंभीर मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले दिनों में ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।

    जानकारी के अनुसार, तेज गर्मी के कारण एक युवक की तबीयत यात्रा के दौरान अचानक बिगड़ गई। उसे तेज बुखार, चक्कर और बेहोशी जैसी शिकायतों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाना हीटस्ट्रोक का सबसे बड़ा संकेत होता है। यह स्थिति शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे दिमाग, दिल और किडनी पर गंभीर असर डाल सकती है। कई मामलों में मरीज की हालत इतनी गंभीर हो जाती है कि जान का खतरा तक पैदा हो जाता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार धूप में रहने, शरीर में पानी की कमी होने और तेज गर्मी के बीच अधिक शारीरिक मेहनत करने से हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, अत्यधिक पसीना आना, त्वचा का गर्म और रूखा हो जाना, घबराहट, सांस तेज चलना और शरीर में जकड़न शामिल हैं। कई बार मरीज को उल्टी, दस्त और बेहोशी जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। डॉक्टरों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचाना चाहिए।

    भीषण गर्मी को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक खतरनाक मानी जा रही है। बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े, टोपी या छाते से ढंककर रखना जरूरी बताया गया है। साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, बेल का शरबत और आम पन्ना जैसे पेय पदार्थ शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।

    विशेषज्ञों ने खानपान को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी के मौसम में हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, दही और प्याज जैसी चीजें शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करती हैं। वहीं तली-भुनी और अधिक मसालेदार चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि उनमें हीटस्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है।

    तेज गर्मी के बीच स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। फिलहाल बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना के बीच स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है।

  • गर्मी का कहर: हीट स्ट्रोक से बचना है तो अपनाएं ये जरूरी उपाय

    गर्मी का कहर: हीट स्ट्रोक से बचना है तो अपनाएं ये जरूरी उपाय


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने चरम पर पहुंचते ही सेहत पर गंभीर असर डालने लगता है। तेज धूप, लू और बढ़ता तापमान शरीर को कमजोर कर देता है, जिससे Heat Stroke यानी लू लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है।
    जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है। मौसम विभाग भी आने वाले दिनों में और भीषण गर्मी की चेतावनी दे रहा है, ऐसे में खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहली बात—गर्मी में अपनी सेहत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। यदि आप असहज महसूस करते हैं, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
    हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें
    हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को समझना बहुत जरूरी है। अचानक चक्कर आना, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, अत्यधिक पसीना आना या पसीना बंद हो जाना, शरीर का तापमान बढ़ जाना ये सभी गंभीर संकेत हो सकते हैं। कई मामलों में व्यक्ति को कमजोरी, उलझन या बेहोशी भी महसूस हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
    हीट स्ट्रोक में तुरंत क्या करें?
    अगर किसी को लू लगने का शक हो, तो उसे तुरंत ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडा करने के लिए गीले कपड़े का इस्तेमाल करें और लगातार तापमान पर नजर रखें। इस दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए Oral Rehydration Solution (ओआरएस), नींबू पानी, छाछ या नमक-शक्कर का घोल देना फायदेमंद होता है।
    यदि हालत में सुधार न हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी हो सकता है।
    बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
    हीट स्ट्रोक से बचने के लिए दिन के समय, खासकर दोपहर में धूप में निकलने से बचें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें। खानपान में तरल पदार्थ और फल शामिल करें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
    कुल मिलाकर, गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए सतर्क रहें, लक्षणों को पहचानें और समय रहते सही कदम उठाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।