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  • ग्वालियर में गर्म हवाओं का कहर: सुबह 8:30 बजे ही 37 के पार पहुंचा पारा, आज लू का अलर्ट जारी

    ग्वालियर में गर्म हवाओं का कहर: सुबह 8:30 बजे ही 37 के पार पहुंचा पारा, आज लू का अलर्ट जारी


    नई दिल्ली। ग्वालियर अंचल इन दिनों भीषण गर्मी और तपती हवाओं की चपेट में है, जहां मौसम लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने माहौल को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग ने ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है, जिससे दिनभर हालात और खराब रहने की आशंका है।

    बीते बुधवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात के समय भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी। गर्म हवाओं के चलते घरों में कूलर और एसी भी असरदार साबित नहीं हो रहे हैं।

    गुरुवार सुबह हालात और भी तेजी से बिगड़ते नजर आए। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस था, वहीं महज तीन घंटे के भीतर यानी 8:30 बजे यह बढ़कर 37.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है।

    सुबह से ही सड़कें सुनसान नजर आईं और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए। कई जगहों पर लोग धूप से बचने के लिए सिर और चेहरा तौलिये या कपड़े से ढककर चलते नजर आए। पेड़ों की छांव और ठंडे पानी के स्थानों पर लोगों की भीड़ देखी गई।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मई महीने में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है, जिससे दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी राहत नहीं दे रहा है। लगातार गर्म हवाएं चलने से लू का असर और बढ़ गया है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

    फिलहाल पूरे ग्वालियर अंचल में गर्म हवाओं का असर जारी है और आने वाले दिनों में राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।

  • तपती धूप का असर: कटनी में सड़कों पर सन्नाटा, लू का अलर्ट जारी

    तपती धूप का असर: कटनी में सड़कों पर सन्नाटा, लू का अलर्ट जारी


    कटनी । कटनी जिले में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत कटनी में भी तापमान ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है।

    रविवार को सुबह से ही सूर्य की तपिश बेहद तेज रही और दोपहर होते-होते हालात और गंभीर हो गए। 12 बजे से 1:30 बजे के बीच ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जबकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शाम तक यह 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से यह एक माना जा रहा है।

    भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू के कारण शहर की रफ्तार थम सी गई है। आमतौर पर रविवार को जहां बाजारों और मुख्य सड़कों पर चहल-पहल रहती है, वहीं इस बार दृश्य पूरी तरह बदल गया। दोपहर होते ही प्रमुख चौराहे, बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें सूनी नजर आने लगीं। लोग घरों में दुबके रहे और सड़कें अघोषित कर्फ्यू जैसी दिखाई दीं।

    गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस घोल, छाछ और नींबू पानी का सेवन किया जाए। हल्का और सुपाच्य भोजन करने तथा तैलीय और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलने पर सूती और ढीले कपड़े पहनने तथा सिर को ढकने की हिदायत दी गई है।

    डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। लू लगने के लक्षण जैसे सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या तेज बुखार होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने को कहा गया है। फिलहाल कटनी में गर्मी का यह प्रचंड रूप लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • तापमान में लगातार उछाल: रीवा में अगले 3 दिन और बढ़ेगी गर्मी

    तापमान में लगातार उछाल: रीवा में अगले 3 दिन और बढ़ेगी गर्मी


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री दर्ज किया गया है।

    तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।

     लगातार बढ़ रहा तापमान, रातें भी गर्म
    पिछले तीन दिनों के आंकड़ों के अनुसार रीवा में तापमान लगातार सामान्य से अधिक बना हुआ है।
    18 मई: 44.5°C
    19 मई: करीब 44°C
    20 मई: 44.5°C
    न्यूनतम तापमान भी 26 से 27 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे रात के समय भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है।

     अगले तीन दिन और बढ़ेगी गर्मी
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं:
    22 मई: 45°C तक तापमान
    23 मई: 45 से 46°C
    24 मई: लगभग 45°C
    इसी वजह से क्षेत्र में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

     दोपहर  में बाहर निकलने से बचने की सलाह
    आईएमडी ने साफ निर्देश दिए हैं कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। लगातार बढ़ती गर्मी से डिहाइड्रेशन, चक्कर और लू लगने का खतरा बढ़ गया है।

     स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी
    स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह 10 बजे के बाद ही गर्म हवाएं तेज हो जाती हैं, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।

    रीवा में लगातार बढ़ती गर्मी ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। आने वाले दिनों में राहत की संभावना कम है, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • मौसम विभाग की चेतावनी: 25 मई तक लू का असर, धार में बढ़ी परेशानी

    मौसम विभाग की चेतावनी: 25 मई तक लू का असर, धार में बढ़ी परेशानी


    मध्य प्रदेश । धार शहर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और तपती लू के कारण हालात ऐसे हो गए हैं कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पिछले कई दिनों से जिले का अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

    सुबह के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है, क्योंकि तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, तेज धूप और गर्म हवाएं स्थिति को और गंभीर बना देती हैं। दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग सुनसान हो जाती हैं, और केवल जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, बुखार, कमजोरी और लू लगने से संबंधित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार यह स्थिति खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो रही है।

    गर्मी और लू के कारण रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। मजदूर वर्ग को खुले आसमान के नीचे काम करने में भारी परेशानी हो रही है, वहीं छोटे व्यापारियों और राहगीरों को भी गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग छांव और ठंडी जगहों की तलाश में नजर आते हैं।

    मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए चेतावनी जारी की है कि आने वाले 25 मई तक जिले में लू का प्रभाव जारी रह सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तापमान में फिलहाल कोई बड़ी गिरावट के आसार नहीं हैं, बल्कि गर्म हवाओं का असर और बढ़ सकता है।

    प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें तथा धूप से बचाव के लिए सिर को ढककर ही बाहर निकलें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की भीषण गर्मी में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है, क्योंकि लू का असर अचानक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। फिलहाल पूरे जिले में गर्मी का यह दौर लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

  • आधे एमपी में बारिश का अलर्ट, लेकिन गर्मी बरकरार: भोपाल 43.7°C पर पहुंचा, 10 साल का रिकॉर्ड बराबर

    आधे एमपी में बारिश का अलर्ट, लेकिन गर्मी बरकरार: भोपाल 43.7°C पर पहुंचा, 10 साल का रिकॉर्ड बराबर

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है और गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। राजधानी Bhopal में बुधवार को तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। खास बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी करता है, जब 30 अप्रैल 2019 को भी इतना ही तापमान दर्ज किया गया था। हालांकि अप्रैल का ऑल टाइम रिकॉर्ड 44.4 डिग्री (1996) अब भी बरकरार है।
    तेज गर्मी के बावजूद मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना बन रही है। यही वजह है कि अगले 3–4 दिनों में लू से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।

     इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग ने Gwalior, Morena, Bhind, Shivpuri, Sagar, Rewa, Satna, Singrauli, Chhindwara और Balaghat समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
    वहीं दूसरी ओर Indore, Ujjain, Jabalpur और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का असर फिलहाल बना रहेगा।

    सीधी सबसे गर्म, कई शहर 43°C के पार
    बुधवार को Sidhi प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6°C, नरसिंहपुर और खंडवा में 43°C, जबकि सतना, टीकमगढ़ और रीवा जैसे शहरों में भी पारा 42°C के पार पहुंच गया। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल के बाद इंदौर में 40.1°C, ग्वालियर में 39.4°C, उज्जैन में 40°C और जबलपुर में 40.8°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    2 मई से नया सिस्टम, बदल सकता है मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने जा रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा, जिससे आंधी, बादल और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

     हीट वेव से बचाव के लिए जरूरी एडवाइजरी
    तेज गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने को कहा गया है, क्योंकि इस समय लू का असर सबसे ज्यादा होता है।
    लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

    राहत के संकेत, लेकिन गर्मी अभी जारी
    मध्य प्रदेश में फिलहाल गर्मी का कहर जारी है, लेकिन कुछ जिलों में बारिश और मौसम बदलाव के संकेत राहत दे सकते हैं। आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर, आज 10 जिलों में लू चलने की चेतावनी, तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचा

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर, आज 10 जिलों में लू चलने की चेतावनी, तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचा

    भोपाल । मध्यप्रदेश में गर्मी लगातार अपना प्रचंड रूप दिखा रही है। दिन का तापमान कई जगहों पर 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि रात में भी राहत नहीं मिल रही और पारा 27 डिग्री तक बना हुआ है। मंगलवार को खजुराहो और नर्मदापुरम सबसे ज्यादा गर्म रहे। वहीं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी तेज गर्मी का असर देखा गया। बुधवार के लिए ग्वालियर सहित 10 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

    इन जिलों में आज लू का असर
    मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर में बुधवार को लू चलने की संभावना है। मंगलवार को खजुराहो और नर्मदापुरम प्रदेश के सबसे गर्म इलाके रहे।

    कई शहरों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान
    प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। सीधी में 42.6 डिग्री, नौगांव में 42.5, रायसेन में 42.2, रतलाम में 42, नरसिंहपुर और सतना में 41.6, टीकमगढ़ और रीवा में 41.5, दमोह में 41.4, सागर में 41.3, उमरिया और दतिया में 41.2, मंडला में 41, गुना में 40.7, धार में 40.6, श्योपुर में 40.4 और शाजापुर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    बड़े शहरों में भी तपिश बरकरार
    यदि प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें, तो जबलपुर में 40.6 डिग्री, भोपाल में 40.2 डिग्री, इंदौर में 39.9 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री और उज्जैन में 40 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    रात में भी नहीं मिल रही राहत, वॉर्म नाइट की स्थिति
    प्रदेश में अब रात के समय भी गर्मी बनी हुई है। भोपाल समेत कई शहरों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, जब रात का तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री अधिक हो और दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर हो, तो इसे ‘वॉर्म नाइट’ कहा जाता है। फिलहाल प्रदेश में ‘सीवियर वॉर्म नाइट’ की स्थिति नहीं बनी है।

    पूर्वी इलाकों में बादलों की मौजूदगी
    मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों जैसे सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बादल भी छाए रहे। यह स्थिति ट्रफ लाइन गुजरने के कारण बनी।

    गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सलाह
    मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने को कहा गया है। दोपहर में तेज धूप से बचने, हल्के और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • मध्यप्रदेश में हीटवेव का प्रकोप, अगले दिनों और बढ़ेगा तापमान का असर

    मध्यप्रदेश में हीटवेव का प्रकोप, अगले दिनों और बढ़ेगा तापमान का असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अब मानसून पूर्व की हल्की बारिश और बादलों का दौर लगभग खत्म हो चुका है और सूरज ने अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे गर्मी का असर तेज महसूस किया जा रहा है।

    रतलाम सबसे गर्म, कई शहरों में पारा 40 के पार
    सोमवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2°C दर्ज किया गया। वहीं धार, नर्मदापुरम और खरगोन में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। जबलपुर में 39.2°C, उज्जैन में 39°C और भोपाल-इंदौर में 38.8°C तापमान दर्ज किया गया, जिससे दिनभर तेज गर्मी का असर रहा।

    16 और 17 अप्रैल को लू का अलर्ट
    मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 16 और 17 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू चल सकती है। इनमें रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्म हवाओं का असर महसूस किया जाएगा।

    15 अप्रैल से कमजोर सिस्टम, राहत की उम्मीद कम
    हालांकि 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन यह काफी कमजोर बताया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इससे गर्मी में कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर सबसे अधिक गर्म माना जाता है, जिसमें कई बार तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाता है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान का ट्रेंड
    पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार भोपाल और इंदौर में तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि जबलपुर में 44°C और ग्वालियर में 45°C तक पारा दर्ज हो चुका है। ग्वालियर को प्रदेश का सबसे गर्म शहर माना जाता है, जहां कई बार 45 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज हुआ है।

    पुराने रिकॉर्ड बताते हैं भीषण गर्मी का इतिहास
    भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को 44.4°C तापमान दर्ज किया गया था। इंदौर में 25 अप्रैल 1958 को 44.6°C और जबलपुर में 28 अप्रैल 1970 को 45.4°C तापमान दर्ज हो चुका है। वहीं ग्वालियर में 1958 में 46.2°C तक तापमान पहुंच चुका है, जो अब तक के सबसे उच्च रिकॉर्ड में शामिल है।

    बारिश के बावजूद गर्मी का असर
    इस बार अप्रैल की शुरुआत में कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली थी, लेकिन इसके बावजूद गर्मी का असर अब तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम का यह उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में और ज्यादा गर्मी का संकेत है।

    सावधानी जरूरी, हीटवेव से बचाव की सलाह
    मौसम विभाग ने लोगों को दिन के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।