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  • MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-ग्वालियर में भी बदलेगा मौसम

    MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-ग्वालियर में भी बदलेगा मौसम


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को प्रदेश के पूर्वी जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि भोपाल, ग्वालियर समेत कई शहरों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना है। बारिश और बादलों के कारण आज करवा चौथ पर चांद के दीदार में भी परेशानी हो सकती है।

    विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में ज्यादा असर
    बुधवार को प्रदेश के कई इलाकों में मौसम बदला रहा। सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम का असर गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश में दिखाई दे सकता है।

    मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताए जाने के साथ सतना, रीवा, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में 24 घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

    सिंगरौली में सुबह से बारिश, तेज हवाओं के साथ छाए बादल
    सिंगरौली में गुरुवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से जिले में मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना है।

    भोपाल-ग्वालियर समेत इन जिलों में गरज-चमक के आसार
    गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका है।

    मालवा के कई जिलों में खिल सकती है धूप
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। इन जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट नहीं बताया गया है। हालांकि, मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। लोगों को अपने जिले के ताजा मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

    शाजापुर के गिरवर में 12.8 डिग्री तापमान
    बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में 15.2 डिग्री, धार में 15.4 डिग्री और आगर-मालवा में 15.9 डिग्री तापमान रहा। नीमच के मरुखेड़ा और छतरपुर के नौगांव में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    आंधी और बारिश के प्रभाव से दिन के तापमान में भी करीब एक डिग्री तक की गिरावट आई है। खजुराहो, खंडवा, रतलाम, खरगोन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 33.2 से 34.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    मानसून की विदाई के बाद भी जारी है बारिश
    मध्यप्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था, लेकिन अब चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने से अक्टूबर के आखिरी दिनों में फिर बारिश का दौर बन गया है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने के आसार हैं।

  • करवा चौथ पर MP में बिगड़ेगा मौसम, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    करवा चौथ पर MP में बिगड़ेगा मौसम, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में करवा चौथ के दिन बारिश और बादलों के कारण चांद के दीदार में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम में बदलाव का असर मंगलवार से ही दिखाई देने लगेगा, जबकि अन्य जिलों में भी बादल छाने और बारिश होने की संभावना है।

    11 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश हो सकती है।

    इन जिलों में 24 घंटे के दौरान करीब ढाई से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। 29 अक्टूबर को करवा चौथ होने के कारण बादलों की मौजूदगी और बारिश से व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार करना पड़ सकता है।

    बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली सक्रिय

    मौसम में इस बदलाव की वजह बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसम प्रणाली है। पूर्व-मध्य और उससे लगे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर अवदाब यानी डिप्रेशन सक्रिय हुआ है। इसके आने वाले दिनों में और मजबूत होकर गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है।

    इसके अलावा 26 अक्टूबर को चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मौसम प्रणाली के और तीव्र होने तथा चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान जताया गया है। 27 और 28 अक्टूबर तक इसके भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना बताई गई है। इस प्रणाली का असर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल सकता है।

    मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश की स्थिति बनने की आशंका है। इसी वजह से मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।

    रात में बढ़ी ठंडक, करौंदी में पारा 13.7 डिग्री

    बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश में रात के तापमान में ठंडक महसूस की जा रही है। बीती रात कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

    छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री, इंदौर और मलाजखंड में 14.6 डिग्री, दमोह में 15 डिग्री तथा शाजापुर में 15.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    दिन के तापमान में दो डिग्री तक बढ़ोतरी

    रात में ठंडक बढ़ने के बावजूद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान करीब दो डिग्री तक बढ़ा है। खजुराहो, भोपाल और उज्जैन में अधिकतम तापमान 35.5 से 36.1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    वहीं, अमरकंटक में दिन के समय भी अपेक्षाकृत ठंडक बनी हुई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग की बारिश संबंधी चेतावनी के बीच अब प्रदेश के लोगों की नजर आने वाले दिनों के मौसम पर रहेगी।

  • MP में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी, शहडोल समेत 5 जिलों में आसार

    MP में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी, शहडोल समेत 5 जिलों में आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दिवाली से पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के मजबूत होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इस बीच बारिश का दौर थमने से रात में ठंडक बढ़ गई है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। इसके बाद 28 अक्टूबर को मौसम बदलेगा और प्रदेश के करीब आधे हिस्से में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश के आसार हैं।

    5 जिलों में भारी बारिश, कई जगह गरज-चमक की संभावना

    28 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों के कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में बादल छाने के साथ गरज-चमक और बूंदाबांदी की संभावना है।

    इसके अलावा जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम बदल सकता है। इन जिलों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश के आसार हैं।

    वहीं, भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में दिन के समय धूप खिल सकती है।

    बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम से बदलेगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है। इसके आने वाले दिनों में मजबूत होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसी सिस्टम के प्रभाव से 28 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ रात के तापमान में गिरावट का असर भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में दिवाली से पहले प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और ठंडक दोनों महसूस हो सकती हैं।

    रात में बढ़ी ठंड, करौंदी में पारा 12.1 डिग्री

    प्रदेश में बारिश थमने के बाद रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बीती रात कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम दर्ज किया गया।

    इंदौर में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री, अमरकंटक में 13.6 डिग्री, दमोह और पचमढ़ी में 14 डिग्री तथा शाजापुर और बैतूल में 14.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    दिन में भी गिरा पारा, कई शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे

    रात के साथ दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।

    अमरकंटक, मलाजखंड, शिवपुरी, बैतूल और पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 27.4 से 29.4 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम में इस बदलाव से दिन की गर्मी से भी राहत मिल रही है।

    मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में नए मौसम सिस्टम का असर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इसके चलते बारिश की संभावना के साथ रात के तापमान में भी गिरावट हो सकती है।

  • मानसून की विदाई से पहले MP में फिर तेज बारिश, आज 7 जिलों में अलर्ट

    मानसून की विदाई से पहले MP में फिर तेज बारिश, आज 7 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर तेज हो गया है। जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं और कई बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी है। रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का 95% से ज्यादा है। मानसून के बचे चार दिनों में भी बारिश जारी रहती है तो कुल बारिश का आंकड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि अभी प्रदेश के 25 जिलों में ही सामान्य बारिश का कोटा पूरा हुआ है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

    रविवार को 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

    रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    वहीं नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बारिश होने का अनुमान है।

    डिंडौरी-उमरिया में तीन दिन से मूसलाधार बारिश

    शनिवार को डिंडौरी और उमरिया में तेज बारिश का दौर जारी रहा। दोनों जिलों में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। इससे नर्मदा समेत उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।

    डिंडौरी के जोगी टिकरिया पुल के डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे-45 पर भी ट्रैफिक प्रभावित रहा।

    शहपुरा स्थित बिलगांव बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। दूसरी ओर उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के चार गेट दो-दो मीटर खोलकर पानी की निकासी की गई।

    बरगी बांध के 9 गेट खोले गए

    जबलपुर के बरगी बांध में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार को पांच गेट खोले गए थे। इसके बावजूद बांध में पानी की आवक जारी रही। इसके बाद शनिवार को चार और गेट खोल दिए गए।

    इस तरह बरगी बांध से पानी की निकासी बढ़ानी पड़ी। लगातार बारिश के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में नदी-नालों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है।

    मानसून की विदाई में अब सिर्फ 4 दिन

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, गहरे अवदाब के कारण मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना हुआ है। इसका असर अगले 24 घंटे तक रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।

    मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है। यानी अब मानसून की विदाई में चार दिन बाकी हैं। राजस्थान के कई जिलों से मानसून पहले ही लौट चुका है।

    ऐसे में मानसून की विदाई से ठीक पहले हुई बारिश प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े को और ऊपर ले जा सकती है।

  • MP में आज 10 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी, पूर्वी हिस्से में अति भारी बारिश के आसार

    MP में आज 10 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी, पूर्वी हिस्से में अति भारी बारिश के आसार


    भोपाल। मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का सिस्टम सक्रिय हो गया है। गुरुवार को 10 जिलों में तेज बारिश का अनुमान है, जबकि 25 और 26 सितंबर को इसका असर और बढ़ने की संभावना है। इन दोनों दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश में अब तक औसत 34.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे की 91.9% है।

    मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अब महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में विकसित हो रहा है। अगले 24 घंटे के बाद इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    आज इन 10 जिलों में तेज बारिश

    गुरुवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश होने का अनुमान है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    25-26 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर

    बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के मजबूत होने के बाद 25 और 26 सितंबर को प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। खासकर पूर्वी हिस्से के अधिकांश जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। मानसून की विदाई से पहले सिस्टम का सक्रिय होना प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर ला सकता है।

    मानसून की विदाई में अब सिर्फ 6 दिन

    मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है। ऐसे में मानसून की औपचारिक विदाई में अब छह दिन बाकी हैं। इस बार भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है।

    बुधवार को कई जिलों में हुई तेज बारिश

    इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हुई। नर्मदापुरम के इटारसी में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। खरगोन में भी करीब आधे घंटे हुई तेज बारिश के कारण अनाज मंडी में रखा लगभग 200 क्विंटल मक्का भीग गया। इसके अलावा खंडवा, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।

    सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश

    IMD के मुताबिक प्रदेश में अब तक 870.5 मिमी यानी 34.3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके मुकाबले अब तक सामान्य बारिश 36.7 इंच यानी 931.7 मिमी होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश हुई है। ओवरऑल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 7% कम है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 2% और पश्चिमी हिस्से में 11% कम बारिश हुई है।

    पूर्वी हिस्से में इन जिलों में कमी

    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 2% तक कम है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 23% तक कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में इन जिलों के आंकड़ों में सुधार आया है। बुधवार को पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी का आंकड़ा माइनस 2% रहा।

    पश्चिमी हिस्से के इन जिलों में बारिश कम

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 8% से 50% तक कम बारिश हुई है। यहां दिए आंकड़ों में खंडवा का नाम स्रोत में दो बार दर्ज है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    प्रदेश के अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में 24 सितंबर से फिर तेज बारिश के आसार, मानसून का आखिरी दौर, अब तक 33.9 इंच बरसात

    MP में 24 सितंबर से फिर तेज बारिश के आसार, मानसून का आखिरी दौर, अब तक 33.9 इंच बरसात


    भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार 24 सितंबर से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि इससे पहले हल्की बारिश और रिमझिम का दौर जारी रहेगा। प्रदेश में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का करीब 91% है।

    बारिश के नए दौर की वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम तंत्र है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार तक लो प्रेशर एरिया उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में सक्रिय था। रविवार को यह आगे बढ़ गया। इसके पश्चिम-उत्तर दिशा में बढ़ने के साथ धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। इसके 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है।

    23 सितंबर से बढ़ेगी सक्रियता, 24 से भारी बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का असर 23 सितंबर की सुबह से बढ़ना शुरू हो सकता है। इसके बाद मध्यप्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    इस दिन छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मानसून की विदाई से पहले बनने वाला यह सिस्टम प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है।

    32 जिलों में 5 से 49% तक कम बारिश

    प्रदेश में अब तक हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 32 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से 5% से 49% तक कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से 1% तक कम है।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 24% तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में इन जिलों की स्थिति में सुधार हुआ है। रविवार तक बारिश का आंकड़ा माइनस 2% तक पहुंच गया था।

    पश्चिमी हिस्से के इन जिलों में बारिश की कमी

    पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 5% से 49% तक कम पानी गिरा है। ऐसे में 24 सितंबर से शुरू होने वाला बारिश का दौर इन क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 23 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

    इस तरह मानसून की विदाई से पहले आने वाला नया मौसम सिस्टम प्रदेश के बारिश के आंकड़ों में और सुधार कर सकता है। फिलहाल 23 सितंबर से गतिविधि बढ़ने और 24 सितंबर से कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

  • MP में फिर सक्रिय मानसून: उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 15 से कमजोर होगा सिस्टम

    MP में फिर सक्रिय मानसून: उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 15 से कमजोर होगा सिस्टम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय तीन मौसमी सिस्टम के असर से रविवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहा। बड़वानी में नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए, जबकि मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए। सोमवार को उज्जैन समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। हालांकि 15 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता और दायरा घटने का अनुमान है।

    मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, प्रदेश में लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के साथ ट्रफ समेत तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अब तक अपेक्षाकृत कम बारिश वाले इंदौर और उज्जैन संभाग में भी अच्छी बारिश हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14 सितंबर को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    बड़वानी में तालाब ओवरफ्लो, बांध के गेट खोले

    रविवार को भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में नदी-नाले और तालाब उफान पर रहे। रलावती में जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया।

    टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी भी उफान पर रही। इंदौर के महू, ओंकारेश्वर, रतलाम समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश हुई।

    चंबल में पिता-पुत्र डूबे

    मुरैना में रविवार को चंबल नदी में नहाने के दौरान पिता और पुत्र डूब गए। दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। हादसे के बाद उनकी तलाश की गई।

    सोमवार को इन 7 जिलों में भारी बारिश

    मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।

    14 सितंबर को भी पश्चिमी MP में असर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, 14 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की ओर बढ़ने के दौरान पश्चिमी जिलों में इसका असर बना रह सकता है।

    हालांकि 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसका प्रसार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। अगले सात दिनों के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    32 जिलों में 2% से 52% तक बारिश कम

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 25% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने से बारिश का आंकड़ा तेजी से सुधरा था। इसके चलते सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से की स्थिति बेहतर हुई थी, लेकिन रविवार तक यह आंकड़ा फिर 1% कम पर पहुंच गया।

    पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 52% तक कम बारिश हुई है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    IMD के आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के 15 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, इंदौर-जबलपुर समेत 4 संभागों में रहेगा असर

    MP के 15 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, इंदौर-जबलपुर समेत 4 संभागों में रहेगा असर


    भोपाल। ब्रेक के बाद फिर सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम ने मध्यप्रदेश में बारिश का दौर शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भोपाल, दमोह, टीकमगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में तेज आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, दमोह के निचले इलाकों में पानी भर गया।

    शनिवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें उज्जैन, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और छतरपुर शामिल हैं। मौसम का असर अगले तीन दिन तक बने रहने की संभावना है।

    41 जिलों में हल्की से तेज बारिश के आसार

    मौसम केंद्र के मुताबिक भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, आलीराजपुर, बुरहानपुर, झाबुआ, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, रतलाम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।

    3-4 दिन के ब्रेक से बढ़ी गर्मी-उमस

    प्रदेश के कई जिलों में पिछले तीन से चार दिन से बारिश नहीं हुई थी। इसके चलते गर्मी और उमस का असर बढ़ गया था। अब बारिश का दौर शुरू होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

    सीजन में अब तक 31.5 इंच बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 801.3 मिमी यानी 31.5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 868.6 मिमी यानी 34.2 इंच बारिश होती है। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य से 2.7 इंच कम यानी 8% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 1%, जबकि पश्चिमी हिस्से में 14% कम बारिश दर्ज की गई है।

    33 जिलों में 1 से 56% तक बारिश कम

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 1% कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य के मुकाबले 3% से 26% तक कम बारिश हुई है।

    हालांकि, पिछले एक सप्ताह में बारिश के कारण स्थिति में काफी सुधार आया है। इस दौरान पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे बारिश का आंकड़ा सुधरा। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंचा है।

    वहीं पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 56% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    इन 22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • तीन दिन की गर्मी और उमस के बाद MP में फिर बारिश का दौर 12 जिलों में अलर्ट बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलेगा मौसम

    तीन दिन की गर्मी और उमस के बाद MP में फिर बारिश का दौर 12 जिलों में अलर्ट बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। जबलपुर रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 12 सितंबर से इंदौर नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इससे पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को सतना रीवा मऊगंज सीधी मैहर शहडोल डिंडौरी अनूपपुर मंडला बालाघाट सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में कहीं धूप तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच मंदसौर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा समेत कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    पिछले तीन दिनों से प्रदेश में भारी बारिश का दौर थमा हुआ था। इसके चलते कई शहरों में तेज धूप निकलने लगी थी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। भोपाल समेत इंदौर उज्जैन ग्वालियर और जबलपुर में भी दिन के समय गर्मी का असर दिखाई दिया। हालांकि अब मौसम का मिजाज फिर बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र मानसून ट्रफ और पश्चिमी हिस्से में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।

    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में अब तक करीब 795.3 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक लगभग 862.5 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 2.6 इंच कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब 2 प्रतिशत जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 13 प्रतिशत बताई गई है।

    प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी अभी भी बनी हुई है। वहीं कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। अनूपपुर छतरपुर मैहर मऊगंज निवाड़ी पन्ना सतना शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया समेत कई जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। भोपाल बुरहानपुर दतिया गुना ग्वालियर खरगोन राजगढ़ श्योपुर और शिवपुरी जैसे जिलों में भी बारिश सामान्य से अधिक रही है।

    इस सीजन की शुरुआत में जून में बारिश की कमी ने प्रदेश के आंकड़ों को प्रभावित किया था। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश होने से स्थिति में सुधार आया। हालांकि मानसून में कई बार ब्रेक आने के कारण जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अब सितंबर में सक्रिय हो रहे नए सिस्टम से बारिश के आंकड़ों में और सुधार की उम्मीद है।

    भोपाल में भी सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। राजधानी में सितंबर महीने की औसत बारिश करीब 7 इंच मानी जाती है। पिछले कई वर्षों में सितंबर के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश भी दर्ज होती रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला फिर तेज हो सकता है।

  • MP में फिर बदला मौसम, 12 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 12 सितंबर से इंदौर संभाग भी भीगेगा

    MP में फिर बदला मौसम, 12 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 12 सितंबर से इंदौर संभाग भी भीगेगा


    भोपाल। तीन दिन के ब्रेक के बाद मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 12 सितंबर से इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    शुक्रवार को बाकी जिलों में मौसम मिला-जुला रहेगा। कहीं धूप रहेगी तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिंगरौली, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।

    तीन दिन थमी रही बारिश, बढ़ी गर्मी-उमस

    प्रदेश में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश नहीं हुई है। बारिश का दौर थमने से गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। गुरुवार को भोपाल में तेज धूप रही। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी दिनभर धूप खिली रही।

    मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण की सक्रियता है। इन मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश में दोबारा बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।

    सामान्य से 8% कम बारिश

    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 795.3 मिमी यानी 31.3 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 862.5 मिमी यानी 33.9 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अब तक 2.6 इंच कम बारिश हुई है और कुल बारिश सामान्य से 8% कम है।

    क्षेत्रवार स्थिति देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 2%, जबकि पश्चिमी हिस्से में 13% कम बारिश दर्ज हुई है।

    33 जिलों में बारिश का आंकड़ा पीछे

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 25% तक कम बारिश हुई है।

    हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी हिस्से की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने और अच्छी बारिश हुई, जिससे सीजन का आंकड़ा सुधरा। बुधवार तक पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से सिर्फ 1% कम रह गई थी।

    पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 56% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    इन 22 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।