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  • MP में बारिश का रौद्र रूप जारी, रीवा-शहडोल समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 3 दिन अति भारी बारिश की आशंका

    MP में बारिश का रौद्र रूप जारी, रीवा-शहडोल समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 3 दिन अति भारी बारिश की आशंका


    भोपाल । मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। शहडोल के बाणसागर डैम में तेजी से पानी की आवक बढ़ने के बाद इसके 6 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं सतना और चित्रकूट में बाढ़ जैसे हालात ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार बारिश को देखते हुए सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है जबकि मैहर में भी सोमवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को रीवा मऊगंज मैहर सीधी उमरिया शहडोल डिंडौरी अनूपपुर मंडला सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। राजधानी भोपाल में बड़ा तालाब लगभग भरने की स्थिति में पहुंच गया है। तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच चुका है और अब यह फुल टैंक लेवल से महज 0.30 फीट नीचे है। इसके पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाने की संभावना है। इससे कलियासोत डैम में भी पानी की आवक बढ़ सकती है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से सुधरा है और कई बांधों में 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी पहुंच चुका है।

    पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट तक उफान पर पहुंच गई थी। गोरगी बांध फूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सड़कों और घरों में मिट्टी कीचड़ और मलबा जमा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और राहत शिविर में प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अतिक्रमण को भी बाढ़ की संभावित वजहों में शामिल बताया।

    शहडोल के बाणसागर डैम में भी पानी की आवक अचानक बढ़ी। डैम में पानी की आवक 808.64 क्यूमेक्स से बढ़कर 12 घंटे में 2677.29 क्यूमेक्स हो गई। इसके बाद दोपहर में डैम के 6 गेट खोल दिए गए। निचले इलाकों में प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। सिंगरौली मंडला सतना और अन्य जिलों में भी भारी बारिश के कारण नदी नाले उफान पर रहे।

    मौसम विभाग ने सितंबर की शुरुआत के अगले तीन दिनों में भी कई जिलों में अति भारी बारिश की आशंका जताई है। सीधी उमरिया मंडला निवाड़ी छतरपुर पन्ना दमोह नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। ऐसे में नदी नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

    प्रदेश में अब तक करीब 700 मिलीमीटर यानी 27.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य औसत 30.4 इंच से करीब 3.2 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में करीब 5 प्रतिशत जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अनूपपुर निवाड़ी सतना शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया समेत कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

  • रीवा-शहडोल समेत 11 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी एमपी में फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    रीवा-शहडोल समेत 11 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी एमपी में फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक बार फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसके असर से रविवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई। शहडोल के बाणसागर डैम के गेट खोलने पड़े। सिंगरौली में तेज बारिश हुई, जबकि मंडला और चित्रकूट (सतना) में पहले से आई बाढ़ के बाद हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

    हालांकि नदियों का जलस्तर अब कुछ कम हुआ है, लेकिन बाढ़ से हुई तबाही के निशान अभी भी साफ दिखाई दे रहे हैं। कई इलाकों में देर रात तक बारिश होती रही। बाढ़ प्रभावित सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।

    आज 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग ने सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    CM मोहन यादव चित्रकूट पहुंचे, बाढ़ प्रभावितों से मिले

    रविवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही। गोरगी बांध फूटने से कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। घरों और सड़कों पर मिट्टी, कचरा और कीचड़ जमा हो गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने आश्रय स्थल में प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री बांटी। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ की संभावित वजह माना।

    बाणसागर डैम के 6 गेट खोले

    शहडोल का बाणसागर डैम भी लबालब हो चुका है। यहां पानी की आवक 808.64 क्यूमेक्स से बढ़कर 12 घंटे में 2677.29 क्यूमेक्स हो गई। पिछले साल की तुलना में इस बार डैम का जलस्तर 13 सेंटीमीटर अधिक है।

    रविवार दोपहर 12 बजे डैम के 6 गेट खोल दिए गए। इसके बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।

    अगले 3 दिन अति भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में भी कई जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    प्रदेश के ज्यादातर बांधों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के बांधों की स्थिति में सुधार हुआ है। अधिकांश बांधों में 70% तक पानी आ चुका है। कुछ बांधों के गेट भी खोले जा चुके हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों की स्थिति अभी बेहतर नहीं है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट खाली है। बड़ा तालाब फुल होने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.2 इंच बारिश, सामान्य से 3.2 इंच कम

    IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 700 मिमी यानी 27.2 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 30.4 इंच (772.3 मिमी) की तुलना में यह करीब 3.2 इंच कम है। प्रदेश में ओवरऑल बारिश 9% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई है।

    39 जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी औसत से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के अनुसार अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • सतना समेत 4 जिलों में बाढ़, चित्रकूट में बड़ा पुल बहा, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    सतना समेत 4 जिलों में बाढ़, चित्रकूट में बड़ा पुल बहा, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। अगस्त की विदाई के साथ मध्य प्रदेश में एक बार फिर बाढ़ के हालात बन गए हैं। शनिवार को छतरपुर, पन्ना, सतना और टीकमगढ़ में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए और कई इलाके जलमग्न हो गए। चित्रकूट में गोरगी बांध फूटने से हालात बिगड़ गए। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही और तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल बह गया। सतना में रेलवे ट्रैक और थाने तक पानी में डूब गए, जबकि पन्ना के कई गांव टापू में तब्दील हो गए। मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    बांध फूटने के बाद चित्रकूट में बिगड़े हालात

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के कारण बारिश का सिस्टम मजबूत हुआ है। इसके चलते शनिवार को कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई और नदी-नाले उफान पर आ गए।

    चित्रकूट में गोरगी बांध फूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। सतना-चित्रकूट मार्ग तीन स्थानों से बंद हो गया। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट ऊंचाई तक उफान पर रही। तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल बह गया। कई मोहल्लों में नाव चलाकर लोगों को बाहर निकाला गया। रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हो गए, जबकि घाट किनारे की करीब 400 दुकानें पानी में डूब गईं।

    बाढ़ का पानी नयागांव राजमहल के अंदर तक पहुंच गया। कई लोग घरों और होटलों में फंसे रहे। SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं।

    सतना में रेलवे ट्रैक और थाने में घुसा पानी

    सतना के मझगवां में बाढ़ का पानी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। इसके कारण आनंद विहार से रीवा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन कई घंटे तक खड़ी रही। नागौद में थाने और पेट्रोल पंप में पानी भर गया।

    कोठी में एक मकान गिरने से चार भैंस मलबे में दब गईं। इनमें दो की मौत हो गई। वहीं, पन्ना में बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया और वे टापू जैसे नजर आए।

    शनिवार को बानसुजारा बांध के आठ गेट खोलकर धसान नदी में 792 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा गया।


    आज इन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    रविवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    प्रदेश में अब तक 27 इंच बारिश

    IMD के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 694.5 मिमी यानी करीब 27 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 762.3 मिमी यानी 30 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब भी 2.7 इंच कम बारिश हुई है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 9% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश अब भी सामान्य से 19% तक कम है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    प्रदेश के अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • एमपी के पूर्वी हिस्से में 4 दिन रहेगा बारिश का दौर, 7 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी के पूर्वी हिस्से में 4 दिन रहेगा बारिश का दौर, 7 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल पूर्वी हिस्से तक सीमित रहने के आसार हैं। शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश हो सकती है। राजधानी भोपाल में रिमझिम बारिश होने की संभावना है, जबकि इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश के आसार कम हैं।

    जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इन इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ एक्टिव

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के ऊपर लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और मानसून ट्रफ सक्रिय हैं। हालांकि इन सिस्टम का प्रभाव पूरे मध्य प्रदेश में नहीं है। इसी कारण सभी जिलों में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है। पूर्वी हिस्से में अगले चार दिन बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं।

    सामान्य से 2.6 इंच कम बारिश

    प्रदेश में अब तक 683.9 मिमी यानी 26.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह इस अवधि की सामान्य बारिश 750.9 मिमी यानी 29.5 इंच से 2.6 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 9% कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बारिश 6% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम रही है।

    37 जिलों में 1 से 49% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, डिंडौरी और निवाड़ी में 1% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 4% से 50% तक कम पानी गिरा है।

    18 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अब तक 26.5 इंच बरसा पानी, 37 जिले अब भी बारिश में पिछड़े

    MP के 7 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अब तक 26.5 इंच बरसा पानी, 37 जिले अब भी बारिश में पिछड़े


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का दौर जारी है। शुक्रवार को जबलपुर और सागर संभाग के 7 जिलों—टीकमगढ़, छतरपुर, कटनी, सीधी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल में हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी शामिल हैं।

    28 से 30 अगस्त तक गरज-चमक के आसार

    IMD भोपाल के अनुसार, 28 से 30 अगस्त तक प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि, इस दौरान कुछ चुनिंदा जिलों में ही तेज बारिश होगी। 29 अगस्त को शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट, जबकि 31 अगस्त को मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, सिस्टम के कमजोर होने से प्रदेश में तेज बारिश का दौर कुछ समय के लिए थम सकता है और कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।

    अब तक 26.5 इंच बारिश, कोटे की 71%

    मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 674.6 मिमी यानी 26.5 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 742.3 मिमी यानी 29.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 2.7 इंच यानी करीब 9% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 6% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश दर्ज की गई है।

    37 जिलों में कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 1 से 49% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4 से 50% तक कम पानी गिरा है।

    18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    अब तक अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा और शहडोल संभाग में रहेगा ज्‍यादा सर

    MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा और शहडोल संभाग में रहेगा ज्‍यादा सर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 17 जिलों में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहेगा। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से चार इंच तक बारिश हो सकती है।

    इन 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    शिवपुरी, विदिशा, गुना, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, उमरिया, शहडोल, मंडला और अनूपपुर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इन जिलों में भी बारिश के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली और मैहर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    निवाड़ी में नाले में बही 8 साल की बच्ची

    इससे पहले निवाड़ी, भोपाल, ग्वालियर, छतरपुर और मंदसौर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। निवाड़ी में बकरियों के लिए चारा लेने खेत की ओर जा रही 8 साल की बच्ची उफनते नाले में बह गई।

    छतरपुर के जयशंकर धाम में बारिश का शानदार नजारा देखने को मिला। इसे बुंदेलखंड का केदारनाथ भी कहा जाता है। वहीं भोपाल में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। सीहोर में भी जोरदार बारिश के दौरान काले घने बादलों से दिन में अंधेरा छा गया।

    27-28 अगस्त को बारिश, 29 से ब्रेक

    मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अगस्त को प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 29 और 30 अगस्त को कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। यानी प्रदेश में दो दिन बारिश के बाद ब्रेक के आसार हैं। सितंबर की शुरुआत में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    तीन सिस्टम करा रहे बारिश

    मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में मानसून ट्रफ, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अगले दो दिन तक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होने से बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

    39 जिलों में 3% से 50% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में 3% से 50% तक कम पानी गिरा है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 3% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के अनुसार अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में आज 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, टीकमगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश के आसार

    MP में आज 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, टीकमगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश के आसार


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    30 जिलों में भी बारिश का दौर
    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    भोपाल में तेज बारिश, विदिशा के बाजार में भरा पानी
    सोमवार को भोपाल समेत कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। भोपाल के कई इलाकों में तेज बारिश के चलते यातायात प्रभावित हुआ। वहीं विदिशा के बाजार में पानी भरने से दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रायसेन और शाजापुर में भी बारिश का असर देखने को मिला।

    पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम में औसतन 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिवपुरी के करैरा में 5.4 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच, सागर के रहली में 3 इंच, भोपाल के कोलार में 3.2 इंच, नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच बारिश हुई।

    लो प्रेशर और ट्रफ से बदला मौसम
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ सक्रिय हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 6% से 51% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 49% तक कम पानी गिरा है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में भारी बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-बालाघाट में 8 इंच तक गिर सकता है पानी, 3 दिन एक्टिव रहेगा स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    MP में भारी बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-बालाघाट में 8 इंच तक गिर सकता है पानी, 3 दिन एक्टिव रहेगा स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया से बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। डिंडौरी और बालाघाट में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। दोनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    भोपाल में तेज बारिश, लटेरी में बाजार में भरा पानी

    इससे पहले रविवार रात भोपाल में तेज बारिश हुई। वहीं विदिशा जिले के लटेरी में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे मेन बाजार की सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    27 अगस्त तक बारिश के आसार

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा। 27 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। पूर्वी हिस्से के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक 24.8 इंच बारिश

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 1 जून से अब तक 629.8 मिमी यानी 24.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 707.3 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 3 इंच यानी 11% कम बारिश हुई है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 8% और पश्चिमी हिस्से में 14% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 6% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 48% तक कम बारिश हुई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    प्रदेश के 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं।

  • देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम

    देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम


    भोपाल 22 अगस्त 2026 को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ इलाकों में भारी वर्षा के साथ गरज चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम में बदलाव का असर सामान्य जनजीवन के साथ यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

    मध्य प्रदेश की बात करें तो 22 अगस्त की सुबह से 23 अगस्त की सुबह तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रायसेन नर्मदापुरम दतिया भिंड सिंगरौली सीधी छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट पन्ना दमोह सागर छतरपुर टीकमगढ़ निवाड़ी और पांढुर्णा में भारी बारिश के साथ गरज चमक और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

    भोपाल में भी 22 अगस्त को मौसम सुहावना रहने के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल में शनिवार को न्यूनतम तापमान करीब 20.3 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 26.4 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अगले कुछ दिनों में भी शहर में बादल और कहीं कहीं बारिश की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    देश के दूसरे हिस्सों में भी 22 अगस्त को मौसम पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर पश्चिम बंगाल पंजाब राजस्थान मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है जबकि निचले इलाकों में जलभराव की परेशानी सामने आ सकती है।

    लगातार बारिश वाले इलाकों में नदी नालों और छोटे जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदान पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है। वाहन चालकों को भी तेज बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाली सड़कों से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    मौसम के इस बदले मिजाज का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। जहां बारिश फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है वहीं अत्यधिक वर्षा से खेतों में जलभराव और फसल को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की जरूरत है।

    कुल मिलाकर 22 अगस्त को मानसून कई क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाला है। मध्य प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है जबकि भोपाल समेत कई इलाकों में बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें और भारी बारिश या आंधी की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करें।

  • MP में बारिश का जोर, 16 जिलों में अलर्ट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

    MP में बारिश का जोर, 16 जिलों में अलर्ट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी है। मानसून ट्रफ, चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया के असर से पिछले दो दिनों से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। शनिवार को भी 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और अशोकनगर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    24 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में इस समय तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से पूर्वी हिस्से के साथ उत्तर और मध्य मध्यप्रदेश में भी बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर बना रहने की संभावना है।

    उन्होंने बताया कि 24 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।

    रीवा में सड़कों पर पानी, नदियों का बढ़ा जलस्तर

    विंध्य क्षेत्र में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर देर रात तक चलता रहा। रीवा शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कें जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

    लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। मऊगंज, सतना और चित्रकूट में नदियां उफान पर हैं।

    नागौद में एक दिन में 6.4 इंच बारिश

    सतना जिले के नागौद में पिछले 24 घंटे में 6.4 इंच बारिश दर्ज की गई। यह इस मानसून सीजन में जिले में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है।

    सतना में 1 जून से 21 अगस्त तक औसतन 32.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 5 इंच अधिक है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    नर्मदा-मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

    पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। नर्मदा और मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। पन्ना में केन, मिढ़ासन, व्यारमा और पतने नदी में भी उफान है। तेंदुघाट बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है।

    उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट एक-एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    स्कूल बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा

    बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मैहर और डिंडौरी में शुक्रवार को स्कूल बंद रहे थे। डिंडौरी में आंगनवाड़ियों को भी बंद रखा गया। पन्ना में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार और शनिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।

    सीधी के रामपुर नैकिन में भवरसेन पहाड़ की मिट्टी और पत्थर सड़क पर आ जाने से यातायात बाधित हुआ। इससे करीब 30 गांवों का मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।

    मैहर में 7 फीट पानी में फंसा ट्रक, पुलिस ने बचाया

    मैहर में गुरुवार देर रात मर्जुआ नाला पार करते समय एक ट्रक करीब 7 फीट गहरे पानी में फंस गया। सूचना मिलने पर मुकुंदपुर चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से रस्से के जरिए ट्रक ड्राइवर राकेश साहू और क्लीनर इंद्रकमल द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    सतना में सेमरावल नदी का पानी पुल के ऊपर आने से सेमरिया रोड बंद है। वहीं कोठी क्षेत्र के पवैया विद्युत सब स्टेशन में बारिश का पानी भर गया। कोटर तहसील के अबेर गांव में अलहा तालाब की मेड़ टूटने से पानी बस्ती में घुस गया।

    MP में अब तक 24 इंच बारिश, फिर भी 11% कमी

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 609.2 मिमी यानी करीब 24 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 685.3 मिमी यानी करीब 27 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 3 इंच बारिश कम हुई है और ओवरऑल 11% बारिश की कमी है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 10% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश हुई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में 5% से 60% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 37% तक कम बारिश हुई है।

    इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    अनूपपुर, डिंडौरी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।