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  • MP में मानसून जैसा सिस्टम एक्टिव, 3 दिन भारी बारिश के आसार, 29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा असर

    MP में मानसून जैसा सिस्टम एक्टिव, 3 दिन भारी बारिश के आसार, 29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय सिस्टम के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 28 से 30 अक्टूबर तक भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मंगलवार को जबलपुर सहित 11 जिलों में आंधी-बारिश होने का अनुमान है, जबकि 29 अक्टूबर को इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।

    बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम, पूर्वी MP में ज्यादा असर

    मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब अब गंभीर चक्रवातीय तूफान में बदल गया है। 27 अक्टूबर से इसके और मजबूत होने का अनुमान है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

    29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा बारिश की संभावना

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को सिस्टम का असर सबसे अधिक रह सकता है। इसी दिन करवा चौथ भी है। ऐसे में बादल और बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में रात को चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है।

    सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान साढ़े चार इंच से ज्यादा बारिश होने की आशंका है।

    वहीं, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    30 अक्टूबर को भी इन जिलों में बारिश के आसार

    बारिश का दौर 30 अक्टूबर को भी जारी रह सकता है। इस दिन छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर और शहडोल में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में मौसम का असर ज्यादा रहने का अनुमान है।

    पचमढ़ी में रात का पारा 13 डिग्री पर पहुंचा

    बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ने लगी है। बीती रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कटनी के करौंदी में 13.9 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 14.2 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 14.7 डिग्री और मंडला में 14.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    दूसरी ओर, दिन के तापमान में भी करीब एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, उज्जैन, गुना, नर्मदापुरम, धार, ग्वालियर, इंदौर, खजुराहो और सागर में अधिकतम तापमान 35 से 35.5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।

  • MP में 31.1 इंच तक गिर चुका पानी, 12 जिले सामान्य से आगे, 4 दिन रीवा-शहडोल में होगी तेज बारिश

    MP में 31.1 इंच तक गिर चुका पानी, 12 जिले सामान्य से आगे, 4 दिन रीवा-शहडोल में होगी तेज बारिश


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब तक सीजन के सामान्य बारिश के कोटे का 83.5% पूरा कर चुका है। प्रदेश में औसतन 31.1 इंच यानी 790.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। भोपाल समेत 12 जिलों में बारिश सामान्य से अधिक है, जबकि 31 जिले अभी भी औसत से पीछे चल रहे हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश का फोकस प्रदेश के पूर्वी हिस्से में रहने की संभावना है।

    12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    अब तक सामान्य से अधिक बारिश वाले जिलों में भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया शामिल हैं।

    वहीं उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में सामान्य बारिश का 90% से ज्यादा कोटा पूरा हो चुका है।

    पूर्वी MP में सबसे ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में सबसे कम पानी

    पूरे मानसून सीजन में बारिश के लिहाज से प्रदेश के पूर्वी हिस्से की स्थिति बेहतर रही है। इसके उलट इंदौर-उज्जैन संभाग वाले पश्चिमी हिस्से में सबसे कम बारिश हुई है।

    जिलेवार आंकड़ों में मऊगंज सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 53 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच पानी गिरा है।

    11 सितंबर तक रीवा-शहडोल में बारिश

    मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में इस दौरान हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर के बाद नया सिस्टम सक्रिय होने पर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    सामान्य से 2 इंच कम, कुल कमी 6%

    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 790.8 मिमी यानी 31.1 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 840.6 मिमी यानी 33.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक करीब 2 इंच कम बारिश हुई है और ओवरऑल कमी 6% है।

    क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से 1% ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा है।

    31 जिलों में 3% से 54% तक कमी

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश करीब 1% तक कम है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 3% से 23% तक कम बारिश हुई है।

    हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी हिस्से के आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस दौरान कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ा। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा बारिश के मामले में सामान्य से आगे पहुंचा है और सोमवार तक यहां 1% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी हिस्से के कई जिले अब भी पीछे

    पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति अभी भी कमजोर है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य के मुकाबले 7% से 54% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

  • MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी

    MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में सितंबर महीना शुरू होने के साथ सुबह का नजारा शीत ऋतु के आगमन की आहट देने लगा है. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) अभी कमजोर पड़ता नहीं दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

    कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और इंडो-गंगेटिक प्लेन में सक्रिय ट्रफ की वजह से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मॉनसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं. अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान है।


    दिल्ली-NCR में तेज हवा, बारिश का अलर्ट

    दिल्ली में 7 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. हरियाणा-चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी 7 सितंबर को बारिश की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रह सकता है।


    यूपी में भी आंधी, तेज बारिश का अनुमान

    उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को पश्चिमी हिस्सों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. लखनऊ में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के साथ जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।


    उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का खतरा

    उत्तराखंड में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. इसके अलावा 10 से 12 सितंबर के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां तेज रह सकती हैं. देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रपुर, काशीपुर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मिट्टी के कटाव का खतरा बना हुआ है।


    मध्य भारत में भी बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मॉनसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है. विदर्भ में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. भोपाल में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश

    बिहार में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

    झारखंड में 8 से 11 सितंबर के दौरान बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के दौरान बारिश का अनुमान है. राज्य के कुछ इलाकों में पहले से बने बाढ़ जैसे हालात के बीच बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।


    महाराष्ट्र में भी बारिश की संभावना

    महाराष्ट्र में 7 से 12 सितंबर के दौरान कोंकण और गोवा के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है. कोंकण तट पर कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. मुंबई में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.


    पूर्वोत्तर राज्यों में भी मॉनसून सक्रिय

    पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून की गतिविधियां जारी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक बारिश का अनुमान है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी इस दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में 9-10 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।


    दक्षिण भारत में हल्की बारिश

    दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं. 7 से 12 सितंबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 7 से 10 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।


    मछुआरों के लिए भी चेतावनी

    मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. अरब सागर में 11 सितंबर तक सोमालिया और ओमान तट के आसपास के कुछ हिस्सों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी में 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका के पास समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।

  • देशभर में 11 सितंबर तक भारी बारिश के आसार… उत्तराखंड-हिमाचल में फ्लैश फ्लड की चेतावनी

    देशभर में 11 सितंबर तक भारी बारिश के आसार… उत्तराखंड-हिमाचल में फ्लैश फ्लड की चेतावनी


    नई दिल्ली।
    देशभर में मौसम प्रणालियों (Weather systems) की सक्रियता के चलते उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तमाम हिस्सों में 11 सितंबर तक तेज बारिश (Heavy rain), आंधी-तूफान की संभावना है। कुछ इलाकों में बिजली भी गिर सकती है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड (Uttarakhand) के आठ और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के एक जिले में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ (Flash flood) का खतरा है। बिहार में प्रमुख नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने से बाढ़ का कहर बरकरार है और 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई है।


    आईएमडी की बुलेटिन में क्या?

    भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से शनिवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तराखंड के बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों व हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में 6 सितंबर सुबह 11:30 बजे तक अचानक बाढ़ आ सकती है। पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 सितंबर तक व्यापक वर्षा के आसार हैं।

    एमपी में बारिश का कहर जारी: आज 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
    मध्यप्रदेश में मानसून अब बाढ़ और उफनती नदियों वाला दौर दिखा रहा है। पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के बाद अब पश्चिम और उत्तरी जिलों में भी मानसून सक्रिय है। नर्मदा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। भोपाल के भदभदा और कलियासोत के साथ बरगी बांध के गेट भी खोले गए हैं। नदी-नालों के उफान और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कई इलाकों में लोगों को सतर्क किया गया है। मौसम केंद्र ने रविवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, जबलपुर, मंडला, रीवा, सीधी, सिंगरौली समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।


    राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव, 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

    राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को जयपुर समेत कई जिलों में दिनभर बारिश हुई। आज भी 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। सवाई माधोपुर, बारां, बूंदी और कोटा में कई जगह नदी की रपट डूब गईं। बारिश के कारण पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में दिन के तापमान में 6 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा और सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। इससे दिन में भी मौसम ठंडा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार बारिश का दौर 8 सितंबर तक जारी रह सकता है। इसके बाद करीब एक सप्ताह तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है।


    हिमाचल में परियोजना को नुकसान

    हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले के काशापाट पंचायत के कंडे में शुक्रवार रात बादल फटने से नोगली खड्ड में बाढ़ आ गई। इससे सेरीपुल स्थित गंगाधारी जलविद्युत परियोजना के भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का पानी अपने साथ बड़ी मात्रा में मलबा लेकर आया, जो प्रोजेक्ट की संरचनाओं के आसपास जमा हो गया है। प्रदेश में 85 सड़कें, 51 पेयजल योजनाएं और 29 बिजली ट्रांसफार्मर भी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचे इलाकों में शनिवार को मौसम की पहली बर्फबारी हुई। गुमरी-जोजिला मार्ग के ऊंचे पहाड़ों, गुलमर्ग के ऊंचे इलाकों और पीर पंजाल रेंज में ऊंचे इलाके बर्फ से चमक उठे। ताटाकूटी पीक की चोटी और ऊपरी ढलानों पर भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई।


    मध्य और पूर्वी भारत में बढ़ा खतरा

    आईएमडी के अनुसार, मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6-7 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 5-8 सितंबर, छत्तीसगढ़ में 8-11 सितंबर और विदर्भ में 11 सितंबर को व्यापक वर्षा का अनुमान है। पूर्वी भारत के अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 सितंबर तक व्यापक वर्षा होगी। बिहार में 7 से 11 सितंबर तक भारी बारिश होगी।


    क्यों हो रही है इतनी बारिश?

    मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र शनिवार सुबह कमजोर होकर उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश व दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित हो गया है, जिसके अगले दो दिनों में पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही निचले क्षोभमंडल में दक्षिणी हरियाणा से दक्षिणी असम तक और दक्षिणी गुजरात से उत्तरी बांग्लादेश तक दो अलग-अलग निम्न दबाव के क्षेत्र सक्रिय हैं।

  • MP में बारिश का दौर जारी, आज 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

    MP में बारिश का दौर जारी, आज 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर उत्तर की ओर बढ़ गया है। पूर्वी हिस्से में लंबे समय तक सक्रिय रहे मानसूनी सिस्टम का असर अब ग्वालियर-चंबल के साथ सागर और उज्जैन संभाग में ज्यादा दिखाई देगा। मौसम विभाग ने शनिवार को 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। श्योपुर और शिवपुरी के लिए ऑरेंज अलर्ट है। लगातार बारिश और कई इलाकों में बने बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए 7 जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

    शनिवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    7 जिलों में बच्चों की छुट्टी

    बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए 5 सितंबर को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मुरैना, भिंड, ग्वालियर और रायसेन में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मुरैना में स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। श्योपुर और गुना में नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों का अवकाश रहेगा, जबकि भिंड और ग्वालियर में नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं नहीं लगेंगी। शिवपुरी में सभी शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। रायसेन में सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के लिए छुट्टी घोषित की गई है।

    6 सितंबर तक सिस्टम का असर

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश कराने वाला सिस्टम 6 सितंबर को भी सक्रिय रहेगा। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना है। हालांकि, इंदौर में इस दौरान तेज बारिश की संभावना कम है।

    MP में 762.7 मिमी पानी बरसा

    मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 762.7 मिमी यानी करीब 30 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 816 मिमी यानी 32.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में कुल बारिश अभी भी सामान्य से 7% कम है।

    बारिश के आंकड़ों में क्षेत्रीय अंतर भी साफ नजर आ रहा है। पूर्वी मध्यप्रदेश में अब सामान्य से 3% ज्यादा पानी गिर चुका है, जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश का आंकड़ा औसत से 15% कम है।

    बाढ़ से सुधरे पूर्वी हिस्से के आंकड़े

    पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा करीब 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 4% से 23% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    हालांकि पिछले एक सप्ताह की लगातार बारिश ने इस अंतर को काफी कम किया है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में इसी दौरान बाढ़ जैसे हालात बने हैं। इसका असर बारिश के आंकड़ों पर भी पड़ा और सीजन में पहली बार यह क्षेत्र सामान्य बारिश से आगे निकल गया।

    पश्चिमी MP के 22 जिलों में बारिश की कमी

    पश्चिमी हिस्से में स्थिति इसके उलट है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5% से 54% तक कम बारिश हुई है।

    इन 24 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    प्रदेश के 24 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच चुका है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

  • MP-UP से लेकर दिल्ली- NCR तक…… आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी…. अलर्ट जारी

    MP-UP से लेकर दिल्ली- NCR तक…… आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    देश के कई हिस्सों में 4 सितंबर को जन्मष्टामी (Janmashtami) के दिन मॉनसूनी गतिविधियां (Monsoon activities) तेज रहने का अनुमान है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत के कई इलाकों में भारी बारिश (Heavy rain) की चेतावनी जारी की है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश और गरज-चमक का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है. इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. इस सिस्टम के असर से मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।


    दिल्ली-NCR में पड़ सकते हैं बारिश के दौर

    दिल्ली-NCR में शुक्रवार को ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश के साथ गरज-चमक होने का अनुमान है. दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है. राजधानी के कई हिस्सों में बुधवार शाम हुई बारिश से उमस भरे मौसम से राहत मिली थी. बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, 4 सितंबर को भी अचानक तेज बौछार, आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 9 सितंबर तक कहीं-कहीं से लेकर बिखरी हुई बारिश जारी रह सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।


    मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश के आसार

    मध्य प्रदेश बारिश के प्रमुख केंद्रों में रह सकता है. पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं बेहद भारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. इससे पहले 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश हुई. कई जगहों पर 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. राजनगर में 19 सेंटीमीटर और खजुराहो में 18 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. मध्य प्रदेश के अलावा विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 9 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है।


    यूपी में भारी बारिश, फ्लैश फ्लड का खतरा

    उत्तर प्रदेश में भी 4 सितंबर को मौसम खराब रहने के आसार हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बारिश, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी बड़े से लेकर व्यापक इलाके में बारिश हो सकती है. कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। आईएमडी ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ के कम से मध्यम खतरे की भी चेतावनी दी है. यह खतरा खासतौर पर उन इलाकों में ज्यादा हो सकता है जहां जमीन पहले से गिली है और लगातार बारिश हो रही है।


    उत्तर भारत के इन राज्यों में भी है रेन अलर्ट

    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।


    पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मॉनसून

    पूर्वोत्तर भारत में भी 4 सितंबर को बारिश का दौर तेज रह सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।


    पश्चिम और दक्षिण भारत में होगी बारिश

    पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान है. गुजरात, महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में अलग-अलग से लेकर छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है. हालांकि, तटीय कर्नाटक में कई जगहों से लेकर व्यापक इलाकों में बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

  • मंदाकिनी फिर उफान पर, खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर पहुंचा पानी, रामघाट जलमग्न

    मंदाकिनी फिर उफान पर, खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर पहुंचा पानी, रामघाट जलमग्न

    चित्रकूट। मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर आ गई। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 126.50 मीटर को पार कर करीब 4.5 मीटर ऊपर पहुंच गया। इसके चलते रामघाट सहित आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फिर भर गया। घाट किनारे बनी दुकानें, मकान, आश्रम और होटल जलमग्न हो गए। रामघाट से कामतानाथ, आरोग्यधाम और जानकीकुंड जाने वाली सड़कें भी पानी में डूब गईं, जिससे इन मार्गों पर नाव चलानी पड़ी।

    कुछ घंटों में बिगड़े हालात, फिर डूबीं दुकानें
    मंगलवार सुबह करीब 4 बजे मंदाकिनी का जलस्तर 126.40 मीटर था, जो खतरे के निशान से सिर्फ 10 सेंटीमीटर नीचे था। इसके बाद मध्य प्रदेश और चित्रकूट क्षेत्र में रातभर हुई तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही घंटों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई।

    रामघाट में दोबारा पानी भरने से दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई। एक दिन पहले ही की गई साफ-सफाई भी बाढ़ के पानी में बह गई। घरों और दुकानों में पानी घुसने के बाद कई लोग ऊपरी मंजिलों पर चले गए। होटल और आश्रमों में ठहरे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कें जलमग्न होने से लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

    भरत मंदिर में पुजारी समेत 15 लोग फंसे
    रामघाट स्थित भरत मंदिर में पुजारी श्यामजी पांडेय समेत करीब 15 लोग पानी के बीच फंसे हुए हैं। पुजारी के मुताबिक मंदिर के सभी कमरे पानी में डूब गए हैं और वहां रखा राशन भी खराब हो गया है। उनका कहना है कि अब तक मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा है।

    डीएम पुलकित गर्ग ने बताया कि तेज बारिश के कारण मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई थी। कई लोगों के लिए रैन बसेरों में ठहरने और भोजन-पानी की व्यवस्था की गई है। डीएम ने कहा कि किसी भी मंदिर में पुजारी या अन्य लोग रुके हैं तो उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।

    29 अगस्त की बाढ़ में 563 घर क्षतिग्रस्त
    चित्रकूट में 29 अगस्त को आई बाढ़ को अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ बताया गया था। इस दौरान करीब 563 घरों के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट सामने आई है। टीमें लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं। मंगलवार सुबह फिर आई बाढ़ से रामघाट, तरौंहा सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन अब तक 700 से अधिक राशन किट बांट चुका है।

    कानपुर और आसपास के जिलों में 4 मौतें
    लगातार बारिश के बीच पिछले 24 घंटे में कानपुर और आसपास के जिलों में कच्चे मकान और दीवार गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हुए हैं।

    कानपुर के महाराजपुर में मंगलवार सुबह कच्चा मकान गिरने से मलबे में दबकर शकुंतला विश्वकर्मा (56) की मौत हो गई। हरदोई के बेनीगंज में सोमवार रात कच्ची दीवार गिरने से हरिपाल (72) की जान चली गई। लोनार में कच्ची कोठरी ढहने से दंपती समेत चार लोग घायल हुए हैं।

    बांदा के मरका क्षेत्र में सोमवार को कच्चे मकान की दीवार गिरने से हिमांशु (7) की मौत हो गई। वहीं कानपुर देहात के शिवली में मंगलवार सुबह कच्चा घर ढहने से सात माह की मासूम शानवी की मौत हो गई। हादसे में बुजुर्ग दंपती समेत चार लोग घायल हुए हैं।

  • देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी

    देश में फिर सक्रिय हुआ मानसून…. 19 राज्यों में एक सप्ताह भारी बारिश के आसार… अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) एक बार फिर देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिया हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश हुई है। उत्तराखंड में अलग-अलग घटनाओं में 3 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि असम के गुवाहाटी में भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन सदस्य समेत चार जिंदा दफन हो गए। मौसम विभाग ने सक्रिय मानसून के चलते 7 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कम से कम 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी (Heavy rain warning) दी है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में तेज बारिश होने की संभावना है।


    भूस्खलन के कारण जनहानि

    हल्द्वानी से मिली जानकारी के मुताबिक, अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में सोमवार रात भूस्खलन की चपेट में आए घर में सो रही एक महिला और उसके दो बच्चों की दबने से मौत हो गई। जिले के धार की तूनी क्षेत्र में देर रात पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई, जबकि भीमताल बाईपास पर नाले में बहने से चार साल की बच्ची की जान चली गई।


    नदी के उफान में बह गईं मां-बेटी

    देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में मंगलवार तड़के बरसाती रपटे में आए तेज बहाव से दो गाड़ियां बह गई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को बचा लिया गया। कोटद्वार में कोल्हू नदी के उफान में महिला और उसकी एक साल की बेटी बह गई।


    उत्तराखंड में नदियां उफनाई, रास्ते बंद

    उत्तराखंड में कई नदियां उफान पर हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में बारिश से सभी नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नानकसागर बांध से 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शारदा नदी का जलस्तर मंगलवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक होने के कारण बैराज पर चार पहिया वाहनों का संचालन रोक दिया गया। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 1,48,813 क्यूसेक दर्ज किया गया।


    जम्मू-कश्मीर में बारिश से कई रास्ते बाधित

    जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। पुंछ जिले में कई नाले उफान पर आ गए। पुंछ-मेंढर मार्ग पर गांव मंगनाड़ में मंगनाड़ नाले के उफान पर आने से मार्ग करीब दो घंटे बाधित रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कठुआ जिले के बिलावर और रामकोट क्षेत्रों में भी बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में कठुआ में 73 मिलीमीटर, कटड़ा में 62, पुंछ में 38.5 मिमी बारिश हुई।


    नदी का जलस्तर बढ़ा, 6 बच्चों समेत 10 फंसे

    जम्मू-कश्मीर के ही राजोरी जिले में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बीच विभिन्न इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसी दौरान बढून क्षेत्र में जमौला नदी में जलस्तर बढ़ने से 6 बच्चों समेत 10 लोग नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने तत्काल संयुक्त बचाव अभियान चलाकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जमौला नदी में पानी बढ़ने से कुछ लोग अचानक उसमें फंस गए थे। पुलिस जवानों और एसडीआरएफ टीम ने तुरंत पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए नदी में फंसे 10 लोगों, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित बाहर निकाला।


    कालका-शिमला ट्रैक 13 तक बंद

    हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ब्रिज नंबर 57 के पास मिट्टी बहने से नैरो गेज ट्रेनों का संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इस ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनों को 13 सितंबर तक रद्द कर दिया है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और ट्रैक को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।

  • Weather: मानसून फिर हुआ सक्रिय…. दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

    Weather: मानसून फिर हुआ सक्रिय…. दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मौसम विभाग (IMD) ने 14 अगस्त को उत्तर-पश्चिम (North-west), मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत (South India) के कई इलाकों (Rain) में बारिश का अनुमान जताया है. इस दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rain) हो सकती है. वहीं, कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की आशंका है।

    तटीय पश्चिम बंगाल (Coastal West Bengal) के ऊपर बना डिप्रेशन अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर जा सकता है. इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है. मॉनसून ट्रफ भी सक्रिय है और अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।


    दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में बारिश

    दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 14 अगस्त को ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुककर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. आने वाले दिनों में भी इन इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है.


    यूपी में 14 से 18 अगस्त तक होगी बारिश

    उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा. पूर्वी यूपी में 14 से 18 अगस्त तक ज्यादातर इलाकों में बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी यूपी में 15 और 16 अगस्त को कई जगहों पर बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. पश्चिमी यूपी में 14 से 18 अगस्त के बीच भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा.


    हिमाचल और उत्तराखंड के लिए भी अलर्ट

    हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 अगस्त तक कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. 14 अगस्त को दोनों राज्यों में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश की भी आशंका है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी मौसम गीला रहने की संभावना है. 14 अगस्त को यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट बारिश हो सकती है.


    मध्य भारत में भी भारी बारिश का दौर

    छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में मॉनसून का असर तेज रहेगा. 14 अगस्त को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर बारिश हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई इलाकों में बारिश का अनुमान है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़ में स्थिति ज्यादा गंभीर रह सकती है. यहां भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है. लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।


    बंगाल, झारखंड और ओडिशा में बारिश

    पूर्वी भारत में गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा 14 अगस्त को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रह सकते हैं. इन राज्यों में कई से ज्यादातर स्थानों पर बारिश होने और कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड को प्रभावित कर सकता है. इन इलाकों में बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं. गंगीय पश्चिम बंगाल में थंडरस्क्वॉल की स्थिति भी बन सकती है, जहां हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.


    पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत में भी बारिश

    पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा रहेगा. पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कई इलाकों में बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र में भी ज्यादातर स्थानों पर बारिश का अनुमान है और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में छिटपुट से कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है।


    दक्षिण भारत में भी खूब बरसेगा मॉनसून

    दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और केरल में कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका है. आईएमडी के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

    बंगाल की खाड़ी में समुद्र में रहेगा हलचल
    बंगाल की खाड़ी में भी मौसम खराब रहने की संभावना है. 14 अगस्त की सुबह तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और इससे लगे ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों पर 45-55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंकों की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इन क्षेत्रों के आसपास समुद्र के उग्र रहने की आशंका को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास या समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।

  • MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई जिलों में रातभर बरसे बादल, 21 जिलों में अलर्ट

    MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई जिलों में रातभर बरसे बादल, 21 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से कम बारिश के बाद अब मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। रविवार से कई जिलों में हालात बिगड़े और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। राजधानी भोपाल में शनिवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। कभी तेज तो कभी रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया है।

    रायसेन रोड स्थित पटेल नगर, सिटी की वसुंधरा कॉलोनी और शिवनगर समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सोमवार सुबह VIP रोड पर बीच सड़क पेड़ गिरने से जाम की स्थिति बन गई। प्रदेश के 21 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट जारी किया गया है।

    5 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
    मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक, सोमवार को राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट है।

    कई जिलों में तेज बारिश का दौर
    भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    रायसेन में रामलीला मैदान जलमग्न
    रायसेन में बीती रात से हो रही तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। शहर का रामलीला मैदान भी पानी में डूब गया है। लगातार बारिश से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    शुजालपुर में बारिश से किसानों को राहत की उम्मीद
    शुजालपुर में सोमवार तड़के करीब 3 बजे से तेज बारिश शुरू हुई। मानसून सीजन में यह पहला मौका है जब यहां इतनी तेज बारिश का दौर आया है। इससे किसानों और व्यापारियों की चिंता कुछ कम हुई है। आधा सावन बीतने के बावजूद कम बारिश के कारण शुजालपुर की नेवज और जमधड़ नदियों में पानी की धार नहीं चल पा रही थी। अब बारिश के बाद नदी-नालों में पानी आने की उम्मीद बढ़ी है।

    सीहोर में नदी-नाले उफान पर
    सीहोर के श्यामपुर क्षेत्र में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात मूसलाधार बारिश हुई। इसके बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और कई घरों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। सीहोर में रात करीब 12 बजे से तेज बारिश लगातार जारी है। सीवन नदी चद्दर पुल के ऊपर से बह रही है, जबकि सीटू नाला भी मछली पुल के ऊपर से पानी बहा रहा है।

    विदिशा में सड़कों पर भरने लगा पानी
    विदिशा में रविवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। सोमवार सुबह बारिश ने जोर पकड़ा, जिसके चलते शहर की सड़कों पर पानी भरने लगा। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।