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  • होर्मुज के बाद लाल सागर में भी बढ़ा तनाव….. फिर भी Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट

    होर्मुज के बाद लाल सागर में भी बढ़ा तनाव….. फिर भी Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट


    नई दिल्ली।
    ग्लोबल ऑयल सप्लाई के दो अहम रास्ते तनाव में फंसे हुए हैं. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी कर रखी है. जबकि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर का टेंशन बढ़ा दिया है. तनाव के बीच भी कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है. जो तेल 101 डॉ लर प्रति बैरल के आंकड़े को फिर से छू चुका था,वो गिरकर 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है।

    26 जुलाई को कच्चे तेल की कीमत (Crude Oil Price) में बड़ी गिरावट देखने को मिली. कच्चा तेल 2.29 डॉलर तक गिर गया. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 2.29 फीसदी की गिरावट के साथ 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसी तरह से WTI 1.87 फीसदी फिसलकर 90.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    क्यों गिरा कच्चे तेल का भाव ?
    अमेरिका-ईरान युद्ध (America-Iran War) की वजह से होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता बंद है. इस रास्ते से दुनिया के 20 फीसदी तेल सप्लाई का आयात-निर्यात होता है. होर्मुज पर पहरा जारी ही है, इस बीच लाल सागर में भी टेंशन बढ़ गई है.यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच सीधा टकराव बढ़ गया है. हूतियों ने लाल सागर में सऊदी के कार्गों को निशाना बनाया, जिसके बाद से बदले की कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब ने हूतियों के नियंत्रण वाले यमन के हुदैदाह शहर में हवाई हमले किए. दूसरी ओर अमेरिका की ओर से हूती विद्रोहियों और ईरान दोनों को चेतावनी दी जा रही है. इस टेंशन ने कच्चे तेल की सप्लाई पर खतरा पैदा कर दिया है।


    क्यों गिरा कच्चा तेल?

    दरअसल 13 दिन की बमबारी के बाद ट्रंप ने ईरान (Iran) में अचानक हमला रोक दिया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान पर नए सैन्य हमलों को फिलहाल रोक दिया है. ओमान की ओर से मध्यस्थता किए जाने के बाद ये फैसला लिया गया है. होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और तनाव कम करने को लेकर बातचीत फिर से शुरू हुई है. माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने पर सहमति बन सकती है. अगर ऐसा होता है, तो तेल सप्लाई फिर से जारी हो सकेगी और कच्चे तेल के दाम गिरेंगे. इस खबर ने तेल की कीमतों में तेजी पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।


    भारत में पेट्रोल-डीजल की आज की कीमत क्या है ?

    भारत में पेट्रोल डीजल के दाम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी तेल कंपनियों के घाटे को बढ़ा रही है. पहले ही पेट्रोल-डीजल (Petrol and Diesel) के दाम बढ़ाए जा चुके हैं. देश के 4 महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमत कुछ इस तरह से है…
    – नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20
    – मुंबई: पेट्रोल ₹111.21, डीजल ₹97.83
    – कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51, डीजल ₹99.82
    – चेन्नई: पेट्रोल ₹108.01, डीजल ₹99.55

  • होर्मुज को लेकर फिर बढ़ा तनाव….. ईरान ने दूसरा रास्ता बनाया, ट्रंप ने दिया 24 घंटे का अल्टिमेटम

    होर्मुज को लेकर फिर बढ़ा तनाव….. ईरान ने दूसरा रास्ता बनाया, ट्रंप ने दिया 24 घंटे का अल्टिमेटम


    वाशिंगटन।
    होर्मुज (Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान (America and Iran) में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पिछले चार दिनों से दक्षिणी तटीय इलाकों में धमाके हो रहे हैं। वहीं ईरान ने भी अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बंदर अब्बास, केश्म, मूसा और चाबहार जैसी पोर्ट सिटी में भी धमाके की आवाजें सुनी जा रही हैं। दो सप्ताह पहले किया गया समझौता और सीजफायर एक तरह से खटाई में पड़ गया है।

    इस बार लड़ाई होर्मुज को लेकर है। ईरान ने होर्मुज के अंदर एक अलग रास्ता बना दिया है और उसका कहना है कि इसी रास्ते से जहाजों को उसके नियंत्रण में गुजरना है। जबकि अमेरिका एक अलग कॉरिडोर चलाने के प्रयास में है। ऐसे में लड़ाई होर्मुज के अंदर अलग-अलगर रास्तों को लेकर है।

    अमेरिका ने दिया 24 घंटे का अल्टिमेटम
    अमेरिका के सुझाए रास्ते से जब जहाज गुजरते हैं तो ईरान उनपर हमला कर देता है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि होर्मुज को सार्वजनिक तौर पर खुला हुआ डिक्लेयर कर दिया जाए। अगर 24 घंटे के अंदर ऐसा नहीं किया गया तो बहुत बुरा होने वाला है। बता दें कि होर्मुज के रास्ते से ही दुनियाभर के तेल का पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है। 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद समझौता होने तक इस रास्ते में हजारों जहाज फंसे रहे और पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो गया।

    अमेरिका ने कहा कि ईरान को यह संदेश क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए भेज दिया गया है। ऐक्सियस की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान सार्वजनिक तौर पर ऐलान करे कि होर्मुज सबके लिए खुला है। इसके अलावा ईरान कसम खा ले कि वह किसी भी कमर्शियल शिप को निशाना नहीं बनाएगा। अमेरिका अधिकारियों ने कहा, ट्रंप यही चाहते हैं कि होर्मुज के सारे शिपिंग चैनल बिना किसी शुल्क के खोल दिए जाएं।

    अमेरिका ने कहा कि ईरान पिछले सप्ताह हुए समझौते का उल्लंघन कर रहा है। शनिवार को ओमान और ईरान के अधिकारी मस्कट में मुलाकात कर सकते हैं। अमेरिका के अधिकारी भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। एक दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने उनसे बात करने का अनुरोध किया था और वह बात करने के लिए सहमत हो गए हैं।

    ट्रंप का यह बयान अमेरिकी वायुसेना के ईरान के प्रमुख ठिकानों पर कुछ दिन पहले की गई भीषण बमबारी के बाद आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित महत्वपूर्ण बिजली उपकरण निर्माण संयंत्रों, बड़े बिजली घरों और खारे पानी को मीठा बनाने वाले तटीय बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। तब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उस आर्थिक और तकनीकी क्षमता को पंगु बनाना है जिसका उपयोग सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।