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  • बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद DGCA का सख्त नियम, दो पायलट की शर्त पर ऑपरेटरों ने दी सेवा बंद करने की चेतावनी..

    बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद DGCA का सख्त नियम, दो पायलट की शर्त पर ऑपरेटरों ने दी सेवा बंद करने की चेतावनी..

    नई दिल्ली । उत्तराखंड में बद्रीनाथ के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त कदम उठाया है। चारधाम यात्रा के दौरान संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए अब प्रत्येक हेलीकॉप्टर में दो पायलट की तैनाती अनिवार्य कर दी गई है। यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। हालांकि, इस फैसले के बाद हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बिना चर्चा किए लागू किए गए इस नियम से परिचालन लागत बढ़ेगी और मौजूदा व्यवस्था के तहत सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो जाएगा। ऑपरेटरों ने DGCA और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UGADA) को पत्र लिखकर फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि समाधान नहीं निकला तो वे चारधाम की चार्टर हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद कर सकते हैं।

    दो पायलट की अनिवार्यता पर ऑपरेटरों की आपत्ति

    हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों का कहना है कि दो पायलट रखने का फैसला उनसे बातचीत किए बिना लिया गया है। उनके मुताबिक, इस नियम को लागू करने से कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। प्रत्येक हेलीकॉप्टर में दूसरे पायलट की नियुक्ति करने के साथ उसके वेतन, रहने, आने-जाने और अन्य सुविधाओं पर भी खर्च करना होगा। इससे कंपनियों की परिचालन लागत में काफी वृद्धि होगी।

    ऑपरेटरों ने यह भी कहा है कि चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए निर्धारित चार्टर किराये और सीमित मुनाफे को देखते हुए अतिरिक्त खर्च उठाना आसान नहीं होगा। उनका तर्क है कि बढ़ी हुई लागत यात्रियों पर डालना भी उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वे अब तक DGCA के निर्धारित नियमों का पालन करते हुए हिमालय के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित करते रहे हैं। ऐसे में नए नियम को लागू करने से पहले ऑपरेटरों के साथ बातचीत की जानी चाहिए थी।

    सेवाएं बंद करने की चेतावनी

    ऑपरेटरों ने स्पष्ट किया है कि वे दो पायलट रखने की अनिवार्यता को मौजूदा स्वरूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने DGCA और UGADA से तत्काल बैठक बुलाने और इस फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि विमानन सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है, लेकिन ऐसा समाधान भी होना चाहिए जिससे हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन प्रभावित न हो।

    ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो वे चारधाम यात्रा की चार्टर हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद कर देंगे। इससे यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा पर निर्भर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    हादसे में छह लोगों की हुई थी मौत

    यह पूरा मामला 30 अक्टूबर को बद्रीनाथ के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद सामने आया है। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजकर 15 मिनट पर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर VT-HCX बद्रीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हाथी पर्वत के पास स्वारी खर्क में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह स्थान पांडुकेश्वर के ऊपर जोशीमठ घाटी में स्थित है।

    हेलीकॉप्टर में कुल छह लोग सवार थे। इनमें कर्नाटक के पांच श्रद्धालु और दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु शामिल थे। इस दुर्घटना में सभी छह लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद बचाव अभियान चलाया गया और सभी मृतकों के शव बरामद किए गए।

    इस दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा व्यवस्था और पायलटों की तैनाती को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। अब दो पायलट की अनिवार्यता को लेकर DGCA और ऑपरेटरों के बीच मतभेद सामने आ गए हैं। एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है, वहीं दूसरी तरफ ऑपरेटर बढ़ती लागत और सेवाओं के संचालन पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल इस विवाद का समाधान बातचीत और नियमों पर पुनर्विचार के बाद ही निकल सकता है।

  • जोशीमठ-बद्रीनाथ के बीच हेलिकॉप्टर हादसा, पायलट समेत छह लोग सवार, यात्रियों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी…

    जोशीमठ-बद्रीनाथ के बीच हेलिकॉप्टर हादसा, पायलट समेत छह लोग सवार, यात्रियों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी…

    नई दिल्ली । उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ और बद्रीनाथ के बीच हेलिकॉप्टर हादसे की सूचना से हड़कंप मच गया। चाई गांव के पास हेलिकॉप्टर क्रैश होने की जानकारी सामने आई है। इसमें पायलट समेत कुल छह लोग सवार बताए गए हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सेना की टीमों को घटनास्थल के आसपास भेजा गया है। यात्रियों की स्थिति और हादसे में किसी के हताहत होने को लेकर शुरुआती जानकारी के बाद भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। घटनास्थल पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलिकॉप्टर हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि जोशीमठ के निकट चाई गांव के पास दुर्घटना की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल एयरलिफ्ट करके बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की कामना भी की।

    उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ से देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर जोशीमठ घाटी के नजदीक पहुंचा, जिसके बाद उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और संभावित दुर्घटनास्थल की तलाश शुरू की गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर में कैप्टन हिमांशु पायलट के रूप में मौजूद थे। उनके अलावा पांच यात्री सवार थे। यात्रियों की पहचान प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज के रूप में बताई गई है। हालांकि, इन सभी की वर्तमान स्थिति को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रशासन की ओर से घटनास्थल तक पहुंचने और यात्रियों के बारे में पुष्टि करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना की एक टुकड़ी को संभावित घटनास्थल के आसपास रवाना किया गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव दलों के सामने चुनौती बनी हुई है। हेलिकॉप्टर की आखिरी लोकेशन के आधार पर तलाश की जा रही है। अधिकारियों की प्राथमिकता विमान का सटीक स्थान पता लगाना और उसमें सवार लोगों तक पहुंचना है।

    हादसे के बाद ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने एहतियाती कदम उठाते हुए अपने सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें रोक दी हैं। कंपनी के पूरे बेड़े का संचालन अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों की जानकारी मिलने तक आगे की उड़ानों को रोकना है।

    उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं का पिछला रिकॉर्ड भी चिंता बढ़ाने वाला रहा है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020 से जुलाई 2025 के बीच राज्य में सात हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई थीं। इन हादसों में कुल 21 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2023 से 2025 के बीच छह हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, राज्य में अब तक कितने हेलिकॉप्टर लापता हुए हैं, इसका अलग से कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

    जोशीमठ-बद्रीनाथ मार्ग पर हुई इस घटना के बाद अब सबकी नजरें राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हैं। हेलिकॉप्टर में सवार छह लोगों की वास्तविक स्थिति, दुर्घटना के कारण और घटनास्थल से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

  • हेलीकॉप्टर से लिया अभियान का जायजा, दूसरे चरण में 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य

    हेलीकॉप्टर से लिया अभियान का जायजा, दूसरे चरण में 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य


    शाजापुर।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के साथ प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की फसलों को जंगली जानवरों, विशेषकर कृष्णमृग और नीलगाय से होने वाले नुकसान से बचाने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसी उद्देश्य से शाजापुर जिले में बोमा पद्धति से वन्यजीवों के रेस्क्यू और स्थानांतरण का अभियान चलाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शाजापुर जिले के रंथभंवर पहुंचकर हेलीकॉप्टर से प्रोजेक्ट एंटीलोप ट्रांसलोकेशन के तहत संचालित रेस्क्यू अभियान के दूसरे चरण का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से अभियान की प्रगति तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कैमोफ्लाज्ड मचान से बोमा पद्धति के जरिए कृष्णमृग और नीलगायों को सुरक्षित पकड़ने की प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया।

    31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

    मुख्यमंत्री ने बताया कि शाजापुर जिले में किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष बोमा पद्धति से कृष्णमृग और नीलगायों के रेस्क्यू की शुरुआत की गई थी। दक्षिण अफ्रीका की विशेष टीम की सहायता से वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर निर्धारित वन क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

    प्रोजेक्ट एंटीलोप ट्रांसलोकेशन के अंतर्गत यह अभियान 9 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसके दूसरे चरण में 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक शाजापुर जिले से लगभग 1,236 से अधिक कृष्णमृगों और नीलगायों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।

    रेस्क्यू किए गए कृष्णमृगों को श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट सहित निर्धारित वन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। इनके सुरक्षित परिवहन के लिए 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। साथ ही पशु चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम भी किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू अभियान के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि उन्हें पकड़ने और स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की चोट न पहुंचे।

    दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला अभियान

    डॉ. यादव ने कहा कि हेलीकॉप्टर की सहायता से बोमा पद्धति पर आधारित वन्यजीव रेस्क्यू का यह अभियान दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला प्रयास है। इससे वन्यजीवों के संरक्षण के साथ किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी।

    उन्होंने अभियान में जुटे वन विभाग और प्रशासन की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि परियोजना की सफलता से देश के अन्य राज्यों को भी इस तरह की पहल करने की प्रेरणा मिलेगी।

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अभियान के संचालन, वन्यजीवों के सुरक्षित स्थानांतरण और आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग और प्रशासनिक टीम के सदस्यों के साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया।

  • चारधाम यात्रा: IRCTC की वेबसाइट पर आज से हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग शुरू

    चारधाम यात्रा: IRCTC की वेबसाइट पर आज से हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग शुरू


    देहरादून।
    आज 16 अक्तूबर से नौ नवंबर के बीच हेलीकॉप्टर (Helicopter) से चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) के लिए शुक्रवार को टिकट बुक होंगे। आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.heliyatra.irctc.co.in पर यह बुकिंग की जा सकेगी। यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन ने यह जानकारी दी। हेलीकॉप्टर से चारधाम यात्रा करने के लिए आज टिकट बुक होंगे। आईआरसीटीसी की अधिकृत वेबसाइट पर शाम तीन बजे से बुकिंग विंडो खुलेगी।


    सिर्फ ऑनलाइन ही बुक होंगे टिकट

    उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर की ऑनलाइन टिकट सिर्फ www.heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही बुक हो पाएंगे।


    फर्जी एजेंटों से सावधान रहें

    उन्होंने कहा कि यात्री किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए अनधिकृत व्यक्तियों, ट्रैवल एजेंटों या फर्जी वेबसाइट अथवा लिंक के माध्यम से टिकट बुकिंग न करें।


    प्रभावित न हो कुंभ की तैयारी: बर्द्धन

    देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव और जनगणना की वजह से कुंभ के कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। मुख्य सचिव ने गुरुवार को कुंभ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यों के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए और जो कार्य समानांतर रूप से किए जा सकते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जनगणना व चुनावों के कार्यों के कारण कुंभ के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता प्रभावित न हो यह भी सुनिश्चित किया जाए।


    संस्कृत ग्रामों को पर्यटन से जोड़ेंगे

    उत्तराखंड में आदर्श संस्कृत ग्रामों को अब पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को संस्कृत संस्थानम् के शासी निकाय की तीसरी बैठक में संस्कृत के उत्थान के लिए कई फैसले लिए गए। मुख्य सचिव ने संस्कृत स्पर्धाओं में प्रतिभागियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही संस्कृत के प्रचार के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार करने के साथ ही सूचनात्मक रील्स बनाने, मोबाइल ऐप के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।

  • हेलीकॉप्टर से उतरते समय गिरते-गिरते बचीं US सेकंड लेडी ऊषा वेंस, गोद में था 9 हफ्ते का बच्चा

    हेलीकॉप्टर से उतरते समय गिरते-गिरते बचीं US सेकंड लेडी ऊषा वेंस, गोद में था 9 हफ्ते का बच्चा


    वॉशिंगटन।
    अमेरिका की सेकंड लेडी ऊषा वेंस सोमवार को मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर हेलीकॉप्टर से उतरते समय अचानक लड़खड़ा गईं। उस समय उनका नौ सप्ताह का बेटा एलेक नील वेंस बेबी कैरियर में उनकी गोद से बंधा हुआ था। ऊषा ने तुरंत रेलिंग पकड़कर खुद को संभाल लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

    सीढ़ियों से उतरते समय छूटा कदम

    वीडियो में ऊषा वेंस हेलीकॉप्टर की सीढ़ियों से नीचे उतरती दिखाई दे रही हैं। उनके साथ उनका नौ सप्ताह का बेटा एलेक भी था। सीढ़ियों के निचले हिस्से के पास अचानक उनका कदम चूक गया और वह कुछ क्षण के लिए अपना संतुलन खोती नजर आईं।

    ऊषा ने तुरंत रेलिंग पकड़ ली और खुद को संभाल लिया। इसके बाद उन्होंने अपने बच्चे को देखा और सामान्य रूप से आगे बढ़ गईं। घटना में ऊषा वेंस या उनके बच्चे के घायल होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

    पास खड़े सैन्यकर्मियों ने मदद क्यों नहीं की?

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि हेलीकॉप्टर के पास मौजूद कर्मचारियों या सैन्यकर्मियों ने ऊषा की मदद के लिए आगे कदम क्यों नहीं बढ़ाया। वीडियो में हेलीकॉप्टर के आसपास कई सैनिक नजर आ रहे हैं।

    हालांकि, फुटेज से यह स्पष्ट नहीं है कि सैन्यकर्मियों ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उस समय उनके लिए किसी विशेष सुरक्षा या औपचारिक प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी था या नहीं।

    क्या सैन्य प्रोटोकॉल के कारण नहीं बढ़े आगे?

    मीडिया रिपोर्टों और सैन्य प्रोटोकॉल से जुड़ी जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति या उनके परिवार के सदस्य के विमान या हेलीकॉप्टर से उतरने के दौरान तैनात सैन्यकर्मी अक्सर औपचारिक सलामी और ‘एटेंशन’ की स्थिति में रहते हैं। ऐसे में वीडियो में दिखाई देने वाले सैन्यकर्मियों की प्रतिक्रिया को इसी प्रोटोकॉल के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    बेटी को लेकर बाद में उतरे जेडी वेंस

    अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी ऊषा वेंस के बाद हेलीकॉप्टर से नीचे उतरे। वह अपनी चार वर्षीय बेटी मिराबेल के साथ थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा प्रतीत हुआ कि उन्होंने ऊषा के लड़खड़ाने की घटना को नहीं देखा।

    इसके बाद पूरा परिवार उस विमान की ओर बढ़ गया, जिससे उन्हें एंकोरेज के लिए रवाना होना था।

    नवजात बच्चे के साथ 7.5 घंटे की यात्रा

    यह यात्रा जेडी वेंस के अलास्का दौरे का हिस्सा थी। वह मध्यावधि चुनाव से पहले प्रचार अभियान के लिए अलास्का जा रहे थे। वहां उन्हें रिपब्लिकन नेशनल कमेटी की एक रैली को संबोधित करना था। रैली में रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन के दोबारा चुनाव लड़ने के प्रयास का समर्थन किया जाना था। सुलिवन का मुकाबला डेमोक्रेट मैरी पेल्टोला से है।

    एयर फोर्स टू में सवार होने से पहले वेंस ने बताया था कि ऊषा और उनके कुछ बच्चे भी उनके साथ यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा था कि यह अलास्का यात्रा ऊषा का 50वां अमेरिकी राज्य दौरा होगा।

    जेडी वेंस ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा था कि परिवार अपने नौ सप्ताह के बच्चे को करीब 7.5 घंटे की यात्रा पर साथ ले जा रहा है। उन्होंने कहा था कि अगर बाद में भाषण के दौरान वह थके या तनाव में नजर आएं तो इसकी वजह नवजात बच्चे के साथ की गई लंबी यात्रा हो सकती है।

  • बिहार में बाढ़ राहत बनी आफत: हेलीकॉप्टर से गिरा राशन का पैकेट सिर पर लगा, सारण में बुजुर्ग की मौत

    बिहार में बाढ़ राहत बनी आफत: हेलीकॉप्टर से गिरा राशन का पैकेट सिर पर लगा, सारण में बुजुर्ग की मौत


    सारण। बिहार के सारण जिले में बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने की कोशिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में वायुसेना के हेलीकॉप्टर से गिराए जा रहे सूखे राशन के पैकेट 60 वर्षीय अनिल कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह पर जा गिरे। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी गांव में हेलीकॉप्टर की तेज हवा के कारण एक महिला और उसके दो बच्चे भी घायल हो गए।

    हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने अनिल सिंह का शव सड़क पर रखकर आवागमन रोक दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के समझाने के बाद जाम हटाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया।

    खाना खाने के बाद बैठे थे, तभी गिरा राशन का पैकेट

    मृतक के बेटे अभिनव प्रताप सिंह के मुताबिक, उनके पिता खाना खाने के बाद बैठे हुए थे। इसी दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री के पैकेट गिराए जा रहे थे। एक पैकेट उनके पिता के सिर पर आकर लगा, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद कई और पैकेट उनकी छाती पर भी जा गिरे।

    अनिल कुमार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अखबार हॉकर थे। अमनौर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने भी घटना की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, गंभीर चोट लगने के कारण बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हुई।

    नेपाल से आई बाढ़ से कई प्रखंड प्रभावित

    नेपाल से आई बाढ़ के कारण सारण जिले के कई प्रखंड प्रभावित हैं। इनमें मकेर, अमनौर और परसा सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क सड़क मार्ग से टूट गया है और वे टापू जैसे हालात में पहुंच गए हैं।

    ऐसे गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हवाई मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है। वायुसेना के हेलीकॉप्टर से प्रभावित लोगों के बीच सूखा राशन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसी दौरान परशुरामपुर गांव में राशन के पैकेट गिराने के दौरान यह हादसा हुआ।

    छत पर खड़ी महिला और दो बच्चे भी घायल

    इसी गांव में राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान दूसरा हादसा भी हुआ। रंभा देवी अपने दो बच्चों के साथ घर की छत पर खड़ी होकर हेलीकॉप्टर से गिराई जा रही राहत सामग्री का इंतजार कर रही थीं।

    हेलीकॉप्टर के नीचे से उड़ने के कारण पैदा हुई तेज हवा की वजह से रंभा देवी छत से बगल के मकान पर जा गिरीं। उनके कमर में गंभीर चोट आई है। वहीं, उनके दोनों बच्चों के पैरों में फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

    एक ही गांव में दो हादसों से ग्रामीणों में दहशत

    राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान एक ही गांव में दो हादसे होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एक ओर बाढ़ से लोग परेशान हैं, वहीं राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान हुए हादसे ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और घायल महिला व उसके बच्चों का इलाज कराया जा रहा है।

  • मेक्सिकन नेवी हेलिकॉप्टर उड़ान भरते ही लड़खड़ाकर जमीन पर गिरा… कैमरे में कैद हुई घटना

    मेक्सिकन नेवी हेलिकॉप्टर उड़ान भरते ही लड़खड़ाकर जमीन पर गिरा… कैमरे में कैद हुई घटना


    मेक्सिको।
    सोशल मीडिया (Social media) पर इस समय एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक मेक्सिकन नेवी का हेलिकॉप्टर (Mexican Navy Helicopter Crash) उड़ान भरते ही अचानक लड़खड़ा कर गिर जाता है. इस वीडियो ने मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) को झकझोर कर रख दिया है. दावा किया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो मेक्सिको के मिशोआकान (Michoacan) राज्य में लाजारो कार्डेनास (Lazaro Cardenas) बंदरगाह से लगभग 370 किमी दक्षिण-पश्चिम में समुद्र के बीचों-बीच हुआ है. फिलहाल इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है।


    कैसे हुआ यह हादसा?

    वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे एक मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) का हेलिकॉप्टर आराम से हेलिपैड पर खड़ा रहता है. इसके बाद वह उड़ान भरने के लिए तैयार होता है. उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद हेलिकॉप्टर अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर जाता है. यह हादसा तब हुआ जब हेलिकॉप्टर महज कुछ मीटर की ऊंचाई पर ही था. इस हादसे की मुख्य वजह इंजन का पावर फेलियर बताया जा रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि हेलिकॉप्टर के उड़ान भरते ही पायलट नियंत्रण खो बैठा और हेलिकॉप्टर ड्रॉप डेड (सीधे नीचे गिरना) की स्थिति में जमीन से टकरा गया।


    घटना कहां और कब हुई?

    इसकी कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह हादसा मेक्सिको के मिशोआकान (Michoacan) राज्य में लाजारो कार्डेनास (Lazaro Cardenas) बंदरगाह से लगभग 370 किमी दक्षिण-पश्चिम में कहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि हेलिकॉप्टर एक गश्त पर जाने के लिए उड़ान भर रहा था, लेकिन टेक-ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद वह अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर गया. फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।


    कैमरे में कैद हुई घटना

    वायरल वीडियो में हेलिकॉप्टर के रोटर्स को घूमते हुए और फिर अचानक विमान को डगमगाते हुए देखा जा सकता है. जमीन से टकराते ही धूल का गुबार उठा और वहां मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ते नजर आए. आधिकारिक तौर पर अभी तक घायलों या नुकसान की कोई सटीक संख्या या जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, इतनी कम ऊंचाई से गिरने के कारण बड़े विस्फोट की संभावना कम रही, जो चालक दल के लिए राहत की बात हो सकती है।


    जांच के आदेश

    मेक्सिकन नौसेना ने इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. शुरुआती कयासों में इंजन फेलियर या ‘पायलट एरर’ को संभावित कारण माना जा रहा है।