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  • बीजेपी मध्यप्रदेश में संगठन का बड़ा विस्तार 106 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति घोषित दिग्गज नेताओं से लेकर नए चेहरों तक साधे गए राजनीतिक और सामाजिक समीकरण

    बीजेपी मध्यप्रदेश में संगठन का बड़ा विस्तार 106 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति घोषित दिग्गज नेताओं से लेकर नए चेहरों तक साधे गए राजनीतिक और सामाजिक समीकरण


    मध्यप्रदेश  मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से जारी सूची में कुल 106 नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है। इस नई टीम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व को महत्व देते हुए अनेक नए चेहरों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    नई कार्यसमिति को भाजपा के आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक अभियानों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने इस सूची के माध्यम से स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन स्थापित किया जाएगा। प्रदेश कार्यसमिति में वरिष्ठ नेताओं के साथ महिला प्रतिनिधित्व को भी पर्याप्त महत्व दिया गया है। कई महिला नेताओं को शामिल कर भाजपा ने संगठन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने का प्रयास किया है।

    घोषित सूची में जगदीश देवड़ा कैलाश विजयवर्गीय प्रह्लाद पटेल विष्णु दत्त शर्मा नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी नेताओं सहित कई अनुभवी कार्यकर्ताओं को स्थान मिला है। वहीं विभिन्न संभागों और जिलों से जुड़े नेताओं को भी प्रतिनिधित्व देकर क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस नई कार्यसमिति के जरिए संगठन के भीतर सभी प्रमुख वर्गों और क्षेत्रों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया है।

    सूची जारी होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। कार्यसमिति में शामिल नेताओं ने इसे संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारी और पार्टी नेतृत्व के विश्वास का सम्मान बताया है। वहीं जिन नए चेहरों को मौका मिला है उनके लिए यह राजनीतिक रूप से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और इसी सोच के तहत कार्यसमिति का गठन किया गया है।

    राजनीतिक दृष्टि से यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रदेश में आने वाले समय में नगरीय निकाय चुनाव पंचायत चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे शुरू होने वाली हैं। ऐसे में भाजपा संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए नई टीम पर भरोसा जता रही है। पार्टी की रणनीति साफ है कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर राजनीतिक आधार को और मजबूत किया जाए।

    नई प्रदेश कार्यसमिति में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा कार्यकर्ताओं की ऊर्जा का समावेश भाजपा की भविष्य की रणनीति को दर्शाता है। माना जा रहा है कि यह टीम न केवल संगठनात्मक गतिविधियों को गति देगी बल्कि आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए भी पार्टी को मजबूत आधार प्रदान करेगी। भाजपा की इस घोषणा को प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कदम माना जा रहा है जिसकी राजनीतिक चर्चा आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।

  • किसानों के अनाज से सजी पीएम मोदी की भव्य रंगोली, 12 साल के कार्यकाल पर भोपाल में विशेष आयोजन

    किसानों के अनाज से सजी पीएम मोदी की भव्य रंगोली, 12 साल के कार्यकाल पर भोपाल में विशेष आयोजन


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने और देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी भोपाल में भाजपा द्वारा एक विशेष और अनूठा आयोजन किया गया। शहर के नीलबड़ स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों के अनाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल और आकर्षक रंगोली बनाई गई, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    इस आयोजन की पहल भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने की। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं, किसानों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या जुटने लगी थी। धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को याद किया गया।

    कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण किसानों के अनाज से तैयार की गई रंगोली रही। इस रंगोली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। रंगोली के निर्माण में विभिन्न प्रकार के अनाज का उपयोग किया गया, जो देश के अन्नदाताओं के सम्मान और कृषि क्षेत्र के महत्व को भी प्रदर्शित करता है। उपस्थित लोगों ने इस अनूठी कलाकृति की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री और किसानों के बीच मजबूत संबंध का प्रतीक बताया।

    कार्यक्रम के दौरान सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने देश की प्रगति, समृद्धि और विकास के लिए भी प्रार्थना की।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए अनाज से रंगोली बनाकर अन्नदाता वर्ग की भावनाओं को भी सम्मान दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री के कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करना और जनभागीदारी के माध्यम से उनके योगदान को याद करना था।

    उधर, भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, जिला अध्यक्ष रविंद्र यति, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क अभियान भी साबित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

  • चुनावी तैयारी में भाजपा का मास्टर प्लान: दिग्गज नेताओं को साथ लाने की कोशिश, संगठन में संतुलन बनाने की पहल

    चुनावी तैयारी में भाजपा का मास्टर प्लान: दिग्गज नेताओं को साथ लाने की कोशिश, संगठन में संतुलन बनाने की पहल

    मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक हलचल भी तेज होती जा रही है। इस समय भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। पार्टी का मुख्य फोकस इस बात पर है कि चुनाव से पहले किसी भी तरह की अंदरूनी नाराजगी या गुटबाजी को खत्म किया जाए और सभी प्रमुख नेताओं को एक मंच पर लाकर मजबूत राजनीतिक संदेश दिया जाए।

    प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इस पूरी रणनीति के केंद्र में हैं और लगातार वरिष्ठ नेताओं के बीच संवाद स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका प्रयास है कि पार्टी के पुराने और अनुभवी नेताओं को फिर से सक्रिय भूमिका में लाया जाए, ताकि संगठन में अनुभव और ऊर्जा दोनों का संतुलन बना रहे। इस दिशा में वे लगातार नेताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर रहे हैं और उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

    पिछले कुछ समय में पार्टी के भीतर कई स्तरों पर समन्वय की कोशिशें तेज हुई हैं। विभिन्न गुटों के बीच दूरी कम करने और नेताओं को एक साथ काम करने के लिए प्रेरित करने की रणनीति अपनाई जा रही है। हाल के राजनीतिक कार्यक्रमों में शीर्ष नेतृत्व की एकजुट मौजूदगी ने भी यह संकेत दिया है कि संगठन अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुका है और किसी भी तरह की आंतरिक कमजोरी को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।

    पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि आने वाले समय में कुछ वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। इससे न केवल संगठन को मजबूती मिलेगी बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी पार्टी का प्रभाव बढ़ेगा। इसी के साथ यह कोशिश भी की जा रही है कि सभी क्षेत्रों के नेताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले ताकि किसी भी वर्ग या क्षेत्र में असंतोष की स्थिति न बने।

    हेमंत खंडेलवाल की रणनीति केवल संगठन को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका ध्यान इस बात पर भी है कि पार्टी के भीतर विश्वास और सहयोग का माहौल तैयार हो। वे लगातार ऐसे नेताओं से संवाद कर रहे हैं जो किसी कारण से सक्रिय भूमिका से दूर हो गए थे या असंतुष्ट माने जा रहे थे। इस प्रयास का उद्देश्य पार्टी को फिर से पूरी तरह एकजुट करना है।

    सूत्रों के अनुसार, संगठन में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसलों पर भी काम चल रहा है, जिससे विभिन्न गुटों के बीच सामंजस्य स्थापित हो सके। पार्टी का मानना है कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है, इसलिए हर स्तर पर एकजुटता को प्राथमिकता दी जा रही है।

    कुल मिलाकर भाजपा इस समय एक व्यापक संगठनात्मक रणनीति पर काम कर रही है, जिसका लक्ष्य चुनाव से पहले पूरी पार्टी को एकजुट, सक्रिय और मजबूत बनाना है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह रणनीति जमीन पर कितना प्रभाव डालती है और पार्टी को किस हद तक राजनीतिक मजबूती प्रदान करती है।

  • मध्यप्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा, बैतूल आईटीआई के लिए 14 करोड़ से अधिक की मंजूरी

    मध्यप्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा, बैतूल आईटीआई के लिए 14 करोड़ से अधिक की मंजूरी


    बैतूल । मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बैतूल जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने शासकीय आईटीआई बैतूल और शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई कोसमी के लिए कुल 14 करोड़ 11 लाख 5 हजार रुपये के निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। इस पहल से जिले में तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे बैतूल विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के प्रयासों को प्रमुख माना जा रहा है। उनके निरंतर प्रयासों के चलते ही यह स्वीकृति मिली है, जिससे स्थानीय स्तर पर शिक्षा और कौशल विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    स्वीकृत राशि के तहत शासकीय आईटीआई बैतूल में 60 सीट क्षमता वाले बालक छात्रावास के निर्माण के लिए 3.41 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को रहने की सुविधा मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

    वहीं कोसमी स्थित शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई में 60 सीट क्षमता वाले बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए 3.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा यहां 6 ट्रेड शेड भवनों के निर्माण के लिए 7.26 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इन ट्रेड शेड्स के बनने से विभिन्न तकनीकी ट्रेड्स में प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और छात्राओं को आधुनिक संसाधनों के साथ सीखने का अवसर मिलेगा।

    इस योजना का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निवेश से स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और वे तकनीकी क्षेत्रों में अधिक दक्ष बन सकेंगे।

    स्थानीय स्तर पर भी इस घोषणा का स्वागत किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि इससे बैतूल जिले में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और विशेष रूप से छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

    इस प्रकार बैतूल आईटीआई को मिली यह 14.11 करोड़ रुपये की सौगात न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह जिले के समग्र विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

  • बैतूल जिला अस्पताल में बनेगा आधुनिक मर्चुरी भवन, बढ़ेंगी शवों की सुरक्षित व्यवस्था

    बैतूल जिला अस्पताल में बनेगा आधुनिक मर्चुरी भवन, बढ़ेंगी शवों की सुरक्षित व्यवस्था


    बैतूल / मध्यप्रदेश । बैतूल जिला अस्पताल में जल्द ही नया और आधुनिक मर्चुरी भवन बनने जा रहा है। वर्तमान मर्चुरी भवन लगभग 20 वर्ष पुराना हो चुका है और जर्जर अवस्था में होने के कारण कर्मचारियों और परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने लंबे समय से इस स्थिति को सुधारने की आवश्यकता जताई थी।

    अधिकारिक जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में अस्पताल परिसर का दौरा किया और नया मर्चुरी भवन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल अधिकारियों से कहा कि न सिर्फ भवन आधुनिक होना चाहिए बल्कि इसमें शवों को सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए। वर्तमान में जिला अस्पताल में केवल दो फ्रीजर हैं जिनमें प्रत्येक में दो-दो शव रखने की क्षमता है। इसका मतलब है कि एक समय में कुल चार शव ही सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

    हालांकि अस्पताल में हर महीने औसतन लगभग 50 पोस्टमार्टम किए जाते हैं और कई बार एक ही दिन में पांच से छह पोस्टमार्टम की स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में वर्तमान फ्रीजर व्यवस्था अपर्याप्त साबित होती है और शवों को सुरक्षित रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि पुराने मर्चुरी भवन में जगह की कमी और फ्रीजर की सीमित संख्या के कारण काम में परेशानी होती है और परिजनों को भी असुविधा होती है।

    नया मर्चुरी भवन न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बल्कि इसमें अधिक फ्रीजर और शवों को सुरक्षित रखने के पर्याप्त स्थान की व्यवस्था भी की जाएगी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक नया भवन तैयार होने के बाद पोस्टमार्टम कार्य और शवों के रखरखाव में काफी सुधार आएगा। इस कदम से न केवल कर्मचारियों के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी बल्कि परिजनों को भी बेहतर और सम्मानजनक सुविधा मिलेगी।

    विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सुधार करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आधुनिक मर्चुरी भवन का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे न सिर्फ अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार होगा बल्कि शवों को सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से रखा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होने के निर्देश भी दिए।

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मर्चुरी भवन के निर्माण के लिए जल्द ही आवश्यक वित्तीय और निर्माण संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अस्पताल की मर्चुरी और पोस्टमार्टम व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिलेगा और यह क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

  • विजयपुर चुनाव फैसले पर सियासी घमासान: पटवारी-सिंघार ने BJP पर साधा निशाना

    विजयपुर चुनाव फैसले पर सियासी घमासान: पटवारी-सिंघार ने BJP पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में विजयपुर को लेकर नया विवाद उभर कर सामने आया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने साफ कहा कि विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित करने के फैसले पर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी। पटवारी ने न्यायपालिका का सम्मान करते हुए यह भी भरोसा जताया कि अदालत में पार्टी को न्याय मिलेगा। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसे यह स्वीकार नहीं हो रहा कि एक आदिवासी नेता चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच गया।

    पटवारी ने भाजपा पर तंज कसते हुए विधायक निर्मला सप्रे के मामले का जिक्र किया और कहा कि अगर हिम्मत है तो उस मामले में भी निर्णय करवा कर दिखाएं। उनका कहना था कि भाजपा दबाव बनाकर फैसले करवाने की कोशिश कर रही है और यह पूरी तरह से राजनीतिक रोटेशन का हिस्सा लगता है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी राज्य सूचना आयोग में लंबित पदों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति लंबे समय से नहीं हो पाई है और सरकार इसमें बेहद धीमी गति से काम कर रही है। सिंघार ने कहा कि सरकार सांप की तरह धीरे-धीरे रेंगती है जबकि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति तुरंत होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत भी की है और दो सूचना आयुक्तों की नियुक्ति करनी तय की गई है।

    सिंघार ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से जुड़े मामले की भी याद दिलाई। उनका कहना था कि भाजपा दबाव बनाकर फैसले करवाने की कोशिश करती है और यह संभव है कि कांग्रेस की राज्यसभा सीट प्रभावित करने के लिए ऐसा किया जा रहा हो। वहीं गैस सिलेंडर की कमी और महंगाई पर भी उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि सरकार हर मामले में देर से निर्णय लेती है कोविड काल में भी देरी हुई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को टैक्स में कमी कर जनता को राहत देनी चाहिए लेकिन वह केवल अपना खजाना भरने में लगी है।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस पर पलटवार किया। इंदौर में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करना चाहिए और न्यायालय के फैसले पर अनावश्यक टिप्पणी करने से उनकी अज्ञानता उजागर होती है। उन्होंने जीतू पटवारी और उमंग सिंघार के बयानों को तूल देने से भी बचने की सलाह दी।

    राजनीतिक गलियारों में यह विवाद लगातार गर्माता जा रहा है। विजयपुर विधानसभा सीट और संबंधित मामलों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच सियासी टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है जबकि बीजेपी अपने पक्ष को मजबूत रखने के लिए लगातार बयानबाजी कर रही है।

  • जबलपुर में भाजपा का प्रशिक्षण महाभियान: मुख्यमंत्री बोले- यही कारण है कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी

    जबलपुर में भाजपा का प्रशिक्षण महाभियान: मुख्यमंत्री बोले- यही कारण है कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी


    नई दिल्ली। जबलपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान (2026) के तहत भाजपा के संभागीय कार्यालय में बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक स्पष्टता, सांगठनिक कौशल और नेतृत्व क्षमता प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लगातार प्रशिक्षण के कारण ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने और उनके कौशल को निखारने हेतु प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है। उन्होंने हेमंत खंडेलवाल की सक्रिय नेतृत्व क्षमता की भी सराहना की और कहा कि सांसद, विधायक और मंत्री दोनों दायित्वों का बराबरी से निर्वहन कर रहे हैं।

    इस अवसर पर डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल रीवा से पहुंचे और कहा कि भाजपा अपने मिशन को पूरा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। उन्होंने जुड़ा की हड़ताल के संबंध में कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और सभी को ड्यूटी पर लौटने का अनुरोध किया।

    प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर से कार द्वारा जबलपुर पहुंचे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह भी प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं।

    कार्यशाला में जबलपुर, रीवा, शहडोल और छिंदवाड़ा संभाग के लगभग 400 प्रशिक्षार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता और विषय विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में कार्यशाला को संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र प्रातः 11 बजे पंजीयन के बाद दोपहर 12:30 बजे आयोजित किया गया।

    इस प्रशिक्षण महाभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दक्षता और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ तैयार करना है, ताकि भाजपा का जनसंपर्क और नेतृत्व मजबूत हो।

  • मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

    मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मार्च महीने के लिए मंत्री ड्यूटी का रोस्टर जारी कर दिया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शनिवार-रविवार और सरकारी छुट्टियों को छोड़कर रोज़ाना एक मंत्री को कार्यालय में बैठकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने का निर्देश दिया है।

    कल यानी 2 मार्च को डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक कार्यालय में रहेंगे।

    मार्च में कुल 17 दिन मंत्रियों की ड्यूटी होगी। लेकिन इस महीने पांच मंत्रियों की एक भी दिन ड्यूटी नहीं लगी है। जिन मंत्रियों की ड्यूटी नहीं है, वे हैं:

    राकेश सिंह (PWD मंत्री)

    विश्वास सारंग (सहकारिता एवं खेल मंत्री)

    लखन पटेल (पशुपालन मंत्री)

    प्रतिमा बागरी (नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री)

    दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री)

    छुट्टियों के कारण ड्यूटी नहीं लगेगी:
    1 मार्च (रविवार), 3-5 मार्च (होली), 7 मार्च (शनिवार), 8 मार्च (रविवार), 14-15 मार्च (शनिवार-रविवार), 19 मार्च (गुड़ी पड़वा), 21-22 मार्च (शनिवार-रविवार), 27 मार्च (राम नवमी), 28-29 मार्च (शनिवार-रविवार)।

    मंत्रियों की तारीखवार ड्यूटी (मुख्य विवरण):

    2 मार्च, सोमवार – जगदीश देवड़ा (वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी), गौतम टेटवाल (कौशल विकास एवं रोजगार)

    6 मार्च, शुक्रवार – कुंवर विजय शाह (जनजातीय कार्य, भोपाल गैस त्रासदी राहत), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा)

    9 मार्च, सोमवार – राजेन्द्र शुक्ल (डिप्टी सीएम, लोक स्वास्थ्य), नारायण सिंह पंवार (मछुआ कल्याण एवं मत्स्य)

    10 मार्च, मंगलवार – प्रहलाद पटेल (पंचायत एवं श्रम), राधा सिंह (पंचायत राज)

    11 मार्च, बुधवार – उदय प्रताप सिंह (परिवहन एवं स्कूल शिक्षा), दिलीप जायसवाल (कुटीर एवं ग्रामोद्योग)

    12 मार्च, गुरुवार – करण सिंह वर्मा (राजस्व)

    13 मार्च, शुक्रवार – संपतिया उईके (PHE)

    16 मार्च, सोमवार – तुलसी सिलावट (जल संसाधन)

    17 मार्च, मंगलवार – एदल सिंह कंसाना (कृषि)

    18 मार्च, बुधवार – निर्मला भूरिया (महिला एवं बाल विकास)

    20 मार्च, शुक्रवार – नारायण सिंह कुशवाह (सामाजिक न्याय)

    23 मार्च, सोमवार – नागर सिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण)

    24 मार्च, मंगलवार – प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा)

    25 मार्च, बुधवार – राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा)

    26 मार्च, गुरुवार – चेतन्य काश्यप (MSME)

    30 मार्च, सोमवार – कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण)

    31 मार्च, मंगलवार – धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन एवं संस्कृति)

    इस व्यवस्था से आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को सीधे मंत्री से मिलने और अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलेगा।

  • हॉकी खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, बैतूल को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ

    हॉकी खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, बैतूल को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ


    बैतूल । भारतीय हॉकी संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को खेल के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। बैतूल विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ लगाए जाने की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के लिए 6 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

    मध्यप्रदेश शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि स्टेडियम अधोसंरचना मद के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। इस फैसले से जिले के हॉकी खिलाड़ियों में उत्साह की लहर है। लंबे समय से खिलाड़ी आधुनिक और सुरक्षित खेल सतह की मांग कर रहे थे जो अब पूरी होने जा रही है। गौरतलब है कि मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में वर्ष 2010-11 में एस्ट्रोटर्फ स्थापित किया गया था। समय सीमा पूरी होने और लंबे उपयोग के कारण वह अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। खराब सतह के चलते खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था साथ ही चोट लगने का खतरा भी बना रहता था।

    नया सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों और प्रशिक्षण के लिए पूरी तरह अनुकूल होगा। इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अभ्यास का अवसर मिलेगा, बल्कि भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुविधाएं मिलने से बैतूल हॉकी के मानचित्र पर एक बार फिर मजबूत पहचान बना सकेगा।

    इस स्वीकृति को लेकर खिलाड़ियों प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने विधायक हेमंत खंडेलवाल और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। उनका कहना है कि यह कदम युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा और जिले से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ की यह सौगात बैतूल के खेल विकास में मील का पत्थर साबित होगी और भारतीय हॉकी के शताब्दी वर्ष को जिले के लिए यादगार बनाएगी।

  • छिंदवाड़ा BJP में गुटबाजी: सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को प्रदेश अध्यक्ष ने किया भोपाल तलब , खींचतान खत्म करने का अल्टीमेटम

    छिंदवाड़ा BJP में गुटबाजी: सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को प्रदेश अध्यक्ष ने किया भोपाल तलब , खींचतान खत्म करने का अल्टीमेटम


    छिंदवाड़ा । मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा के अंदर गुटबाजी ने गंभीर रूप ले लिया है जिसके कारण पार्टी की एकता पर सवाल उठने लगे हैं। लोकसभा सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू और भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव के बीच चल रहे विवाद को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं को भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में तलब किया है। यह बैठक भाजपा के शीर्ष नेताओं हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की उपस्थिति में हुई जहां दोनों नेताओं को एक साथ बैठाकर बातचीत कराई गई और भविष्य में पार्टी की एकता बनाए रखने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया।

    गुटबाजी की यह समस्या छिंदवाड़ा भाजपा की जिला इकाई में लंबे समय से चल रही है। सांसद बंटी साहू और जिलाध्यक्ष शेषराव यादव के बीच मतभेद सार्वजनिक हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार शेषराव यादव की बैठकों में सांसद बंटी साहू शामिल नहीं होते थे और इस दौरान यादव ने साहू के खिलाफ बयानबाजी भी की थी। यह विवाद जिले में जिला कार्यकारिणी गठन पदों के बंटवारे और अन्य संगठनात्मक फैसलों को लेकर और भी गहरा गया था।

    भोपाल में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दोनों नेताओं से कहा कि भाजपा ने छिंदवाड़ा में लंबे संघर्ष के बाद सफलता हासिल की है लेकिन वर्तमान स्थिति पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने दोनों नेताओं से अपील की कि वे पार्टी हित में मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर काम करें क्योंकि पार्टी की छवि और भविष्य की सफलता इसके ऊपर निर्भर है। इस बीच संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने मध्यस्थता करते हुए दोनों नेताओं को चेतावनी दी कि अगर खींचतान तुरंत खत्म नहीं की गई तो पार्टी को इसका भारी नुकसान हो सकता है।

    भा ज पा सूत्रों के अनुसार बैठक सकारात्मक रही और दोनों नेताओं ने पार्टी के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया है। हालांकि यह देखना बाकी है कि इस विवाद के समाधान के बाद पार्टी के अंदर का माहौल कैसे बनता है और आगामी चुनावों में पार्टी को इसका कितना लाभ होता है। यह घटनाक्रम भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक चुनौती बनकर सामने आया है क्योंकि छिंदवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण जिले में आंतरिक मतभेद पार्टी की भविष्यवाणी और चुनावी रणनीति पर असर डाल सकते हैं।