Tag: High Speed Train

  • Spain में भीषण रेल हादसा…. दो हाई-स्पीड ट्रेनों की भिड़ंत में 64 लोगों की मौत…. 80 घायल

    Spain में भीषण रेल हादसा…. दो हाई-स्पीड ट्रेनों की भिड़ंत में 64 लोगों की मौत…. 80 घायल


    मेड्रिड।
    स्पेन (Spain) के तोलेदो प्रांत (Toledo Province) में बुधवार को दो ट्रेन के बीच टक्कर हो जाने से कम से कम 64 लोगों की मौत हो गयी। इस घटना में कम से कम 80 लोग घायल हुए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि बचावकर्मी मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं। कैस्टिला ला मांचा (Castilla-La Mancha) क्षेत्र की प्रवक्ता एस्थर पाडिला ने सरकारी प्रसारक बताया कि एक ही दिशा में जा रही दो तेज रफ्तार ट्रेन हादसे का शिकार हुईं, एक ट्रेन दूसरी ट्रेन के पिछले हिस्से से टकरा गई, जिससे उसके दो डिब्बे पटरी से उतर गये। उन्होंने कहा कि हादसे के कारण का पता लगाया जा रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि राजधानी मैड्रिड (Capital Madrid) से दक्षिणी-पश्चिमी शहर सेविले जा रही दोनों ट्रेन में सैकड़ों यात्री सवार थे।

    स्पेन के रेल प्रणाली संचालक ‘एडीआईएफ’ ने बताया कि बुधवार की सुबह तोलेदो प्रांत में यह हादसा हुआ जिसके बाद मैड्रिड, स्यूदाद रियल और अंदालूसिया के बीच रेल सेवा रोक दी गई। स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री मोनिका गार्सिया ने बताया कि आपातकालीन कर्मी सबसे अधिक क्षतिग्रस्त दो रेल डिब्बों से जीवित बचे लोगों और शवों को निकालने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों में भेजा जा रहा है।

    इस दुर्घटना में स्पेन की सरकारी कंपनी ‘रेनफे’ और निजी रेल कंपनी ‘इर्यो’ की ट्रेनें शामिल थीं। स्पेन की मीडिया की खबरों के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि ‘रेनफे’ की ट्रेन ने ‘इर्यो’ की ट्रेन को टक्कर मारी। पाडिला ने बताया कि ‘रेनफे’ की ट्रेन में 397 यात्री और ‘इर्यो’ की ट्रेन में 147 यात्री सवार थे। आपातकालीन सेवाओं, दमकलकर्मियों और पुलिस की मदद के लिए सेना की आपातकालीन ब्रिगेड को तैनात किया गया। एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवा घटनास्थल से घायलों को ले जाने में जुटे रहे, जबकि सुरक्षित बचे यात्रियों को बसों में बैठाकर वहां से ले जाया गया।

    उर्दा के मेयर मैनुअल गैलन ने बताया कि कई यात्री घायल हुए हैं। सिविल प्रोटेक्शन अधिकारियों ने उनके टाउन हॉल से संपर्क कर यात्रियों के इलाज के लिए एक स्पोर्ट्स पवेलियन तैयार करने को कहा है। स्थानीय प्रशासन घायलों को प्राथमिक उपचार देने और जरूरत पड़ने पर अस्पताल भेजने की तैयारी में जुटा है। वहीं, पास के एक और गांव लॉस येबेनेस के मेयर जेसुस पेरेज ने भी TVE से बात करते हुए कहा कि हादसा बहुत ही गंभीर है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य जारी है।

    यह हादसा स्पेन के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए झटका माना जा रहा है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में दक्षिणी स्पेन में एक बड़ा हादसा हुआ था। उस समय एक ट्रेन पटरी से उतरी और सामने से आ रही दूसरी ट्रेन से टकरा गई, जिसमें 46 लोगों की मौत हो गई थी। वह हादसा 2013 के हादसे के बाद स्पेन में सबसे जानलेवा था। 2013 में एक ट्रेन हादसे में 80 लोगों की जान गई थी।

  • हाई-स्पीड रेल से बदलेगी NCR की तस्वीर, दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा महज 21 मिनट में आसान

    हाई-स्पीड रेल से बदलेगी NCR की तस्वीर, दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा महज 21 मिनट में आसान

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम सामने आया है। प्रस्तावित हाई-स्पीड रैपिड रेल कनेक्टिविटी योजना के तहत दिल्ली और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 21 मिनट तक सीमित हो सकता है। इस परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय को भेज दिया गया है।

    इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को दिल्ली-जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए प्रमुख माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर न केवल यात्रियों के लिए समय की बड़ी बचत करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा।

    योजना के अनुसार प्रस्तावित कॉरिडोर को एक समर्पित स्टेशन के माध्यम से सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त ट्रैफिक या देरी के तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। यह कनेक्टिविटी दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का भी हिस्सा हो सकती है, जिससे भविष्य में इसे और व्यापक परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

    अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने के बाद यह पूरा क्षेत्र लॉजिस्टिक्स, कार्गो और औद्योगिक निवेश का एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखता है। तेज रफ्तार रेल कनेक्टिविटी इस विकास को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

    इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि दिल्ली और नोएडा एयरपोर्ट के बीच मौजूदा यात्रा समय, जो सड़क मार्ग से काफी अधिक है, वह घटकर लगभग एक घंटे से भी कम होकर केवल 21 मिनट रह जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगी।

     विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल जाती है तो यह एनसीआर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन का चेहरा पूरी तरह बदल सकती है। इससे सड़क यातायात पर दबाव कम होगा और पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

    फिलहाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद इसके निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना है, जिससे आने वाले वर्षों में दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट के बीच तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी स्थापित की जा सके।