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  • DU PG Admission 2026 शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें

    DU PG Admission 2026 शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें

    नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित University of Delhi ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीजी में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्र अब कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम यानी CSAS पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बार यूनिवर्सिटी ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत एक वर्षीय और दो वर्षीय मास्टर डिग्री प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, जिससे छात्रों को नए विकल्प मिलेंगे।

    7 जून तक भर सकेंगे फॉर्म
    दिल्ली यूनिवर्सिटी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 16 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। छात्र 7 जून 2026 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

    CUET PG स्कोर से होगा एडमिशन
    इस बार पीजी कोर्सेज में दाखिला केवल CUET PG 2026 स्कोर के आधार पर दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को उसी विषय में CUET PG परीक्षा देना जरूरी होगा। जो छात्र फिलहाल ग्रेजुएशन के तीसरे या चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें पात्रता की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी।

    DigiLocker फीचर से आसान होगी प्रक्रिया
    इस बार एडमिशन प्रक्रिया को ज्यादा आसान और डिजिटल बनाने के लिए DigiLocker/API Setu आधारित ऑटो-इंटीग्रेशन फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए छात्रों का नाम, जन्मतिथि, श्रेणी और CUET स्कोर जैसी जानकारी स्वतः पोर्टल पर अपडेट हो जाएगी। इससे दस्तावेज अपलोड करने में आसानी होगी और गलतियों की संभावना भी कम रहेगी।

    आवेदन शुल्क कितना है?
    यूनिवर्सिटी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार तय किया गया है-
    SC/ST/PwBD वर्ग : ₹100 प्रति प्रोग्राम
    UR/OBC-NCL/EWS वर्ग : ₹250 प्रति प्रोग्राम
    छात्र एक से अधिक कोर्स के लिए भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक प्रोग्राम के लिए अलग शुल्क देना होगा।

    कौन-कौन से डॉक्यूमेंट होंगे जरूरी?
    आवेदन के दौरान छात्रों को कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिनमें-
    CUET PG स्कोर कार्ड
    ग्रेजुएशन मार्कशीट
    पासपोर्ट साइज फोटो
    हस्ताक्षर
    कैटेगरी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो)
    आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र

    छात्रों को दी गई खास सला
    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों से कहा है कि वे एडमिशन से जुड़ी हर अपडेट के लिए आधिकारिक CSAS पोर्टल नियमित रूप से चेक करते रहें। सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने शुरुआती तकनीकी समस्याओं की जानकारी भी साझा की है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द फॉर्म भरना बेहतर रहेगा।

    नए कोर्स और बढ़ते अवसर
    NEP के तहत शुरू किए गए नए मास्टर प्रोग्राम्स के चलते छात्रों को अब अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और स्पेशलाइजेशन का मौका मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दिल्ली यूनिवर्सिटी के ये नए कोर्स छात्रों के करियर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • एससी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात, छात्रगृह योजना में अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

    एससी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात, छात्रगृह योजना में अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है, जिससे उनकी उच्च शिक्षा का रास्ता और आसान हो सकेगा। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रगृह योजना में संशोधन कर अब पात्र विद्यार्थियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

    यह निर्णय विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं या वहां प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे हैं। महंगे शहरों में रहने और पढ़ाई के खर्च को देखते हुए यह सहायता उनके लिए काफी मददगार साबित होगी।

    मंत्री नागर सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना के तहत हर साल कुल 100 विद्यार्थियों को लाभ दिया जाएगा। इसमें 50 विद्यार्थी स्नातक स्तर के होंगे और 50 विद्यार्थी स्नातकोत्तर स्तर के होंगे। इसके अलावा जो विद्यार्थी पहले से इस योजना के अंतर्गत अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलता रहेगा।

    इस पहल का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों तक पहुंच दिलाना भी है। अक्सर देखा जाता है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक तंगी के कारण बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते, जिससे उनके करियर की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं। ऐसे में यह योजना उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

    सरकार का मानना है कि जब विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन और अवसर मिलेंगे, तो वे न केवल अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर सकेंगे। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे समाज में अपनी एक मजबूत पहचान बना पाएंगे।

    मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए ऐसी योजनाएं बेहद जरूरी हैं। इससे शिक्षा के क्षेत्र में असमानता को कम करने में मदद मिलेगी।

    विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाती हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी योगदान देती हैं। जब अधिक से अधिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे, तो इससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता मजबूत होगी और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

    कुल मिलाकर, यह निर्णय अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत और अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इससे उन्हें न केवल बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने के लिए एक मजबूत आधार भी मिलेगा।