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  • MP के युवक गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या, परिवार ने इंसाफ और आर्थिक मदद की लगाई गुहार

    MP के युवक गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या, परिवार ने इंसाफ और आर्थिक मदद की लगाई गुहार


    उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन निवासी गुरकीरत सिंह मनोचा का 14 मार्च 2026 को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन ब्रिटिश कोलंबिया में दुखद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनकी हत्या हुई है। गुरकीरत लगभग सवा वर्ष पूर्व उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे जहां वे नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम कर रहे थे।

    परिवार के अनुसार 14 मार्च को कॉलेज में कुछ युवकों के बीच विवाद के दौरान गुरकीरत पर हमला किया गया जिससे उनकी मौत हो गई। कनाडा में उनके मित्र ने देर रात इस घटना की जानकारी उनके भाई प्रबकीरत सिंह मनोचा को फोन पर दी।

    गुरकीरत का परिवार उज्जैन में C 86 पार्श्वनाथ सिटी देवास रोड में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने मुख्यमंत्रीमोहन यादव  को भी जानकारी दी।

    कनाडा पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है। शव की वापसी में लगभग 40 50 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है जिसके लिए परिवार ने आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई है। परिजन चाहते हैं कि शव जल्द मिले या उन्हें वहां पहुंचने का कोई माध्यम उपलब्ध कराया जाए।

    परिवार के अनुसार हत्या का कारण कॉलेज में चुनावी गुटबाजी थी। मृतक सरल सौम्य और शांत स्वभाव का था। उनके भाई प्रबकीरत ने कहा कि गुरकीरत ने जीवन में कभी विवाद या अपशब्द का प्रयोग नहीं किया।

    उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया भी लगातार परिजनों से संपर्क में हैं और शव की वापसी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रयासरत हैं। परिवार ने प्रदेश और केंद्र सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द शव की वापसी कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।

  • कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अब CBSE अंकों को मिलेगी मान्यता: भारतीय छात्रों के लिए खुला अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का द्वार; रिसर्च के लिए बनेगा CAS सेंटर

    कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अब CBSE अंकों को मिलेगी मान्यता: भारतीय छात्रों के लिए खुला अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का द्वार; रिसर्च के लिए बनेगा CAS सेंटर


    नई दिल्ली/कैम्ब्रिज। विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना संजोए भारतीय छात्रों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में गिने जाने वाले कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने भारतीय शिक्षा प्रणाली, विशेषकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE के स्तर को वैश्विक मान्यता प्रदान की है। अब CBSE से 12वीं कक्षा पास करने वाले मेधावी छात्र अपने बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के चुनिंदा अंडरग्रेजुएट UG कोर्सेज में प्रवेश के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे। यह कदम न केवल भारतीय छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता पर मुहर भी लगाता है।

    वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभा की पहचान इससे पहले कई विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए भारतीय छात्रों को जटिल प्रक्रियाओं और अतिरिक्त प्रवेश परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता था। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के इस फैसले ने उस बाधा को काफी हद तक कम कर दिया है। यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डेबोरा प्रेंटिस ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि भारतीय छात्रों में अद्भुत प्रतिभा और जुनून है। कैम्ब्रिज इस मेधा को पहचानते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना चाहता है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि केवल 12वीं के अंक ही प्रवेश का एकमात्र आधार नहीं होंगे; छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा निर्धारित अन्य मापदंडों और शर्तों को भी पूरा करना होगा, लेकिन बोर्ड अंकों को मान्यता मिलना प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुलभ बना देगा।

    शैक्षणिक संबंधों को नई दिशाCAS की स्थापना भारत और कैम्ब्रिज के बीच इन शैक्षणिक संबंधों को और गहरा बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने कैम्ब्रिज इंडिया सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज शुरू करने का भी निर्णय लिया है। यह केंद्र रिसर्च, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के संगम के रूप में कार्य करेगा। CAS का मुख्य उद्देश्य भारत की तेजी से उभरती ‘नॉलेज इकोनॉमी’ को वैश्विक शिक्षा नेटवर्क से जोड़ना है। इस सेंटर के माध्यम से न केवल छात्रों को, बल्कि भारतीय रिसर्च स्कॉलर्स और शिक्षकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध करने और दुनिया भर के विशेषज्ञों के साथ काम करने का बेहतरीन मंच मिलेगा।

    भविष्य की राह हुई आसान कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का यह कदम भविष्य में अन्य वैश्विक संस्थानों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगा। इससे भारतीय छात्रों के लिए करियर के नए और रोमांचक रास्ते खुलेंगे। यह पहल उन हजारों परिवारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है जो अपने बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा दिलाने का सपना देखते हैं। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से भारतीय स्कूली शिक्षा की साख दुनिया भर में बढ़ेगी और वैश्विक विश्वविद्यालयों में भारतीय चेहरों की मौजूदगी पहले से कहीं अधिक प्रभावी और सशक्त होगी।

  • लोहड़ी 2026: 13 जनवरी को सूर्यदेव बदलेंगे चाल, करियर और धन के लिहाज से मिलेगी गुड न्यूज

    लोहड़ी 2026: 13 जनवरी को सूर्यदेव बदलेंगे चाल, करियर और धन के लिहाज से मिलेगी गुड न्यूज


    नई दिल्ली । लोहड़ी 2026: एक ज्योतिषीय नजरिया लोहड़ी का पर्व सिर्फ एक लोक-परंपरा का उत्सव नहीं है, बल्कि यह ज्योतिष शास्त्र में भी विशेष महत्व रखता है। हर साल 13 जनवरी को मनाई जाने वाली यह तिथि सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश को लेकर होती है, जिसे उत्तरायण की शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इस समय सूर्य की चाल बदलने के साथ ही पृथ्वी पर भी ऋतु परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू होती है।

    सूर्य का मकर राशि में प्रवेश
    सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही एक नई ऊर्जा का संचार होता है, जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लेकर आता है। मकर राशि में सूर्य का स्थान परिवर्तन करियर, धन, और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से बेहद शुभ होता है। इस दिन से शनि के साथ सूर्य का युति भी बनता है, जो स्थिरता और सफलता के नए मार्ग खोलता है।

    मंगलादित्य योग का निर्माण

    इस साल लोहड़ी के दिन विशेष रूप से एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योग बन रहा है, जिसे ‘मंगलादित्य योग’ कहा जा रहा है। यह योग सूर्य और मंगल की नौवें भाव में उपस्थिति से बनता है। नौवां भाव भाग्य और धर्म का कारक होता है, और जब सूर्य और मंगल इस भाव में मिलते हैं, तो यह व्यक्ति के साहस, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को बढ़ाता है।

    उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा के लिए शुभ समय
    इस योग का प्रभाव विशेष रूप से उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा के इच्छुक जातकों पर सकारात्मक रूप से पड़ने वाला है। यह समय उनके लिए अच्छे अवसर लेकर आ सकता है, जिनके मन में विदेश जाने या उच्च शिक्षा प्राप्त करने की योजना है। इसी प्रकार से, यदि आप नए बिजनेस के बारे में सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए सफल होने के योग लेकर आ सकता है।

    धन और करियर में प्रगति

    लोहड़ी का समय कई लोगों के लिए वित्तीय लाभ और करियर में प्रगति के लिहाज से बेहद शुभ रहेगा। विशेषकर वे जातक जिनका करियर लंबे समय से स्थिर था, उन्हें इस दिन के बाद नए अवसर मिल सकते हैं। यह समय नौकरी बदलने, प्रमोशन या अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त है।

    सामाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी
    लोहड़ी के दिन बने शुभ योगों से सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है। जो लोग समाज में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें इस समय में कोई खास सम्मान या पुरस्कार मिल सकता है। यही नहीं, आपके प्रयासों को लोगों से सराहना और समर्थन मिलेगा, जिससे आपके आत्मविश्वास में और भी बढ़ोतरी होगी।लोहड़ी 2026 का समय हर दृष्टि से खास होने वाला है, खासकर यदि आप अपने करियर, धन या सामाजिक जीवन में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। यह समय न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए उपयुक्त है, बल्कि यह सामूहिक रूप से भी समृद्धि और सफलता की ओर अग्रसर होने का संकेत दे रहा है। मंगलादित्य योग और सूर्य का मकर राशि में प्रवेश एक शुभ संकेत है, जिससे आने वाले समय में अच्छे अवसर और प्रगति के रास्ते खुल सकते हैं।