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  • हाईवे पर मिली लाश ने बढ़ाई दहशत, हत्या के बाद शव फेंकने की आशंका

    हाईवे पर मिली लाश ने बढ़ाई दहशत, हत्या के बाद शव फेंकने की आशंका


    सागर । सागर जिले के राहतगढ़ थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्राम बेरखेड़ी के पास सड़क किनारे पड़ा शव चादर में लिपटा हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम राहगीरों ने हाईवे किनारे संदिग्ध हालत में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि महिला का शव चादर में लिपटा हुआ था और उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक शव करीब तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसके कारण मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। महिला की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला के हाथ और पैरों में चांदी जैसे आभूषण पहने हुए थे। शव मिलने की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को चादर में लपेटकर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा, जहां शुक्रवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

    मुकेश सिंह ने बताया कि मृतका की पहचान के लिए आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला कहां की रहने वाली थी और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। साथ ही हाईवे और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि शव यहां लाने वालों का सुराग मिल सके।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। वहीं हाईवे किनारे महिला का शव मिलने से स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।

  • हाईवे पर वारदात: जंगल में ले जाकर भाजपा नेता से मारपीट, जांच शुरू

    हाईवे पर वारदात: जंगल में ले जाकर भाजपा नेता से मारपीट, जांच शुरू


    मध्य प्रदेश । राजगढ़ जिले में एक सनसनीखेज आपराधिक वारदात ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है, जहां भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा को हाईवे पर लिफ्ट के बहाने फंसाकर बंधक बना लिया गया और उनके साथ गंभीर मारपीट, लूटपाट और ब्लैकमेलिंग की गई। आरोप है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित हनीट्रैप जैसी साजिश थी, जिसमें एक परिचित महिला और उसके साथियों ने मिलकर उन्हें निशाना बनाया।

    घटना 10 मई की बताई जा रही है, जब दीपक शर्मा भोपाल से राजगढ़ लौट रहे थे। नरसिंहगढ़ और कुरावर के बीच हाईवे पर एक परिचित महिला ने उन्हें हाथ देकर रोका। परिचित होने के कारण उन्होंने कार रोक दी, लेकिन जैसे ही वाहन रुका, पहले से घात लगाए 7-8 युवक वहां पहुंच गए और उन्हें जबरन कार में बैठाकर जंगल की ओर ले गए।

    आरोप है कि बदमाशों ने सीहोर जिले की काली पहाड़ी के जंगल में उन्हें बंधक बनाकर करीब तीन घंटे तक बेरहमी से पीटा। इस दौरान उनके हाथ-पैर पर चोटें आईं और आंखों में भी गंभीर चोट लगी। आरोपियों ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर जान से मार देंगे। दबाव बनाकर उन्होंने परिजनों से फोन कराकर करीब 61 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए।

    दीपक शर्मा के अनुसार, आरोपियों ने उनके साथ लूटपाट भी की और घड़ी, अंगूठी, लॉकेट, मोबाइल फोन और नकदी छीन ली। इसके अलावा एटीएम कार्ड और पिन लेकर उससे भी करीब 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का आरोप है कि बदमाशों ने उनके कपड़े फाड़कर उनका न्यूड वीडियो बनाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार मानसिक दबाव बनाया।

    घटना के बाद पीड़ित काफी डरे हुए थे, जिसके चलते उन्होंने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। बाद में 12 मई को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच शुरू की, जिससे पूरे गिरोह की परतें खुलने लगीं।

    जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह था, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। पुलिस ने एक-एक कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में देवा वंशकार, रवींद्र जीत डग, अदनान खान, कृष्णा यादव, तरुण मेवाड़ा, रितिक वाल्मीकि और मंजू प्रजापति शामिल हैं। सभी आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 5.97 लाख रुपये का सामान बरामद किया है, जिसमें नकदी, एटीएम से निकाले गए पैसे और लूटा गया सामान शामिल है। इस पूरे मामले में डकैती, अपहरण, बंधक बनाना और वसूली जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    एसपी अमित तोलानी के अनुसार, यह एक सुनियोजित अपराध था जिसमें हाईवे पर लिफ्ट दिलाने के बहाने शिकार को फंसाया गया। पुलिस ने दावा किया है कि गिरोह के अन्य नेटवर्क और संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

    इस घटना ने हाईवे सुरक्षा और संगठित अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।