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  • सलमान अली और मोहम्मद दानिश की प्रस्तुति ने हिमेश रेशमिया को किया भावुक

    सलमान अली और मोहम्मद दानिश की प्रस्तुति ने हिमेश रेशमिया को किया भावुक


    मुंबई।
    संगीत की भावनात्मक ताकत एक बार फिर देखने को मिलेगी, जब गायक सलमान अली और मोहम्मद दानिश की जोड़ी लोकप्रिय गीत ‘मैं जहां रहूं’ प्रस्तुत करेगी। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के आगामी शो ‘इंडियन आइडल: लीजेंड्स रिटर्न’ के प्रीमियर एपिसोड में दोनों गायकों की यह प्रस्तुति जज हिमेश रेशमिया को उनके दिवंगत पिता की याद दिला देगी। गाने से जुड़ी पुरानी यादें ताजा होने पर हिमेश भावुक हो जाएंगे।

    प्रस्तुति के बाद हिमेश रेशमिया ने बताया कि यह गीत उनके पिता के पसंदीदा गानों में से एक था। लंबे समय बाद इस गीत को सुनकर उन्हें पिता के साथ बिताए पलों की याद आ गई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनके पिता भले ही अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हें हमेशा अपने करीब महसूस करते हैं।

    हिमेश ने सलमान अली और मोहम्मद दानिश की गायकी की सराहना करते हुए कहा कि इस गाने ने उन्हें भावुक कर दिया। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उन्हें उनकी बहुत याद आती है। हिमेश के मुताबिक, जब कोई अपना हमसे दूर चला जाता है, तब उससे जुड़ी यादें हमेशा हमारे साथ रहती हैं।

    इस दौरान हिमेश ने यह भी कहा कि उनके पिता उन्हें देख रहे होंगे। उन्होंने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि पिता की कमी उन्हें आज भी महसूस होती है। उनकी यह प्रतिक्रिया शो के माहौल को भावुक कर देगी।

    सलमान अली और मोहम्मद दानिश की यह प्रस्तुति इस बात को रेखांकित करेगी कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लोगों को उनके जीवन की खास यादों और भावनाओं से भी जोड़ता है। किसी प्रियजन को खोने का अनुभव रखने वाले लोगों के लिए ऐसे गीत पुरानी यादों को फिर से जीवंत कर देते हैं।

    फ्रेमैन्टल द्वारा निर्मित ‘इंडियन आइडल: लीजेंड्स रिटर्न’ में संगीत के साथ कलाकारों के जीवन से जुड़े भावनात्मक अनुभवों को भी सामने लाया जाएगा। शो का प्रीमियर 17 अक्टूबर, शनिवार रात आठ बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर होगा।

  • मातृभूमि का आगाज: बैटल ऑफ गलवान का पहला गाना रिलीज, सलमान खान की सेना अधिकारी के रूप में दिखी दमदार झलक

    मातृभूमि का आगाज: बैटल ऑफ गलवान का पहला गाना रिलीज, सलमान खान की सेना अधिकारी के रूप में दिखी दमदार झलक


    नई दिल्ली । सलमान खान फिल्म्स ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म बैटल ऑफ गलवान की पहली म्यूजिकल झलक पेश कर दी है। फिल्म का पहला गाना मातृभूमि आज रिलीज हो गया है, जिसने अपनी सादगी और गहराई से दर्शकों के दिलों में देशभक्ति का जज्बा पैदा कर दिया है। यह गाना केवल एक संगीत नहीं है बल्कि उस वीर गाथा की प्रस्तावना है जिसे निर्देशक अपूर्व लाखिया पर्दे पर उतारने जा रहे हैं।

    परिवार प्रेम और बलिदान की त्रिवेणी

    गाने के दृश्यों में सलमान खान एक भारतीय सेना अधिकारी के रूप में बेहद प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। उनके साथ चित्रांगदा सिंह की केमिस्ट्री काफी सहज और भावनात्मक दिखाई गई है। गाने में उन्हें दो छोटे बच्चों के साथ एक खुशहाल परिवार के रूप में दिखाया गया है जहां घर के सुकून भरे पल एक ओर हैं तो दूसरी ओर गलवान घाटी की दुर्गम पहाड़ियों पर ड्यूटी का कड़ा संघर्ष। यह विरोधाभास प्यार बलिदान और देशसेवा के भाव को और भी मजबूती से पेश करता है।

    हिमेश रेशमिया और अरिजीत-श्रेया का जादुई संगममातृभूमि के पीछे संगीत जगत के दिग्गजों की टोली हैसंगीत निर्देशन लंबे समय बाद सलमान खान के लिए हिमेश रेशमिया ने धुन तैयार की है। हिमेश के अनुसार, इस गाने की बीट्स सीधे सेना की ऊर्जा और जज्बे से प्रेरित हैं।गायक भारतीय संगीत जगत की सबसे चहेती आवाजें, अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने इस गाने को स्वर दिए हैं। दोनों की जुगलबंदी ने गाने में एक अलग ही रूहानियत भर दी है।गीतकार मशहूर गीतकार समीर अंजन ने ‘मातृभूमि’ के शब्दों को पिरोया है, जो सीधे दिल पर दस्तक देते हैं।

    फिल्म के बारे में खास बाते

    ‘बैटल ऑफ गलवान’ बहादुरी और जज्बे की वह कहानी है, जो गलवान घाटी के उन जांबाज सिपाहियों को समर्पित है जिन्होंने देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।निर्माता सलमा खान सलमान खान फिल्म्स।निर्देशक अपूर्व लाखियासंगीत पार्टनर: सोनी म्यूजिक इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन।यह फिल्म न केवल एक युद्ध की कहानी है, बल्कि उन परिवारों की भावनाओं का भी चित्रण है जो सरहद पर तैनात अपने अपनों की राह देखते हैं। मातृभूमि गाने ने फिल्म की रिलीज के लिए दर्शकों के बीच उत्सुकता को दोगुना कर दिया है।

  • 16 साल की उम्र में सलमान को काम देने का दावा? हिमेश रेशमिया ने खुद बताई पूरी सच्चाई

    16 साल की उम्र में सलमान को काम देने का दावा? हिमेश रेशमिया ने खुद बताई पूरी सच्चाई


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो वक्त के साथ किंवदंती बन जाते हैं और सलमान खान और हिमेश रेशमिया का रिश्ता भी उन्हीं में से एक है। लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि सलमान खान ने ही हिमेश रेशमिया को फिल्म इंडस्ट्री में ब्रेक दिया था। खुद हिमेश भी कई बार इस बात को स्वीकार कर चुके हैं। लेकिन इसके साथ-साथ एक दिलचस्प अफवाह यह भी उड़ती रही कि हिमेश रेशमिया ने महज 16 साल की उम्र में सलमान खान को अपनी एक फिल्म में बतौर लीड एक्टर साइन कर लिया था। आखिर इस दावे में कितनी सच्चाई हैइसका जवाब खुद हिमेश ने एक लोकप्रिय चैट शो में दिया।

    कॉमेडी किंग कपिल शर्मा के शो पर जब हिमेश रेशमिया से यह सीधा सवाल किया गया कि क्या उन्होंने 16 साल की उम्र में सलमान खान को अपनी फिल्म में साइन किया थातो हिमेश ने मुस्कुराते हुए उस दौर की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि तकनीकी रूप से साइनिंग उनके पिता ने की थी। हिमेश ने कहा कि उस फिल्म का नाम युवा थाजो कभी बन नहीं पाई। उस वक्त वह बेहद कम उम्र के थेलेकिन म्यूजिक के लिए उनका जुनून साफ नजर आता था। उन्होंने बताया कि उस समय तक वह 200-300 गाने कंपोज कर चुके थे।

    हिमेश के मुताबिकसलमान खान ने वे गाने सुने थे और उन्हें पसंद भी किया था। हालांकि फिल्म आगे नहीं बढ़ पाईलेकिन सलमान के मन में हिमेश की मेहनत और टैलेंट की छाप रह गई। इसके बाद हिमेश टीवी इंडस्ट्री में चले गए और सीरियल प्रोडक्शन से जुड़ गए। म्यूजिक उनका पैशन थालेकिन उन्होंने तय किया था कि वह तभी फिल्मों में म्यूजिक देंगे जब उनका गाना किसी फिल्म का हिस्सा बनेगा।यहीं से कहानी एक अहम मोड़ लेती है। हिमेश ने बताया कि सलमान खान को वह शुरुआती मुलाकातें और गाने आज भी याद थे। इसी भरोसे के चलते सलमान ने उन्हें फिल्म प्यार किया तो डरना क्या का टाइटल सॉन्ग ऑफर किया। यह जिम्मेदारी आसान नहीं थीक्योंकि इसी नाम से मुगल-ए-आजम का ऐतिहासिक हिट गाना पहले से मौजूद था। हिमेश के लिए यह करियर का पहला बड़ा मौका था और असफलता का मतलब सब कुछ खत्म हो सकता था।

    लेकिन किस्मत और मेहनत दोनों ने साथ दिया। जब यह गाना सलमान खान और सलीम खान को सुनाया गयातो सलीम साहब ने खड़े होकर तालियां बजाईं। यही पल हिमेश रेशमिया के करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया। पहला गाना सुपरहिट हुआ और इसके बाद हिमेश ने एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर गाने दिए। एक समय ऐसा भी आया जब बॉलीवुड में शायद ही कोई फिल्म होती थी जिसमें हिमेश का म्यूजिक न हो।

    हालांकियह चमक ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। जब हिमेश ने यह शर्त रखी कि वह सिर्फ उन्हीं फिल्मों में गाने गाएंगे जिनमें वह खुद अभिनय करेंगेतब उनके करियर का ग्राफ नीचे आने लगा। मेकर्स ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए और धीरे-धीरे उनके गाने कम होते चले गए।इसके बावजूदयह कहना गलत नहीं होगा कि सलमान खान और हिमेश रेशमिया की यह कहानी बॉलीवुड में संघर्षमौके और कृतज्ञता की एक मिसाल बन चुकी है।