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  • MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता

    MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में एक बार फिर हिंदू युवती (Hindu girl) और मुस्लिम युवक (Muslim youth) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मामला गोविंदपुरा थाना क्षेत्र (Govindpura police station area.) के गौतम नगर (Gautam Nagar) स्थित प्राईड इन होटल का है, जहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक को होटल के कमरे में पकड़ लिया. इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और युवक के साथ मारपीट की गई. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


    युवक की पिटाई के बाद लगाया गोबर और पोती स्याही

    जानकारी के मुताबिक हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि होटल में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक ठहरे हुए हैं. इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटल पहुंच गए. आरोप है कि कार्यकर्ता सीधे युवक-युवती के कमरे तक पहुंचे और दोनों को बाहर निकालकर सड़क पर ले आए. इस दौरान युवक के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई. इतना ही नहीं, युवक को अर्धनग्न कर उसके चेहरे पर गोबर और स्याही भी पोती गई. मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा.

    घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस युवक और युवती को थाने लेकर पहुंची, जहां दोनों से पूछताछ की गई. हालांकि काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद भी किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।


    एक दूसरे को पहले से जानते थे युवक-युवती

    पुलिस के अनुसार युवक की पहचान आरिफ खान के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरिफ के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं. उस पर अड़ीबाजी, ब्लैकमेलिंग और मोबाइल चोरी जैसे आरोप लग चुके हैं. वहीं युवती भोपाल के अयोध्या नगर इलाके की रहने वाली बताई जा रही है. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और पहले भी रिलेशनशिप में रह चुके हैं।

    मामले को लेकर थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि पुलिस ने सभी पक्षों को समझाइश देकर छोड़ दिया है. किसी भी पक्ष ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी लोगों को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित हो।

  • MP: खंडवा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुएं में फेंकी मूर्ति… भड़के हिंदू संगठन, मचा बवाल

    MP: खंडवा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुएं में फेंकी मूर्ति… भड़के हिंदू संगठन, मचा बवाल


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे की ओर पिछले एक हफ्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई (Remove Encroachment) चल रही है जिसके तहत 100 से अधिक मकान तोड़े जा चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान एक मूर्ति को कुएं में फेंकने का वीडियो वायरल होने पर हिंदू संगठनों ने रेलवे अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर नगर निगम में हंगामा किया।


    अब तक 100 से ज्यादा मकान तोड़े गए

    खंडवा के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे के काम के लिए बीते एक हफ्ते से लगातार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अब तक 100 से ज्यादा मकान तोड़े जा चुके हैं जिससे प्रभावित परिवारों में बहुत गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रहने का दूसरा इंतजाम किए बिना की गई इस कार्रवाई से कई परिवार बेघर होने वाले हैं। आलम यह है कि इलाके में तनाव बना हुआ है।


    मूर्ति को कुएं में गिराए जाने का वीडियो वायरल

    लोग उस वक्त और भड़क गए जब बुधवार को रेलवे अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एक मूर्ति को कुएं में फेंकते हुए दिखाया गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और रेलवे अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


    दोहरे मापदंड का आरोप

    हिंदू जागरण मंच के नेता माधव झा ने रेलवे प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर मंदिरों को बिना किसी पूर्व अनुमति के तोड़ा जा रहा है, जबकि मजारों के मामले में नोटिस देकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर धार्मिक स्थलों को लेकर इस तरह का भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इस आरोप के बाद मौके पर माहौल और अधिक गरमा गया।


    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    रेलवे अधिकारियों, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय तक तीखी बहस होती रही। मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बढ़ते तनाव को देखते हुए समझाइश का प्रयास किया गया। फिलहाल रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की संवेदनशील परिस्थितियों में अधिक सावधानी बरती जाएगी और धार्मिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    कांग्रेस का हंगामा, मुख्य द्वार पर लगाना पड़ा ताला
    रेलवे की अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर जनता में पहले से ही नाराजगी बनी हुई थी। इसी मुद्दे पर बुधवार को खंडवा नगर निगम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि नगर निगम के मुख्य द्वार पर स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए ताला तक लगाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई।


    महापौर ने दिया पुनर्वास का भरोसा

    आखिरकार खंडवा महापौर अमृता यादव ने प्रदर्शनकारियों और प्रभावित परिवारों को नई जगह पर जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। महापौर के इस आश्वासन के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और विवाद अस्थायी रूप से थम गया। हालांकि, प्रभावित परिवारों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि जब तक लिखित और ठोस पुनर्वास योजना सामने नहीं आती, उनका विरोध जारी रहेगा।

  • भोपाल में साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव

    भोपाल में साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में बुधवार शाम को कार को ओवरटेक करने की बात पर कुछ युवकों ने साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता कर दी। जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और मिसरोद थाने का घेराव कर दिया।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी साध्वी रंजना दीदी बुधवार की शाम नर्मदापुरम रोड से गुजर रही थी। इसी दौरान एक कार चालक ने उनकी कर को ओवरटेक किया और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कार में टक्कर मार दी। साध्वी अपने दो सहयोगी बहनों के साथ घटना के समय में गाड़ी में मौजूद थीं। गाड़ी टकराने के विवाद के बाद पीछे की कार में सवार युवकों ने गुंडागर्दी शुरू कर दी। उन्होंने साध्वी की गाड़ी में तोड़फोड़ की तथा डीजल की केन निकालकर कार को जलाने की कोशिश भी की। जब साध्वी रंजना ने इसका विरोध किया तो आरोपी कार चालक ने उनके साथ जमकर अभद्रता की और झूम झटकी तक कर दी।

    इसके बाद साध्वी रंजना दीदी थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंची। इसकी जानकारी विश्व मिलने के बाद हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मिसरोद थाने के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। उन्होंने गुंडागर्दी करने वाले युवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने तथा उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। आरोपी विशेष समुदाय के बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी रतन सिंह ने बताया कि का को ओवरटेक करने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में

    रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में


    रतलाम (म.प्र.)। मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में मंगलवार सुबह गोमांस तस्करी के शक को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाइक से गोमांस ले जाने के आरोप में बाजना बस स्टैंड पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें रात में ही सूचना मिली थी कि शहर में अवैध रूप से गोमांस का परिवहन किया जा रहा है। सुबह कार्यकर्ता संदिग्ध वाहनों की तलाश में निकल पड़े और बाजना बस स्टैंड पर एक बाइक को घेर लिया। उनके अनुसार बाइक पर मांस से भरे कट्टे थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके का वातावरण तनावपूर्ण हो गया।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और हाट चौकी प्रभारी पंकज राजपूत सहित अन्य पुलिस कर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें समझाया और मांस की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मौके पर तीन से चार बाइक थीं, जिनमें से तीन बाइक सवार भागने में सफल हो गए। पुलिस ने एक बाइक को पकड़ लिया, लेकिन चालक फरार हो गया। जांच में पकड़े गए मांस के दो कट्टों में से एक को पशु चिकित्सालय भेजा गया, जबकि दूसरा कट्टा मौके पर रखा गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह मांस भैंस के बच्चों का पाया गया।डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रतलाम जिले के रावटी निवासी लालचंद पिता देवचंद के रूप में हुई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने प्रारंभिक बयान में दावा किया कि उसने मांस रतलाम की एक लाइसेंसी दुकान से खरीदा और गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए ले जा रहा था।

    पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच जारी है और मांस की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी।रतलाम में यह घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखेंगे, जबकि पुलिस ने आश्वासन दिया कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

  • शिवपुरी में आदिवासियों का मतांतरण कराने का मामलाहिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने ढहाया अवैध चर्च

    शिवपुरी में आदिवासियों का मतांतरण कराने का मामलाहिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने ढहाया अवैध चर्च


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील के कुछ गांवों में आदिवासी और भील परिवारों का कथित रूप से मतांतरण कराकर उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था। यह मामला तब सामने आया जब हिंदू संगठनों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। इन संगठनों का आरोप है कि यह प्रक्रिया अवैध तरीके से की जा रही थी और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

    हिंदू संगठनों की सक्रियता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
    हिंदू संगठनों ने गुढाल डांग गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन को इस बारे में सूचित किया। पुलिस वन विभाग और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां बन रहे एक चर्च को देखा जो अवैध रूप से निर्माणाधीन था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस चर्च को ढहा दिया और इसके निर्माण से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी।

    कथित मतांतरण और प्रशासन की भूमिका

    इस मामले में हिंदू संगठनों का कहना है कि आदिवासी और भील परिवारों को विभिन्न लालच देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के गतिविधियां समाज में अस्थिरता और धार्मिक तनाव उत्पन्न कर सकती हैं। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और यह सुनिश्चित किया कि ऐसे किसी भी अवैध धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।

    प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए

    प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और अवैध चर्च को ढहाने के साथ-साथ मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति या समूह ने इस प्रकार की गतिविधि की है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस इलाके में किसी तरह का धार्मिक विवाद उत्पन्न न हो और शांति बनाए रखी जाए।

    शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील में आदिवासी और भील परिवारों के कथित मतांतरण के मामले ने एक बार फिर से धार्मिक असहमति और समाज में सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध चर्च को ढहा दिया है और अब मामले की जांच चल रही है। यह घटना इस बात का संदेश देती है कि किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ प्रशासन सख्त कदम उठाएगा और समाज में शांति बनाए रखने के लिए कार्य करेगा।

  • जबलपुर चर्च विवाद: ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, दो पक्षों में हाथापाई..

    जबलपुर चर्च विवाद: ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा, दो पक्षों में हाथापाई..


    जबलपुर/मध्यप्रदेश के जबलपुर में शनिवार को एक चर्च में आयोजित कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। गोरखपुर थाना क्षेत्र में स्थित चर्च में ब्लाइंड छात्र-छात्राओं के धर्मांतरण की सूचना मिलने के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि चर्च में मौजूद लोगों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई तक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर थाना पुलिस और सीएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन काफी देर तक दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार गोरखपुर क्षेत्र में जॉनसन स्कूल कैंपस के पीछे स्थित चर्च में क्रिसमस कार्यक्रम के नाम पर शहर के अलग-अलग छात्रावासों से करीब 70 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। चर्च के अंदर बच्चों से प्रार्थना कराई जा रही थी। इसी दौरान किसी ने हिंदू संगठनों को सूचना दी कि इन बच्चों को लालच देकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लाया गया है।

    सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता चर्च पहुंच गए और आरोप लगाने लगे कि दिव्यांग बच्चों को भोजन और अन्य सुविधाओं का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों को जिस छात्रावास से लाया गया वहां से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई।विवाद के दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और स्थिति को संभाला।पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है जिसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था।

    हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बच्चों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें खाने-पीने का लालच देकर चर्च के कार्यक्रम में लाया गया था। संगठन के पदाधिकारी विकास खरे ने कहा कि बच्चों को बताया गया था कि वे सिर्फ क्रिसमस की तैयारी में शामिल होने जा रहे हैं लेकिन चर्च में कथित रूप से धार्मिक बातें कराई जा रही थीं और हनुमान चालीसा को गलत बताया गया। उनका दावा है कि हर साल 25 दिसंबर के आसपास इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।वहीं चर्च की ओर से महिला लीला जोसफ ने सभी आरोपों को खारिज किया है।उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य ईशू कार्यक्रम था जिसमें ब्लाइंड बच्चों को अलग-अलग स्कूलों और क्षेत्रों-मेडिकल कॉलेज के पास सिविल लाइन और बायपास इलाके से-आमंत्रित किया गया था। उनका कहना है कि बच्चों को संबंधित संस्थाओं की अनुमति से ही लाया गया था और धर्मांतरण जैसा कोई उद्देश्य नहीं था।

    सीएसपी एमडी नगोतिया ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके छात्रावास वापस भेज दिया गया है।पुलिस अब चर्च में कार्यक्रम आयोजित करने वालों और जिन दिव्यांग छात्रावासों से बच्चों को लाया गया था दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी पक्ष की ओर से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है लेकिन पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।