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  • चीन में होने वाले जूनियर एशिया कप के लिए तैयार भारत, शिलेइमा चानू को मिली टीम की कमान

    चीन में होने वाले जूनियर एशिया कप के लिए तैयार भारत, शिलेइमा चानू को मिली टीम की कमान


    नई दिल्ली। हॉकी इंडिया ने एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। यह प्रतिष्ठित महाद्वीपीय टूर्नामेंट 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चीन में आयोजित होगा, जहां एशिया की सर्वश्रेष्ठ जूनियर टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। भारतीय टीम में 18 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जबकि दो खिलाड़ियों को वैकल्पिक सदस्य के रूप में चुना गया है। टीम की कमान मिडफील्डर खाइदेम शिलेइमा चानू को सौंपी गई है, जिन पर टूर्नामेंट में भारत को मजबूत प्रदर्शन दिलाने की जिम्मेदारी होगी।

    शिलेइमा चानू इससे पहले भी भारतीय जूनियर महिला टीम की कप्तानी कर चुकी हैं और नए मुख्य कोच टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में उन्होंने शानदार नेतृत्व क्षमता दिखाई है। टीम हाल ही में यूनाइटेड किंगडम के एक्सपोजर दौरे से लौटी है, जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिला। इस दौरे ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनकी तकनीकी और सामरिक तैयारियों को भी मजबूत किया है।

    जूनियर एशिया कप को एशियाई हॉकी की नई प्रतिभाओं के लिए सबसे बड़े मंचों में से एक माना जाता है। इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी भविष्य में सीनियर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने की मजबूत दावेदारी पेश करते हैं। यही वजह है कि भारतीय टीम इस टूर्नामेंट को केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि भविष्य की तैयारी के रूप में भी देख रही है।

    मुख्य कोच टिम व्हाइट ने टीम चयन के बाद खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में खिलाड़ियों ने अपने खेल के हर पहलू पर लगातार काम किया है और एक टीम के रूप में काफी प्रगति की है। उनके अनुसार यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों के लिए एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता साबित करने और बड़े सपनों की ओर कदम बढ़ाने का सुनहरा अवसर होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह टीम अनुशासन, आत्मविश्वास और सामूहिक प्रदर्शन के दम पर भारत को गौरवान्वित करेगी।

    भारतीय टीम में गोलकीपर के रूप में निधि और एंगिल हर्षा रानी मिंज को जगह मिली है। डिफेंस में पूजा साहू, सुप्रिया, पूजा मलिक, पार्वती टोपनो और मधु शामिल हैं। मिडफील्ड की जिम्मेदारी कप्तान खाइदेम शिलेइमा चानू के साथ तनुजा टोप्पो, बिनिमा धन, रोशनी आइंद और गीता यादव संभालेंगी। वहीं आक्रमण की कमान लालरिनपुई, पूर्णिमा यादव, सुखवीर कौर, कृष्णा शर्मा, सनिका चंद्रकांत माने और मधु सिदार के हाथों में होगी। एफ लालबियाक्सियामी और तनुश्री दिनेश कडू को वैकल्पिक खिलाड़ियों के रूप में टीम में रखा गया है।

    अब भारतीय टीम की नजर चीन में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर खिताब जीतने पर होगी। युवा खिलाड़ियों से सजी यह टीम अनुभव और ऊर्जा का बेहतरीन मिश्रण लेकर मैदान में उतरेगी और भारतीय हॉकी के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।

  • एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में उतरेगा भारत, हॉकी इंडिया ने घोषित किया 20 सदस्यीय दल

    एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में उतरेगा भारत, हॉकी इंडिया ने घोषित किया 20 सदस्यीय दल


    नई दिल्ली । हॉकी इंडिया ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में स्टार डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। मौजूदा चैंपियन भारत इस बार भी स्वर्ण पदक बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगा। इस टूर्नामेंट का विजेता सीधे लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई करेगा, इसलिए यह प्रतियोगिता भारतीय टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    हॉकी इंडिया ने इस बार अनुभव और युवा जोश का संतुलित मिश्रण तैयार किया है। टीम में देश के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल मिडफील्डर मनप्रीत सिंह को भी जगह दी गई है। लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ मनप्रीत टीम को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    गोलकीपिंग की जिम्मेदारी मोहित एचएस और सूरज करकेरा के कंधों पर होगी। डिफेंस में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच शामिल किए गए हैं। मिडफील्ड में हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकांता शर्मा, राजिंदर सिंह और राज कुमार पाल टीम की कमान संभालेंगे। वहीं फॉरवर्ड लाइन में दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और अभिषेक विरोधी टीमों के खिलाफ गोल दागने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

    भारतीय टीम को पूल-ए में मेजबान जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। इसके बाद श्रीलंका से 22 सितंबर, कोरिया से 24 सितंबर, जापान से 26 सितंबर और बांग्लादेश से 28 सितंबर को मुकाबला होगा। सभी मैच जापान के काकामिगहारा स्थित गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले जाएंगे।

    मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम की घोषणा के बाद कहा कि भारतीय टीम पूरी तरह तैयार है और उसका सबसे बड़ा लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट हासिल करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का यह संयोजन टीम को सफलता दिलाने में सक्षम है।

    कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी टीम पर पूरा विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि चाहे युवा खिलाड़ी हों या अनुभवी, सभी अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझते हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए और हर मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए।

    भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में स्वर्ण पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल किया था। अब टीम की नजर लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का खिताब जीतने और एक बार फिर सीधे ओलंपिक में जगह बनाने पर होगी।

    भारतीय टीम

    गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा

    डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच

    मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलाकांता शर्मा, विवेक सागर प्रसाद

    फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक

  • मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास

    मस्कट में लहराया तिरंगा भारतीय पुरुष टीम बनी एशियन चैंपियन महिला टीम ने सिल्वर जीतकर रचा शानदार इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय युवा हॉकी ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दम दिखाया है। ओमान के मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर भारतीय महिला टीम भी फाइनल तक पहुंची लेकिन चीन के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों टीमों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय हॉकी का भविष्य बेहद मजबूत हाथों में है।

    पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के पांचवें मिनट में रोमित पाल ने शानदार गोल दागकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनकी तेज रफ्तार और बेहतरीन फिनिशिंग ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। पहले हाफ में मिली इस बढ़त के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी टीम को ज्यादा मौके नहीं दिए।

    दूसरे हाफ में भारत ने अपने खेल की रफ्तार और तेज कर दी। कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में शानदार गोल कर बढ़त को 2-0 कर दिया। इसके तुरंत बाद शाहरुख अली ने एक और गोल दागते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। पाकिस्तान की ओर से मुहम्मद उस्मान ने 16वें मिनट में एकमात्र गोल किया लेकिन तब तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। भारतीय डिफेंस ने अंत तक शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

    इस शानदार प्रदर्शन का एक और बड़ा फायदा भारत को मिला। फाइनल में पहुंचने के कारण भारत और पाकिस्तान दोनों ने पहली एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए भी अपना स्थान पक्का कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने जिस अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया उसने भविष्य के लिए उम्मीदें और मजबूत कर दी हैं।

    महिला वर्ग में भी भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि खिताबी मुकाबले में चीन की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय रक्षा पंक्ति को कई बार भेदा और 4-2 से जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया लेकिन चीन की आक्रामक रणनीति के सामने वह जीत हासिल नहीं कर सकी। इसके बावजूद रजत पदक जीतना युवा भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    दोनों टीमों की सफलता पर हॉकी इंडिया ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को सम्मानित करने का फैसला किया है। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को दो लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं रजत पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को एक लाख रुपये तथा सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को पचास हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय टीमों का यह प्रदर्शन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह आने वाले वर्षों में भारतीय हॉकी की मजबूत नींव का संकेत भी है। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और उनका प्रदर्शन यह भरोसा दिलाता है कि भविष्य में भारत विश्व हॉकी में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेगा।

  • भारत का डबल धमाका! पहले ओमान फिर पाकिस्तान को हराया, पुरुष टीम का शानदार प्रदर्शन जारी

    भारत का डबल धमाका! पहले ओमान फिर पाकिस्तान को हराया, पुरुष टीम का शानदार प्रदर्शन जारी


    नई दिल्ली। मस्कट में आयोजित एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय सब जूनियर पुरुष टीम ने अपने शानदार खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। भारतीय खिलाड़ियों ने पहले मेजबान ओमान को 10-1 के बड़े अंतर से मात दी और इसके बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-3 से हराकर टूर्नामेंट में अपना दबदबा साबित कर दिया। लगातार दो प्रभावशाली जीत के साथ भारतीय टीम ने यह संकेत दे दिया है कि वह खिताब की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल है। हालांकि महिला टीम को चीन के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

    पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले हाफ में ही भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी। रोमित पाल ने आठवें मिनट में पहला गोल दागकर टीम का खाता खोला। इसके बाद करण गौतम और कप्तान केतन कुशवाहा ने लगातार गोल कर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया। भारतीय खिलाड़ियों की तेज रफ्तार और सटीक आक्रमण के सामने पाकिस्तानी टीम पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई।

    दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। प्रहलाद राजभर ने चौथा गोल कर बढ़त को और मजबूत किया। पाकिस्तान ने मोहम्मद उस्मान के दो गोल और कप्तान अदील के एक गोल के दम पर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय टीम ने उन्हें ज्यादा मौका नहीं दिया। शाहरुख अली, राहुल यादव और कप्तान केतन कुशवाहा ने लगातार गोल दागकर भारत की 7-3 की शानदार जीत सुनिश्चित कर दी।

    इससे पहले मेजबान ओमान के खिलाफ भी भारतीय खिलाड़ियों ने एकतरफा प्रदर्शन किया। पहले हाफ में ही भारत ने 6-0 की बढ़त हासिल कर मुकाबले का रुख तय कर दिया था। शाहरुख अली और कप्तान केतन कुशवाहा ने दो-दो गोल किए, जबकि करण गौतम और प्रहलाद राजभर ने भी गोल कर टीम की बढ़त मजबूत की। ओमान की ओर से एकमात्र गोल खजराज सुबैत सुबैत अल मशराफी ने किया, लेकिन इससे मैच के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा और भारत ने 10-1 से बड़ी जीत दर्ज की।

    दूसरी ओर भारतीय सब जूनियर महिला टीम को चीन के खिलाफ 3-6 से हार झेलनी पड़ी। भारत ने शानदार शुरुआत करते हुए शुरुआती बढ़त बनाई। संदीप कुमार ने पहला गोल किया, जबकि किरण एक्का ने लगातार दो गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि चीन ने शानदार वापसी करते हुए हाफ टाइम तक मुकाबला 3-3 से बराबर कर लिया।

    दूसरे हाफ में चीनी टीम ने अपनी आक्रामकता और बढ़ा दी। गुओ जियाक्सिन ने हैट्रिक पूरी की, जबकि लू टोंगटोंग ने दूसरा गोल कर चीन की जीत पर मुहर लगा दी। भारतीय टीम ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन वापसी नहीं कर सकी।

    यह टूर्नामेंट पहली बार आयोजित होने वाले एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए एशियाई क्वालीफायर भी है। ऐसे में भारतीय पुरुष टीम की लगातार दो जीत उसके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देने के साथ विश्व कप क्वालीफिकेशन की राह भी मजबूत कर रही है।

  • हॉकी खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, बैतूल को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ

    हॉकी खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, बैतूल को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ


    बैतूल । भारतीय हॉकी संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले को खेल के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। बैतूल विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ लगाए जाने की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के लिए 6 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

    मध्यप्रदेश शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि स्टेडियम अधोसंरचना मद के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। इस फैसले से जिले के हॉकी खिलाड़ियों में उत्साह की लहर है। लंबे समय से खिलाड़ी आधुनिक और सुरक्षित खेल सतह की मांग कर रहे थे जो अब पूरी होने जा रही है। गौरतलब है कि मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में वर्ष 2010-11 में एस्ट्रोटर्फ स्थापित किया गया था। समय सीमा पूरी होने और लंबे उपयोग के कारण वह अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। खराब सतह के चलते खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था साथ ही चोट लगने का खतरा भी बना रहता था।

    नया सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों और प्रशिक्षण के लिए पूरी तरह अनुकूल होगा। इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अभ्यास का अवसर मिलेगा, बल्कि भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुविधाएं मिलने से बैतूल हॉकी के मानचित्र पर एक बार फिर मजबूत पहचान बना सकेगा।

    इस स्वीकृति को लेकर खिलाड़ियों प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने विधायक हेमंत खंडेलवाल और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। उनका कहना है कि यह कदम युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा और जिले से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ब्लू एस्ट्रोटर्फ की यह सौगात बैतूल के खेल विकास में मील का पत्थर साबित होगी और भारतीय हॉकी के शताब्दी वर्ष को जिले के लिए यादगार बनाएगी।