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  • उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में फाग उत्सव:महिलाओं और युवतियों ने फूलों-गुलाल से खेली होली

    उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में फाग उत्सव:महिलाओं और युवतियों ने फूलों-गुलाल से खेली होली

    उज्जैन। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में होली के दूसरे दिन फाग उत्सव बड़े भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भजन-कीर्तन के बीच फूलों और गुलाल से होली खेली। भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की शिक्षा स्थली पर श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते हुए उत्सव का आनंद लिया।

    आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन की मधुर धुनें गूंजती रहीं। “रंग मत डाले रे कान्हा”, “जुल्म कर डारयो सितम कर डारयो” और “आज ब्रज में होली रे रसिया” जैसे भजनों पर महिलाएं झूमती और नाचती नजर आईं। भक्ति संगीत के बीच पूरा आश्रम परिसर उत्सवमय हो गया और श्रद्धालु भगवान की भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।

    उज्जैन को महाकाल की नगरी और भक्ति भाव की नगरी कहा जाता है। यहां अनेक प्राचीन मंदिर और धार्मिक परंपराएं हैं, जिनमें होली का पर्व भी विशेष तरीके से मनाया जाता है। सांदीपनि आश्रम में आयोजित यह फाग उत्सव इन्हीं प्राचीन परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    कीर्ति व्यास ने बताया कि होली का पर्व रंगपंचमी तक पांच दिनों तक मनाया जाता है। इसी परंपरा के तहत दूज के दिन भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ फूलों और गुलाल से होली खेली जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु भी आश्रम पहुंचते हैं और भजन-कीर्तन के बीच फाग उत्सव का आनंद लेते हैं।

    कमला देवी व्यास ने आगे कहा कि सांदीपनि आश्रम में हर साल फाग उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगकर इस आयोजन में शामिल होते हैं। यह उत्सव प्रतिवर्ष बड़े आनंद और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

  • नर्मदापुरम में होली पर गाने को लेकर युवाओं की जमकर पिटाई, बोतलें भी फेंकी गईं

    नर्मदापुरम में होली पर गाने को लेकर युवाओं की जमकर पिटाई, बोतलें भी फेंकी गईं

    नर्मदापुरम नर्मदापुरम के अनाज मंडी परिसर में होली के दिन दो युवा गुटों के बीच हिंसक झगड़ा देखने को मिला। यह झगड़ा कैंटीन के सामने गाने बजाने को लेकर शुरू हुआ और कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पक्ष द्वारा बजाए जा रहे गाने की आवाज दूसरे पक्ष को नागवार गुजरी, जिससे आपत्ति जताई गई और दोनों पक्षों के बीच तकरार बढ़ गई। कुछ ही समय में विवाद हिंसक रूप ले गया और युवाओं ने एक-दूसरे पर लात-घूसे बरसाना शुरू कर दिया।

    झगड़े के दौरान युवाओं ने कैंटीन परिसर में रखी खाली कांच की बोतलें भी फेंकीं, जिससे वहां मौजूद अन्य लोग डर के मारे भाग खड़े हुए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों गुटों के युवाओं के बीच जमकर मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो में एक गुट का युवक दूसरे युवक को जमीन पर पटककर लात-घूसे मारता दिखाई दे रहा है।

    सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने पर झगड़ रहे एक पक्ष के युवक भाग निकले, जबकि दूसरे पक्ष के कुछ युवाओं को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को समय रहते सूचना दी, जिससे बड़ी घटना को टाला जा सका।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गानों को लेकर होने वाला विवाद केवल एक छोटी बहस से शुरू हुआ, लेकिन होली के दौरान उत्साह और शराब के प्रभाव के चलते यह हिंसा में बदल गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो व अन्य सबूतों के आधार पर फरार युवाओं की पहचान करने में जुट गई है।

    अनाज मंडी परिसर में हुए इस झगड़े से आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठान और कैंटीन में आए लोग भयभीत हो गए। उन्होंने कहा कि होली के दिन इस तरह की हिंसा समाज और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पलीता जमाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी।

    इस घटना ने नर्मदापुरम में होली के अवसर पर सुरक्षा की चुनौतियों को भी उजागर कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि हिंसा में शामिल युवाओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कर मामले को गंभीरता से निपटाया जाएगा।

  • भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार

    भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार



    भोपाल  भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। 19 वर्षीय अरविंद मीणा, जो प्रताप नगर में रहता था और गारमेंट्स शॉप में सेल्समैन के रूप में काम करता था, बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद घूमने निकला था। सूत्रों के अनुसार, वह अपने दोस्तों विशाल ठाकुर उर्फ भूरा और सचिन के साथ आखिरी बार देखा गया। रात के अज्ञात समय में अज्ञात बदमाशों ने उसे घेरकर चार चाकू वार किए और उसके बाद उसका शव बेस्ट प्राइस के पास 80 फीट रोड पर ऑटो से फेंककर फरार हो गए। शव अर्धनग्न हालत में मिला, जिसमें उसके ऊपरी हिस्से के कपड़े नहीं थे।

    घटना की जानकारी लगते ही मृतक के पिता हल्केराम मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके और पास जाकर अपने बेटे का शव देखा। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे मोहल्ले के लोगों को स्तब्ध कर दिया। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    मृतक के मोहल्ले के लोग और परिचितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में देरी से समुदाय में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि अरविंद मीणा एक मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिसने अपने परिवार का सहारा बनने के लिए मेहनत की थी।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर होली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है और युवाओं को अशांति फैलाने से रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

    परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस से लगातार संपर्क में हैं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि हत्या की घटना व्यक्तिगत विवाद या आपराधिक मंशा के चलते हो सकती है, लेकिन सटीक कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    यह घटना न केवल भोपाल के निशातपुरा इलाके में तनाव बढ़ा रही है, बल्कि होली जैसे खुशियों के त्योहार पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

  • उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

    उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

     उज्जैनउज्जैन में मंगलवार को चंद्र ग्रहण के चलते शहर के कई प्रमुख मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। सुबह 6:47 बजे शुरू हुए सूतक काल के दौरान महाकालेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में दर्शन वर्जित रहे। सूतक शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और संध्या आरती के बाद दर्शन फिर से शुरू होंगे।

    महाकाल मंदिर के पट खुले रहने के बावजूद गर्भगृह में पुजारियों ने मंत्रोच्चार किया। श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर से ही भगवान के दर्शन कर रहे थे। इस दौरान मंदिर में केवल मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। शहर के अन्य प्रमुख मंदिर जैसे सांदीपनि आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर और गोपाल मंदिर में सुबह 5 बजे तक नियमित पूजा हुई, उसके बाद सूतक लगते ही पट बंद कर दिए गए।

    सूतक के दौरान भक्तों ने मंदिर के बाहर ही भगवान के दर्शन किए। मंगलनाथ मंदिर में भी पट बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अंगारेश्वर, गोपाल, चिंताहरण हनुमान और सिद्धेश्वर मंदिर सहित हजारों मंदिरों में दर्शन रोक दिए गए थे। मंदिर प्रशासन ने कहा कि शाम को सूतक समाप्त होने के बाद सभी मंदिरों की सफाई और शुद्धिकरण के बाद भगवान का स्नान, श्रृंगार और संध्या आरती की जाएगी।

    ज्योतिषाचारियों के अनुसार सूतक काल में पूजा, भोग और मूर्ति के स्पर्श वर्जित होते हैं। यही कारण है कि अधिकांश मंदिरों में यह व्यवस्था लागू की गई। हालांकि महाकाल मंदिर में भक्त दर्शन कर सकते हैं, लेकिन गर्भगृह में पुजारियों ने ही मंत्रोच्चार और अनुष्ठान जारी रखा।

    सूतक से पहले होली का उत्सव भी मंदिरों में पारंपरिक रूप से मनाया गया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ हर्बल गुलाल और फूलों से होली खेली। इसके बाद विधि-विधान से मंदिरों के पट बंद कर दिए गए और दर्शन वर्जित कर दिए गए।

    मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की कि वे सूतक के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश न करें और बाहर से ही पूजा करें। संध्या में पट खुलने के बाद सभी मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी।

    इस तरह, चंद्र ग्रहण के दौरान उज्जैन के मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक परंपरा दोनों का ध्यान रखा गया। भक्तों ने मंदिरों के बाहर भी पूजा कर अपनी आस्था व्यक्त की। सूतक समाप्ति के बाद मंदिरों में संपूर्ण शुद्धिकरण और भव्य संध्या आरती के साथ दर्शन शुरू होंगे, जिससे शहर में धार्मिक माहौल पूरी तरह लौट आएगा।

  • MP: होली पर CM ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, डीए 3% बढ़ाकर केन्द्र के समान 58 प्रतिशत किया

    MP: होली पर CM ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, डीए 3% बढ़ाकर केन्द्र के समान 58 प्रतिशत किया


    भोपाल।
    होली (Holi) से दो दिन पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के इस एलान के बाद यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है। इसका फायदा राज्य के करीब 7.30 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।

    मोहन यादव ने होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा ‘होली के पावन पर्व पर, मैं प्रदेश के सभी भाई-बहनों और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। होली आपसी मेल-जोल को मजबूत करने, कड़वाहट मिटाने और प्रेम बढ़ाने का त्योहार है। सभी को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई और होली की मंगलकामनाएं। इस अवसर पर राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है, जिससे यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।’

    करीब 10 महीने बाद बढ़ा डीए
    करीब 10 महीने पहले 27 अप्रैल 2025 को कर्मचारियों का डीए 5 फीसदी बढ़ाया गया था जिससे यह तब केंद्रीय कर्मचारियों के सामान हो गया था। कर्मचारियों को एरियर की राशि का भुगतान किया गया था। इससे पहले 28 अक्तूबर 2024 को इसमें 4 फीसदी तो 14 मार्च 2024 को 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी। 19 जुलाई 2023 और 27 जनवरी 2023 को भी 4-4 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई थी। वहीं 22 अगस्त 2022 को 3 फीसदी तो 21 मार्च 2022 को 11 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी।

    आपको बता दें कि सरकार महंगाई से निपटने के लिए सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है। इसकी दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेंक्स के आधार पर तय की जाती हैं। कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में साल में दो बार (हर 6 महीने में) बढ़ोत्तरी की जाती है।

    जनजातीय बहुल बड़वानी जिले में सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृषि कैबिनेट की बैठक की। बैठक के बाद उन्हें कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी जनजातीय इलाके में हुई इस बैठक में किसानों को कई सौगात देने पर मुहर लगी। मोहन यादव की पहली कृषि कैबिनेट में किसानों के लिए 27,746 करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव रखा है।

  • मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश

    मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में इस वर्ष होली के त्यौहार पर दो दिन अवकाश रहेगा। खग्रास चंद्रग्रहण के कारण रंगों का उत्सव 3 मार्च की बजाय 4 मार्च को मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने 3 मार्च के साथ 4 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में 4 मार्च को भी निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट-1881 के अधीन सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। राज्य शासन द्वारा होली के पावन पर्व पर पूर्व में 3 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा चुका है।

    इधर प्रदेश में होली की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश के हजारों स्थानों पर सोमवार को होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार होली का मुख्य दिन कुछ अलग रहेगा, क्योंकि तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू रहता है और इस अवधि में उत्सव नहीं मनाया जाता है, इसलिए इस साल होली का रंगोत्सव दहन के दूसरे दिन के बजाए चार मार्च बुधवार को तीसरे दिन मनाया जाएगा।

    इस बार होली उत्सव की शुरुआत दो मार्च की रात से होगी, जब पूरे राज्य में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद रंग उत्सव चार मार्च को मनाया जाएगा। प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी जिलों में होली समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    होली का पर्व धार्मिक रीति-रिवाज और खगोलीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है। जनता को रंगों और खुशियों के साथ-साथ सावधानी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। यह बदलाव इस पर्व को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए किया गया है।

  • मिलावटी खोया से होली पर खतरा: घर पर पहचानें शुद्ध खोया

    मिलावटी खोया से होली पर खतरा: घर पर पहचानें शुद्ध खोया


    नई दिल्ली । होली का त्योहार नजदीक है और बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। इसी बीच मिलावटखोर मिलावटी खोया बेचकर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने 12,800 किलो खोया बिक्री पर रोक दिया और 760 क्विंटल से अधिक खोया नष्ट कराया। ये कोई अलग मामला नहीं है, देशभर से मिलावटी खोया मिलने और उसकी बिक्री पर कार्रवाई की खबरें लगातार आ रही हैं।

    मिलावटी खोया दिखने में असली जैसा लगता है, लेकिन इसके सेवन से पेट दर्द, अपच, गैस, दस्त, फूड पॉइजनिंग, लिवर और किडनी की समस्या और हार्ट हेल्थ पर नकारात्मक असर हो सकता है। अगर इसमें डिटर्जेंट या यूरिया जैसी हानिकारक चीजें मिली हों, तो यह केमिकल टॉक्सिसिटी का कारण बन सकती है।

    डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली के अनुसार मिलावटी खोया अक्सर स्टार्च, मैदा, सिंथेटिक दूध, रिफाइंड तेल या वनस्पति घी, यहां तक कि साबुन या डिटर्जेंट जैसे हानिकारक पदार्थ मिलाकर बनाया जाता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, हार्ट डिजीज का खतरा होता है और पाचन तंत्र प्रभावित होता है।

    घर पर असली और नकली खोया पहचानना आसान है। FSSAI के अनुसार असली खोया मुलायम, दानेदार और हल्का गुलाबी रंग का होता है, जबकि मिलावटी खोया चिपचिपा, बहुत चिकना या रासायनिक गंध वाला हो सकता है।

    अगर आप घर पर खोया बनाना चाहते हैं तो प्रक्रिया सरल है। दूध को कड़ाही में उबालें, मीडियम आंच पर लगातार चलाएं और किनारों पर जमने वाली मलाई को वापस मिलाएं। जैसे-जैसे पानी सूखता है, दूध गाढ़ा होकर रबड़ी जैसा हो जाएगा। जब मिश्रण पूरी तरह गाढ़ा होकर एक जगह इकट्ठा हो जाए, तो गैस बंद करें। ठंडा होने पर खोया और सख्त और दानेदार हो जाएगा। इसे एयरटाइट डिब्बे में फ्रिज में 4-5 दिन या फ्रीजर में महीने भर रखा जा सकता है।

    अगर किसी दुकान पर मिलावटी खोया मिलने का शक हो तो पहले दुकानदार से बात करें। संतोषजनक जवाब न मिले तो FSSAI के टोल-फ्री नंबर 1800112100 पर शिकायत दर्ज करें। स्थानीय पुलिस और जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचना दी जा सकती है। शिकायत के लिए सैंपल और रसीद सुरक्षित रखें।

    मिलावटी फूड बेचने वालों पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई होती है। इसमें भारी जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या रद्द, दुकान सील और गंभीर मामलों में जेल की सजा शामिल हो सकती है। फूड सेफ्टी ऑफिसर जांच के बाद सैंपल लैब में भेजते हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हैं। होली पर मिठाइयों का मज़ा लेते हुए मिलावटी खोया से बचना बेहद जरूरी है। घर पर शुद्ध खोया बनाएं और सुरक्षित मिठाइयों का आनंद लें।

  • होली पर बसें थमेंगी: नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल

    होली पर बसें थमेंगी: नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल


    जबलपुर । मध्यप्रदेश में होली के त्यौहार से पहले बसों के पहिए थम सकते हैं। बस एसोसिएशन ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। संगठन ने यह कदम नई परिवहन नीति के विरोध में उठाया है। इसके कारण पूरे प्रदेश में त्योहार के दौरान सार्वजनिक परिवहन बाधित रहेगा, और यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ सकते हैं।

    बस एसोसिएशन का आरोप है कि नई नीति के तहत बसों का राष्ट्रीयकरण कर छोटे बस मालिकों को बाहर किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि नई पॉलिसी में परमिट का काम एक ही कंपनी को सौंपा जा रहा है और मल्टीनेशनल कंपनियों के आने से छोटे बस मालिक किराएदार बन जाएंगे। इसके अलावा, निजी बसों के परमिट रद्द कर उन्हें अनुबंध पर चलाने की योजना बनाई जा रही है। बस मालिकों का आरोप है कि सरकार बस संचालकों का शोषण कर उन्हें कमजोर करने पर तुली है।

    नई परिवहन नीति में बस संचालन को पूरी तरह डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत रखा जाएगा। बसों में अतिरिक्त यात्रियों को बैठने पर पाबंदी रहेगी और ओवरलोडिंग रोकने के लिए चालान का प्रावधान होगा। नीति के अनुसार किसी भी रूट का किराया परिवहन विभाग तय करेगा और बस संचालन के दौरान सरकार का पूरा नियंत्रण रहेगा।

    बस मालिकों और सरकार के बीच विवाद के कारण होली पर यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। त्योहार के दौरान घर लौटने वाले लोग समय से पहले अपने यात्रा प्रबंध करने को मजबूर हैं, क्योंकि हड़ताल की अनिश्चित अवधि को देखते हुए बसों की उपलब्धता नहीं रहेगी।

  • होली से ठीक पहले MP में बस हड़ताल, 20 हजार बसें एक दिन के लिए रहेंगी ठप

    होली से ठीक पहले MP में बस हड़ताल, 20 हजार बसें एक दिन के लिए रहेंगी ठप


    भोपाल। होली के त्योहार से ठीक पहले मध्य प्रदेश में यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी पैदा हो सकती है। ट्रेनों में पहले से लंबी वेटिंग चल रही है, वहीं 2 मार्च को प्रस्तावित बस हड़ताल के कारण करीब 20 हजार बसें प्रदेशभर में बंद रहेंगी। सामान्य दिनों में लगभग 12-15 हजार बसों का संचालन होता है, यानी हड़ताल के दिन लगभग पूरा निजी बस परिवहन ठप रहेगा।

    मध्य प्रदेश बस ऑनर एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने कहा कि परिवहन विभाग की दमनकारी नीतियों और प्रस्तावित योजनाओं के विरोध में बस मालिकों को मजबूर होकर हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार परमिट नीति और राष्ट्रीयकरण के जरिए निजी बसों के व्यवसाय को बड़ी कंपनियों के हाथ में देने की तैयारी कर रही है।

    प्रदेश में कुल 12,780 परमिट वाली और 7,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वाली बसें हैं। जय कुमार जैन का कहना है कि परिवहन विभाग योजना बना रहा है कि निजी बस मालिकों से किराया लेकर कंपनियां बस चलाएँ, जबकि मोटर व्हीकल कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इस विरोध में एसोसिएशन ने विस्तृत प्रेस नोट भी जारी किया है।

    हड़ताल में केवल कुछ ही नहीं, बल्कि सभी निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी रहेगी। इसमें कई कांग्रेस और बीजेपी से जुड़े नेताओं की बसें भी शामिल हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि व्यवसाय और परिवहन नीति से जुड़ा सवाल है।

    वर्तमान में VLT (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग) प्रणाली लागू है, जो बस की लोकेशन, गति और रूट की जानकारी ऑनलाइन जोड़ती है। ऑपरेटरों का आरोप है कि तकनीकी खामियों और ठेकेदार व्यवस्था के कारण उन्हें बार-बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    यात्रियों पर असर:
    होली के दौरान गांव से शहर और शहर से गांव जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग की स्थिति में बसें सबसे बड़ा विकल्प होती हैं। ऐसे में 2 मार्च को हड़ताल होने से हजारों लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं। अब सबकी नजर सरकार और बस मालिकों के बीच बातचीत पर टिकी है।

    बस मालिकों के आरोप और वजहें:

    निजी बस मालिकों के परमिट निरस्त कर राष्ट्रीयकरण की तैयारी।

    मल्टीनेशनल कंपनियों को बस संचालन का व्यापार देने का प्रयास।

    छोटे और पुराने बस मालिकों का व्यवसाय खतरे में।

    VLT प्रणाली और पंजीयन, फिटनेस प्रक्रियाओं में अवरोध।

    स्थायी अनुज्ञा और नवीनीकरण मामलों में लंबित निर्णय।

    अवैध वसूली और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई का अभाव।

    बस ऑपरेटरों का कहना है कि पहले भी राज्य में परिवहन व्यवस्था के प्रयोग विफल रहे, जैसे MPSRTC का संचालन, और वर्तमान प्रस्ताव भी उसी तरह छोटे और मध्यम बस मालिकों को बाहर करने जैसा है।

    इस बार की हड़ताल का मकसद है कि प्राइवेट बस मालिकों का व्यवसाय सुरक्षित रहे और पेरेंट्स और यात्रियों पर अनावश्यक दबाव न डाला जाए।

  • 2 मार्च से प्रदेशभर में बसें थमने को तैयार: सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में 29 हजार ऑपरेटरों की हड़ताल, होली में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी

    2 मार्च से प्रदेशभर में बसें थमने को तैयार: सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में 29 हजार ऑपरेटरों की हड़ताल, होली में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में 2 मार्च से लगभग 29 हजार बसों के संचालन पर संकट गहरा गया है। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा की योजना के विरोध में प्रदेश भर के बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं। उज्जैन में ही करीब 5 हजार बसें बंद रहने की संभावना है। यह हड़ताल विशेष रूप से होली की छुट्टियों के समय हो रही है, जब बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाने के लिए बस सेवा पर निर्भर होते हैं, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    बस संचालकों ने अपनी मांगों के समर्थन में बसों पर हड़ताल के पोस्टर लगाए हैं। मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन ने सरकार को पहले भी कई बार अपनी चिंताएं और विरोध पत्र सौंपे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा लागू होने पर ऑपरेटरों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा और कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसके अलावा, यदि नई नीति लागू होती है तो बस किराया लगभग 35 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे आम यात्रियों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा।

    प्राइम रूट बस संगठन के अध्यक्ष पंडित गोविंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार ने 24 दिसंबर को मोटर अधिनियम के तहत नई कंपनी बनाकर बस संचालन की घोषणा की है। नई नीति के अनुसार, जो भी कंपनी टेंडर में अधिक राशि देगी, वही बस सेवा का संचालन करेगी। यह कदम ऑपरेटरों के लिए अनुचित और अस्तित्व संकट का कारण बन सकता है। अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो 2 मार्च से प्रदेश भर में बसों के पहिए थम जाएंगे।

    हालांकि, सरकार का दावा है कि अप्रैल में नई कंपनी के तहत बसों का संचालन शुरू होगा। इसके लिए बसों को अनुबंधित (लीज पर लेने) किया जाएगा और संचालन चरणबद्ध तरीके से होगा। इंदौर संभाग में बस संचालन एआइसीटीएसएल के हाथ में रहेगा, जबकि अन्य संभागों में अलग-अलग सहायक कंपनियां जिम्मेदारी संभालेंगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को सुरक्षित, अनुशासित और नियमित बस सेवा मिलेगी, और ऑपरेटरों की आय भी मौजूदा व्यवस्था से बेहतर होगी।

    बस ऑपरेटरों और सरकार के बीच यह टकराव यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञ और यात्री संगठन हड़ताल से पहले वैकल्पिक परिवहन के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। निजी वाहन या ट्रेन के जरिए यात्रा की संभावना बढ़ सकती है। विशेषकर होली के समय यह हड़ताल लाखों यात्रियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है।

    इस पूरे मामले से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में परिवहन नीति लागू करने से पहले सरकार और ऑपरेटरों के बीच संवाद और समाधान जरूरी है। दोनों पक्षों को साझा समाधान निकालना होगा ताकि यात्रियों की परेशानियां कम से कम हों। हड़ताल से आम जनता पर भारी असर पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन को भी यातायात व्यवस्था के वैकल्पिक इंतजाम करने की आवश्यकता है।

    यदि बस ऑपरेटरों की मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च से प्रदेशभर में बस संचालन ठप रह सकता है, जिससे होली के समय यात्रा करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यात्रियों को अपने यात्रा प्लान में बदलाव करने और वैकल्पिक साधनों के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है।