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  • बरसात से पहले अलर्ट मोड में जबलपुर: आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग में 51 जवानों को मिला रेस्क्यू अभ्यास

    बरसात से पहले अलर्ट मोड में जबलपुर: आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग में 51 जवानों को मिला रेस्क्यू अभ्यास


    नई दिल्ली । बरसात के मौसम में संभावित बाढ़ और जल आपदाओं से निपटने के लिए मध्यप्रदेश होमगार्ड विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। भोपाल मुख्यालय के निर्देश पर जबलपुर संभाग में चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जवानों को आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकियां सिखाई गईं।
    यह प्रशिक्षण जबलपुर के प्रसिद्ध गौरीघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे आयोजित किया गया, जहां जवानों को वास्तविक परिस्थितियों में अभ्यास कराया गया। 7 मई से 9 मई तक चले इस प्रशिक्षण में कुल 51 होमगार्ड जवानों ने हिस्सा लिया, जो जबलपुर, कटनी, मंडला और नरसिंहपुर जैसे जिलों से चयनित किए गए थे।
    बाढ़ और जल आपदा से निपटने का व्यावहारिक अभ्यास
    प्रशिक्षण के दौरान जवानों को तेज बहाव वाली नदी में सुरक्षित तैरने, फंसे हुए लोगों को निकालने और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही उन्हें यह भी सिखाया गया कि आपदा के समय कैसे तेजी और सावधानी के साथ राहत कार्य किया जाए।
    जवानों को आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी गई। इसमें बोट संचालन, चप्पू और ओअर का सही उपयोग, तथा आउटबोर्ड मोटर (OBM) हैंडलिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकें शामिल थीं। इन अभ्यासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपदा की स्थिति में टीम तेजी से और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सके।
    SDRF की टीम भी रही शामिल
    इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के जवानों ने भी हिस्सा लिया, जिससे प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी बन गया। विशेषज्ञों की निगरानी में जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया।
    डिवीजनल कमांडेंट और जिला सेनानी व प्रशिक्षण प्रभारी नीरज सिंह ठाकुर की देखरेख में यह पूरा प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभ्यास से जवानों की क्षमता बढ़ती है और आपदा के समय राहत कार्यों में तेजी आती है।
    मानसून से पहले तैयारी तेज
    मौसम विभाग द्वारा मानसून के सामान्य रहने के अनुमान के बीच प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहता है। इसी के तहत प्रदेशभर में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।