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  • गर्म मौसम में यूरिन जलन की समस्या? ये घरेलू तरीके देंगे आराम..

    गर्म मौसम में यूरिन जलन की समस्या? ये घरेलू तरीके देंगे आराम..

    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने साथ कई तरह की शारीरिक परेशानियां लेकर आता है। तेज धूप, अधिक पसीना और शरीर में पानी की कमी के कारण लोग अक्सर डिहाइड्रेशन की समस्या का सामना करते हैं। इसी वजह से यूरिन में जलन जैसी समस्या भी काफी आम हो जाती है, जो कई लोगों के लिए असहज स्थिति पैदा कर देती है।

    डॉक्टरों के अनुसार, जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है। यही गाढ़ा यूरिन मूत्र मार्ग में जलन और असहजता का कारण बनता है। इसके अलावा, बैक्टीरियल इंफेक्शन, गलत खान-पान और साफ-सफाई की कमी भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।

    हालांकि राहत की बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सबसे जरूरी उपाय है पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना। नियमित अंतराल पर पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और यूरिन पतला होकर जलन कम करता है।

    इसके साथ ही नारियल पानी और छाछ का सेवन भी शरीर के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। ये दोनों पेय शरीर को ठंडक देते हैं और अंदरूनी संतुलन बनाए रखते हैं। नींबू पानी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, जिससे यूरिन संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

    जौ का पानी भी एक पारंपरिक और प्रभावी उपाय माना जाता है, जो मूत्र मार्ग की जलन को शांत करने में मदद करता है। यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में भी सहायक होता है और गर्मी के प्रभाव को कम करता है।

    गर्मी के दिनों में खान-पान पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। ज्यादा मसालेदार, तला-भुना या जंक फूड शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं, जिससे यूरिन जलन की समस्या और अधिक बढ़ सकती है। ऐसे में हल्का और संतुलित आहार लेना बेहतर होता है।

    साफ-सफाई का ध्यान रखना भी इस समस्या से बचाव में अहम भूमिका निभाता है। शरीर के संवेदनशील हिस्सों की स्वच्छता बनाए रखना और सूती, आरामदायक कपड़े पहनना संक्रमण के खतरे को कम करता है।

    अगर जलन के साथ बुखार, बदबूदार पेशाब या खून जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह किसी गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है, जिसके लिए तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी होता है।

  • चेहरे की खोई चमक लौटाएंगे मुल्तानी मिट्टी के ये असरदार फेस पैक

    चेहरे की खोई चमक लौटाएंगे मुल्तानी मिट्टी के ये असरदार फेस पैक


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी बढ़ता प्रदूषण और गलत खानपान का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। चेहरा बेजान और थका हुआ नजर आने लगता है जिससे आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है। ऐसे में अगर आप प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय ढूंढ रहे हैं तो मुल्तानी मिट्टी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। सदियों से भारतीय स्किन केयर में इस्तेमाल होने वाली मुल्तानी मिट्टी त्वचा को गहराई से साफ करने और उसका प्राकृतिक निखार वापस लाने में मदद करती है।

    मुल्तानी मिट्टी की खासियत यह है कि यह त्वचा से अतिरिक्त तेल गंदगी और अशुद्धियों को बाहर निकालती है। साथ ही यह स्किन को ठंडक देती है और उसे हेल्दी बनाए रखने में सहायक होती है। अलग अलग स्किन टाइप के अनुसार इसके विभिन्न फेस पैक तैयार किए जा सकते हैं जो आपकी त्वचा की जरूरतों को पूरा करते हैं।

    ऑयली स्किन वालों के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का फेस पैक सबसे असरदार माना जाता है। इसे बनाने के लिए मुल्तानी मिट्टी में जरूरत के अनुसार गुलाब जल मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को चेहरे पर 10 से 15 मिनट तक लगाकर रखें और सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें। यह पैक चेहरे से अतिरिक्त तेल को सोख लेता है और मुंहासों की समस्या को कम करने में मदद करता है। साथ ही त्वचा को ताजगी और साफ सफाई का एहसास देता है।

    अगर आप चेहरे पर खास चमक और निखार चाहते हैं तो मुल्तानी मिट्टी में हल्दी शहद और नींबू का रस मिलाकर फेस पैक बना सकते हैं। यह पैक त्वचा को पोषण देने के साथ साथ उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाता है। इसे भी 10 से 15 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखने के बाद धो लेना चाहिए। नियमित इस्तेमाल से चेहरे पर नेचुरल चमक नजर आने लगती है।

    इसके अलावा जिन लोगों की त्वचा थोड़ी डल या थकी हुई लगती है उनके लिए भी मुल्तानी मिट्टी बेहद फायदेमंद है। यह स्किन को रीफ्रेश करने के साथ साथ उसकी रंगत को भी निखारती है।

    हालांकि किसी भी फेस पैक का उपयोग करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। फेस पैक लगाने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ होना चाहिए ताकि गंदगी पूरी तरह हट जाए। सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी नए पैक को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें जिससे किसी भी तरह की एलर्जी या रिएक्शन से बचा जा सके।

    फेस पैक हटाने के बाद त्वचा को मॉइश्चराइज करना बेहद जरूरी है क्योंकि मुल्तानी मिट्टी त्वचा को थोड़ा ड्राय बना सकती है। इसके अलावा यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है या कोई स्किन समस्या है तो किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। इस तरह मुल्तानी मिट्टी के ये आसान और प्राकृतिक फेस पैक आपकी त्वचा को बिना किसी केमिकल के निखारने का सुरक्षित और असरदार तरीका साबित हो सकते हैं।

  • बढ़ा हुआ पित्त बिगाड़ सकता है सेहत, संतुलन के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 ठंडी तासीर वाली चीजें

    बढ़ा हुआ पित्त बिगाड़ सकता है सेहत, संतुलन के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 ठंडी तासीर वाली चीजें


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और अत्यधिक मसालेदार भोजन ने शरीर में पित्त बढ़ने की समस्या को आम बना दिया है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर तीन दोषों वात, पित्त और कफ पर आधारित होता है, जिनमें पित्त अग्नि और जल का मिश्रण है। जब यह असंतुलित हो जाता है, तो पाचन खराब होना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और चिड़चिड़ापन जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में समय रहते खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना बेहद जरूरी हो जाता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पित्त को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले आहार को अपनाना चाहिए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण हैं हल्के और सुपाच्य अनाज जैसे जौ, चावल और गेहूं। ये न केवल पाचन को बेहतर बनाते हैं बल्कि शरीर की आंतरिक गर्मी को भी कम करने में मदद करते हैं। इसके विपरीत उड़द दाल और कुलथी जैसी गरम तासीर वाली चीजों से दूरी बनाना ही बेहतर होता है, क्योंकि ये पित्त को और बढ़ा सकती हैं।

    फलों में मीठे और रसीले विकल्प पित्त संतुलन के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। सेब, नाशपाती, अंजीर और किशमिश जैसे फल शरीर को ठंडक देते हैं और पाचन को सुधारते हैं। हालांकि आमतौर पर खट्टे फलों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन आंवला और अनार सीमित मात्रा में लिए जा सकते हैं क्योंकि ये शरीर को पोषण देने के साथ पित्त को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं।

    सब्जियों की बात करें तो खीरा, करेला, मटर और परवल जैसी ठंडी या कड़वी तासीर वाली सब्जियां पित्त को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं बैंगन, कच्चा प्याज, लहसुन और पालक जैसी गरम प्रकृति वाली सब्जियों का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर की गर्मी को बढ़ा सकती हैं।

    किचन में मौजूद कुछ मसाले भी पित्त नियंत्रण में सहायक होते हैं। सौंफ, धनिया, इलायची और केसर जैसे मसाले शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। इसके उलट हींग और काली मिर्च का अधिक सेवन जलन और एसिडिटी को बढ़ा सकता है, इसलिए इनका उपयोग सीमित मात्रा में करना ही बेहतर है।

    डेयरी उत्पादों में ठंडा दूध, शुद्ध देसी घी और ताजी छाछ पित्त प्रकृति वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। ये न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि पाचन को भी मजबूत बनाते हैं।

    हालांकि केवल डाइट ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव भी उतना ही जरूरी है। पित्त बढ़ने पर तेज धूप से बचना चाहिए और ठंडे वातावरण में समय बिताना लाभकारी होता है। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए हल्का संगीत सुनना और पानी के पास समय बिताना भी फायदेमंद होता है।

    कुल मिलाकर, अगर आप अपने शरीर के पित्त को संतुलित रखना चाहते हैं, तो सही खानपान और संतुलित दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी है। इससे न केवल आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा, बल्कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे।

  • सुबह उठते ही महसूस होती है कमजोरी? शरीर में हो सकती है इन पोषक तत्वों की कमी, डाइट में तुरंत करें बदलाव

    सुबह उठते ही महसूस होती है कमजोरी? शरीर में हो सकती है इन पोषक तत्वों की कमी, डाइट में तुरंत करें बदलाव


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में कई लोग सुबह उठते ही थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस करते हैं। कई बार लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी का संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर आयरन की कमी यानी एनीमिया इसके प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।

    डॉक्टरों के मुताबिक जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तो खून में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर शरीर के अंगों और मांसपेशियों को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे व्यक्ति को सुबह उठते ही थकान, चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगती है। यह समस्या विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं में तेजी से बढ़ती देखी जा रही है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही खान पान और संतुलित डाइट के जरिए इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। इसके लिए कुछ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को रोजाना के आहार में शामिल करना जरूरी है।

    गुड़ और मूंगफली

    गुड़ आयरन का एक सस्ता और प्रभावी स्रोत माना जाता है। रोजाना थोड़ा सा गुड़ चने या मूंगफली के साथ खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और खून की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।

    हरी पत्तेदार सब्जियां

    पालक, मेथी और बथुआ जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन और फाइबर से भरपूर होती हैं। इन्हें नियमित रूप से खाने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है।

    दालें और चने
    काले चने, राजमा और उड़द की दाल प्रोटीन के साथ साथ आयरन का भी अच्छा स्रोत हैं। इन्हें अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और कमजोरी दूर होती है।

    तिल का सेवन

    काले और सफेद तिल दोनों ही आयरन से भरपूर होते हैं। तिल के लड्डू या चटनी का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और खून की कमी को दूर करने में मदद मिलती है।

    विटामिन सी का महत्व

    विशेषज्ञों का कहना है कि केवल आयरन युक्त भोजन करना ही पर्याप्त नहीं होता। शरीर में आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन सी की भी जरूरत होती है। इसलिए आयरन युक्त भोजन के साथ नींबू, संतरा या आंवला जैसे विटामिन सी से भरपूर फल जरूर खाने चाहिए।

    यदि आपको लगातार सुबह उठते समय कमजोरी, चक्कर या थकान महसूस होती है तो इसे नजरअंदाज न करें। अपनी डाइट में पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेकर खून की जांच भी करवाएं। स्वस्थ शरीर ही बेहतर और सफल जीवन की नींव होता है।

  • काली पड़ी चांदी? होली के लिए पायल और बिछिया तुरंत चमकाने के आसान घरेलू नुस्खे

    काली पड़ी चांदी? होली के लिए पायल और बिछिया तुरंत चमकाने के आसान घरेलू नुस्खे


    नई दिल्ली ।होली का त्योहार आते ही तैयारियों का दौर शुरू हो जाता है। रंग, परिधान और सजावट के साथ-साथ महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता होती है उनके गहनों की चमक। खासकर पायल और बिछिया, जिन्हें महिलाएं अक्सर रोज पहनती हैं, समय के साथ काली पड़ जाती हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि होली पर आपके गहने फिर से चमकदार दिखें, तो कुछ आसान घरेलू नुस्खों से इन्हें आप मिनटों में चमका सकते हैं।

    सबसे पहले बेकिंग सोडा और नींबू का तरीका बहुत कारगर है। एक कटोरी में थोड़ी बेकिंग सोडा लें और उसमें कुछ बूंदें नींबू का रस डालकर पेस्ट तैयार करें। इसे पायल या बिछिया पर हल्के हाथों से रगड़ें और कुछ मिनट बाद साफ पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछ लें। इससे चांदी की काली परत हटकर गहने फिर से चमकने लगेंगे।

    दूसरा तरीका है टूथपेस्ट का। इसके लिए गहनों पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लगाएं और मुलायम ब्रश से हल्के हाथों से साफ करें। इसके बाद गहनों को पानी से धोकर सुखा लें। यह तरीका जल्दी और आसान होने के साथ ही चांदी को खरोंच से भी बचाता है।

    तीसरा तरीका है सिरका और बेकिंग सोडा का मिश्रण। एक कप सफेद सिरके में एक चम्मच बेकिंग सोडा डालें और गहनों को इसमें 10–15 मिनट तक भिगो दें। भिगोने के बाद साफ पानी से धोकर कपड़े से पोंछ लें। इस तरीके से गहनों की काली परत आसानी से हट जाती है और चमक लौट आती है।

    चौथा तरीका है इमली के पानी का। इमली में प्राकृतिक एसिड होता है जो चांदी की काली परत हटाने में मदद करता है। थोड़ी सी इमली को गुनगुने पानी में भिगो दें और जब पानी गाढ़ा हो जाए, उसमें गहनों को 10 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इसके बाद मुलायम ब्रश या कपड़े से हल्के हाथों से रगड़कर गहनों को साफ करें।

    पाँचवां और अंतिम आसान तरीका है गर्म पानी और नमक का। एक कटोरी में गर्म पानी लें और उसमें एक चम्मच नमक डालकर घोल बनाएं। इसमें गहनों को 10 मिनट तक भिगोकर, मुलायम ब्रश से साफ करें। इसके बाद पानी से धोकर सुखाएं। यह तरीका भी चांदी की चमक बढ़ाने में बेहद प्रभावी है।

    इन सरल तरीकों से आप अपने पायल और बिछिया को होली से पहले चमकदार और नए जैसे बना सकते हैं। याद रखें कि सफाई करते समय ज्यादा जोर न लगाएं, क्योंकि इससे गहनों पर खरोंच आ सकती है।

    होली पर रंगों के साथ-साथ अपने गहनों की चमक भी बनाए रखें और इन आसान टिप्स के जरिए त्योहार को और भी खास बनाएं।

  • रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..


    नई दिल्ली।मिट्टी प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी स्किन की नेचुरल चमक छीन लेती है। ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोइंग स्किन के लिए हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स जरूरी नहीं होते। आपकी किचन और ड्रेसिंग टेबल पर मौजूद कुछ नेचुरल चीजें भी कमाल का असर दिखा सकती हैं।एक्सपर्ट्स के मुताबिक रात का समय स्किन रिपेयर के लिए सबसे बेहतर होता है। दिनभर धूप और प्रदूषण से डैमेज हुई स्किन रात में खुद को रिपेयर करती है। अगर इस दौरान सही चीजें स्किन पर लगाई जाएं तो उनका असर ज्यादा जल्दी और बेहतर दिखाई देता है।

    रात को सोने से पहले क्यों जरूरी है स्किन केयर
    दिनभर स्किन बाहरी नुकसान झेलती है। रात के समय ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और स्किन सेल्स तेजी से रिपेयर होते हैं। यही वजह है कि नाइट स्किनकेयर रूटीन को सबसे अहम माना जाता है।

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें

    1. एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल स्किन को गहराई से हाइड्रेट करता है और दाग धब्बों को हल्का करने में मदद करता है। सोने से पहले चेहरे को साफ करके हल्की मात्रा में एलोवेरा जेल लगाएं और रातभर छोड़ दें। सुबह चेहरा फ्रेश और सॉफ्ट नजर आएगा।

    2. गुलाब जल
    गुलाब जल नेचुरल टोनर की तरह काम करता है। यह स्किन के पोर्स को टाइट करता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाता है। कॉटन की मदद से सोने से पहले चेहरे पर गुलाब जल लगाएं। यह स्किन को शांत करता है और रेडनेस भी कम करता है।

    3. नारियल तेल या बादाम तेल
    अगर आपकी स्किन ड्राई है तो सोने से पहले कुछ बूंदें नारियल तेल या बादाम तेल की मसाज करें। यह स्किन को पोषण देता है और रातभर नमी बनाए रखता है। सुबह स्किन सॉफ्ट और चमकदार दिखती है।

    बेहतर रिजल्ट के लिए रखें इन बातों का ध्यान
    सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएं। हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करें और पर्याप्त नींद लें। पानी ज्यादा पिएं और जंक फूड से दूरी बनाएं।नियमित रूप से इन नेचुरल उपायों को अपनाने से कुछ ही दिनों में स्किन की रंगत में सुधार और नेचुरल ग्लो साफ नजर आने लगेगा।

  • फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स


    नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही प्रकृति करवट बदलने लगती है। इस साल मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही हैरान करने वाला है; जहाँ जनवरी पिछले छह सालों में सबसे गर्म रहा, वहीं फरवरी की शुरुआत ने भी पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिन में चुभती धूप और शाम होते ही सर्द हवाओं का यह ‘डबल अटैक’ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर सीधा हमला करता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल पहुँचा सकती है।

    धूप से आकर तुरंत न चलाएं पंखा दोपहर के वक्त बाहर से आने पर अक्सर शरीर का तापमान बढ़ जाता है और हम तुरंत पंखा चला लेते हैं या एसी की तलाश करते हैं। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना ‘सर्द-गर्म’ का मुख्य कारण बनता है। जब आप बाहर से आएं, तो कम से कम 10-15 मिनट शांति से बैठें ताकि शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से सामान्य हो जाए। इसी तरह, तेज धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी पीना गले के संक्रमण और तेज बुखार को न्योता देना है।

    साफ-सफाई: फ्लू से बचने का सबसे बड़ा हथियार बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से बचने के लिए हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene) सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी हथेलियों, उंगलियों और नाखूनों को नियमित रूप से साबुन से धोएं। खांसते या छींकते समय रुमाल का प्रयोग करें और हाथों से बार-बार नाक या आंखों को छूने से बचें।

    सेहत बनाए रखने के अचूक उपाय: इस संक्रमण काल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव जरूर करें:
    बाहर के खुले या जंक फूड से परहेज करें और घर का बना ताजा भोजन ही लें।
    रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं, यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक का काम करता है।कफ या गले में खराश महसूस होने पर केवल गुनगुना पानी ही पिएं।

     सुबह और शाम की ठंड को हल्के में न लें; पूरी बाजू के कपड़े पहनें। पैरों में संक्रमण से बचने के लिए अब बंद जूतों की जगह खुली चप्पलों का चुनाव किया जा सकता है।

    डॉक्टर की सलाह कब लें? बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। यदि आपको या परिवार में किसी को भी दो दिन से अधिक समय तक बुखार, लगातार कफ या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे ‘मौसमी असर’ मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें ताकि समय रहते सही उपचार शुरू हो सके।

    फरवरी में दिन की गर्मी और रात की ठंड के कारण ‘सर्द-गर्म’ की समस्या बढ़ रही है। 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत के बीच सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा है। बचाव के लिए धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

  • महंगे ट्रीटमेंट छोड़िए! किचन में मौजूद इन 5 देसी नुस्खों से बाल बनेंगे घने और मजबूत

    महंगे ट्रीटमेंट छोड़िए! किचन में मौजूद इन 5 देसी नुस्खों से बाल बनेंगे घने और मजबूत


    नई दिल्ली।आज के दौर में प्रदूषण तनाव और गलत लाइफस्टाइल का सबसे पहला असर हमारे बालों पर पड़ता है। बालों का झड़ना रूखापन दोमुंहे बाल और कमजोर जड़ें अब आम समस्या बन चुकी हैं। ऐसे में लोग अक्सर महंगे सैलून ट्रीटमेंट और केमिकल प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं जो कुछ समय के लिए फायदा तो देते हैं लेकिन लंबे समय में बालों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ बालों के लिए महंगे प्रोडक्ट्स नहीं बल्कि प्राकृतिक देखभाल ज्यादा जरूरी है। अच्छी बात यह है कि आपकी रसोई में ही ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें घना मजबूत और चमकदार बना सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 देसी और असरदार हेयर मास्क के बारे में।

    एलोवेरा और नारियल तेल
    एलोवेरा में मौजूद प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम स्कैल्प की डेड स्किन हटाकर उसे स्वस्थ बनाते हैं। नारियल तेल बालों की जड़ों में नमी पहुंचाकर टूटने से बचाता है।कैसे लगाएं: एलोवेरा जेल और नारियल तेल मिलाकर स्कैल्प की मसाज करें और 30 मिनट बाद धो लें।

    अंडा और दही
    बाल केराटिन से बने होते हैं और अंडा प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। दही बालों को कंडीशन करता है और उन्हें सॉफ्ट बनाता है।विधि: एक अंडा और आधा कप दही फेंटकर जड़ों से लेकर बालों की लंबाई तक लगाएं।
    सावधानी: इसे धोने के लिए ठंडे पानी का ही इस्तेमाल करें।

    प्याज का रस और शहद
    प्याज में मौजूद सल्फर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और नए बालों के उगने में मदद करता है। शहद बालों की नमी को लॉक करता है।
    टिप: रुई की मदद से सिर्फ स्कैल्प पर लगाएं और 20–30 मिनट बाद माइल्ड शैम्पू से धो लें।

    मेथी दाना और सरसों तेल
    मेथी बालों के फॉलिकल्स को मजबूत करती है जबकि सरसों का तेल स्कैल्प को पोषण और गर्माहट देता है।
    प्रयोग: रातभर भीगी मेथी पीसकर उसमें सरसों तेल मिलाएं और 1 घंटे तक लगाकर रखें।

    केला और जैतून का तेल

    दोमुंहे और बेजान बालों के लिए यह मास्क बेहद फायदेमंद है। यह बालों की इलास्टिसिटी बढ़ाता है और टूटने से बचाता है।
    कैसे लगाएं: पका केला मैश कर उसमें जैतून का तेल मिलाएं और 20–25 मिनट बाद धो लें।

    जरूरी सलाह
    किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। बेहतर परिणाम के लिए इनमें से किसी एक मास्क का इस्तेमाल हफ्ते में एक बार नियमित रूप से करें।याद रखें सुंदर और मजबूत बालों के लिए धैर्य और प्राकृतिक देखभाल सबसे बड़ा इलाज है।

  • बेजान त्वचा में लौटेगा नेचुरल पिंक ग्लो, जानिए ड्रैगन फ्रूट लगाने के असरदार तरीके

    बेजान त्वचा में लौटेगा नेचुरल पिंक ग्लो, जानिए ड्रैगन फ्रूट लगाने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और बढ़ते प्रदूषण का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। चेहरा बेजान, रूखा और थका हुआ नजर आने लगता है। ऐसे में अगर आप केमिकल-फ्री और नेचुरल स्किन केयर चाहती हैं, तो ड्रैगन फ्रूट आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।ड्रैगन फ्रूट, जिसे पिताया भी कहा जाता है, विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है। ये तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं डलनेस कम करते हैं और चेहरे पर नेचुरल पिंक ग्लो लाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि आजकल स्किन केयर रूटीन में ड्रैगन फ्रूट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

    स्किन को नमी देने के लिए ड्रैगन फ्रूट जे
    ड्रैगन फ्रूट का गूदा निकालकर मिक्सी में पीस लें, जिससे जेल जैसी कंसिस्टेंसी बन जाए। इस जेल को चेहरे पर लगाकर 15 मिनट तक छोड़ दें और फिर सादे पानी से धो लें। यह उपाय त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है, रूखेपन को कम करता है और स्किन को सॉफ्ट व स्मूद बनाता है।

    एजिंग के असर कम करने वाला फेस मास्क
    एक टेबलस्पून ड्रैगन फ्रूट पल्प में एक टीस्पून दही मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फाइन लाइन्स और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं, जबकि दही का लैक्टिक एसिड त्वचा को टाइट और फ्रेश बनाता है। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करें।

    पिंपल्स और एक्ने के लिए नेचुरल उपाय
    अगर आपको एक्ने या पिंपल्स की समस्या है, तो ड्रैगन फ्रूट का पेस्ट सीधे प्रभावित जगह पर लगाएं। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण सूजन कम करते हैं और बैक्टीरिया से राहत दिलाते हैं। इसे रात में स्पॉट ट्रीटमेंट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सनबर्न और टैन हटाने में असरदार
    धूप से जली त्वचा के लिए ड्रैगन फ्रूट और खीरे का रस बेहतरीन उपाय है। दोनों को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह त्वचा को ठंडक देता है, जलन कम करता है और विटामिन-सी की मदद से स्किन रिपेयरिंग को तेज करता है।

    नेचुरल ब्राइटनिंग फेस पैक
    एक टेबलस्पून ड्रैगन फ्रूट पल्प में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाएं। इसे 10–12 मिनट तक चेहरे पर लगाकर ठंडे पानी से धो लें। यह डार्क स्पॉट्स, टैनिंग और पिगमेंटेशन को हल्का कर त्वचा को ब्राइट बनाता है।

    ड्रैगन फ्रूट और शहद से ग्लो पैक
    ड्रैगन फ्रूट के गूदे में एक टीस्पून शहद मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट बाद धो लें। यह पैक त्वचा को गहराई से पोषण देता है और नेचुरल शाइन लाता है। शहद के एंटीबैक्टीरियल गुण स्किन को हेल्दी बनाए रखते हैं।ड्रैगन फ्रूट स्किन के लिए एक नेचुरल ब्यूटी बूस्टर की तरह काम करता है। इसके घरेलू नुस्खे न सिर्फ चेहरे की चमक बढ़ाते हैं, बल्कि एक्ने, पिगमेंटेशन और एजिंग जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं। अगर आप केमिकल-फ्री स्किन केयर अपनाना चाहती हैं, तो इन आसान उपायों को अपनी रूटीन में जरूर शामिल करें।

  • फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ

    फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ


    नई दिल्ली । आयुर्वेद में अनार को ‘एक फल सौ बीमार’ की दवा कहा गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि फल के साथ-साथ इसके छिलके भी समान रूप से गुणकारी होते हैं। आधुनिक विज्ञान और प्राचीन चिकित्सा पद्धति दोनों ही मानते हैं कि अनार के छिलकों में दानों की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इन छिलकों से तैयार की गई चाय न केवल आपके शरीर को भीतर से साफ डिटॉक्स करती है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण का काम करती है।

    अनार के छिलकों की चाय के 5 अद्भुत फायदे

    पाचन तंत्र के लिए वरदान अगर आप गैस, अपच या डायरिया जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो अनार के छिलकों की चाय आपके लिए सबसे सरल उपाय है। इसमें मौजूद टैनिन्स और पॉलीफेनॉल्स आंतों की सूजन को कम करते हैं और पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाते हैं। यह पेट की अंदरूनी परत को राहत पहुँचाकर पुरानी से पुरानी कब्ज में भी फायदा देती है। इम्युनिटी का ‘कवच’ बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह चाय इम्युनिटी को तेजी से बूस्ट करती है, जिससे आपका शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए तैयार रहता है। दिल की सेहत का रखवाला अनार के छिलकों में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड्स बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।
    इस चाय के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन रक्त संचार में सुधार होता है और धमनियों में रुकावट आने का खतरा कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियाँ कोसों दूर रहती हैं।वेट लॉस और मेटाबॉलिज्म मोटापे से परेशान लोगों के लिए यह चाय एक बेहतरीन ‘वेट लॉस ड्रिंक’ साबित हो सकती है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी फैट बर्न होने लगती है। साथ ही, यह भूख को नियंत्रित कर बेवजह की क्रेविंग को कम करती है। निखरेगी त्वचा और मजबूत होंगे बाल अनार के छिलकों के एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों, झुर्रियों और बढ़ती उम्र के निशानों को रोकने में मदद करते हैं। यह चाय पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखता है। इसके अलावा, यह बालों की जड़ों को मजबूती देकर उन्हें असमय सफेद होने से भी बचाती है।

    कैसे बनाएं अनार के छिलकों की चाय

    इसे बनाना बेहद आसान है। अनार के छिलकों को धोकर धूप में सुखा लें और उनका पाउडर बना लें। एक कप पानी उबालें और उसमें आधा चम्मच यह पाउडर मिलाएं। थोड़ी देर उबलने के बाद इसे छान लें और स्वादानुसार शहद या नींबू मिलाकर इसका आनंद लें।