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  • रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..


    नई दिल्ली।मिट्टी प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी स्किन की नेचुरल चमक छीन लेती है। ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोइंग स्किन के लिए हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स जरूरी नहीं होते। आपकी किचन और ड्रेसिंग टेबल पर मौजूद कुछ नेचुरल चीजें भी कमाल का असर दिखा सकती हैं।एक्सपर्ट्स के मुताबिक रात का समय स्किन रिपेयर के लिए सबसे बेहतर होता है। दिनभर धूप और प्रदूषण से डैमेज हुई स्किन रात में खुद को रिपेयर करती है। अगर इस दौरान सही चीजें स्किन पर लगाई जाएं तो उनका असर ज्यादा जल्दी और बेहतर दिखाई देता है।

    रात को सोने से पहले क्यों जरूरी है स्किन केयर
    दिनभर स्किन बाहरी नुकसान झेलती है। रात के समय ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और स्किन सेल्स तेजी से रिपेयर होते हैं। यही वजह है कि नाइट स्किनकेयर रूटीन को सबसे अहम माना जाता है।

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें

    1. एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल स्किन को गहराई से हाइड्रेट करता है और दाग धब्बों को हल्का करने में मदद करता है। सोने से पहले चेहरे को साफ करके हल्की मात्रा में एलोवेरा जेल लगाएं और रातभर छोड़ दें। सुबह चेहरा फ्रेश और सॉफ्ट नजर आएगा।

    2. गुलाब जल
    गुलाब जल नेचुरल टोनर की तरह काम करता है। यह स्किन के पोर्स को टाइट करता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाता है। कॉटन की मदद से सोने से पहले चेहरे पर गुलाब जल लगाएं। यह स्किन को शांत करता है और रेडनेस भी कम करता है।

    3. नारियल तेल या बादाम तेल
    अगर आपकी स्किन ड्राई है तो सोने से पहले कुछ बूंदें नारियल तेल या बादाम तेल की मसाज करें। यह स्किन को पोषण देता है और रातभर नमी बनाए रखता है। सुबह स्किन सॉफ्ट और चमकदार दिखती है।

    बेहतर रिजल्ट के लिए रखें इन बातों का ध्यान
    सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएं। हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करें और पर्याप्त नींद लें। पानी ज्यादा पिएं और जंक फूड से दूरी बनाएं।नियमित रूप से इन नेचुरल उपायों को अपनाने से कुछ ही दिनों में स्किन की रंगत में सुधार और नेचुरल ग्लो साफ नजर आने लगेगा।

  • फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स


    नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही प्रकृति करवट बदलने लगती है। इस साल मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही हैरान करने वाला है; जहाँ जनवरी पिछले छह सालों में सबसे गर्म रहा, वहीं फरवरी की शुरुआत ने भी पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिन में चुभती धूप और शाम होते ही सर्द हवाओं का यह ‘डबल अटैक’ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर सीधा हमला करता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल पहुँचा सकती है।

    धूप से आकर तुरंत न चलाएं पंखा दोपहर के वक्त बाहर से आने पर अक्सर शरीर का तापमान बढ़ जाता है और हम तुरंत पंखा चला लेते हैं या एसी की तलाश करते हैं। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना ‘सर्द-गर्म’ का मुख्य कारण बनता है। जब आप बाहर से आएं, तो कम से कम 10-15 मिनट शांति से बैठें ताकि शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से सामान्य हो जाए। इसी तरह, तेज धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी पीना गले के संक्रमण और तेज बुखार को न्योता देना है।

    साफ-सफाई: फ्लू से बचने का सबसे बड़ा हथियार बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से बचने के लिए हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene) सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी हथेलियों, उंगलियों और नाखूनों को नियमित रूप से साबुन से धोएं। खांसते या छींकते समय रुमाल का प्रयोग करें और हाथों से बार-बार नाक या आंखों को छूने से बचें।

    सेहत बनाए रखने के अचूक उपाय: इस संक्रमण काल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव जरूर करें:
    बाहर के खुले या जंक फूड से परहेज करें और घर का बना ताजा भोजन ही लें।
    रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं, यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक का काम करता है।कफ या गले में खराश महसूस होने पर केवल गुनगुना पानी ही पिएं।

     सुबह और शाम की ठंड को हल्के में न लें; पूरी बाजू के कपड़े पहनें। पैरों में संक्रमण से बचने के लिए अब बंद जूतों की जगह खुली चप्पलों का चुनाव किया जा सकता है।

    डॉक्टर की सलाह कब लें? बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। यदि आपको या परिवार में किसी को भी दो दिन से अधिक समय तक बुखार, लगातार कफ या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे ‘मौसमी असर’ मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें ताकि समय रहते सही उपचार शुरू हो सके।

    फरवरी में दिन की गर्मी और रात की ठंड के कारण ‘सर्द-गर्म’ की समस्या बढ़ रही है। 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत के बीच सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा है। बचाव के लिए धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

  • महंगे ट्रीटमेंट छोड़िए! किचन में मौजूद इन 5 देसी नुस्खों से बाल बनेंगे घने और मजबूत

    महंगे ट्रीटमेंट छोड़िए! किचन में मौजूद इन 5 देसी नुस्खों से बाल बनेंगे घने और मजबूत


    नई दिल्ली।आज के दौर में प्रदूषण तनाव और गलत लाइफस्टाइल का सबसे पहला असर हमारे बालों पर पड़ता है। बालों का झड़ना रूखापन दोमुंहे बाल और कमजोर जड़ें अब आम समस्या बन चुकी हैं। ऐसे में लोग अक्सर महंगे सैलून ट्रीटमेंट और केमिकल प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं जो कुछ समय के लिए फायदा तो देते हैं लेकिन लंबे समय में बालों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ बालों के लिए महंगे प्रोडक्ट्स नहीं बल्कि प्राकृतिक देखभाल ज्यादा जरूरी है। अच्छी बात यह है कि आपकी रसोई में ही ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें घना मजबूत और चमकदार बना सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 देसी और असरदार हेयर मास्क के बारे में।

    एलोवेरा और नारियल तेल
    एलोवेरा में मौजूद प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम स्कैल्प की डेड स्किन हटाकर उसे स्वस्थ बनाते हैं। नारियल तेल बालों की जड़ों में नमी पहुंचाकर टूटने से बचाता है।कैसे लगाएं: एलोवेरा जेल और नारियल तेल मिलाकर स्कैल्प की मसाज करें और 30 मिनट बाद धो लें।

    अंडा और दही
    बाल केराटिन से बने होते हैं और अंडा प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। दही बालों को कंडीशन करता है और उन्हें सॉफ्ट बनाता है।विधि: एक अंडा और आधा कप दही फेंटकर जड़ों से लेकर बालों की लंबाई तक लगाएं।
    सावधानी: इसे धोने के लिए ठंडे पानी का ही इस्तेमाल करें।

    प्याज का रस और शहद
    प्याज में मौजूद सल्फर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और नए बालों के उगने में मदद करता है। शहद बालों की नमी को लॉक करता है।
    टिप: रुई की मदद से सिर्फ स्कैल्प पर लगाएं और 20–30 मिनट बाद माइल्ड शैम्पू से धो लें।

    मेथी दाना और सरसों तेल
    मेथी बालों के फॉलिकल्स को मजबूत करती है जबकि सरसों का तेल स्कैल्प को पोषण और गर्माहट देता है।
    प्रयोग: रातभर भीगी मेथी पीसकर उसमें सरसों तेल मिलाएं और 1 घंटे तक लगाकर रखें।

    केला और जैतून का तेल

    दोमुंहे और बेजान बालों के लिए यह मास्क बेहद फायदेमंद है। यह बालों की इलास्टिसिटी बढ़ाता है और टूटने से बचाता है।
    कैसे लगाएं: पका केला मैश कर उसमें जैतून का तेल मिलाएं और 20–25 मिनट बाद धो लें।

    जरूरी सलाह
    किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। बेहतर परिणाम के लिए इनमें से किसी एक मास्क का इस्तेमाल हफ्ते में एक बार नियमित रूप से करें।याद रखें सुंदर और मजबूत बालों के लिए धैर्य और प्राकृतिक देखभाल सबसे बड़ा इलाज है।

  • बेजान त्वचा में लौटेगा नेचुरल पिंक ग्लो, जानिए ड्रैगन फ्रूट लगाने के असरदार तरीके

    बेजान त्वचा में लौटेगा नेचुरल पिंक ग्लो, जानिए ड्रैगन फ्रूट लगाने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और बढ़ते प्रदूषण का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। चेहरा बेजान, रूखा और थका हुआ नजर आने लगता है। ऐसे में अगर आप केमिकल-फ्री और नेचुरल स्किन केयर चाहती हैं, तो ड्रैगन फ्रूट आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।ड्रैगन फ्रूट, जिसे पिताया भी कहा जाता है, विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है। ये तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं डलनेस कम करते हैं और चेहरे पर नेचुरल पिंक ग्लो लाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि आजकल स्किन केयर रूटीन में ड्रैगन फ्रूट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

    स्किन को नमी देने के लिए ड्रैगन फ्रूट जे
    ड्रैगन फ्रूट का गूदा निकालकर मिक्सी में पीस लें, जिससे जेल जैसी कंसिस्टेंसी बन जाए। इस जेल को चेहरे पर लगाकर 15 मिनट तक छोड़ दें और फिर सादे पानी से धो लें। यह उपाय त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है, रूखेपन को कम करता है और स्किन को सॉफ्ट व स्मूद बनाता है।

    एजिंग के असर कम करने वाला फेस मास्क
    एक टेबलस्पून ड्रैगन फ्रूट पल्प में एक टीस्पून दही मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फाइन लाइन्स और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं, जबकि दही का लैक्टिक एसिड त्वचा को टाइट और फ्रेश बनाता है। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करें।

    पिंपल्स और एक्ने के लिए नेचुरल उपाय
    अगर आपको एक्ने या पिंपल्स की समस्या है, तो ड्रैगन फ्रूट का पेस्ट सीधे प्रभावित जगह पर लगाएं। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण सूजन कम करते हैं और बैक्टीरिया से राहत दिलाते हैं। इसे रात में स्पॉट ट्रीटमेंट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सनबर्न और टैन हटाने में असरदार
    धूप से जली त्वचा के लिए ड्रैगन फ्रूट और खीरे का रस बेहतरीन उपाय है। दोनों को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह त्वचा को ठंडक देता है, जलन कम करता है और विटामिन-सी की मदद से स्किन रिपेयरिंग को तेज करता है।

    नेचुरल ब्राइटनिंग फेस पैक
    एक टेबलस्पून ड्रैगन फ्रूट पल्प में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाएं। इसे 10–12 मिनट तक चेहरे पर लगाकर ठंडे पानी से धो लें। यह डार्क स्पॉट्स, टैनिंग और पिगमेंटेशन को हल्का कर त्वचा को ब्राइट बनाता है।

    ड्रैगन फ्रूट और शहद से ग्लो पैक
    ड्रैगन फ्रूट के गूदे में एक टीस्पून शहद मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट बाद धो लें। यह पैक त्वचा को गहराई से पोषण देता है और नेचुरल शाइन लाता है। शहद के एंटीबैक्टीरियल गुण स्किन को हेल्दी बनाए रखते हैं।ड्रैगन फ्रूट स्किन के लिए एक नेचुरल ब्यूटी बूस्टर की तरह काम करता है। इसके घरेलू नुस्खे न सिर्फ चेहरे की चमक बढ़ाते हैं, बल्कि एक्ने, पिगमेंटेशन और एजिंग जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं। अगर आप केमिकल-फ्री स्किन केयर अपनाना चाहती हैं, तो इन आसान उपायों को अपनी रूटीन में जरूर शामिल करें।

  • फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ

    फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ


    नई दिल्ली । आयुर्वेद में अनार को ‘एक फल सौ बीमार’ की दवा कहा गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि फल के साथ-साथ इसके छिलके भी समान रूप से गुणकारी होते हैं। आधुनिक विज्ञान और प्राचीन चिकित्सा पद्धति दोनों ही मानते हैं कि अनार के छिलकों में दानों की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इन छिलकों से तैयार की गई चाय न केवल आपके शरीर को भीतर से साफ डिटॉक्स करती है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण का काम करती है।

    अनार के छिलकों की चाय के 5 अद्भुत फायदे

    पाचन तंत्र के लिए वरदान अगर आप गैस, अपच या डायरिया जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो अनार के छिलकों की चाय आपके लिए सबसे सरल उपाय है। इसमें मौजूद टैनिन्स और पॉलीफेनॉल्स आंतों की सूजन को कम करते हैं और पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाते हैं। यह पेट की अंदरूनी परत को राहत पहुँचाकर पुरानी से पुरानी कब्ज में भी फायदा देती है। इम्युनिटी का ‘कवच’ बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह चाय इम्युनिटी को तेजी से बूस्ट करती है, जिससे आपका शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए तैयार रहता है। दिल की सेहत का रखवाला अनार के छिलकों में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड्स बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।
    इस चाय के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन रक्त संचार में सुधार होता है और धमनियों में रुकावट आने का खतरा कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियाँ कोसों दूर रहती हैं।वेट लॉस और मेटाबॉलिज्म मोटापे से परेशान लोगों के लिए यह चाय एक बेहतरीन ‘वेट लॉस ड्रिंक’ साबित हो सकती है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी फैट बर्न होने लगती है। साथ ही, यह भूख को नियंत्रित कर बेवजह की क्रेविंग को कम करती है। निखरेगी त्वचा और मजबूत होंगे बाल अनार के छिलकों के एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों, झुर्रियों और बढ़ती उम्र के निशानों को रोकने में मदद करते हैं। यह चाय पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखता है। इसके अलावा, यह बालों की जड़ों को मजबूती देकर उन्हें असमय सफेद होने से भी बचाती है।

    कैसे बनाएं अनार के छिलकों की चाय

    इसे बनाना बेहद आसान है। अनार के छिलकों को धोकर धूप में सुखा लें और उनका पाउडर बना लें। एक कप पानी उबालें और उसमें आधा चम्मच यह पाउडर मिलाएं। थोड़ी देर उबलने के बाद इसे छान लें और स्वादानुसार शहद या नींबू मिलाकर इसका आनंद लें।

  • नहाते समय कान में चला गया पानी? घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत, लापरवाही बढ़ा सकती है संक्रमण का खतरा

    नहाते समय कान में चला गया पानी? घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत, लापरवाही बढ़ा सकती है संक्रमण का खतरा

    नई दिल्ली । नहाते समय या बाल धोते वक्त कान में पानी चला जाना एक आम समस्या हैजिसे अधिकतर लोग हल्के में ले लेते हैं। हालांकि डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह छोटी-सी परेशानी समय पर ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है। कान में फंसा पानी न सिर्फ असहजता पैदा करता हैबल्कि संक्रमणदर्द और सुनने की क्षमता पर असर जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि सही और सुरक्षित तरीकों से ही इस समस्या से राहत पाई जाए। विशेषज्ञों के अनुसारजब नहाते समय तेज दबाव के साथ पानी कान में प्रवेश करता हैतो वह ईयर कैनाल में फंस सकता है। कान की बनावट और अंदर मौजूद ईयर वैक्स कान का मैल कई बार पानी को बाहर निकलने से रोक देता है।
    इससे कान भारी लगने लगता हैआवाजें साफ सुनाई नहीं देतीं और एक अजीब-सी झनझनाहट महसूस होती है। लंबे समय तक नमी बनी रहने से कान के अंदर गर्म और नम वातावरण बन जाता हैजो बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल होता है। यही कारण है कि लापरवाही करने पर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि सबसे आसान और सुरक्षित घरेलू उपाय गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) का इस्तेमाल करना है। जिस कान में पानी गया होउस तरफ सिर झुकाकर कुछ मिनट तक लेटना कई बार पानी को बाहर निकालने के लिए पर्याप्त होता है। इसी दौरान कान की लोब को हल्के से नीचे और बाहर की ओर खींचने से ईयर कैनाल सीधी होती है और फंसा हुआ पानी बाहर निकल सकता है।

    कुछ मामलों में हेयर ड्रायर का उपयोग भी मददगार हो सकता है। ड्रायर को कम गर्मी या ठंडी हवा के मोड पर रखकर कान से सुरक्षित दूरी पर इस्तेमाल किया जाए तो अंदर की नमी सूख सकती है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ड्रायर को बहुत पास लाना या ज्यादा देर तक गर्म हवा देना नुकसानदेह हो सकता है। डॉक्टर साफ तौर पर बताते हैं कि कान में कॉटन बडपिनमाचिस की तीली या किसी भी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इससे कान की अंदरूनी त्वचा को चोट लग सकती है और ईयर ड्रम के फटने का भी खतरा रहता है। इसी तरह जबरदस्ती फूंक मारना या किसी तरल पदार्थ को कान में डालना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।

    यदि 24 घंटे से अधिक समय तक कान में पानी भरा हुआ महसूस होदर्दखुजली या जलन शुरू हो जाएया कान से पीले रंग का स्राव निकलने लगेतो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। जिन लोगों का पहले कान का ऑपरेशन हो चुका हो या जिनके कान के पर्दे में छेद की समस्या रही होउन्हें घरेलू उपाय करने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि नहाते समय या तैराकी के दौरान ईयर प्लग का इस्तेमाल किया जाए। जरूरत पड़ने पर कॉटन पर हल्की वैसलीन लगाकर कान में रखा जा सकता हैताकि पानी अंदर न जाए। साथ ही बार-बार कान साफ करने की आदत से भी बचना चाहिएक्योंकि इससे ईयर वैक्स का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है।

  • सेब पर छिड़क लें बस एक चुटकी सेंधा नमक, स्वाद के साथ सेहत के फायदे हो जाएंगे दोगुने, जानिए दादी-नानी का आजमाया नुस्खा

    सेब पर छिड़क लें बस एक चुटकी सेंधा नमक, स्वाद के साथ सेहत के फायदे हो जाएंगे दोगुने, जानिए दादी-नानी का आजमाया नुस्खा


    नई दिल्ली । एक सेब रोज खाओ और डॉक्टर को दूर भगाओ यह कहावत लगभग हर किसी ने सुनी है। सेब को सेहत का खजाना माना जाता है, लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर सेब को सही तरीके से खाया जाए, तो इसके फायदे और भी बढ़ सकते हैं। दादी-नानी के जमाने से चला आ रहा एक सरल घरेलू नुस्खा आज फिर चर्चा में है सेब के स्लाइस पर एक चुटकी सेंधा नमक छिड़क कर खाना। यह न केवल स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि शरीर पर इसके पोषक तत्वों का असर भी दोगुना कर देता है। न्यूट्रिशन विशेषज्ञों के अनुसार, सेब और सेंधा नमक का संयोजन शरीर के लिए पावरहाउस से कम नहीं है। सेब में मौजूद प्राकृतिक शुगर शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है। जब इसे नमक के साथ खाया जाता है, तो शरीर इसे तेजी से अवशोषित करता है। यही वजह है कि यह नुस्खा दोपहर की थकान, कमजोरी या वर्कआउट से पहले इंस्टेंट एनर्जी देने में बेहद कारगर माना जाता है।

    सेंधा नमक या हिमालयन पिंक सॉल्ट में सोडियम के साथ-साथ पोटैशियम, मैग्नीशियम और अन्य ट्रेस मिनरल्स भी होते हैं। ये तत्व शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। खासकर गर्मी के मौसम में, अधिक पसीना आने या भारी शारीरिक मेहनत के दौरान यह मिश्रण मांसपेशियों में ऐंठन और डिहाइड्रेशन से बचाव करता है पाचन से जुड़ी समस्याओं में भी यह नुस्खा बेहद लाभकारी है। सेब फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है। वहीं सेंधा नमक पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है। दोनों मिलकर पेट फूलने, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं और गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं।

    एसिडिटी से परेशान लोगों के लिए भी सेब और सेंधा नमक का यह संयोजन फायदेमंद माना जाता है। सेंधा नमक की क्षारीय प्रकृति सेब के कुछ एसिडिक तत्वों को संतुलित कर देती है, जिससे पेट में जलन और खट्टी डकार जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। अक्सर लोगों को यह महसूस होता है कि नमक लगाने से सेब और भी मीठा लगने लगता है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। नमक जीभ पर मौजूद कड़वाहट महसूस करने वाले रिसेप्टर्स को दबा देता है, जिससे सेब की प्राकृतिक मिठास और अधिक उभर कर सामने आती है।

    सेवन के सही तरीके की बात करें, तो हमेशा साधारण रिफाइंड नमक की जगह सेंधा नमक या गुलाबी नमक का ही उपयोग करें। नमक की मात्रा सिर्फ एक चुटकी तक सीमित रखें, क्योंकि अधिक नमक से ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सेब को अच्छी तरह धोकर ताजे स्लाइस में काटें और तुरंत सेवन करें। यह आसान घरेलू नुस्खा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है। खासतौर पर जिम जाने वालों और खिलाड़ियों के लिए यह एक बेहतरीन प्री-वर्कआउट स्नैक साबित हो सकता है। हालांकि, किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या में इसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

  • चुटकी भर सेंधा नमक से मिलेगा राहत जानें इसके फायदे और सेवन का तरीका

    चुटकी भर सेंधा नमक से मिलेगा राहत जानें इसके फायदे और सेवन का तरीका


    नई दिल्ली । नमक का प्रयोग हर भारतीय रसोई में आम है और बिना नमक के भोजन अक्सर बेस्वाद सा लगता है। आयोडीन नमक का सेवन तो अधिकांश घरों में होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राकृतिक रूप से मिलने वाला सेंधा नमक  शरीर के लिए कई फायदे प्रदान कर सकता है? यह नमक न केवल स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग होता है बल्कि इसमें कई खनिज और लवण पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। सेंधा नमक प्राकृतिक रूप से मिलता है और इसमें आयोडीन नमक के मुकाबले कम नमकीनता होती है। यह हल्का गुलाबी रंग का होता है लेकिन कभी-कभी सफेद भी हो सकता है। सेंधा नमक में सोडियम क्लोराइड कैल्शियम पोटैशियम मैग्नीशियम ब्रोमाइन और फ्लोराइन जैसे खनिज होते हैं जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

    सेंधा नमक के फायदेपाचन में सहायता

    अगर पाचन में कोई समस्या हो या पेट में खराबी हो तो सेंधा नमक का सेवन मददगार साबित हो सकता है। यह पाचन रस के निर्माण को बढ़ावा देता है जिससे भोजन बेहतर तरीके से पचता है और पेट में किसी तरह का गड़बड़ नहीं होती। यह विशेष रूप से तब उपयोगी है जब पाचन अग्नि कमजोर हो।

    सर्दी जुकाम और खांसी

    सेंधा नमक सर्दी जुकाम और खांसी में भी राहत देता है। यह शरीर के भीतर जमा कफ को तोड़ने में मदद करता है। इसके सेवन के लिए सेंधा नमक को हल्दी या अदरक के साथ लिया जा सकता है जो जुकाम और खांसी को कम करने में सहायक है।

    सूजन में आराम

    अगर शरीर के किसी हिस्से में सूजन हो तो सेंधा नमक उसके लिए भी लाभकारी हो सकता है। यह अंदरूनी सूजन को कम करने में मदद करता है और बाहरी सूजन के लिए सेंधा नमक के पानी से सेंकाई की जा सकती है।

    बीपी और रक्त संचार में सुधार

    बीपी के मरीजों के लिए सेंधा नमक सीमित मात्रा में फायदेमंद हो सकता है। यदि सही मात्रा में सेवन किया जाए तो यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है जिससे दिल की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है।

    दांतों का स्वास्थ्य

    अगर मसूड़ों में सूजन खून आना या दांतों से जुड़ी कोई परेशानी हो तो सेंधा नमक का उपयोग लाभकारी हो सकता है। आप इसे हल्दी और सरसों के तेल के साथ मिलाकर मसूड़ों पर मालिश कर सकते हैं जिससे सूजन कम होगी और खून आना भी बंद हो सकता है।

    सेंधा नमक का सेवन करने का तरीका

    सेंधा नमक का सेवन सामान्य नमक की तुलना में थोड़ी कम मात्रा में करना चाहिए। इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में जोड़ा जा सकता है जैसे सलाद में सब्जियों में या फिर उबले हुए पानी में। एक चुटकी सेंधा नमक को पानी में डालकर पिया जा सकता है जो शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने में मदद करता है।

    कौन लोग सेंधा नमक का सेवन नहीं करें

    हालांकि सेंधा नमक कई लाभ प्रदान करता है लेकिन कुछ लोगों के लिए इसका सेवन सुरक्षित नहीं हो सकता। गर्भवती महिलाओं थायरायड के मरीजों और किडनी की समस्या से ग्रस्त मरीजों को सेंधा नमक से परहेज करना चाहिए। सेंधा नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होती है जो थायरायड और किडनी के मरीजों के लिए ठीक नहीं है। गर्भवती महिलाओं के लिए आयोडीन की जरूरत होती है जो इस नमक में कम होता है। सेंधा नमक एक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है जो कई प्रकार की परेशानियों से राहत दिला सकता है। हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए और कुछ विशेष स्थितियों में इससे बचना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी चीज़ का अत्यधिक सेवन शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।

  • घर पर बनाएं गाजर-चुकंदर-आंवला जूस: जानें ABC Juice की रेसिपी और इसके अद्भुत फायदे

    घर पर बनाएं गाजर-चुकंदर-आंवला जूस: जानें ABC Juice की रेसिपी और इसके अद्भुत फायदे



    नई दिल्ली ।
    सर्दियों में ताजगी और सेहत के लिए गाजर चुकंदर और आंवला का जूस एक बेहतरीन विकल्प है। इस जूस का नाम है ABC जूस, जिसमें A का मतलब है आंवला B का मतलब है चुकंदर और C का मतलब है गाजर यह जूस सिर्फ स्वाद में नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी अत्यधिक फायदेमंद है। इस जूस को नियमित रूप से पीने से शरीर को चमत्कारी लाभ मिलते हैं। आइए जानते हैं कैसे घर पर इसे तैयार किया जा सकता है और इसके क्या फायदे हैं।

    ABC जूस क्या है

    ABC जूस जैसे कि इसके नाम से पता चलता है तीन प्रमुख तत्वों से बनता है आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है और यह इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध है। चुकंदर रक्त संचार को सुधारता है और शरीर में खून की कमी एनीमिया को दूर करने में मदद करता है। गाजर में बीटा कैरोटीन और विटामिन A भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों की सेहत और त्वचा के लिए लाभकारी होते हैं। यह जूस विटामिन, मिनरल्स आयरन, और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को भीतर से स्वस्थ रखते हैं। अब जानते हैं इस जूस को घर पर कैसे तैयार किया जा सकता है।

    घर पर ABC जूस बनाने की सामग्री

    गाजर2 मध्यम आकार, चुकंदर1 छोटा आंवला 2-3 बीज निकाल कर, अदरक आधा इंच ऐच्छिकशहद 1 चम्मच ऐच्छिक पानी आधा कप ABC जूस बनाने का तरीका ।सब्जियों को धोएं और काटें सबसे पहले, गाजर और चुकंदर को अच्छी तरह से धोकर छील लें। फिर उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। आंवला को धोकर उसका बीज निकाल लें। मिक्सी जार में डालें अब गाजर, चुकंदर, आंवला और अदरक को मिक्सी जार में डालें।

    आप अदरक का इस्तेमाल स्वाद और पाचन को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं हालांकि यह ऐच्छिक है। थोड़ा पानी डालें मिक्सी में डालने से पहले आधा कप पानी डालें ताकि मिश्रण आसानी से पिस सके। ब्लेंड करें अब सभी सामग्री को अच्छे से मिक्सी में ब्लेंड कर लें। आपको एक स्मूद जूस मिलेगा, जो पोषक तत्वों से भरपूर होगा।

    जूस को छाने यदि आप जूस का हल्का फाइबर चाहते हैं तो इसे जाली वाली छलनी या मलमल के कपड़े से छान सकते हैं। अगर आप फाइबर लेना पसंद करते हैं तो बिना छाने भी जूस पी सकते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए शहद डालें यदि आपको जूस का स्वाद थोड़ा मीठा चाहिए, तो आप इसमें एक चम्मच शहद डाल सकते हैं। शहद न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसके एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं।

    जूस बनाते ही पीना सबसे फायदेमंद होता है क्योंकि इससे विटामिन और पोषक तत्व पूरी तरह से शरीर में अवशोषित होते हैं। ABC जूस पीने के फायदे खून की कमी एनीमिया दूर करता है चुकंदर और आंवला खून बढ़ाने में मदद करते हैं। यह शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाता है, जिससे एनीमिया जैसी समस्याएं दूर होती हैं।

    इम्यूनिटी मजबूत करता है आंवला में विटामिन C की अधिक मात्रा होती है जो शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता इम्यूनिटी को मजबूत करता है और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों से बचाव करता है। त्वचा को ग्लो देता है और डिटॉक्स करता है गाजर और चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सेहत के लिए अच्छे होते हैं। यह डिटॉक्स करने में मदद करता है और त्वचा को ग्लो देता है।

    आंखों की रोशनी बढ़ाता है गाजर में विटामिन A होता है, जो आंखों के लिए फायदेमंद है और दृष्टि संबंधी समस्याओं से बचाता है पाचन शक्ति में सुधार अदरक जो इस जूस में ऐच्छिक रूप से डाला जाता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करता है। बालों की गुणवत्ता बेहतर करता है यह जूस बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है और उन्हें स्वस्थ रखने में सहायक होता है।

    कब और कितना पिएं

    सबसे अच्छा समय है सुबह खाली पेट एक गिलास ABC जूस पीना। इससे शरीर को सबसे अधिक लाभ मिलता है। इसके अलावा इसे हफ्ते में 4-5 दिन पीने से अच्छे परिणाम मिलते हैं। अगर आपको जूस का स्वाद अच्छा लगता है तो आप इसे और दिनों में भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।ABC जूस एक बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ देने वाला ड्रिंक है जिसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। यह न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है बल्कि आपको सर्दियों में ताजगी और सेहतमंद रखने में भी मदद करता है।