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  • घर की खुशहाली के लिए आज ही करें ये वास्तु उपाय! छोटी छोटी गलतियां बन सकती हैं तनाव और परेशानियों की वजह

    घर की खुशहाली के लिए आज ही करें ये वास्तु उपाय! छोटी छोटी गलतियां बन सकती हैं तनाव और परेशानियों की वजह


    नई दिल्ली। घर को केवल रहने की जगह नहीं बल्कि सुख शांति और सकारात्मक माहौल का केंद्र माना जाता है। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा कमरे की स्थिति और अलग अलग वस्तुओं की व्यवस्था को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि घर में वास्तु से जुड़ी कुछ गलतियां होने पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है और इसका असर परिवार के माहौल पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में कुछ आसान वास्तु उपायों को अपनाकर घर के वातावरण को बेहतर और सकारात्मक बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

    वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्य दरवाजे के आसपास गंदगी कूड़ा या अनावश्यक सामान जमा नहीं रखना चाहिए। प्रवेश स्थान को साफ सुथरा और व्यवस्थित रखने से घर का वातावरण बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। दरवाजे के पास पर्याप्त रोशनी रखना भी अच्छा माना जाता है। टूटे हुए दरवाजे या खराब सामान को लंबे समय तक घर में रखना भी वास्तु की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।

    घर के उत्तर पूर्व हिस्से को वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिशा को साफ और खुला रखने की सलाह दी जाती है। यहां भारी सामान या अनावश्यक वस्तुओं का ढेर लगाने से बचना चाहिए। मान्यता के अनुसार इस हिस्से में साफ सफाई और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने से घर में अच्छी ऊर्जा का संचार बना रह सकता है।

    घर में टूटे हुए शीशे बंद घड़ी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाली चीजें जमा करके रखना भी उचित नहीं माना जाता। ऐसी वस्तुओं को समय समय पर हटाकर घर को व्यवस्थित रखना बेहतर होता है। इससे घर में अनावश्यक अव्यवस्था कम होती है और रहने का माहौल भी ज्यादा सहज महसूस हो सकता है।

    वास्तु से जुड़े उपायों में घर की साफ सफाई को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। रोजाना घर की सफाई करने के साथ उन स्थानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए जहां धूल और गंदगी आसानी से जमा होती है। रसोई और बाथरूम को साफ रखना भी जरूरी है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार गंदगी नकारात्मकता को बढ़ावा दे सकती है इसलिए घर को साफ और हवादार रखना अच्छा माना जाता है।

    घर में प्राकृतिक रोशनी और हवा का पर्याप्त इंतजाम रखना भी सकारात्मक वातावरण के लिए उपयोगी हो सकता है। दिन के समय खिड़कियां खोलने से घर में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी आती है। पौधे भी घर के वातावरण को सुंदर और खुशनुमा बनाने में मदद करते हैं। हालांकि पौधों को सही स्थान पर रखना और सूखे या मुरझाए पौधों को समय पर हटाना जरूरी है।

    सोने के कमरे में भी व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। बिस्तर के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचें और कमरे को शांत तथा व्यवस्थित रखें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कम करना भी बेहतर दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है। वास्तु उपायों को मान्यता के तौर पर देखा जाना चाहिए। इनका वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं है कि वे किसी समस्या का निश्चित समाधान करते हैं। इसलिए घर की परेशानियों के व्यावहारिक कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

  • दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी

    दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी


    नई दिल्ली। आजकल कम कीमत में घर को आकर्षक और अलग लुक देने के लिए सेकंड हैंड फर्नीचर और एंटीक सामान खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पुरानी लकड़ी की टेबल हो या विंटेज घड़ी और खूबसूरत शोपीस लोग इन्हें अपने घर की सजावट का हिस्सा बना लेते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र में दूसरों द्वारा इस्तेमाल की जा चुकी कुछ वस्तुओं को घर में लाने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि लंबे समय तक इस्तेमाल की गई वस्तुओं से उनके पुराने मालिक की भावनाओं और ऊर्जा का प्रभाव जुड़ा हो सकता है। इसलिए ऐसी चीजों को घर में रखने से पहले उनकी अच्छी तरह सफाई और शुद्धि करने की बात कही जाती है।

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार सबसे ज्यादा सावधानी पुराने फर्नीचर को लेकर बरतनी चाहिए। सोफा बेड टेबल और लकड़ी की दूसरी चीजें लंबे समय तक किसी व्यक्ति के संपर्क में रहती हैं। माना जाता है कि अगर इन वस्तुओं का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति लंबे समय तक तनाव बीमारी या आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था तो उसका नकारात्मक प्रभाव वस्तु से जुड़ सकता है। इसी वजह से पुराने बेड और सोफे को बिना अच्छी तरह साफ किए घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर बेड को लेकर वास्तु में अधिक सावधानी बरतने की मान्यता है क्योंकि इसे घर की निजी और पारिवारिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।

    पुरानी घड़ी को लेकर भी वास्तु शास्त्र में कई मान्यताएं हैं। घड़ी को समय और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की पुरानी घड़ी घर में लाई जाए और वह बंद हो या सही तरीके से न चलती हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में बंद पड़ी घड़ी सकारात्मक प्रवाह में रुकावट का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए घर में हमेशा सही समय बताने वाली और ठीक से चलने वाली घड़ी रखने की सलाह दी जाती है।

    एंटीक सजावटी सामान भी इसी सूची में शामिल किया जाता है। पुरानी पेंटिंग्स धातु की वस्तुएं और पुराने शोपीस देखने में बेहद आकर्षक हो सकते हैं लेकिन उनके साथ उनका इतिहास भी जुड़ा होता है। वास्तु मान्यता कहती है कि किसी वस्तु का पिछला इतिहास अगर तनाव या विवाद से जुड़ा रहा हो तो उसे घर में रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इन्हें वास्तु संबंधी मान्यताओं के तौर पर ही देखना चाहिए।

    दूसरों के इस्तेमाल किए हुए कपड़े जूते और गहनों को लेकर भी वास्तु और ज्योतिष में अलग अलग धारणाएं मिलती हैं। खासकर पुराने रत्न और आभूषणों को लेकर मान्यता है कि इन्हें पहनने से पहले उनकी शुद्धि और उचित जांच करानी चाहिए। वहीं व्यावहारिक तौर पर पुराने कपड़े या फर्नीचर खरीदते समय स्वच्छता उनकी स्थिति और सुरक्षा की जांच करना बेहद जरूरी है।

    अगर किसी पुरानी वस्तु को घर में लाना जरूरी हो तो सबसे पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करें। लकड़ी और धातु की वस्तुओं को कुछ समय धूप में रखने तथा धार्मिक आस्था रखने वाले लोग गंगाजल या कपूर से प्रतीकात्मक शुद्धि करने जैसे उपाय भी अपनाते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि पुरानी वस्तु खरीदते समय उसकी गुणवत्ता स्वच्छता और वास्तविक स्थिति की जांच जरूर करें। वास्तु की इन मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्य नहीं बल्कि पारंपरिक विश्वास के रूप में समझना बेहतर है।

  • उत्तर से दक्षिण तक हर दिशा का है अपना महत्व, वास्तु के अनुसार घर में क्या रखें और किन बातों से बचें जानें पूरी जानकारी

    उत्तर से दक्षिण तक हर दिशा का है अपना महत्व, वास्तु के अनुसार घर में क्या रखें और किन बातों से बचें जानें पूरी जानकारी


    नई दिल्ली । 
    वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं को विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार घर में मौजूद अलग अलग दिशाएं ऊर्जा और वातावरण से जुड़ी होती हैं और इनका सही तरीके से उपयोग घर के माहौल को सकारात्मक बनाए रखने में सहायक माना जाता है। यही वजह है कि घर बनवाते समय या घर में सामान व्यवस्थित करते समय लोग वास्तु के दिशा नियमों का ध्यान रखते हैं। हालांकि वास्तु से जुड़े उपायों को वैज्ञानिक तथ्य के बजाय पारंपरिक मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए। घर की सही योजना के साथ साफ सफाई रोशनी हवा और सुविधाजनक व्यवस्था को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।

    वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा को धन और अवसरों से जुड़ा माना जाता है। इस दिशा को साफ सुथरा और खुला रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि उत्तर दिशा में अनावश्यक सामान या भारी वस्तुएं रखने से घर की ऊर्जा का संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए इस हिस्से में कबाड़ और लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाली चीजें जमा करने से बचना बेहतर माना जाता है।

    पूर्व दिशा का संबंध सूर्य की ऊर्जा और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर की पूर्व दिशा में पर्याप्त रोशनी और हवा का प्रवेश होना अच्छा माना जाता है। सुबह के समय खिड़की दरवाजे खोलने से प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा घर के वातावरण को बेहतर बना सकती है। इस दिशा में अत्यधिक भारी सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

    दक्षिण दिशा को लेकर वास्तु में विशेष नियम बताए गए हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार घर की इस दिशा में भारी वस्तुएं रखना उचित माना जाता है। कई वास्तु विशेषज्ञ दक्षिण दिशा में मास्टर बेडरूम या स्टोरेज जैसी व्यवस्था की सलाह देते हैं। हालांकि घर की संरचना और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही कोई बदलाव करना चाहिए।

    पश्चिम दिशा को भी वास्तु में महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिशा में ऐसी चीजों की व्यवस्था करने की सलाह दी जाती है जिनके लिए घर में स्थिर स्थान की आवश्यकता हो। पश्चिम दिशा में साफ सफाई बनाए रखना और अनावश्यक सामान को जमा न होने देना घर के वातावरण के लिए उपयोगी हो सकता है।

    वास्तु में उत्तर पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सबसे महत्वपूर्ण दिशाओं में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस हिस्से को साफ और हल्का रखना शुभ माना जाता है। कई लोग यहां पूजा स्थान बनाने को प्राथमिकता देते हैं। वहीं दक्षिण पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण को स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है और यहां भारी सामान रखने की परंपरा है।

    वास्तु के अनुसार घर की दिशाओं का ध्यान रखने के साथ मुख्य दरवाजे के आसपास साफ सफाई रखना भी जरूरी माना जाता है। घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा का प्रवाह बनाए रखना सकारात्मक वातावरण के लिए व्यावहारिक रूप से भी उपयोगी है। टूटे फूटे सामान और बेकार वस्तुओं को लंबे समय तक घर में जमा करने से जगह अव्यवस्थित हो सकती है। इसलिए समय समय पर घर की सफाई और सामान की व्यवस्थित व्यवस्था करना बेहतर है।

    कुल मिलाकर वास्तु दिशा से जुड़े नियम लोगों के लिए अपने घर को व्यवस्थित और सकारात्मक बनाने का एक पारंपरिक तरीका हैं। किसी भी वास्तु उपाय को अपनाते समय अंधविश्वास के बजाय अपनी सुविधा और व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता देना जरूरी है। साफ घर पर्याप्त रोशनी अच्छा वेंटिलेशन और शांत वातावरण किसी भी परिवार के सुखद जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।

  • घर की इन गलतियों से बढ़ सकता है वास्तु दोष, जानें रसोई से लेकर मुख्य द्वार तक किन बातों का रखें खास ध्यान

    घर की इन गलतियों से बढ़ सकता है वास्तु दोष, जानें रसोई से लेकर मुख्य द्वार तक किन बातों का रखें खास ध्यान


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा और वहां रखी वस्तुओं को लेकर कई तरह की मान्यताएं बताई गई हैं। माना जाता है कि घर का वातावरण केवल साफ सफाई से ही नहीं बल्कि उसकी बनावट और वस्तुओं की सही स्थिति से भी प्रभावित हो सकता है। वास्तु के अनुसार यदि घर में कुछ चीजें गलत दिशा में रखी हों या निर्माण के दौरान दिशाओं का ध्यान नहीं रखा गया हो तो इसे वास्तु दोष से जोड़ा जाता है। हालांकि इन बातों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    वास्तु दोष की चर्चा सबसे पहले घर के मुख्य द्वार से शुरू होती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना जाता है। यदि प्रवेश द्वार के आसपास हमेशा गंदगी रहे या वहां टूटी फूटी वस्तुएं जमा हों तो इसे शुभ नहीं माना जाता। इसलिए मुख्य द्वार को साफ रखना चाहिए और वहां पर्याप्त रोशनी का इंतजाम करना बेहतर माना जाता है। दरवाजे के आसपास कबाड़ या बेकार सामान जमा करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

    घर की रसोई को लेकर भी वास्तु में विशेष नियम बताए गए हैं। रसोई को सामान्य तौर पर अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है। मान्यता के अनुसार रसोई में गैस चूल्हे और पानी से जुड़े स्थानों के बीच उचित संतुलन होना चाहिए। रसोई में गंदगी या लंबे समय तक खराब पड़े सामान को रखना नकारात्मक माना जाता है। इसलिए समय समय पर रसोई की सफाई करना और खराब खाद्य सामग्री को हटाना जरूरी है।

    बेडरूम में भी कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार सोते समय सिर किस दिशा में हो इसका भी महत्व माना जाता है। कमरे में टूटे हुए शीशे खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में न आने वाली वस्तुओं को जमा करके रखना उचित नहीं माना जाता। माना जाता है कि इससे कमरे का वातावरण भारी हो सकता है।

    घर के उत्तर पूर्व हिस्से को वास्तु में विशेष महत्व दिया जाता है। इसे ईशान कोण कहा जाता है और धार्मिक मान्यताओं में इसे पूजा तथा सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इस हिस्से में अत्यधिक भारी सामान या अनावश्यक कबाड़ रखने से बचने की सलाह दी जाती है। पूजा स्थल को साफ और व्यवस्थित रखना भी शुभ माना जाता है।

    बाथरूम और पानी की निकासी को लेकर भी वास्तु में कई मान्यताएं हैं। घर में कहीं पानी का रिसाव हो तो उसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए। लगातार टपकता नल या पाइप से पानी का रिसाव केवल वास्तु की दृष्टि से ही नहीं बल्कि व्यावहारिक रूप से भी नुकसानदायक हो सकता है। पानी की बर्बादी रोकना और घर की स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।

    वास्तु दोष के उपायों में सबसे महत्वपूर्ण उपाय घर को साफ सुथरा और व्यवस्थित रखना माना जा सकता है। प्राकृतिक रोशनी और हवा का पर्याप्त प्रवेश घर के वातावरण को बेहतर बनाता है। पूजा स्थल की नियमित सफाई करें और घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और संवाद को प्राथमिकता दें। किसी गंभीर निर्माण संबंधी समस्या में बिना तोड़फोड़ किए विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    वास्तु से जुड़ी मान्यताओं का वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है इसलिए इन्हें निश्चित परिणाम देने वाले उपाय के रूप में नहीं देखना चाहिए। घर की सुरक्षा स्वच्छता रोशनी हवा और सही रखरखाव को हमेशा प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।

  • घर की तरक्की के लिए मंगलवार को करें ये काम, वास्तु के अनुसार बदल सकती है घर की ऊर्जा

    घर की तरक्की के लिए मंगलवार को करें ये काम, वास्तु के अनुसार बदल सकती है घर की ऊर्जा


    नई दिल्ली । मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ आसान उपाय करने से घर के वातावरण में सकारात्मकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। माना जाता है कि घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा का असर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य मनोदशा और कामकाज पर भी पड़ सकता है। ऐसे में मंगलवार को घर की साफ सफाई से लेकर पूजा स्थल और मुख्य द्वार तक कुछ बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। इन उपायों का उद्देश्य घर के वातावरण को व्यवस्थित और सकारात्मक बनाए रखना है।

    मंगलवार के दिन सुबह उठकर सबसे पहले घर की साफ सफाई करना अच्छा माना जाता है। विशेष रूप से मुख्य द्वार के आसपास गंदगी या अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में मुख्य द्वार को घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना गया है। इसलिए मंगलवार को मुख्य दरवाजे को साफ करके वहां दीपक जलाया जा सकता है। यदि संभव हो तो दरवाजे के आसपास स्वच्छता बनाए रखते हुए शुभ चिह्न भी बनाए जा सकते हैं।

    मंगलवार को घर के पूजा स्थल की सफाई करना भी शुभ माना जाता है। पूजा स्थान में लंबे समय से रखे पुराने फूल और खराब हो चुकी पूजन सामग्री को हटा देना चाहिए। इसके बाद भगवान हनुमान की पूजा कर दीपक जलाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित किया जाता है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन को शांति और आत्मविश्वास मिलने की मान्यता है।

    वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में घर के दक्षिण दिशा को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगलवार को इस दिशा में अनावश्यक कबाड़ या टूटा हुआ सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है। घर में यदि कोई खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाली वस्तुएं पड़ी हैं तो उन्हें व्यवस्थित करना बेहतर माना जाता है। घर को साफ और व्यवस्थित रखने से सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।

    मंगलवार के दिन लाल रंग को भी विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को लाल रंग प्रिय माना जाता है। इसलिए पूजा के दौरान लाल फूल अर्पित किए जा सकते हैं। घर में बहुत अधिक लाल रंग का इस्तेमाल करने के बजाय पूजा या सजावट में सीमित रूप से लाल रंग का प्रयोग करना बेहतर माना जाता है।

    इस दिन घर में क्रोध और विवाद का माहौल बनाने से बचना चाहिए। वास्तु से जुड़े उपाय केवल वस्तुओं की दिशा या स्थान बदलने तक सीमित नहीं माने जाते बल्कि घर के वातावरण और व्यवहार को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और शांतिपूर्ण व्यवहार रहने से घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है।

    मंगलवार को घर में हनुमान जी की पूजा के साथ जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सेवा और दान से मन में सकारात्मक भाव पैदा होते हैं। हालांकि वास्तु और धार्मिक उपाय आस्था पर आधारित होते हैं और इनके परिणाम की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है। इन्हें श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ अपनाया जा सकता है।

  • OTT Release This Week: 17 से 23 अगस्त तक ओटीटी पर लगेगा मनोरंजन का तड़का, 8 फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    OTT Release This Week: 17 से 23 अगस्त तक ओटीटी पर लगेगा मनोरंजन का तड़का, 8 फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज


    नई दिल्ली । अगस्त का तीसरा हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए काफी खास रहने वाला है। 17 से 23 अगस्त के बीच नेटफ्लिक्स और जियो हॉटस्टार समेत कई बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्में और सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इस हफ्ते रोमांटिक कॉमेडी से लेकर क्राइम थ्रिलर सुपरहीरो ड्रामा डॉक्यूमेंट्री और रियलिटी शो तक देखने को मिलेगा। अगर आप सिनेमाघर जाने के बजाय घर बैठे नई फिल्म या सीरीज देखने का इंतजार कर रहे हैं तो इस हफ्ते आपके पास कई विकल्प मौजूद रहेंगे।

    इस हफ्ते की शुरुआत जियो हॉटस्टार की सुपरहीरो सीरीज लैंटर्न्स से होगी। यह सीरीज 17 अगस्त को रिलीज होगी। इसकी कहानी नए रिक्रूट जॉन स्टीवर्ट और लैंटर्न लेजेंड हैल जॉर्डन के इर्द गिर्द घूमती है। दोनों एक हत्या की जांच के दौरान धरती से जुड़े कई गहरे रहस्यों का सामना करते हैं। सुपरहीरो और मिस्ट्री पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह सीरीज खास हो सकती है।

    18 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर सील टीम रिलीज होगी। यह अमेरिकी सस्पेंस सीरीज एक नेवी टीम की कहानी पर आधारित है। टीम के सदस्य खतरनाक मिशन को अंजाम देने के साथ अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों से भी जूझते नजर आएंगे। इसी दिन जियो हॉटस्टार पर लोकप्रिय डार्क सिटकॉम इट्स ऑलवेज सनी इन फिलाडेल्फिया का 18वां सीजन भी स्ट्रीम होगा। इस सीरीज की IMDb रेटिंग 8.8 बताई गई है।

    19 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर फ्रीफॉल: ए रेकनिंग फॉर बोइंग नाम की डॉक्यूमेंट्री रिलीज होगी। रॉरी कैनेडी के निर्देशन में बनी यह डॉक्यूमेंट्री बोइंग व्हिसलब्लोअर जॉन बार्नेट की मौत के बाद सामने आए घटनाक्रम पर केंद्रित है। वास्तविक घटनाओं और कॉरपोरेट विवादों में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण रिलीज हो सकती है।

    20 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर स्वीडिश क्राइम थ्रिलर सीरीज ब्लड सैक्रिफाइस दस्तक देगी। कहानी दो पुलिस अधिकारियों की हत्या के बाद शुरू होती है। मामले की जांच कर रहा एक डिटेक्टिव हत्यारे तक पहुंचने के लिए अपने पिता के साथ वर्षों बाद फिर से जुड़ता है। अपराध और रहस्य से भरपूर यह सीरीज दर्शकों को अंत तक बांधे रखने की कोशिश करेगी।

    21 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रोमांटिक कॉमेडी फिल्म प्यार प्रेमा कल्याणम रिलीज होगी। फिल्म की कहानी पावी नाम की इंफ्लुएंसर के इर्द गिर्द है जो शादी के बाद अपना घर छोड़कर जाने से इनकार कर देती है। इसके बाद उसका पति उसी के घर में रहने का फैसला करता है। अब दोनों एक साथ कैसे एडजस्ट करते हैं यही फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाता है।

    इसी दिन जियो हॉटस्टार पर ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 भी रिलीज होगा। यह रिवेंज पॉलिटिकल रोमांटिक थ्रिलर सीरीज है और इसके नए एपिसोड हर शुक्रवार स्ट्रीम होंगे। सीरीज को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    22 और 23 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर हसल रियलिटी शो के नए एपिसोड देखने को मिलेंगे। इसमें कंटेस्टेंट्स अपने रैप और म्यूजिक टैलेंट का प्रदर्शन करते हैं। शो को रैपर बादशाह जज कर रहे हैं और हर शनिवार तथा रविवार इसके नए एपिसोड स्ट्रीम किए जाते हैं।

    इस तरह 17 से 23 अगस्त के बीच ओटीटी पर अलग-अलग जॉनर की आठ फिल्में और सीरीज दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। अगर आपको रोमांस पसंद है तो प्यार प्रेमा कल्याणम अच्छा विकल्प हो सकता है वहीं क्राइम थ्रिलर के शौकीन ब्लड सैक्रिफाइस देख सकते हैं। सुपरहीरो फैंस के लिए लैंटर्न्स और रियलिटी शो पसंद करने वालों के लिए हसल इस हफ्ते खास आकर्षण रहने वाला है।

  • वास्तु के ये आसान उपाय घर में ला सकते हैं सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा जानें किन बातों का रखें ध्यान

    वास्तु के ये आसान उपाय घर में ला सकते हैं सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा जानें किन बातों का रखें ध्यान


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में घर की दिशा और वहां रखी वस्तुओं का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि घर में मौजूद सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का असर परिवार के सदस्यों के जीवन पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि लोग घर बनवाने से लेकर सामान रखने तक वास्तु के नियमों का ध्यान रखते हैं। हालांकि वास्तु से जुड़े उपाय धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिर भी कई लोग मानसिक शांति और घर के वातावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए इन नियमों का पालन करते हैं।

    वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक माना जाता है। मुख्य दरवाजे के आसपास साफ सफाई रखना शुभ माना जाता है। दरवाजे के सामने कूड़ा कबाड़ या अनावश्यक सामान रखने से बचना चाहिए। मान्यता है कि साफ और व्यवस्थित प्रवेश द्वार घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है। सुबह के समय मुख्य द्वार और उसके आसपास की जगह को साफ रखना भी अच्छा माना जाता है।

    घर के उत्तर पूर्व यानी ईशान कोण को वास्तु में विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता के अनुसार इस दिशा को पूजा और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। यदि घर में पूजा स्थान बनाया जा रहा है तो उसे साफ और शांत जगह पर रखना बेहतर माना जाता है। पूजा घर के आसपास भारी सामान जमा करने से बचने की सलाह दी जाती है।

    वास्तु में रसोई की दिशा को भी महत्वपूर्ण माना गया है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार दक्षिण पूर्व दिशा को रसोई के लिए उपयुक्त माना जाता है। रसोई में साफ सफाई रखने और गैस चूल्हे के आसपास अनावश्यक सामान नहीं रखने की सलाह दी जाती है। भोजन बनाने और रखने की जगह व्यवस्थित होने से घर का वातावरण भी साफ सुथरा बना रहता है।

    सोने के कमरे को लेकर भी कई वास्तु नियम बताए जाते हैं। मान्यता है कि सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखना बेहतर होता है। वहीं कमरे में बहुत ज्यादा सामान रखने से बचना चाहिए। बिस्तर के आसपास अव्यवस्था रहने से मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है। इसलिए कमरे को साफ और व्यवस्थित रखना अच्छी आदत मानी जाती है।

    घर में टूटे हुए सामान को लंबे समय तक संभालकर रखना भी वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता। बंद घड़ी टूटे शीशे खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार वस्तुओं को घर से हटाने की सलाह दी जाती है। इससे घर व्यवस्थित रहता है और अनावश्यक सामान के कारण होने वाली अव्यवस्था भी कम होती है।

    वास्तु में पौधों को भी सकारात्मक वातावरण से जोड़कर देखा जाता है। घर में हरे पौधे लगाने से वातावरण सुंदर और ताजा दिखाई देता है। हालांकि पौधों को रखने की जगह का चुनाव करते समय उनकी धूप और पानी की जरूरत का ध्यान रखना भी जरूरी है।

    घर में पर्याप्त रोशनी और हवा का आना भी बेहद जरूरी है। खिड़कियां बंद रखने और घर में अंधेरा बनाए रखने के बजाय दिन के समय प्राकृतिक रोशनी और हवा को अंदर आने देना चाहिए। इससे घर का वातावरण अधिक आरामदायक और खुशनुमा बना रह सकता है।

    कुल मिलाकर वास्तु के नियमों का मुख्य उद्देश्य घर को व्यवस्थित शांत और सकारात्मक बनाए रखना माना जाता है। साफ सफाई सही दिशा में सामान की व्यवस्था पर्याप्त रोशनी और प्राकृतिक हवा जैसी अच्छी आदतें किसी भी घर के वातावरण को बेहतर बना सकती हैं। वास्तु उपायों को अपनाते समय अपनी सुविधा और व्यावहारिक जरूरतों का भी ध्यान रखना जरूरी है।

  • भगवान शिव का दिन सोमवार घर की ऊर्जा सुधारने के लिए अपनाएं ये असरदार वास्तु टिप्स

    भगवान शिव का दिन सोमवार घर की ऊर्जा सुधारने के लिए अपनाएं ये असरदार वास्तु टिप्स


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के साथ वास्तु शास्त्र में भी सोमवार को घर के वातावरण को सकारात्मक बनाने के लिए कुछ आसान उपाय किए जाते हैं। माना जाता है कि घर में साफ सफाई सकारात्मक सोच और सही दिशा का ध्यान रखने से वातावरण बेहतर बनाया जा सकता है। सोमवार के दिन किए जाने वाले कुछ वास्तु उपाय घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बनाने में सहायक माने जाते हैं। हालांकि इन उपायों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए।

    सोमवार के दिन सबसे पहले घर की साफ सफाई पर ध्यान देना चाहिए। खासतौर पर घर के मुख्य द्वार के आसपास गंदगी या अनावश्यक सामान जमा नहीं होना चाहिए। वास्तु परंपरा में मुख्य द्वार को घर में ऊर्जा के प्रवेश का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इसलिए सोमवार की सुबह मुख्य द्वार को साफ करके वहां स्वच्छ पानी का छिड़काव किया जा सकता है। इसके बाद घर के पूजा स्थान की सफाई करें और भगवान शिव की पूजा करें। पूजा स्थल को व्यवस्थित और स्वच्छ रखना भी सकारात्मक वातावरण के लिए अच्छा माना जाता है।

    सोमवार को घर के पूजा स्थान में भगवान शिव की तस्वीर या शिवलिंग की विधि अनुसार पूजा की जा सकती है। शिवलिंग पर जल अर्पित करना और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। यदि घर में शिवलिंग स्थापित है तो उसकी पूजा अपनी पारिवारिक परंपरा और मान्यताओं के अनुसार ही करें। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और घर परिवार की सुख शांति के लिए प्रार्थना करें।

    वास्तु से जुड़े पारंपरिक उपायों में सोमवार के दिन घर के उत्तर पूर्व यानी ईशान कोण को साफ और व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि यह स्थान पूजा और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त होता है। यहां बेकार सामान जूते चप्पल या गंदगी जमा करने से बचना चाहिए। अगर घर में पूजा का स्थान इसी दिशा में है तो उसे विशेष रूप से साफ रखना बेहतर माना जाता है।

    सोमवार को घर में सुगंधित वातावरण बनाए रखने के लिए धूप या दीपक जलाया जा सकता है। हालांकि धूप का इस्तेमाल करते समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना जरूरी है। घर में प्राकृतिक रोशनी और हवा का प्रवेश भी वातावरण को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए दिन के समय पर्दे खोलकर घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी आने दें।

    धन और समृद्धि से जुड़े वास्तु उपायों में भी सोमवार को घर को अव्यवस्थित रखने से बचने की सलाह दी जाती है। घर में टूटे हुए सामान बेकार इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं या लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने वाली चीजों को जमा करके रखने के बजाय उन्हें व्यवस्थित करना बेहतर होता है। मान्यता है कि साफ और व्यवस्थित घर सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है और इससे घर का वातावरण भी बेहतर महसूस होता है।

    सोमवार के दिन परिवार के सदस्यों के साथ शांत व्यवहार करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन क्रोध विवाद और नकारात्मक बातचीत से बचकर भगवान शिव का स्मरण करना शुभ होता है। जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी पुण्यदायक माना जाता है। इस तरह सोमवार को पूजा के साथ घर की साफ सफाई और सकारात्मक व्यवहार पर ध्यान देकर दिन को बेहतर बनाया जा सकता है। वास्तु उपायों को अंधविश्वास के बजाय पारंपरिक मान्यताओं के रूप में समझना चाहिए और किसी भी बड़े बदलाव से पहले व्यावहारिक जरूरतों को प्राथमिकता देना बेहतर है।

  • वास्तु शास्त्र के आसान टिप्स, जो आपके घर में ला सकते हैं सुख, शांति और समृद्धि

    वास्तु शास्त्र के आसान टिप्स, जो आपके घर में ला सकते हैं सुख, शांति और समृद्धि


    नई दिल्ली । हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में हमेशा सुख शांति समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र को घर के निर्माण और व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। मान्यता है कि यदि घर में दिशाओं और ऊर्जा के संतुलन का ध्यान रखा जाए तो परिवार के सदस्यों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा आर्थिक और सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। हालांकि वास्तु को आस्था और परंपरा का विषय माना जाता है इसलिए इसे व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार अपनाया जा सकता है।

    घर का मुख्य द्वार सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। मुख्य दरवाजे के आसपास हमेशा साफ सफाई बनाए रखें और अनावश्यक सामान जमा न होने दें। प्रवेश द्वार पर पर्याप्त रोशनी रहने से घर आकर्षक दिखाई देता है और स्वागत का सकारात्मक वातावरण बनता है।

    पूजा घर को घर के शांत और स्वच्छ हिस्से में रखना बेहतर माना जाता है। पूजा स्थल पर नियमित सफाई और दीपक या धूप जलाने से आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है। पूजा स्थान के आसपास जूते चप्पल या गंदगी रखने से बचना चाहिए ताकि स्थान की पवित्रता बनी रहे।

    रसोई को परिवार की समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। रसोई हमेशा साफ और व्यवस्थित होनी चाहिए। भोजन बनाने के स्थान पर स्वच्छता बनाए रखना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी आवश्यक है। गैस चूल्हा और पानी की व्यवस्था अलग अलग रखने की सलाह दी जाती है ताकि कार्य आसान और सुरक्षित बना रहे।

    शयनकक्ष ऐसा होना चाहिए जहां पर्याप्त हवा और प्राकृतिक रोशनी आती हो। कमरे में अनावश्यक सामान जमा करने से बचें क्योंकि इससे अव्यवस्था बढ़ती है और मानसिक तनाव भी महसूस हो सकता है। अच्छी नींद के लिए शांत वातावरण और नियमित सफाई बेहद जरूरी मानी जाती है।

    घर में पौधे लगाने की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है। हरे भरे पौधे वातावरण को ताजगी देने के साथ घर की सुंदरता भी बढ़ाते हैं। तुलसी जैसे पौधों को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी शुभ माना जाता है। सूखे या मुरझाए पौधों को लंबे समय तक घर में नहीं रखना चाहिए क्योंकि वे घर की सुंदरता कम कर देते हैं।

    घर में टूटी हुई वस्तुएं खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या लंबे समय से बेकार पड़े सामान को समय समय पर हटाते रहना चाहिए। इससे घर व्यवस्थित रहता है और जगह का बेहतर उपयोग हो पाता है। साफ और खुला वातावरण मानसिक सुकून देने में भी मदद करता है।

    वास्तु के अनुसार घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का आना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। खिड़कियां नियमित रूप से खोलने से घर में ताजगी बनी रहती है और बंद वातावरण की समस्या नहीं होती। इसके साथ ही रोजाना सफाई और स्वच्छता पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है।

    ध्यान रहे कि केवल वास्तु नियम अपनाने से जीवन की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। सफलता के लिए मेहनत सकारात्मक सोच अनुशासित जीवनशैली और परिवार के बीच आपसी प्रेम और सम्मान सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इन मूल्यों के साथ घर की स्वच्छता और व्यवस्थित व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए तो घर का वातावरण स्वाभाविक रूप से सुखद और सकारात्मक बन सकता है।

  • वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय अपनाएं और घर में सुख समृद्धि सकारात्मक ऊर्जा का करें स्वागत

    वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय अपनाएं और घर में सुख समृद्धि सकारात्मक ऊर्जा का करें स्वागत


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। मुख्य द्वार हमेशा साफ सुथरा और आकर्षक होना चाहिए। इसके आसपास गंदगी टूटा सामान या कचरा नहीं रखना चाहिए। नियमित रूप से दीपक जलाना और स्वच्छता बनाए रखना शुभ माना जाता है।

    पूजा घर को उत्तर पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इस स्थान पर नियमित पूजा पाठ करने से घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है। पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचना चाहिए। धार्मिक ग्रंथों और पूजा सामग्री को भी व्यवस्थित रखना अच्छा माना जाता है।

    रसोईघर को अग्नि तत्व का स्थान माना जाता है। वास्तु के अनुसार खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखना शुभ माना जाता है। रसोई को साफ रखना और गैस चूल्हे तथा पानी के स्रोत के बीच उचित दूरी बनाए रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे घर में संतुलन और सकारात्मकता बनी रहती है।

    शयनकक्ष का भी विशेष महत्व बताया गया है। परिवार के मुखिया का कमरा दक्षिण पश्चिम दिशा में होना शुभ माना जाता है। सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखने की सलाह दी जाती है। इससे बेहतर नींद और मानसिक शांति मिलने की मान्यता है।

    घर में टूटे हुए फर्नीचर बंद घड़ियां खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार वस्तुओं को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा का कारण मानी जाती हैं। समय समय पर घर की सफाई और अनावश्यक वस्तुओं को हटाना वातावरण को बेहतर बनाता है।

    तुलसी का पौधा और हरे पौधे घर की सकारात्मकता बढ़ाने वाले माने जाते हैं। तुलसी को आंगन या बालकनी में उचित स्थान पर लगाने से वातावरण शुद्ध रहने की मान्यता है। वहीं कांटेदार पौधों को मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।

    घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का प्रवेश भी बहुत जरूरी माना जाता है। बंद और अंधेरे स्थान नकारात्मकता बढ़ा सकते हैं। इसलिए रोजाना खिड़कियां खोलकर घर में धूप और ताजी हवा आने देना लाभकारी माना जाता है।

    यदि किसी कारणवश घर में वास्तु संबंधी बदलाव संभव नहीं हैं तो साफ सफाई नियमित पूजा सकारात्मक सोच और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सम्मान बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यही बातें किसी भी घर को सुख शांति और समृद्धि से भर सकती हैं।

    ध्यान रहे कि वास्तु शास्त्र पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इसे आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार अपनाया जा सकता है। किसी भी समस्या का समाधान केवल वास्तु उपायों पर निर्भर न रखकर व्यावहारिक प्रयास और सही निर्णय भी जरूरी हैं।