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  • कैब में छूटा वॉलेट संभालकर रखा, बेंगलुरु के ड्राइवर की ईमानदारी ने सोशल मीडिया पर जीता दिल

    कैब में छूटा वॉलेट संभालकर रखा, बेंगलुरु के ड्राइवर की ईमानदारी ने सोशल मीडिया पर जीता दिल

    नई दिल्ली । तेज रफ्तार जिंदगी में जहां अक्सर खोई हुई चीजों के वापस मिलने की उम्मीद कम ही रहती है, वहीं बेंगलुरु से सामने आई एक घटना ने लोगों का भरोसा ईमानदारी और मानवीय मूल्यों पर फिर मजबूत कर दिया है। एक कैब ड्राइवर ने अपनी गाड़ी में छूटे यात्री के बटुए को चार दिन तक सुरक्षित संभालकर रखा और बाद में उसे सही-सलामत उसके मालिक को लौटा दिया। इस घटना की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से हो रही है और लोग ड्राइवर की जिम्मेदारी तथा ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं।

    पूरा मामला तब सामने आया जब एक यात्री ने सोशल मीडिया मंच पर अपना अनुभव साझा किया। उसने बताया कि कुछ दिन पहले वह कैब से अपने घर पहुंचा था। घर लौटने के बाद वह अपनी सामान्य दिनचर्या में व्यस्त हो गया और उसे यह ध्यान ही नहीं रहा कि उसका बटुआ कैब में ही छूट गया है। करीब चार दिन बाद जब उसे अपने वॉलेट की जरूरत पड़ी, तब उसे एहसास हुआ कि वह उसके पास नहीं है।

    स्थिति का पता चलते ही यात्री ने कैब ड्राइवर से संपर्क किया। ड्राइवर ने बातचीत के दौरान बताया कि वाहन उस समय धुलाई के लिए गया हुआ है, लेकिन वह पूरी कोशिश करेगा कि बटुआ खोजकर यात्री को वापस दिया जा सके। ड्राइवर ने न तो कोई बहाना बनाया और न ही जिम्मेदारी से पीछे हटने की कोशिश की, बल्कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

    कुछ घंटों बाद ड्राइवर ने स्वयं यात्री को फोन कर जानकारी दी कि गाड़ी की जांच के दौरान उसे बटुआ मिल गया है। यह सूचना मिलते ही यात्री ने राहत की सांस ली। बाद में बटुआ उसे सुरक्षित लौटा दिया गया। यात्री ने बताया कि बटुए में रखी जरूरी वस्तुएं और अन्य सामान भी सुरक्षित थे, जिससे उसे बड़ी परेशानी से बचने का अवसर मिला।

    इस अनुभव से प्रभावित होकर यात्री ने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर साझा की। उसने लिखा कि आज के समय में ऐसी ईमानदारी दुर्लभ होती जा रही है और कैब ड्राइवर के इस व्यवहार ने उसका लोगों पर भरोसा बढ़ा दिया। उसने ड्राइवर की जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और पेशेवर व्यवहार की खुलकर प्रशंसा की।

    पोस्ट सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने लिखा कि उनके साथ भी अलग-अलग शहरों में इसी तरह के सकारात्मक अनुभव हुए हैं, जहां टैक्सी या कैब चालकों ने खोई हुई वस्तुएं लौटाकर भरोसे की मिसाल पेश की। कुछ लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे ईमानदार लोग ही इंसानियत की पहचान बनाए रखते हैं और उनके छोटे-छोटे कार्य दूसरों को भी सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में यात्रियों और सेवा प्रदाताओं के बीच विश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है। जब चालक अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हैं, तो इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि मजबूत होती है बल्कि पूरे सेवा क्षेत्र की विश्वसनीयता भी बढ़ती है। बेंगलुरु की यह घटना इसी विश्वास का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने यह संदेश दिया है कि ईमानदारी और जिम्मेदारी आज भी समाज में जीवित हैं और ऐसे कार्य लोगों के दिलों में लंबे समय तक अपनी जगह बना लेते हैं।

  • सुप्रिया सुले ने की राहुल गांधी की खुलकर तारीफ, बोलीं ईमानदारी का ओलंपिक होता तो…

    सुप्रिया सुले ने की राहुल गांधी की खुलकर तारीफ, बोलीं ईमानदारी का ओलंपिक होता तो…


    नई दिल्ली। एनसीपी एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की खुलकर तारीफ की है। सोमवार 20 अप्रैल को उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को किसी भी जांच एजेंसी से डर नहीं लगता। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर ईमानदारी के लिए ओलंपिक में कोई पदक होता, तो राहुल गांधी निश्चित रूप से उसे जीतते।

    महिला आरक्षण पर उठाए सवाल

    महिला आरक्षण को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि हालिया विधेयक वास्तव में महिलाओं के आरक्षण का नहीं, बल्कि परिसीमन डिलिमिटेशन से जुड़ा मुद्दा था। उन्होंने दावा किया कि महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक पहले ही 2003 में पारित हो चुका है और इसे राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित भी किया जा चुका है।

    देवेंद्र फडणवीस पर साधा निशाना
    सुले ने देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे यह कहते हैं कि जनगणना के कारण 2029 तक महिला आरक्षण लागू होने में देरी हो रही है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि जनगणना प्रक्रिया को तेज करने से किसने रोका। उनके मुताबिक, समय पर जनगणना पूरी कर इसे लागू किया जा सकता था।

    आदिवासी लड़कियों के लापता होने पर जताई चिंता
    उन्होंने महाराष्ट्र में आदिवासी लड़कियों के लापता होने के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। सुले ने कहा कि सत्ताधारी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है।

    आईएएस अधिकारी के व्यवहार पर कार्रवाई की मांग

    सुप्रिया सुले ने MHADA के सीईओ संजीव जायसवाल से जुड़े एक कथित मामले का जिक्र करते हुए कहा कि गोरेगांव के मोतीलाल नगर में स्थानीय निवासियों को धमकाने के आरोप वाले वायरल वीडियो पर मुख्यमंत्री को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले पर ध्यान दिया होगा।

  • Pakistan की संसद में ईमानदारी के इम्तिहान… एक दर्जन से ज्यादा सांसद हुए फेल

    Pakistan की संसद में ईमानदारी के इम्तिहान… एक दर्जन से ज्यादा सांसद हुए फेल


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की संसद में बैठे सांसद कितने ईमानदार (Honest MPs) हैं? इसकी जब परीक्षा हुई तो करीब एक दर्जन से ज्यादा सांसद उसमें फेल हो गए। यह सब हुआ ऑन कैमरा। अब उसका वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, हुआ यूं कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (Pakistan National Assembly) के स्पीकर सरदार अयाज सादिक (Speaker Sardar Ayaz Sadiq) ने सांसदों की ईमानदारी का इम्तिहान लेने के लिए एक मजेदार तरकीब निकाला। उन्होंने कुछ कड़क-कड़क नोट लहराकर संसद में पूछा कि ये किसके हैं?

    वीडियो में दिख रहा है कि वह हाथों में नोट लहराते हुए पूछ रहे हैं कि ये किसी के पैसे गिर गए हैं, जिनके हैं हाथ खड़े करें। इसी बीच संसद में बैठे 12-13 सांसदों ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर मुस्कुराते हुए स्पीकर ने कहा, “ये तो 10-12 हाथ खड़े हो गए हैं, पैसे उतने नहीं हैं, जितने लोगों के हाथ खड़े हुए हैं। ये तो सारे हाउस के हाथ खड़े हो गए हैं।” उसके बाद उन्होंने थैंक यू कहकर मामला समाप्त कर दिया। अब ये वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


    रूपये असली मालिक को मिल गए

    पाकिस्तान के टीवी के मुताबिक, नेशनल असेंबली की ये घटना सोमवार की है। स्पीकर अयाज सादिक के हाथ में उस वक्त 5000 रुपये के कुल 10 नोट थे, जिन्हें वह लहरा रहे थे। यानी उनके हाथ में कुल 50,000 रुपये थे, जो किसी सांसद के संसद भवन में गिर गए थे। आखिरकार कैश अपने असली मालिक PTI के सांसद मुहम्मद इकबाल अफरीदी के पास पहुंच गया लेकिन पाक सोशल मीडिया पर इसको लेकर गरमागरम बहस छिड़ गई है।


    पाकिस्तानी सांसदों की हो रही खिंचाई

    जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर पॉपुलर हुआ, पाकिस्तानियों ने अपने सांसदों की खिंचाई शुरू कर दी। कुछ लोगों का कहना है कि जिन 12 MPs ने हाथ उठाए थे, उन्हें संसद का अपमान करने का दोषी मानकर सदन से निकाल देना चाहिए। एक मज़ाकिया यूज़र, महनूर आसिफ ने ट्वीट किया, “स्पीकर ने शरीफ भाइयों के 25 कॉल मिस कर दिए।” हालांकि, कुछ लोग इस घटना से हैरान नहीं हैं। एक और ने ट्वीट किया, “वे लाखों में सैलरी और भत्ते लेते हैं, फिर भी यह उनका हाल है।”