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  • राष्ट्रीय सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित होंगे अजित डोभाल, पुणे में अमित शाह करेंगे प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक अवॉर्ड से सम्मानित

    राष्ट्रीय सुरक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित होंगे अजित डोभाल, पुणे में अमित शाह करेंगे प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक अवॉर्ड से सम्मानित

    नई दिल्ली । देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे, प्रभावशाली और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए चयन समिति ने उनके नाम की घोषणा की है। यह सम्मान 1 अगस्त को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित विशेष समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों प्रदान किया जाएगा। इस घोषणा के साथ देश की सुरक्षा व्यवस्था में डोभाल की भूमिका एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

    सम्मान समारोह पुणे के गुलटेकड़ी स्थित महाराष्ट्रीय मंडल ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति के अध्यक्ष रोहित तिलक ने बताया कि देश की सुरक्षा और रणनीतिक नीति निर्माण में अजित डोभाल के असाधारण योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस वर्ष के सम्मान के लिए चुना गया है।

    81 वर्षीय अजित डोभाल भारतीय सुरक्षा तंत्र के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक और खुफिया सेवा कार्यकाल के दौरान देश के कई संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में उनकी भूमिका को सुरक्षा प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में भी सेवाएं दीं, जहां रणनीतिक और कूटनीतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में अजित डोभाल ने कई अहम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत की सुरक्षा रणनीति को मजबूत करने, सीमा संबंधी मुद्दों पर समन्वय स्थापित करने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा जाता है। डोकलाम विवाद के दौरान भारत और चीन के बीच बढ़े तनाव को कम करने के लिए हुई उच्चस्तरीय वार्ताओं में भी उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था, जिसे देश की कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता के महत्वपूर्ण अध्यायों में शामिल किया जाता है।

    लोकमान्य तिलक अवॉर्ड की स्थापना वर्ष 1983 में की गई थी। यह सम्मान हर वर्ष 1 अगस्त को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि के अवसर पर उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक विकास, सार्वजनिक जीवन, प्रशासन, विज्ञान, शिक्षा या अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। वर्षों से यह सम्मान देश की प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रदान किया जाता रहा है और इसे सार्वजनिक जीवन के प्रमुख सम्मानों में शामिल माना जाता है।

    इस सम्मान से पहले भी कई राष्ट्रीय नेताओं और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को लोकमान्य तिलक अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी तथा शरद पवार जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। अब इस सूची में अजित डोभाल का नाम जुड़ने के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को भी औपचारिक रूप से एक और महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त होने जा रहा है।

  • पद्म पुरस्कार 2026 में कला, सिनेमा और संस्कृति जगत के दिग्गजों को मिलेगा सर्वोच्च सम्मान

    पद्म पुरस्कार 2026 में कला, सिनेमा और संस्कृति जगत के दिग्गजों को मिलेगा सर्वोच्च सम्मान


    नई दिल्ली।
    देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार समारोह आज राजधानी में पूरे गरिमामय वातावरण के बीच आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि उन महान हस्तियों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी माना जाता है, जिन्होंने अपने कार्यों से देश और समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर वर्ष की तरह इस बार भी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा, जिनके कार्यों ने समाज पर गहरी और सकारात्मक छाप छोड़ी है।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला यह विशेष समारोह देश के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व का एक अहम हिस्सा माना जाता है। इस अवसर पर कला, साहित्य, संगीत, सिनेमा, खेल, समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है क्योंकि यह मंच उन लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देता है जिन्होंने वर्षों की मेहनत और समर्पण से अपनी अलग पहचान बनाई है।

    इस वर्ष पुरस्कारों की सूची में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है। खासतौर पर मनोरंजन और कला जगत से जुड़े कई दिग्गजों के नामों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। कुछ महान हस्तियों को मरणोपरांत सम्मान दिए जाने की घोषणा ने इस समारोह को और भावुक बना दिया है। यह सम्मान केवल पुरस्कार नहीं बल्कि उनके जीवनभर के योगदान और विरासत को याद करने का एक माध्यम भी माना जा रहा है।

    देश के फिल्म और संगीत जगत से जुड़े कई लोकप्रिय चेहरों को भी इस बार सम्मान सूची में स्थान मिला है। दशकों तक लोगों के दिलों पर राज करने वाले कलाकारों से लेकर अपनी कला के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाले व्यक्तित्वों तक, इस बार कई बड़े नाम सम्मान प्राप्त करने जा रहे हैं। इन हस्तियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर देश को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई है।

    पद्म पुरस्कारों को भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में गिना जाता है और यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां हासिल की हों। इस सम्मान का उद्देश्य केवल उपलब्धियों का जश्न मनाना नहीं बल्कि समाज में प्रेरणा और उत्कृष्टता की भावना को बढ़ावा देना भी है। यही कारण है कि हर वर्ष देशभर के लोग इस समारोह का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

    आज होने वाला यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह देश की उन प्रेरणादायक कहानियों का उत्सव भी बनेगा, जिन्होंने मेहनत, संघर्ष और समर्पण से नई ऊंचाइयों को छुआ है। सम्मानित होने वाली हस्तियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और उनके कार्य समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।