Tag: Hormuz Strait Blockade

  • होर्मुज तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल ,जयशंकर की इजरायल ऑस्ट्रेलिया से चर्चा

    होर्मुज तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल ,जयशंकर की इजरायल ऑस्ट्रेलिया से चर्चा


    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। इस क्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गिदोन सार और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग से फोन पर अहम बातचीत की।

    विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इजरायल के विदेश मंत्री के साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, तनाव के कारण और संभावित समाधान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।

    वहीं इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत के साथ उनकी चर्चा सकारात्मक रही। उन्होंने बताया कि बातचीत में ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग और स्थिरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    इसी कड़ी में जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग से भी पश्चिम एशिया संकट को लेकर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग और संवाद को जरूरी बताया।

    दरअसल, हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी का ऐलान किए जाने के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। अमेरिका के इस कदम को वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम के अनुसार नाकेबंदी लागू कर दी गई है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। इस दौरान ईरान के बंदरगाहों से आने जाने वाले जहाजों पर विशेष नजर रखी जा रही है जबकि अन्य देशों के लिए जा रहे जहाजों को कुछ छूट दी गई है।

    इस सैन्य अभियान में अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली भी तैनात किया गया है जहां से एफ 35बी लाइटनिंग स्टील्थ फाइटर जेट और अन्य विमान लगातार निगरानी और संचालन में जुटे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है और यहां किसी भी प्रकार का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में भारत की यह कूटनीतिक पहल न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • ईरान-इजरायल युद्ध का वैश्विक ऊर्जा संकट: दुनिया भर में महंगी हुई रसोई गैस, जानें भारत पर क्या होगा असर?

    ईरान-इजरायल युद्ध का वैश्विक ऊर्जा संकट: दुनिया भर में महंगी हुई रसोई गैस, जानें भारत पर क्या होगा असर?

    नई दिल्ली ।  पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने न केवल वैश्विक भू-राजनीति को प्रभावित किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भी भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है। मार्च 2026 की शुरुआत के साथ ही वैश्विक बाजार में रसोई गैस LPG की कीमतों में बड़ी हलचल देखी जा रही है। globalpetrolprices.com द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च 2026 तक दुनिया भर में एलपीजी की औसत कीमत 71.96 भारतीय रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गई है। यह उछाल मुख्य रूप से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष और लॉजिस्टिक बाधाओं का परिणाम माना जा रहा है।

    वैश्विक स्तर पर कीमतों का विश्लेषण करें तो यह अंतर स्पष्ट दिखाई देता है कि अमीर और ऊर्जा आयात करने वाले देशों में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। अल्जीरिया, अंगोला, सऊदी अरब और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में हाल के दिनों में एलपीजी की दरों में वृद्धि दर्ज की गई है। इसके विपरीत, रूस और बेलारूस जैसे देशों में मामूली गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों तक सबकी पहुंच समान है, लेकिन विभिन्न देशों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स और दी जाने वाली सब्सिडी के कारण खुदरा कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर पैदा हो जाता है।

    भारतीय उपभोक्ताओं के लिए इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। जहां दुनिया भर के कई देशों में गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं भारत में फिलहाल एलपीजी की कीमतें 59.9 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई हैं। इंडियन ऑयल के ताजा डेटा के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर ₹853 में उपलब्ध है, जबकि मुंबई में यह ₹852.50 की दर से बिक रहा है। हालांकि, भौगोलिक स्थिति के कारण पटना में इसकी कीमत ₹951 और लखनऊ में ₹890.50 तक पहुंच गई है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों जैसे कारगिल में सिलेंडर ₹985.5 और पुलवामा में ₹969 में मिल रहा है।

    वाणिज्यिक मोर्चे पर भी कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 1768.50 रुपये और मुंबई में 1720 रुपये में मिल रहा है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 1929 रुपये है। लेकिन यह स्थिरता कितनी लंबी टिकेगी, यह हॉर्मुज जलमार्ग की स्थिति पर निर्भर करता है। जीरो कार्बन एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लंबा खिंचता है और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य Strait of Hormuz को अवरुद्ध कर दिया जाता है, तो पूरा एशिया ऊर्जा संकट की चपेट में आ सकता है।

    चूँकि एशिया के अधिकांश देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी जलमार्ग पर निर्भर हैं, इसलिए हॉर्मुज की नाकेबंदी कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ध्वस्त कर सकती है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल और गैस के दामों में होने वाला उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल सरकार की सब्सिडी नीतियों और स्टॉक प्रबंधन ने आम आदमी की जेब को सुरक्षित रखा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।