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  • डर + हंसी का कॉम्बो: लिस्ट में एक जबरदस्त हॉरर-कॉमेडी फिल्म भी शामिल!

    डर + हंसी का कॉम्बो: लिस्ट में एक जबरदस्त हॉरर-कॉमेडी फिल्म भी शामिल!


    नई दिल्ली। इस हफ्ते की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है “पति पत्नी और वो दो”, जिसमें आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और वामिका गब्बी मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी एक ईमानदार फॉरेस्ट ऑफिसर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी एक छोटी-सी मदद के बाद पूरी तरह उलझ जाती है। तीन महिलाओं के बीच फंसकर उसकी स्थिति हास्यास्पद और भावनात्मक दोनों बन जाती है। फिल्म में रोमांस और कॉमेडी का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा।

     2. ऐतिहासिक सफर: आखिरी सवाल
    संजय दत्त और अमित साध स्टारर यह फिल्म “आखिरी सवाल” एक ऐतिहासिक ड्रामा है, जो एक विचारधारा और संगठन के 100 साल के सफर को दिखाने का दावा करती है। फिल्म भारत के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास के कुछ अहम मोड़ों को सिनेमाई अंदाज में पेश करती है। दमदार अभिनय और गंभीर विषय इसे खास बनाते हैं।

     3. हॉरर-कॉमेडी का ट्विस्ट: I.I.Z  Indian Institute of Zombies
    अगर आप हॉरर और कॉमेडी के फैन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है। कहानी एक बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज में अचानक फैलने वाले ज़ॉम्बी संक्रमण की है। छात्र पढ़ाई के दबाव और ज़ॉम्बी अटैक दोनों से जूझते हैं। फिल्म में डर के साथ हंसी का भी जबरदस्त डोज मिलेगा।

     4. साइकोलॉजिकल थ्रिलर: नवगुंजर
    “नवगुंजर” एक क्राइम-थ्रिलर फिल्म है जिसमें शहर में हो रही रहस्यमयी हत्याएं पुलिस को चौंका देती हैं। सबसे बड़ा रहस्य यह है कि पकड़े गए अपराधियों को अपने जुर्म की याद ही नहीं रहती। माइंड कंट्रोल और साजिशों पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को अंत तक उलझाए रखेगी।

     5. म्यूजिकल एक्सपीरियंस: Billie Eilish  Hit Me Hard and Soft The Tour
    यह फिल्म एक 3D कंसर्ट अनुभव है जिसमें दुनिया की मशहूर पॉप सिंगर बिली आयलिश के वर्ल्ड टूर को बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। जेम्स कैमरून के निर्देशन में बनी यह फिल्म संगीत प्रेमियों के लिए एक विजुअल ट्रीट साबित हो सकती है।

    इस हफ्ते का बॉक्स ऑफिस लाइनअप बेहद विविध है जहां एक तरफ रोमांस और कॉमेडी है, वहीं दूसरी ओर थ्रिलर, हॉरर और म्यूजिकल एक्सपीरियंस भी मौजूद हैं। हर उम्र और हर स्वाद के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ खास जरूर है।

  • अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ ने वीकेंड पर पकड़ी रफ्तार, कलेक्शन में उछाल

    अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ ने वीकेंड पर पकड़ी रफ्तार, कलेक्शन में उछाल


    नई दिल्ली। अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म भूत बंगला (Bhooth Bangla) लगातार सुर्खियों में छाई हुई है। आपको बता दें, इस फिल्म में वीकेंड का फायदा उठाकर काफी अच्छा कलेक्शन कर लिया है। तो चलिए उसकी रिपोर्ट जानते हैं। फैंस भी ट्विटर पर इस फिल्म की तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं काफी अच्छा रिव्यु इस फिल्म को दे रहे हैं यह एक कॉमेडी हॉरर फिल्म हैं।

    फिल्म का कलेक्शन
    रिलीज के पहले दिन से ही फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और पहले वीकेंड में इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया. दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर बढ़ते क्रेज ने यह साफ कर दिया है कि अक्षय और प्रियदर्शन की जोड़ी आज भी बॉक्स ऑफिस पर मचा सकती है।भूत बंगला’ के तीसरे दिन के कलेक्शन ने बॉक्स ऑफिस पर हलचल मचा दी है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने रविवार को अब तक 23 करोड़ की शानदार कमाई कर ली है।

    फिल्म का कुल कलेक्शन
    हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ के लिए पहला वीकेंड बेहद शानदार रहा। फिल्म ने महज तीन दिनों में 58 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।जबकि ग्रॉस कलेक्शन 69.37 करोड़ तक पहुंच चुका है। दर्शकों के बीच अक्षय और प्रियदर्शन का पुराना जादू फिर से सिर चढ़कर बोल रहा है, जिससे फिल्म की कमाई में हर दिन जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है।

    फिल्म के कास्ट
    इस फिल्म से प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी पूरे 14 साल बाद स्क्रीन पर वापस लौटी है।इससे पहले ये दोनों ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘भूल भुलैया’ और ‘खट्टा मीठा’ जैसी कई कल्ट फिल्में दे चुके हैं, यही वजह है कि फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। और अब जब फिल्म रिलीज हो गई है तो बस चढ़कर सिनेमाघर पहुंच रहे हैं। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, तब्बू, राजपाल यादव, असरानी और जीशु सेनगुप्ता जैसे बड़े हुए कलाकार भी अहम रोल में हैं।

  • अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की सफल जोड़ी दशकों पुराने इस कल्ट क्लासिक शीर्षक के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रही है।

    अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की सफल जोड़ी दशकों पुराने इस कल्ट क्लासिक शीर्षक के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रही है।

    नई दिल्ली:   भारतीय सिनेमा के विकास क्रम में साठ का दशक एक ऐसा समय था जब मनोरंजन की नई विधाएं जन्म ले रही थीं। उस दौर में जब दर्शक मुख्य रूप से सामाजिक और रूमानी फिल्मों को पसंद करते थे तब दिग्गज कलाकार महमूद ने एक बड़ा जोखिम उठाया। उन्होंने वर्ष 1965 में फिल्म भूत बंगला के जरिए दर्शकों को एक ऐसी दुनिया से रूबरू कराया जहां डर के साये में हंसी के ठहाके गूंजते थे।
    लगभग दो घंटे पच्चीस मिनट की यह फिल्म न केवल उस समय की सफलतम फिल्मों में शामिल हुई बल्कि इसने आने वाले समय के लिए एक नई शैली की नींव भी रखी। यह फिल्म आज भी उन सिने प्रेमियों के लिए एक मिसाल है जो सस्पेंस और हास्य के सटीक संतुलन को समझना चाहते हैं। उस समय के सीमित संसाधनों के बावजूद इस फिल्म ने जो प्रभाव पैदा किया वह आज के आधुनिक तकनीक वाले दौर में भी दुर्लभ प्रतीत होता है।

    महमूद ने इस फिल्म में न केवल मुख्य भूमिका निभाई बल्कि इसके निर्देशन की जिम्मेदारी भी बहुत कुशलता से संभाली। उनकी रचनात्मक दृष्टि का ही परिणाम था कि फिल्म का हर दृश्य दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में सफल रहा। फिल्म में अभिनेत्री तनुजा और महान संगीतकार आरडी बर्मन की उपस्थिति ने इसमें चार चांद लगा दिए थे।

    आरडी बर्मन के संगीत ने उस समय की फिल्म संगीत की दिशा बदल दी थी और आज भी वे धुनें लोगों के कानों में रस घोलती हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के जरिए ही पंचम दा के नाम से मशहूर इस महान संगीतकार ने अभिनय की दुनिया में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई थी। उनकी जादुई धुनों और महमूद की शानदार कॉमेडी ने मिलकर एक ऐसा सिनेमाई अनुभव प्रदान किया जो छह दशक बीत जाने के बाद भी भारतीय दर्शकों के जेहन में ताजा है।

    वर्तमान समय में जब भारतीय सिनेमा एक बार फिर अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है तो साठ के दशक की उन यादों का ताजा होना स्वाभाविक है। हाल ही में फिल्म जगत में एक बड़ी घोषणा ने हलचल मचा दी है जब अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी के एक नए प्रोजेक्ट की जानकारी सामने आई।

    इस प्रोजेक्ट का शीर्षक भी वही रखा गया है जिसने साठ के दशक में अपनी अनूठी कहानी से तहलका मचाया था। अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने पहले भी दर्शकों को कई बेहतरीन कॉमेडी फिल्में दी हैं जिससे प्रशंसकों के बीच उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। यह देखना वास्तव में दिलचस्प है कि तकनीक के इस आधुनिक युग में पुराने दौर की उस सादगी और स्वाभाविक डर को किस तरह नए कलेवर में पेश किया जाएगा ताकि वह नई पीढ़ी को भी उसी तरह प्रभावित कर सके।

    हॉरर कॉमेडी एक ऐसी कठिन विधा है जिसमें संतुलन बनाना बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। यदि कहानी में डर की मात्रा अधिक हो जाए तो वह शुद्ध हॉरर फिल्म बन जाती है और यदि हंसी ज्यादा हो जाए तो वह केवल एक साधारण कॉमेडी बनकर रह जाती है। महमूद ने 1965 में इस बारीक अंतर को बहुत संजीदगी से पकड़ा था और एक संतुलित पटकथा तैयार की थी।

    उस समय की तकनीकी सीमाओं के बावजूद उन्होंने छायांकन और ध्वनि के प्रभावी उपयोग से एक ऐसा रहस्यमयी माहौल बनाया जिसने लोगों को अपनी कुर्सियों से उछलने पर मजबूर कर दिया। आज के दौर में जब फिल्म निर्माण की प्रक्रिया बहुत महंगी और जटिल हो गई है तब भी उन पुरानी फिल्मों की कहानी और उनके पात्रों की गहराई अतुलनीय लगती है। नई फिल्म से दर्शकों को यही अपेक्षा है कि वह उस ऐतिहासिक विरासत का सम्मान करते हुए मनोरंजन का एक नया मानदंड स्थापित करेगी।

    भारतीय दर्शक हमेशा से ही विविधतापूर्ण और मौलिक कहानियों के प्रति आकर्षित रहे हैं। साठ के दशक की उस फिल्म ने न केवल व्यावसायिक सफलता हासिल की बल्कि उसने भविष्य के फिल्मकारों को यह साहस भी दिया कि वे लीक से हटकर प्रयोग कर सकें। आज की पीढ़ी के लिए वह पुरानी फिल्म एक ऐसे अध्याय की तरह है जिसमें मनोरंजन के साथ-साथ सिनेमाई बारीकियों का अद्भुत समावेश था।

    अक्षय कुमार का इस शैली में वापस आना और उसी ऐतिहासिक शीर्षक का चयन करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अच्छी कहानियों और प्रभावशाली विषयों की प्रासंगिकता कभी खत्म नहीं होती। आने वाले समय में यह नया प्रोजेक्ट निश्चित रूप से सिनेमा प्रेमियों के बीच व्यापक चर्चा का विषय बना रहेगा और यह साबित करेगा कि कला का कोई अंत नहीं होता बल्कि वह समय के साथ और भी निखरती जाती है।