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  • ओटीटी पर हॉरर का जबरदस्त डोज, IMDb पर 7 से ज्यादा रेटिंग वाली 5 फिल्में जो कर देंगी रोंगटे खड़े

    ओटीटी पर हॉरर का जबरदस्त डोज, IMDb पर 7 से ज्यादा रेटिंग वाली 5 फिल्में जो कर देंगी रोंगटे खड़े


    नई दिल्ली। अगर आपको हॉरर फिल्मों का शौक है और ऐसी कहानी की तलाश है जो सिर्फ डराए नहीं बल्कि अंत तक रोमांच से भर दे तो प्राइम वीडियो पर मौजूद कुछ फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। इन फिल्मों ने न सिर्फ अपनी कहानी और निर्देशन से दर्शकों का दिल जीता बल्कि IMDb पर 7 से अधिक रेटिंग हासिल कर यह साबित किया कि अच्छी हॉरर फिल्म सिर्फ डर नहीं बल्कि दमदार कहानी और बेहतरीन अभिनय का भी मेल होती है। अगर आप इस सप्ताह कुछ अलग और रोमांचक देखना चाहते हैं तो ये पांच फिल्में आपके लिए शानदार विकल्प हो सकती हैं।

    सूची में सबसे पहला नाम भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्म तुम्बाड का आता है। साल 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता नहीं मिली थी लेकिन समय के साथ इसे भारतीय हॉरर फिल्मों की क्लासिक फिल्मों में गिना जाने लगा। फिल्म की कहानी हस्तर नाम के रहस्यमयी देवता और इंसानी लालच के इर्द गिर्द घूमती है। शानदार सिनेमैटोग्राफी और रहस्यमयी माहौल इसे यादगार बनाते हैं। IMDb पर इस फिल्म की रेटिंग 8.2 है।

    दूसरे स्थान पर हॉलीवुड की मशहूर फिल्म द अदर्स है। यह फिल्म एक ऐसी महिला की कहानी दिखाती है जो अपने बच्चों के साथ एक पुराने घर में रहने आती है। धीरे धीरे उसे एहसास होता है कि घर में कुछ अनजानी और डरावनी शक्तियां मौजूद हैं। फिल्म का क्लाइमेक्स दर्शकों को चौंका देता है और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। IMDb पर इसे 7.6 की रेटिंग मिली है।

    तीसरी फिल्म 13 बी भारतीय सिनेमा की सबसे अंडररेटेड हॉरर फिल्मों में गिनी जाती है। आर माधवन अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है जो नए अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद अजीब घटनाओं का सामना करता है। टीवी पर आने वाला एक सीरियल परिवार के भविष्य की घटनाएं पहले ही दिखाने लगता है और यहीं से कहानी रोमांचक मोड़ लेती है। इस फिल्म की IMDb रेटिंग 7.4 है।

    अगर आपको मनोवैज्ञानिक हॉरर पसंद है तो हेरेडिटरी जरूर देखनी चाहिए। यह फिल्म ग्राहम परिवार की कहानी है जहां परिवार की मुखिया की मौत के बाद कई रहस्यमयी और डरावनी घटनाएं सामने आती हैं। धीरे धीरे परिवार को एक ऐसी शैतानी साजिश का पता चलता है जो उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल देती है। बेहतरीन अभिनय और डरावना माहौल इस फिल्म को दुनिया की सबसे प्रभावशाली हॉरर फिल्मों में शामिल करता है। IMDb पर इसकी रेटिंग 7.3 है।

    सूची की पांचवीं फिल्म टॉक टू मी है जो हाल के वर्षों की सबसे चर्चित हॉरर फिल्मों में शामिल रही। कहानी कुछ दोस्तों की है जिन्हें आत्माओं से संपर्क करने का एक रहस्यमयी तरीका मिल जाता है। शुरुआत में यह उन्हें रोमांचक लगता है लेकिन जल्द ही यह खेल उनके लिए जानलेवा बन जाता है। फिल्म की तेज रफ्तार कहानी और डरावने दृश्य दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं। IMDb पर इसे 7.1 की रेटिंग मिली है।

    अगर आप ओटीटी पर ऐसी फिल्में देखना चाहते हैं जो केवल डराने तक सीमित न हों बल्कि दमदार कहानी और शानदार प्रस्तुति से भी प्रभावित करें तो ये पांचों फिल्में बेहतरीन विकल्प हैं। इन फिल्मों में भारतीय लोककथाओं से लेकर मनोवैज्ञानिक रहस्य और अलौकिक शक्तियों तक हर तरह का रोमांच देखने को मिलता है। यही वजह है कि हॉरर फिल्मों के शौकीनों के बीच ये आज भी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्मों में शामिल हैं।

  • कम रेटिंग समझकर जिन हॉरर फिल्मों को लोगों ने किया नजरअंदाज, अब वही बन रही हैं डर की सबसे बड़ी वजह, दर्शकों ने कहा- रातभर नहीं आई नींद

    कम रेटिंग समझकर जिन हॉरर फिल्मों को लोगों ने किया नजरअंदाज, अब वही बन रही हैं डर की सबसे बड़ी वजह, दर्शकों ने कहा- रातभर नहीं आई नींद


    नई दिल्ली ।  अक्सर जब हम कोई नई हॉरर फिल्म देखने बैठते हैं, तो सबसे पहले उसकी IMDb रेटिंग चेक करते हैं। अगर रेटिंग 6 या 6.5 के आसपास हो, तो हम मान लेते हैं कि फिल्म ठीक ठाक होगी और उसे स्किप कर देते हैं। लेकिन हॉरर जॉनर के साथ ऐसा करना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है।सिनेमा लवर्स सोशल मीडिया पर ऐसी तीन फिल्में रीकमंड कर रहे हैं जिनकी रेटिंग कम है, लेकिन डर के मामले में बेस्ट है। ये फिल्में लोगों के पसीने छुड़ा दे रही हैं। आइए आपको बताते हैं कि इन तीन फिल्मों की खास बात क्या है।
    द टेकिंग ऑफ डेबोरा लोगान (The Taking of Deborah Logan)
    क्यों देखें ये फिल्म?: अगर आपको लगता है कि आपने सबकुछ देख लिया है और अब आपको डर नहीं लगता, तो ये फिल्म आपका भ्रम तोड़ देगी। ये फिल्म ‘फाउंड फुटेज’ स्टाइल में बनी है, जिससे स्क्रीन पर दिखने वाली हर घटना एकदम असली महसूस होती है।
    कहानी और डर का फैक्टर: कहानी एक मेडिकल टीम की है जो अल्जाइमर बीमारी से पीड़ित एक बुजुर्ग महिला पर डॉक्यूमेंट्री बना रही है। शुरुआत में ये एक इमोशनल लगती है, लेकिन धीरे-धीरे अल्जाइमर पेशेंट की हरकतें इतनी अजीब और खौफनाक होने लगती हैं कि पूरी टीम की जान पर बन आती है।
    लोग क्या बोल रहे: सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि फिल्म का आखिरी का 20 मिनट का एक सीन इतना भयानक और डिस्टर्बिंग है कि कमजोर दिल वाले उसे झेल नहीं पाएंगे।
    2. द डार्क एंड द विक्ड (The Dark and The Wicked)

    क्यों देखें ये फिल्म?: यह कोई आम भूतिया फिल्म नहीं है जहां अचानक कोई सामने आकर आपको डराए, बल्कि ये एक ऐसी साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म है जो आपके दिमाग से खेलती है।
    कहानी और डर का फैक्टर: इस फिल्म में दो भाई-बहन की कहानी दिखाई गई है जो अपने बीमार पिता की देखभाल करने के लिए एक बेहद सुनसान फार्महाउस पर जाते हैं। वहां पहुंचते ही उन्हें महसूस होता है कि कोई बेहद खतरनाक ताकत उनके पूरे परिवार को खत्म करना चाहती है।
    लोग क्या बोल रहे: लोग कह रहे हैं कि ये फिल्म थोड़ी स्लो है, जिसकी वजह से इसकी रेटिंग कम रह गई। हालांकि हॉरर फिल्में देखने वालों के लिए ये मास्टरपीस है।

    यहां देखिए फिल्म का ट्रेलर
    क्यों देखें ये फिल्म?: थाईलैंड के काले जादू, ओझा और अंधविश्वास पर बनी ये फिल्म रातों की नींद उड़ाने के लिए काफी है। इसे मॉक्युमेंट्री स्टाइल में शूट किया गया है यानी आपको ऐसा लगेगा जैसे आप कोई असली घटना लाइव देख रहे हैं।
    कहानी और डर का फैक्टर: ये फिल्म थाईलैंड के एक छोटे से गांव की कहानी है, जहां एक लड़की पर किसी प्राचीन और बहुत ही दुष्ट आत्मा का साया आ जाता है। फिल्म का पहला पार्ट धीरे-धीरे सस्पेंस बनाता है, लेकिन सेकेंड हाफ और इसका क्लाइमेक्स इतना ज्यादा खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला है कि इसे अकेले या अंधेरे में देखने की गलती बिल्कुल न करें।