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  • झांसी में इलाज के लिए चार घंटे तक गुहार लगता रहा पति, पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर मांगी मदद

    झांसी में इलाज के लिए चार घंटे तक गुहार लगता रहा पति, पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर मांगी मदद

    झांसी। गंभीर हालत में पत्नी को लेकर इलाज की उम्मीद में नर्सिंगहोम पहुंचे पति की बेबसी का शुक्रवार को गुमनावारा में मार्मिक नजारा देखने को मिला। आरोप है कि डॉक्टर और कर्मचारी नर्सिंगहोम पर ताला लगाकर चले गए, जबकि पति करीब चार घंटे तक पत्नी को बाहर जमीन पर लिटाकर इलाज की गुहार लगाता रहा।

    महिला की हालत देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। इसके बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। डिप्टी सीएमओ ने पुलिस के साथ नर्सिंगहोम की जांच कर संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए।

    प्रथम दृष्टया उन्होंने मामले को चिकित्सकीय नैतिक मानकों के विपरीत बताया। सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी के आदेश पर नर्सिंगहोम का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। नर्सिंगहोम संचालक और संबंधित डॉक्टर को शनिवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई है।

    जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद बिगड़ी हालत
    निवाड़ी निवासी राहुल आदिवासी ने बताया कि उसकी पत्नी रेखा आदिवासी के गर्भ में जुड़वा बच्चे थे। प्रसव के लिए वह उसे गुमनावारा स्थित नर्सिंगहोम लेकर आया था। वहां महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन के जरिए दोनों बच्चों का जन्म कराया।

    राहुल के मुताबिक ऑपरेशन के बाद टांकों में संक्रमण हो गया और मवाद पड़ने लगा। इसके बाद रेखा को कई दिन तक नर्सिंगहोम में भर्ती रखकर उपचार किया गया। घर लौटने के बाद दोबारा परेशानी होने पर राहुल उसे लेकर नर्सिंगहोम पहुंचा। वहां जांच और उपचार के साथ बाहर से भी जांच कराई गई।

    बाद में रेखा को दूसरे नर्सिंगहोम भेजा गया। वहां डॉक्टर ने ऑपरेशन कर मवाद निकाला। कुछ दिन बाद टांकों की जगह से मल आने लगा। इसके बाद राहुल अपनी पत्नी को एक और नर्सिंगहोम लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने बताया कि अब उसका उपचार एम्स जैसे बड़े संस्थान में ही संभव है।

    सुबह 9 बजे पत्नी को लेकर पहुंचा था
    राहुल के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे वह गंभीर हालत में पत्नी को लेकर संबंधित नर्सिंगहोम पहुंचा था। आरोप है कि उसे भर्ती करने के बजाय डॉक्टर और कर्मचारी नर्सिंगहोम पर ताला लगाकर चले गए।

    राहुल करीब चार घंटे तक पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर इलाज के लिए मदद की गुहार लगाता रहा। उसने बताया कि पत्नी के इलाज के लिए वह अपनी बाइक और जेवर तक गिरवी रख चुका है और अब उसके पास इलाज कराने के लिए पैसे भी नहीं हैं। महिला की गंभीर हालत और पति की बेबसी देखकर आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई।

    पुलिस के साथ पहुंचकर डिप्टी CMO ने की जांच
    मामले की जानकारी मिलने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे। महिला की हालत को देखते हुए उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। इसके बाद डिप्टी सीएमओ ने पुलिस के साथ नर्सिंगहोम की जांच की और वहां मौजूद संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए। उन्होंने प्रथम दृष्टया पूरे मामले को चिकित्सकीय नैतिक मानकों के विपरीत बताया।

    नोटिस के बाद होगी आगे की कार्रवाई
    डॉ. आशीष अग्निहोत्री के मुताबिक सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी के आदेश पर नर्सिंगहोम का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। कोंच निवासी नर्सिंगहोम संचालक और संबंधित डॉक्टर को शनिवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नोटिस के जवाब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • झांसी के गुरसराय CHC में मरीजों की भीड़, वायरल फीवर और डायरिया के मामलों में तेजी

    झांसी के गुरसराय CHC में मरीजों की भीड़, वायरल फीवर और डायरिया के मामलों में तेजी


    झांसी। झांसी के गुरसराय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इन दिनों मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। खासकर वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी आई है।

    अस्पताल के पर्चा काउंटर पर कार्यरत नमन और मनोज कुमार के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों के पर्चे बनाए जा रहे हैं। वहीं ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या भी 300 से अधिक पहुंच रही है, जिससे पूरे केंद्र में भीड़ की स्थिति बनी रहती है।

    CHC के चिकित्सक डॉ. रवि अनुरागी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले वायरल फीवर के हैं। इसके अलावा उल्टी, दस्त, टाइफाइड, खुजली, घुटनों में दर्द और दमा (अस्थमा) जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज भी बड़ी संख्या में इलाज के लिए आ रहे हैं।

    डॉ. अनुरागी ने बताया कि मौसमी बदलाव और संक्रमण के कारण ऐसे मामले बढ़ रहे हैं और लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि लोग पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पिएं और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि मच्छरों और संक्रमण से बचाव हो सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या रूमाल से ढकना चाहिए और इस्तेमाल के बाद टिश्यू को तुरंत नष्ट कर देना चाहिए। यदि टिश्यू उपलब्ध न हो तो कोहनी का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। साथ ही हाथों को नियमित रूप से साबुन से अच्छी तरह धोने की सलाह दी गई है।

    चिकित्सक ने यह भी अपील की कि लोग अपने तौलिये, बर्तन और अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करें, क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। घर और कार्यस्थल पर दरवाजों के हैंडल, मोबाइल फोन और अन्य बार-बार छुई जाने वाली सतहों को नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित करना भी जरूरी है।

    स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच और उपचार कराएं, ताकि बीमारी को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

  • अस्पताल में भर्ती होने की अफवाहों पर अमिताभ बच्चन का जवाब, बिग बी ने ब्लॉग और ट्वीट से बताया अपना हाल

    अस्पताल में भर्ती होने की अफवाहों पर अमिताभ बच्चन का जवाब, बिग बी ने ब्लॉग और ट्वीट से बताया अपना हाल



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan को लेकर मंगलवार देर रात सोशल मीडिया पर अचानक अफवाहें फैल गईं कि उन्हें गंभीर हालत में मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि उनके बेटे Abhishek Bachchan अस्पताल में उनके साथ मौजूद हैं। हालांकि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं पाई गई।

    सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें
    मंगलवार शाम से ही सोशल मीडिया पर दावा किया जाने लगा कि अमिताभ बच्चन की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें 16 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ यूट्यूब वीडियो और अनऑफिशियल रिपोर्ट्स में भी इसी तरह के दावे किए गए, जिससे फैंस के बीच चिंता फैल गई।

    बिग बी का जवाब
    इन अफवाहों के बीच देर रात Amitabh Bachchan ने अपने ब्लॉग और ट्वीट के जरिए अपनी सेहत का संकेत दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि वे ठीक हैं और सभी खबरें केवल अफवाह हैं। उनके ब्लॉग पोस्ट से यह भी साफ हुआ कि वे अपनी दिनचर्या और लेखन में सक्रिय हैं।

    रूटीन चेकअप की बात सामने आई
    सूत्रों के अनुसार, अमिताभ बच्चन अस्पताल रूटीन चेकअप के लिए गए थे और जांच के बाद घर लौट आए। उनकी तबीयत को लेकर किसी तरह की गंभीर स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे फैंस ने राहत की सांस ली है।

    सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं बिग बी
    83 वर्षीय Amitabh Bachchan लगातार सोशल मीडिया और अपने ब्लॉग के जरिए फैंस से जुड़े रहते हैं। वे अक्सर अपनी कविताएं, विचार और जीवन से जुड़ी बातें साझा करते रहते हैं।वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन हाल ही में फिल्मों Vettaiyan और Kalki 2898 AD में नजर आए थे। इसके अलावा वे कई बड़े प्रोजेक्ट्स की शूटिंग में भी व्यस्त रहे हैं।फिलहाल साफ है कि अमिताभ बच्चन स्वस्थ हैं और उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबरें पूरी तरह गलत साबित हुई हैं।