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  • सागर के इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र का शव फंदे पर मिला, GATE परीक्षा की कर रहा था तैयारी

    सागर के इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में छात्र का शव फंदे पर मिला, GATE परीक्षा की कर रहा था तैयारी

    मध्य प्रदेश: के सागर जिले में बहेरिया स्थित इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज (IGEC) के हॉस्टल में एक इंजीनियरिंग छात्र की मौत का मामला सामने आया है। कॉलेज के फाइनल ईयर में पढ़ने वाले छात्र विक्रमादित्य सिंह बघेल का शव हॉस्टल के स्टोर रूम में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज और हॉस्टल परिसर में हलचल मच गई। मृतक मूल रूप से रीवा का निवासी था और इंजीनियरिंग की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था।

    जानकारी के मुताबिक, छात्र का शव हॉस्टल परिसर में बने स्टोर रूम में मिला। घटना सामने आने के बाद वहां मौजूद छात्रों और कॉलेज परिसर में चर्चा शुरू हो गई। छात्र की मौत से उसके साथी और परिचित स्तब्ध हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में घटना के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और उसकी मौत के पीछे क्या वजह रही।

    विक्रमादित्य के रूममेट आकाश खरोले ने उसके पिछले कुछ दिनों के व्यवहार के बारे में जानकारी दी। आकाश के अनुसार, विक्रमादित्य पहले की तुलना में काफी शांत और गुमसुम रहने लगा था। वह कमरे में भी कम समय बिताता था। उसके व्यवहार में आए इस बदलाव को उसके साथी महसूस कर रहे थे। रूममेट ने बताया कि वह अपने करियर और भविष्य को लेकर तनाव में रहता था।

    आकाश के मुताबिक, विक्रमादित्य पढ़ाई में अच्छा था और GATE परीक्षा की तैयारी के लिए लगातार मेहनत कर रहा था। वह इस परीक्षा को लेकर गंभीर था और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रहा था। इंजीनियरिंग की अंतिम वर्ष की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी उसके समय का महत्वपूर्ण हिस्सा थी। हालांकि, उसके रूममेट की ओर से बताई गई मानसिक स्थिति के आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता।

    छात्र की मौत की खबर सामने आने के बाद हॉस्टल में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों के बीच भी चिंता का माहौल है। कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने साथी की मौत से दुखी हैं। विक्रमादित्य रीवा का रहने वाला था, इसलिए उसके परिवार और परिचितों के लिए भी यह घटना गहरा झटका है।

    इस घटना ने छात्र जीवन में पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य को लेकर बनने वाले दबाव के मुद्दे को भी सामने रखा है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में विद्यार्थी अक्सर आगे की पढ़ाई, नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर कई तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं। हालांकि, इस मामले में विक्रमादित्य की व्यक्तिगत परिस्थितियों के बारे में सीमित जानकारी ही सामने आई है। उसके रूममेट ने केवल इतना बताया है कि वह कुछ दिनों से शांत रहता था और करियर को लेकर तनाव में था।

    फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी सामने आना बाकी है। छात्र की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। हॉस्टल के स्टोर रूम में शव मिलने की घटना के बाद अब यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि उस दिन क्या परिस्थितियां बनी थीं और छात्र की मौत से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं।

  • साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने बदली हॉस्टल की व्यवस्था, सीलिंग फैन हटाकर वॉल फैन लगाने की तैयारी तेज

    साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने बदली हॉस्टल की व्यवस्था, सीलिंग फैन हटाकर वॉल फैन लगाने की तैयारी तेज

     
    नई दिल्ली । IIT बॉम्बे में BTech छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के बाद हॉस्टल और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया जा रहा है। संस्थान ने हॉस्टल में लगे सीलिंग फैन हटाकर उनकी जगह वॉल फैन लगाने का फैसला किया है। कैंपस में वॉल फैन पहुंचने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

    हॉस्टल में पंखों की व्यवस्था बदलने को लेकर चर्चा जुलाई में ही शुरू हो गई थी। एक छात्र की मौत के बाद सीलिंग फैन हटाने और वॉल फैन लगाने के विकल्प पर विचार किया गया था। हालांकि, 18 सितंबर को साहिल की मौत के बाद इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया।

    साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था। वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था। 18 सितंबर को परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद वह अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा था। बाद में उसी दिन उसे कमरे में मृत पाया गया।

    जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, परीक्षा के दौरान साहिल दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच अपनी जेब में रखी किसी वस्तु को देखने के लिए झुका था। इसके बाद एक प्रोफेसर ने उससे सवाल किया और उसे अलग ले जाया गया। करीब 1:25 बजे वह हॉस्टल के कमरे में पहुंचा और उसके बाद बाहर नहीं निकला।

    मामले की जांच में परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन फुटेज को सार्वजनिक नहीं किया गया है। जांच का उद्देश्य घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम और उससे जुड़े तथ्यों को समझना है।

    साहिल के परिवार ने उसके साथ जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। परिवार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की है। माता-पिता की शिकायत के आधार पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में एक प्रोफेसर का नाम भी शामिल किया गया है।

    घटना के बाद संस्थान की ओर से साहिल की परीक्षा से जुड़ी स्थिति को लेकर एक बयान दिया गया था। इसमें दावा किया गया था कि उसने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था और कथित तौर पर नकल करते पकड़े जाने के बाद उसकी मौत हुई। बाद में संस्थान ने इस बयान को वापस लेते हुए माफी मांगी और कहा कि पूरी जांच पूरी होने से पहले ऐसा निष्कर्ष देना उचित नहीं था।

    साहिल की मौत के बाद संस्थान में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन भी जारी रहा। छात्र जवाबदेही, पारदर्शिता, छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत प्रक्रियाओं को लेकर भी छात्रों के बीच सवाल उठे हैं।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस साल IIT बॉम्बे में यह तीसरी छात्र आत्महत्या बताई जा रही है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच छात्र मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है।

    सीलिंग फैन की जगह वॉल फैन लगाने का फैसला इसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का हिस्सा है। हालांकि, साहिल की मौत के कारणों और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • इंजीनियरिंग छात्रों की शर्मनाक हरकत: पार्टी के बाद हॉस्टल में जमकर तोड़फोड़, प्रशासन सख्त

    इंजीनियरिंग छात्रों की शर्मनाक हरकत: पार्टी के बाद हॉस्टल में जमकर तोड़फोड़, प्रशासन सख्त

    मध्‍य प्रदेश/इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में फाइनल ईयर छात्रों की कथित हरकतों ने पूरे शैक्षणिक माहौल को सवालों के घेरे में ला दिया है। कोर्स पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक पार्टी उस समय विवादों में आ गई जब कुछ छात्रों ने हॉस्टल परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए छात्रों के रिजल्ट रोकने और प्लेसमेंट प्रक्रिया को होल्ड करने का निर्णय लिया है।

    जानकारी के अनुसार रामानुजन हॉस्टल में बीटेक फाइनल ईयर के छात्रों द्वारा पार्टी का आयोजन किया गया था। शुरुआत में यह आयोजन सामान्य जश्न के रूप में देखा गया, जिसमें संगीत, नृत्य और उत्सव का माहौल था। लेकिन देर रात तक चले इस कार्यक्रम ने धीरे-धीरे उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान कुछ छात्रों ने नशे की हालत में हॉस्टल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो फुटेज के अनुसार, छात्रों ने हॉस्टल के फर्नीचर, खिड़कियों के शीशे और पानी के स्टोरेज टैंक तक को क्षतिग्रस्त कर दिया। कई जगहों पर कुर्सियां और टेबल टूटे हुए पाए गए, जबकि परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह उत्पात देर रात से लेकर तड़के लगभग चार बजे तक चलता रहा, जिससे हॉस्टल प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

    घटना के बाद जब विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो तुरंत जांच के आदेश दिए गए। आईईटी निदेशक ने मौके पर पहुंचकर हॉस्टल का निरीक्षण किया, जहां व्यापक स्तर पर नुकसान के संकेत मिले। कई कमरों की खिड़कियां टूटी हुई पाई गईं और परिसर में पार्टी से जुड़ी सामग्री जैसे डीजे उपकरण और सजावट के सामान भी बिखरे हुए मिले।

    प्रशासन का कहना है कि यह घटना न केवल अनुशासनहीनता का गंभीर उदाहरण है बल्कि शैक्षणिक संस्थान की मर्यादा को भी ठेस पहुंचाने वाली है। इसी के चलते प्रारंभिक कार्रवाई के तहत छात्रों के रिजल्ट रोकने और प्लेसमेंट प्रक्रिया को अस्थायी रूप से होल्ड करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शासकीय संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जुर्माना लगाने की भी तैयारी की जा रही है।

    विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्रों के अभिभावकों को भी इस घटना की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि स्थिति की गंभीरता को समझा जा सके।

    इस घटना ने एक बार फिर कॉलेज परिसरों में अनुशासन, नशे के प्रभाव और जिम्मेदार व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर छात्र अपने शैक्षणिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं उनके भविष्य पर भी गहरा असर डाल सकती हैं। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।

  • DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित

    DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित


    इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में फर्स्ट ईयर की एक छात्रा पर अन्य छात्राओं विशेषकर जूनियर्स को कॉलेज लाइफ एंजॉय करने के बहाने बॉयफ्रेंड बनाने का मानसिक दबाव डालने का आरोप लगा है। पांच छात्राओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्रा को निष्कासित कर दिया।

    शिकायतकर्ताओं के अनुसार आरोपी छात्रा मोबाइल ऐप्स के जरिए अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल करती थी और अन्य छात्राओं को भी उनसे संपर्क करने या बॉयफ्रेंड बनाने के लिए उकसाती थी। वह बार-बार कहती थी कॉलेज लाइफ एंजॉय करो बॉयफ्रेंड बनाओ। जांच में छात्रा के मोबाइल और कमरे से आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है।

    हॉस्टल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है जो पूरे नेटवर्क और संभावित गतिविधियों की छानबीन कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि हैं।

    घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी छात्रा के समुदाय और संभावित जिहाद एजेंडा का भी जिक्र किया गया है हालांकि अभी आधिकारिक जांच जारी है। प्रशासन ने कहा कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।