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  • रात में अचानक ढहा 100 साल पुराना मकान, मलबे में बुजुर्ग-बच्चों समेत 10 लोग फंसे, मचा हड़कंप

    रात में अचानक ढहा 100 साल पुराना मकान, मलबे में बुजुर्ग-बच्चों समेत 10 लोग फंसे, मचा हड़कंप


    जबलपुर । जबलपुर शहर के नया मोहल्ला स्थित तिलक वार्ड में सोमवार रात एक पुराने दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय मकान के अंदर चार परिवार मौजूद थे। मलबा गिरने के कारण बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया और बुजुर्गों महिलाओं तथा बच्चों समेत करीब 10 लोग अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।

    जानकारी के मुताबिक जिस मकान में यह हादसा हुआ वह करीब 80 से 100 साल पुराना बताया जा रहा है। मकान का अगला हिस्सा काफी समय से जर्जर हालत में था। सोमवार रात अचानक इसका एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। मलबा गिरने के बाद मकान से बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। अंदर मौजूद लोगों के लिए स्थिति मुश्किल हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी जिसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा।

    रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती मकान तक पहुंचने का रास्ता था। मकान जिस गली में स्थित है वह काफी संकरी है। इसके कारण बचाव दल और मशीनों को अंदर ले जाने में परेशानी हुई। स्थिति को देखते हुए सबसे पहले आसपास की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई ताकि टूटे हुए हिस्से और मलबे के बीच किसी तरह के शॉर्ट सर्किट का खतरा न रहे। इसके बाद नगर निगम की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।

    संकरी गली के कारण जेसीबी मशीन को भी मौके तक पहुंचाने में काफी मुश्किल हुई। रेस्क्यू टीम ने मकान से बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का फैसला किया। इसके लिए बाड़े की पिछली दीवार को तोड़ा गया। रास्ता बनने के बाद बचाव दल अंदर पहुंच सका और एक एक करके फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान के बाद बुजुर्गों महिलाओं और बच्चों समेत सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    मकान में रहने वाले चंदन सिंह ने बताया कि उनके अलावा लाल सिंह विक्रम सिंह और ईश्वर सिंह के परिवार भी इसी बाड़े में रहते हैं। मकान का अगला हिस्सा गिरने के बाद बाहर जाने का रास्ता बंद हो गया था। अंदर मौजूद परिवारों में बुजुर्गों और बच्चों के होने के कारण चिंता और बढ़ गई थी। राहत दल की मदद से सभी को बाहर निकाला गया।

    घटना की जानकारी मिलने पर नगर निगम के अपर आयुक्त सौरभ सिंह भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात तक मकान का मलबा हटाने का काम जारी रहा। प्रशासन की ओर से आसपास के हिस्से की स्थिति का भी जायजा लिया गया।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक तिलक वार्ड में बड़ी संख्या में पुराने और जर्जर मकान मौजूद हैं। इनमें कई मकान 70 से 100 साल पुराने बताए जाते हैं। बारिश के बाद ऐसे मकानों की स्थिति और कमजोर होने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि जर्जर मकानों को लेकर पहले भी नगर निगम से शिकायतें की गई हैं।

    अपर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि नगर निगम अब अभियान चलाकर जर्जर मकानों को चिन्हित करेगा। जरूरत के अनुसार ऐसे मकानों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की आशंका को कम किया जा सके।

  • शिवपुरी में बारिश बनी आफत: मकान का आधा हिस्सा गिरने से लाखों का नुकसान, हादसे के वक्त घर में नहीं था कोई शख्स

    शिवपुरी में बारिश बनी आफत: मकान का आधा हिस्सा गिरने से लाखों का नुकसान, हादसे के वक्त घर में नहीं था कोई शख्स


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में लगातार चार दिनों तक हुई तेज बारिश के बाद अब इसका असर शहर के कमजोर मकानों पर दिखाई देने लगा है। मंगलवार शाम नवाब साहब रोड पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक मकान का करीब आधा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। मकान का छज्जा बाथरूम और पीछे का बड़ा हिस्सा कुछ ही सेकंड में मलबे में बदल गया। मकान का हिस्सा गिरने के साथ ही वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें भी मलबे के नीचे दब गईं और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया और एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में अफरा तफरी मच गई। मकान का हिस्सा गिरने की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते सड़क और मकान के आसपास मलबा फैल गया था। स्थानीय लोगों ने परिवार की मदद करते हुए मलबा हटाने का काम शुरू किया। मलबे में दबे वाहनों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। इस दौरान सामने आया कि तीनों मोटरसाइकिलों को काफी नुकसान पहुंचा है।

    मकान मालिक सुनील रजक के मुताबिक पिछले चार दिनों से शिवपुरी में लगातार तेज बारिश हो रही थी। बारिश का पानी मकान की दीवारों और निर्माण वाले हिस्सों में लगातार पहुंच रहा था। इससे मकान का पिछला हिस्सा धीरे धीरे कमजोर हो गया। मंगलवार शाम अचानक मकान की संरचना ने जवाब दे दिया और छज्जे के साथ बाथरूम तथा पीछे का हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हालांकि किस्मत अच्छी रही कि उस समय कोई व्यक्ति उस हिस्से में मौजूद नहीं था।

    मकान का हिस्सा गिरने से केवल भवन को ही नुकसान नहीं हुआ बल्कि वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें भी मलबे में दब गईं। परिवार के मुताबिक तीनों बाइक की कुल कीमत करीब ढाई लाख रुपए है। इसके अलावा मकान के अंदर रखा सामान भी मलबे में दब गया जिससे नुकसान और बढ़ गया। मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और दोबारा निर्माण में करीब ढाई लाख रुपए का खर्च आने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस तरह मकान और मोटरसाइकिलों को मिलाकर करीब पांच लाख रुपए के नुकसान की आशंका है।

    बारिश के कारण मकान की स्थिति पहले से कमजोर होने की बात सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के दौरान पुराने और कमजोर मकानों को लेकर खतरा बढ़ जाता है। खासकर ऐसे मकानों में जहां दीवारों में पहले से दरारें हों या पानी लगातार रिस रहा हो वहां अचानक हिस्सा गिरने की आशंका बनी रहती है। नवाब साहब रोड की घटना ने भी इसी खतरे की ओर ध्यान खींचा है।

    हादसे के बाद प्रभावित परिवार ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। परिवार चाहता है कि राजस्व और नगर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर वास्तविक नुकसान का आकलन करे। इसके साथ ही नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। परिवार का कहना है कि बारिश के कारण हुए इस नुकसान ने आर्थिक परेशानी बढ़ा दी है और मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा सुरक्षित बनाने के लिए बड़ी रकम की जरूरत होगी।

    फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी नहीं है। लेकिन जिस तरह मकान का बड़ा हिस्सा अचानक गिरा उसने आसपास रहने वाले लोगों को जरूर डरा दिया है। चार दिन की बारिश के बाद सामने आई इस घटना ने यह भी साफ कर दिया है कि लगातार बारिश के बीच कमजोर भवनों की स्थिति की जांच बेहद जरूरी है ताकि किसी अगले हादसे से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।

  • जेसीबी कार्रवाई से बड़ा हादसा, लाखों का सामान मलबे में दबा

    जेसीबी कार्रवाई से बड़ा हादसा, लाखों का सामान मलबे में दबा


    उज्जैन । उज्जैन के योगीपुरा क्षेत्र में रामघाट जाने वाली गली में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान शनिवार देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जेसीबी से की जा रही कार्रवाई के बीच अचानक एक मकान भरभराकर गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और पूरा परिवार बेघर हो गया।

    गिरा हुआ मकान राजेंद्र राव सावदेकर का बताया जा रहा है, जो मकान क्रमांक-12 में रहते थे। मकान गिरने से घर में रखा टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे, गीजर, पानी की टंकी, किराना सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मकान ढहते और मलबा सड़क पर फैलते हुए दिखाई दे रहा है।

    हादसे के समय परिवार घर पर मौजूद नहीं था, क्योंकि खतरे को देखते हुए वे पहले ही रिश्तेदार के घर चले गए थे। हालांकि जब सुबह उन्हें घटना की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और अपने टूटे हुए घर को देखकर सदमे में आ गए।

    पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासन की ओर से न तो स्पष्ट सूचना दी गई और न ही सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। उनका कहना है कि पहले चौड़ीकरण 7 फीट बताया गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 10 फीट कर दिया गया और इसी दौरान बिना किसी चेतावनी के मकान तोड़ दिया गया।

    स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद डर का माहौल है। कई रहवासियों ने अपने घर खाली कर दिए हैं, क्योंकि आसपास के मकानों में दरारें और धंसने की स्थिति देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में करीब 15 परिवार इस चौड़ीकरण कार्रवाई से प्रभावित हो रहे हैं।

    पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगभग 25 लाख रुपए के नुकसान का दावा करते हुए मुआवजे की मांग की है। वहीं पीड़ित की मां ने रोते हुए कहा कि उनका सब कुछ खत्म हो गया और अब वे सड़क पर आ गए हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्याय और उचित मुआवजा दिलाने की अपील की है।

    दूसरी ओर भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। साथ ही आसपास के मकानों को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का काम भी शुरू किया जा रहा है।