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  • यमन में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला … अदन एयरपोर्ट पर दागीं दो मिसाइलें

    यमन में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला … अदन एयरपोर्ट पर दागीं दो मिसाइलें


    सना।
    यमन (Yemen) के बंदरगाह शहर अदन ( Port City Aden) के एयरपोर्ट (Airport) पर शुक्रवार रात दो मिसाइलों से हमला हुआ. स्थानीय पुलिस ने इसके लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi rebels) को जिम्मेदार ठहराया है. अधिकारियों का कहना है कि हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. दस दिन से भी कम समय में एयरपोर्ट पर यह दूसरा हमला बताया गया है।


    विमान से करीब 500 मीटर दूर गिरीं मिसाइलें

    यमन सरकार के सूचना मंत्री ने बताया कि मिसाइलें यमनिया एयरवेज के एक प्लेन से करीब 500 मीटर दूर गिरीं. यह विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था. एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि विमान में सवार यात्रियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया।

    हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाली समाचार एजेंसी सबा ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया कि समूह ने एयरपोर्ट के पास स्थित एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया था. अधिकारी के मुताबिक, इस ठिकाने पर सऊदी नेतृत्व वाली सेना का कमांड सेंटर और हथियारों का भंडार है।


    दो दिन में अदन में दूसरा बड़ा हमला

    अदन में दो दिन के अंदर यह दूसरा बड़ा हमला है. इससे पहले गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन के परिसर पर हमला किया था. यह परिसर यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का केंद्र है. उस हमले में पांच लोगों की मौत हुई थी. अधिकारियों के मुताबिक, 7 अक्टूबर को भी अदन एयरपोर्ट पर दो मिसाइलें दागी गई थीं. उस हमले में भी किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी।

    यमन के परिवहन मंत्रालय ने हमले को जरूरी बुनियादी ढांचे और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाने की सुनियोजित कोशिश बताया. मंत्रालय ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोहियों की कार्रवाई से आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।

    दरअसल, यमन में हाल के महीनों में लड़ाई फिर तेज हुई है. यह संघर्ष व्यापक ईरान युद्ध से जुड़े तनाव के बीच बढ़ा है. हूती विद्रोहियों ने पड़ोसी सऊदी अरब के एयरपोर्ट, तेल ठिकानों और सैन्य सुविधाओं को भी निशाना बनाया है.


    लाल सागर और बाब अल मंदेब स्ट्रेट पर भी तनाव

    हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के तटीय इलाकों में बाब अल मंदेब स्ट्रेट के पास भी अपनी पकड़ बढ़ाई है. यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अहम है और होर्मुज स्ट्रेट के विकल्पों में गिना जाता है.

    हूती विद्रोहियों को इस इलाके से हटाने और खोया हुआ क्षेत्र वापस लेने के लिए सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसी महीने बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है. इस बीच यमन के ताइज जैसे शहरों में आम नागरिकों को भी संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है. बढ़ती लड़ाई ने क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक बाजारों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

  • हूती विद्रोहियों के हमलों से खतरा बढ़ा … रियाद के स्कूलों को एक हफ्ते के लिए किया ऑनलाइन

    हूती विद्रोहियों के हमलों से खतरा बढ़ा … रियाद के स्कूलों को एक हफ्ते के लिए किया ऑनलाइन


    रियाद।
    सऊदी अरब (Saudi Arabia) से एक बड़ी खबर समाने आई है। राजधानी रियाद (Riyadh) के स्कूलों को एक हफ्ते के ऑनलाइन क्लास कर (Online Class) दिया गया है। यानी बच्चे और शिक्षक घर से ही क्लास लेंगे और ऑनलाइन ही पढ़ाई होगी। बताया जा रहा है कि यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi rebels) के ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बढ़ने के बीच रविवार को अभिभावकों को अचानक यह जानकारी मिली। हालांकि अधिकारियों ने फैसले की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन यह कदम सऊदी अरब पर तेज होते हमलों के बीच उठाया गया है।

    एजेंसी के मुताबिक, रियाद भर के स्कूलों से अभिभावकों को ईमेल आए हैं। दो अलग-अलग संदेशों में लिखा था कि हमें अभी सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि स्कूल पूरे हफ्ते बंद रहेंगे। बच्चे अब मदरसती ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पढ़ेंगे। शिक्षकों और स्टाफ को भी घर से काम करने को कहा गया है। शिक्षा मंत्रालय ने फिलहाल कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया।


    अभिभावक नाराज और परेशान

    कई माता-पिता ने कहा कि फैसला बहुत अचानक आया। एक अभिभावक ने नाम न बताते हुए कहा कि जब पूरा स्कूल एक हफ्ते के लिए बंद हो रहा है, तो परिवारों को साफ वजह बतानी चाहिए। रियाद में रहने वाले एक लेबनानी नागरिक ने कहा कि यह लास्ट-मिनट फैसला है। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है।


    एक दिन पहले हमले रोके गए

    स्कूल बंद करने का फैसला शनिवार के हमलों के अगले दिन आया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने यमन से दागे गए दो ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलें रोक लीं। ड्रोन रियाद की तरफ जा रहे थे और मिसाइलें दक्षिण-पश्चिम के शहर खमीस मुशैत की तरफ, जहां एक बड़ा एयरबेस है। सऊदी सिविल डिफेंस ने खमीस मुशैत और पास के शहर आभा के लिए रात भर अलर्ट जारी किया। रियाद के लिए कोई अलर्ट नहीं था। गठबंधन ने कहा कि सेना यमन से आने वाले खतरे पर लगातार नजर रख रही है।


    जुलाई से फिर शुरू हुई लड़ाई

    ये हमले जुलाई से चले आ रहे तनाव का हिस्सा हैं। उससे पहले सऊदी अरब और हूतियों के बीच करीब चार साल की शांति चल रही थी। जुलाई में शांति टूट गई और यमन फिर मध्य पूर्व की बड़ी लड़ाई में शामिल हो गया। हूती यमन के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाकों, खासकर उत्तर और राजधानी सना पर नियंत्रण रखते हैं। जैसे-जैसे इलाके में लड़ाई बढ़ी, उन्होंने हमले यमन की सीमा से बाहर निकालकर सऊदी शहरों, तेल सुविधाओं और जहाजों तक पहुंचा दिए।

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहले भी हूती हमलों की निंदा की है। परिषद ने कहा कि इन हमलों में महिलाएं और बच्चे समेत आम नागरिक घायल हुए हैं। इस महीने की शुरुआत में खमीस मुशैत, आभा और ताइफ पर हमलों में 13 नागरिक घायल हुए थे। घर और गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं। यमन के अंदर 1 लाख 20 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।

    सऊदी अरब दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा केंद्र है। उसके इलाके या समुद्री रास्ते पर रुकावट सिर्फ देश तक नहीं रहती, पूरी दुनिया पर असर डालती है। हूती अभियान में सऊदी शहर, ऊर्जा सुविधाएं और लाल सागर में चलने वाले जहाज शामिल हैं। जुलाई में समूह ने रियाद के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की थी। उसके बाद प्रमुख समुद्री मार्गों पर हमले तेज हो गए। पवित्र शहर मक्का को निशाना बनाने का दावा भी किया गया।

    लाल सागर खाड़ी के तेल निर्यातकों के लिए दूसरा बड़ा रास्ता है। होर्मुज स्ट्रेट पहले से प्रभावित है। लाल सागर में और रुकावट आने से तेल सप्लाई पर दबाव और बढ़ सकता है। यही वजह है कि राजधानी रियाद में स्कूलों को अस्थायी रूप से घर से पढ़ाई पर शिफ्ट किया गया है।