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  • सऊदी अरब पर हूतियों के हमले जारी…. मक्का के बाद अब मदीना में पावर स्टेशन पर अटैक…

    सऊदी अरब पर हूतियों के हमले जारी…. मक्का के बाद अब मदीना में पावर स्टेशन पर अटैक…


    दुबई।
    मुसलमानों (Muslims) के सबसे पवित्र स्थलों में से एक मक्का (Mecca) पर हमले के बाद अब सऊदी अरब (Saudi Arabia) के मदीना (Medina) पर हमले की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यमन के हूती विद्रोहियों ने मदीना (Medina) पर एक बड़ा हमला किया है। सऊदी की सैन्य गठबंधन ने बताया है कि हमला मदीना स्थित ताइबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन (Taiba Power Distribution Station) पर हुआ और हूती विद्रोहियों ने इसे ड्रोन के जरिए निशाना बनाया। अहम बात यह है कि यह पावर स्टेशन सीधे तौर पर ‘मस्जिद-ए-नबवी’ मस्जिद को बिजली की आपूर्ति करता है।

    सऊदी सेना के एक प्रवक्ता ने सोशल मीडिया एक्स पर हमले का आरोप लगाया है। पर उन्होंने बताया कि यह हमला बीते मंगलवार को हुआ। ड्रोन हमले में एक ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, पावर नेटवर्क को तुरंत बहाल कर दिया गया और इसलिए बिजली सेवा पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।


    दोनों पवित्र मस्जिदों पर हमले की कोशिश

    सऊदी की गठबंधन ने हूती विद्रोहियों के इस कदम की कड़ी निंदा की है। प्रवक्ता अल-मल्की ने कहा कि यह हमला दोनों पवित्र मस्जिदों को निशाना बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते महीने हुती विद्रोहियों द्वारा मक्का को भी निशाना बनाने की खबरें सामने आई थीं। कथित तौर पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की और ड्रोन हमले किए। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया था। भारत समेत कई देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी।


    बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की खबर

    मदीना हमले के अलावा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अन्य हिस्सों पर भी ताबड़तोड़ हमले किए हैं। बीते गुरुवार को सऊदी की एयर डिफेंस सिस्टम ने लाल सागर तट के पास खमिस मुशैत और जाज़ान में दो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया। सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक खमिस मुशैत में मिसाइल और ड्रोन के मलबे गिरने के कारण कई इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है।


    आतंक मचा रहे हूती

    हूती विद्रोहियों के इन बढ़ते हमलों ने क्षेत्र में तनाव भड़का दिया है। समूह ने यमन में लाल सागर की तटरेखा और रणनीतिक रूप से बेहद अहम बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के द्वीपों पर लगभग नियंत्रण कर लिया है। हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका और ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज पहले से ही ठप पड़ा है। ऐसे में वैश्विक तेल आपूर्ति दबाव में है। अब बाब अल-मंडेब पर हमलों से मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

  • सऊदी अरब में हूतियों का बड़ा हमला: शरूराह के सैन्य ठिकाने पर बरसाए मिसाइल-ड्रोन

    सऊदी अरब में हूतियों का बड़ा हमला: शरूराह के सैन्य ठिकाने पर बरसाए मिसाइल-ड्रोन


    नई दिल्ली। मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के शरूराह में एक सैन्य ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला करने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर कहा कि हमले में सैन्य अड्डे के हथियार डिपो और कमांड-एंड-कंट्रोल रूम को निशाना बनाया गया।

    याहिया सारी के मुताबिक, हमले में बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल किए गए और सभी निर्धारित लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। उन्होंने इसे यमन के खिलाफ सऊदी अरब की कथित लगातार आक्रामक कार्रवाई का जवाब बताया। हूती प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि सऊदी हमले जारी रहते हैं तो आने वाले दिनों में सऊदी अरब के अंदरूनी इलाकों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

    जीजान में प्रोजेक्टाइल गिरने से दो घायल

    हूती हमले से नुकसान की पुष्टि सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा ने भी की है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, यमन की ओर से दागा गया एक प्रोजेक्टाइल जीजान में गिरा, जिससे दो लोग घायल हुए हैं।

    प्रोजेक्टाइल गिरने से एक स्थानीय मस्जिद, कई रिहायशी इमारतों और कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, शरूराह के सैन्य ठिकाने पर हुए कथित हमले में कितना नुकसान हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

    मयून द्वीप पर कब्जे का भी दावा

    इससे पहले हूतियों ने लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में स्थित मयून द्वीप (पेरिम) पर कब्जा करने का दावा किया था। इसके बाद मोखा बंदरगाह शहर से जुड़े घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। हूतियों के मुताबिक, सऊदी अरब ने इसके जवाब में मोखा एयरपोर्ट पर कई हमले किए।

    हूतियों ने दावा किया था कि लाल सागर में तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही के लिहाज से अहम इस क्षेत्र पर नियंत्रण के जरिए वे और ईरान अमेरिका पर वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ाने का दबाव बनाना चाहते हैं।

    हालांकि, इन दावों और सैन्य ठिकाने को हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच हूतियों और सऊदी अरब, दोनों पक्षों के बयानों को अलग-अलग स्रोतों से सत्यापित किया जाना बाकी है।