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  • फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स


    नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही प्रकृति करवट बदलने लगती है। इस साल मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही हैरान करने वाला है; जहाँ जनवरी पिछले छह सालों में सबसे गर्म रहा, वहीं फरवरी की शुरुआत ने भी पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिन में चुभती धूप और शाम होते ही सर्द हवाओं का यह ‘डबल अटैक’ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर सीधा हमला करता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल पहुँचा सकती है।

    धूप से आकर तुरंत न चलाएं पंखा दोपहर के वक्त बाहर से आने पर अक्सर शरीर का तापमान बढ़ जाता है और हम तुरंत पंखा चला लेते हैं या एसी की तलाश करते हैं। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना ‘सर्द-गर्म’ का मुख्य कारण बनता है। जब आप बाहर से आएं, तो कम से कम 10-15 मिनट शांति से बैठें ताकि शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से सामान्य हो जाए। इसी तरह, तेज धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी पीना गले के संक्रमण और तेज बुखार को न्योता देना है।

    साफ-सफाई: फ्लू से बचने का सबसे बड़ा हथियार बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से बचने के लिए हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene) सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी हथेलियों, उंगलियों और नाखूनों को नियमित रूप से साबुन से धोएं। खांसते या छींकते समय रुमाल का प्रयोग करें और हाथों से बार-बार नाक या आंखों को छूने से बचें।

    सेहत बनाए रखने के अचूक उपाय: इस संक्रमण काल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव जरूर करें:
    बाहर के खुले या जंक फूड से परहेज करें और घर का बना ताजा भोजन ही लें।
    रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं, यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक का काम करता है।कफ या गले में खराश महसूस होने पर केवल गुनगुना पानी ही पिएं।

     सुबह और शाम की ठंड को हल्के में न लें; पूरी बाजू के कपड़े पहनें। पैरों में संक्रमण से बचने के लिए अब बंद जूतों की जगह खुली चप्पलों का चुनाव किया जा सकता है।

    डॉक्टर की सलाह कब लें? बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। यदि आपको या परिवार में किसी को भी दो दिन से अधिक समय तक बुखार, लगातार कफ या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे ‘मौसमी असर’ मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें ताकि समय रहते सही उपचार शुरू हो सके।

    फरवरी में दिन की गर्मी और रात की ठंड के कारण ‘सर्द-गर्म’ की समस्या बढ़ रही है। 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत के बीच सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा है। बचाव के लिए धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

  • फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ

    फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ


    नई दिल्ली । आयुर्वेद में अनार को ‘एक फल सौ बीमार’ की दवा कहा गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि फल के साथ-साथ इसके छिलके भी समान रूप से गुणकारी होते हैं। आधुनिक विज्ञान और प्राचीन चिकित्सा पद्धति दोनों ही मानते हैं कि अनार के छिलकों में दानों की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इन छिलकों से तैयार की गई चाय न केवल आपके शरीर को भीतर से साफ डिटॉक्स करती है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण का काम करती है।

    अनार के छिलकों की चाय के 5 अद्भुत फायदे

    पाचन तंत्र के लिए वरदान अगर आप गैस, अपच या डायरिया जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो अनार के छिलकों की चाय आपके लिए सबसे सरल उपाय है। इसमें मौजूद टैनिन्स और पॉलीफेनॉल्स आंतों की सूजन को कम करते हैं और पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाते हैं। यह पेट की अंदरूनी परत को राहत पहुँचाकर पुरानी से पुरानी कब्ज में भी फायदा देती है। इम्युनिटी का ‘कवच’ बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह चाय इम्युनिटी को तेजी से बूस्ट करती है, जिससे आपका शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए तैयार रहता है। दिल की सेहत का रखवाला अनार के छिलकों में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड्स बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।
    इस चाय के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन रक्त संचार में सुधार होता है और धमनियों में रुकावट आने का खतरा कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियाँ कोसों दूर रहती हैं।वेट लॉस और मेटाबॉलिज्म मोटापे से परेशान लोगों के लिए यह चाय एक बेहतरीन ‘वेट लॉस ड्रिंक’ साबित हो सकती है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी फैट बर्न होने लगती है। साथ ही, यह भूख को नियंत्रित कर बेवजह की क्रेविंग को कम करती है। निखरेगी त्वचा और मजबूत होंगे बाल अनार के छिलकों के एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों, झुर्रियों और बढ़ती उम्र के निशानों को रोकने में मदद करते हैं। यह चाय पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखता है। इसके अलावा, यह बालों की जड़ों को मजबूती देकर उन्हें असमय सफेद होने से भी बचाती है।

    कैसे बनाएं अनार के छिलकों की चाय

    इसे बनाना बेहद आसान है। अनार के छिलकों को धोकर धूप में सुखा लें और उनका पाउडर बना लें। एक कप पानी उबालें और उसमें आधा चम्मच यह पाउडर मिलाएं। थोड़ी देर उबलने के बाद इसे छान लें और स्वादानुसार शहद या नींबू मिलाकर इसका आनंद लें।