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  • ईंधन खपत के नए आंकड़े जारी, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की बिक्री बढ़ी, एलपीजी की मांग घटी

    ईंधन खपत के नए आंकड़े जारी, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की बिक्री बढ़ी, एलपीजी की मांग घटी

    नई दिल्ली । जुलाई 2026 के दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों के शुरुआती बिक्री आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल दोनों की खपत पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मजबूत रही। वहीं विमान ईंधन की मांग में भी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एलपीजी की बिक्री में गिरावट देखने को मिली। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कमजोर मानसून, कृषि गतिविधियों में बदलाव और ऊर्जा उपयोग के बदलते पैटर्न ने इन आंकड़ों को प्रभावित किया है।

    जुलाई के दौरान पेट्रोल की बिक्री में लगभग 9.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। कुल बिक्री 34.5 लाख टन तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक रही। हालांकि जून के मुकाबले इसमें हल्की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन वार्षिक आधार पर मांग में मजबूती बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी वाहनों की बढ़ती आवाजाही, यात्रा गतिविधियों में तेजी और शहरी क्षेत्रों में ईंधन की लगातार मांग ने पेट्रोल की बिक्री को सहारा दिया।

    डीजल की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई के दौरान इसकी खपत करीब 10.7 प्रतिशत बढ़कर 71.2 लाख टन तक पहुंच गई। डीजल देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ईंधन माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग माल परिवहन, कृषि उपकरणों, सिंचाई पंपों और औद्योगिक गतिविधियों में बड़े पैमाने पर होता है। सामान्य से कम मानसूनी वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में सिंचाई की आवश्यकता बढ़ी, जिससे डीजल की मांग में तेजी देखने को मिली।

    विमान ईंधन यानी एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की बिक्री में भी सकारात्मक रुझान सामने आया। जुलाई में इसकी बिक्री लगभग 2.9 प्रतिशत बढ़कर 6.59 लाख टन के स्तर पर पहुंच गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में निरंतर बढ़ोतरी तथा विमान सेवाओं के संचालन में विस्तार को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। इससे विमानन क्षेत्र में गतिविधियों के मजबूत बने रहने के संकेत भी मिलते हैं।

    इसके विपरीत, एलपीजी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। जुलाई के दौरान इसकी खपत लगभग 17.4 प्रतिशत घटकर 23.7 लाख टन रह गई। ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारियों का मानना है कि कुछ उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की ओर रुख किया है, जिससे एलपीजी की मांग प्रभावित हुई है। इसके अलावा ऊर्जा उपयोग के तरीकों में बदलाव और वैकल्पिक ईंधन के बढ़ते इस्तेमाल का असर भी एलपीजी की बिक्री पर दिखाई दिया।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की मांग में आने वाले ऐसे बदलाव देश की आर्थिक गतिविधियों और उपभोक्ता व्यवहार का महत्वपूर्ण संकेत होते हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती बिक्री परिवहन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है, जबकि एलपीजी की घटती मांग घरेलू ऊर्जा उपभोग में बदलते रुझानों की ओर इशारा करती है। आने वाले महीनों में मानसून की स्थिति, कृषि उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के आधार पर ईंधन की मांग में और परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

    जुलाई के शुरुआती बिक्री आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश में पारंपरिक परिवहन ईंधनों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। वहीं घरेलू ऊर्जा क्षेत्र में वैकल्पिक विकल्पों का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा बाजार की यह बदलती तस्वीर भविष्य में ईंधन उपभोग के नए रुझानों को भी प्रभावित कर सकती है। सरकार और तेल विपणन कंपनियां भी मांग के इन पैटर्न पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके।

  • एलपीजी डिलीवरी में बड़ा बदलाव, अब ऐप से 10 मिनट में मिलेगा गैस सिलेंडर, देश की पहली ऑन-डिमांड सेवा शुरू

    एलपीजी डिलीवरी में बड़ा बदलाव, अब ऐप से 10 मिनट में मिलेगा गैस सिलेंडर, देश की पहली ऑन-डिमांड सेवा शुरू

    नई दिल्ली । देश में रसोई गैस की डिलीवरी व्यवस्था अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। पहली बार क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑन-डिमांड एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी सेवा शुरू की गई है। इस नई सुविधा के तहत ग्राहक मोबाइल ऐप के जरिए गैस सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे और निर्धारित क्षेत्र में कम समय के भीतर उसकी डिलीवरी प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य घरेलू एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को पहले से अधिक तेज, सुविधाजनक और आधुनिक बनाना है। फिलहाल इस सेवा की शुरुआत बेंगलुरु से की गई है और आने वाले समय में इसे देश के अन्य शहरों तक विस्तार देने की योजना बनाई गई है।

    नई सेवा के तहत क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के साथ साझेदारी की है। कंपनी का दावा है कि यह भारत की पहली ऐसी ऑन-डिमांड एलपीजी डिलीवरी सेवा है, जिसमें ग्राहक ऐप के माध्यम से सीधे गैस सिलेंडर मंगा सकते हैं। शुरुआती चरण में ग्राहकों को 10 किलोग्राम का एचपी नव्या कंपोजिट एलपीजी सिलेंडर और 5 किलोग्राम का मेटल सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का कहना है कि भविष्य में सेवा का दायरा बढ़ने के साथ अधिक शहरों और उत्पादों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

    एचपीसीएल का एचपी नव्या कंपोजिट सिलेंडर पारंपरिक गैस सिलेंडरों की तुलना में कई मायनों में अलग है। यह वजन में हल्का होने के साथ जंग-रोधी भी है। इसकी पारदर्शी बाहरी संरचना के कारण उपभोक्ता आसानी से सिलेंडर में बची हुई गैस का स्तर देख सकते हैं। इससे गैस खत्म होने का अनुमान पहले से लगाया जा सकता है और समय पर नया सिलेंडर मंगाने में सुविधा मिलती है। इस सिलेंडर को विशेष रूप से छोटे परिवारों, छात्रों, अकेले रहने वाले लोगों और अपार्टमेंट में रहने वाले उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    इस सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि नया सिलेंडर लेने के लिए पहले से घरेलू एलपीजी कनेक्शन होना अनिवार्य नहीं होगा। पहली बार ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को इसे नए कनेक्शन की तरह उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद जब सिलेंडर खाली हो जाएगा तो उपभोक्ता उसे वापस देकर रिफिल सिलेंडर मंगा सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस सिलेंडर खरीदने और दोबारा भरवाने की पूरी प्रक्रिया को सरल और अधिक सुविधाजनक बनाना है, ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यकता के समय लंबा इंतजार न करना पड़े।

    कंपनी के अनुसार सभी सिलेंडरों की डिलीवरी एचपीसीएल के अधिकृत वितरकों और प्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से की जाएगी। इससे सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा और उपभोक्ताओं को प्रमाणित सेवा मिलेगी। साथ ही डिलीवरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के कारण ऑर्डर ट्रैकिंग और समयबद्ध आपूर्ति जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यह मॉडल पारंपरिक गैस वितरण व्यवस्था के साथ आधुनिक तकनीक का प्रभावी समन्वय प्रस्तुत करता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऑन-डिमांड एलपीजी डिलीवरी की यह पहल शहरी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी सुविधा साबित हो सकती है। तेज डिलीवरी, हल्के कंपोजिट सिलेंडर और डिजिटल ऑर्डरिंग जैसी सुविधाएं गैस वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक और उपभोक्ता केंद्रित बनाएंगी। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो आने वाले समय में देश के अन्य शहरों में भी इसी प्रकार की सेवाओं का विस्तार देखने को मिल सकता है, जिससे घरेलू एलपीजी वितरण व्यवस्था में व्यापक बदलाव आने की संभावना है।

  • कच्चे तेल में गिरावट से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल, IOC–BPCL–HPCL में तेजी

    कच्चे तेल में गिरावट से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल, IOC–BPCL–HPCL में तेजी

    नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट का सीधा असर भारतीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों पर देखने को मिला है। बुधवार को सरकारी तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई, जिससे पूरे ऊर्जा सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना रहा।

    बाजार में आई तेजी मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेतों के कारण देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसका लाभ घरेलू तेल कंपनियों को मिला।

    दिन के कारोबार में Hindustan Petroleum Corporation Limited के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई और यह 410.50 रुपये के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। इसी तरह Bharat Petroleum Corporation Limited के शेयरों में भी 2.46 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई और यह 319.50 रुपये के स्तर तक पहुंच गया।

    वहीं Indian Oil Corporation Limited के शेयर भी 1.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 147.47 रुपये के उच्चतम स्तर पर कारोबार करते नजर आए। इन तीनों प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में आई तेजी ने ऊर्जा सेक्टर को मजबूती प्रदान की।

    विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट इस तेजी का प्रमुख कारण है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं और यह पिछले तीन महीनों के निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रही हैं। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 75 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

    पिछले कुछ दिनों में ब्रेंट क्रूड में लगभग 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता के संकेत मिले हैं। इस गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की चर्चा भी एक महत्वपूर्ण कारण मानी जा रही है, जिससे ईरान के तेल निर्यात में वृद्धि की संभावना बन सकती है।

    इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने की संभावनाओं ने भी बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके सुचारू संचालन से आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होती है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए राहत का संकेत है क्योंकि इससे आयात बिल में कमी आती है और भुगतान संतुलन पर दबाव घटता है। इससे महंगाई को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है और आर्थिक स्थिरता मजबूत होती है।

    इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली में कमी और रुपये की मजबूती भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। इन दोनों कारकों से आने वाले समय में निवेश प्रवाह में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

    ऊर्जा क्षेत्र में आई यह तेजी ऐसे समय पर आई है जब घरेलू शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी और ऊर्जा कीमतों में नरमी से बाजार का समग्र माहौल सकारात्मक बना हुआ है।

  • UP: हरदोई में HPCL की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में देर रात धमाका, PNG से रिसाव से मचा हड़कंप

    UP: हरदोई में HPCL की अंडरग्राउंड पाइपलाइन में देर रात धमाका, PNG से रिसाव से मचा हड़कंप


    हरदोई।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हरदोई (Hardoi) में बावन मार्ग पर मंगलवार देर रात एचपीसीएल की अंडरग्राउंड पाइपलाइन (HPCL’s underground pipeline) से धमाके के साथ पीएनजी गैस का रिसाव होने से क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। पानी के फव्वारे की तरह गैस का गुबार उठते देख इलाकाई लोगों के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।

    इसके कुछ देर बाद ही दमकल की दो बड़ी गाड़ियां और एचपीसीएल की टीम के साथ जिलाधिकारी अनुनय झा और एसपी एके मीणा भी मौके पर पहुंचे। गैस रिसाव की वजह से इलाके की बिजली काटकर दोनों ओर का यातायात रोक दिया गया।

    एचपीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में सवायजपुर से बावन और हरदोई होते हुए बम्हनाखेड़ा मुख्य यूनिट तक गैस पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसी लाइन की टेस्टिंग के लिए दोपहर तीन बजे पीएनजी गैस की सप्लाई चालू की गई। शाम तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा लेकिन रात 9:30 के आसपास बावन-हरदोई मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के नजदीक के चैंबर से धमाके के साथ गैस का रिसाव हो गया।

    अधिकारियों का कहना है कि गैस 35 बार के प्रेशर से छोड़ी गई थी। हादसा कैसे और क्यों हुआ इसकी जांच कराई जा रही है। फिलहाल पेट्रोल पंप के दोनों ओर के दूसरे चैंबरों की सप्लाई बंद करा दी गई है। वहीं, एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में किया जा सका। लीकेज की जांच एचपीसीएल के अलावा प्रशासन की टीम भी कराएगी। फिलहाल किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ और हालात देर रात 11:30 बजे तक सामान्य हो गए थे।