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  • PAN, पेट्रोल से लेकर HRA तक….. एक अप्रैल से बदलेंगे ये नियम, आम आदमी पर होगा सीधा असर

    PAN, पेट्रोल से लेकर HRA तक….. एक अप्रैल से बदलेंगे ये नियम, आम आदमी पर होगा सीधा असर


    नई दिल्ली।
    नया वित्त वर्ष 2026-27 (New Financial Year 2026-27) शुरू होते ही 1 अप्रैल से कई बड़े नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों, खासकर सैलरीड कर्मचारियों (Salaried Employees) और टैक्सपेयर्स (Taxpayers) पर पड़ेगा। पैन कार्ड, HRA, क्रेडिट कार्ड (Credit Card) और पेट्रोल से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए जा रहे हैं, जो आपकी जेब और टैक्स प्लानिंग दोनों को प्रभावित करेंगे।


    PAN कार्ड के नियम सख्त, अब सिर्फ आधार से काम नहीं चलेगा

    अब तक पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार पर्याप्त था, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से यह सुविधा खत्म हो जाएगी। नए नियमों के तहत पैन बनवाने या उसमें सुधार करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इससे पैन प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त और सुरक्षित हो जाएगी।


    HRA क्लेम में बड़ा बदलाव, बताना होगा मकान मालिक से रिश्ता

    सैलरीड कर्मचारियों के लिए HRA से जुड़ा नियम और सख्त किया गया है। अब अगर आप सालाना 1 लाख रुपये से ज्यादा किराया देते हैं, तो आपको मकान मालिक का PAN देना होगा और साथ ही यह भी बताना होगा कि वह आपके परिवार का सदस्य है या नहीं। यह जानकारी नए फॉर्म 124 में देनी होगी। इसका उद्देश्य फर्जी HRA क्लेम पर रोक लगाना है।


    क्रेडिट कार्ड पर सख्ती, बड़े ट्रांजैक्शन सीधे आयकर विभाग की नजर में

    1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। अब बड़े ट्रांजैक्शन और भुगतान की जानकारी इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट को दी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा का क्रेडिट कार्ड बिल डिजिटल माध्यम से चुकाता है या 1 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान कैश में करता है, तो इसकी रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। इससे हर बड़ा खर्च सीधे आपके PAN रिकॉर्ड से जुड़ जाएगा।


    अब क्रेडिट कार्ड से भी भर सकेंगे टैक्स

    सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए अब टैक्स भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड को भी मान्य कर दिया है। पहले यह सुविधा केवल नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड तक सीमित थी। हालांकि, भुगतान करते समय अतिरिक्त चार्ज या प्रोसेसिंग फीस का ध्यान रखना जरूरी होगा।


    कंपनी के क्रेडिट कार्ड पर खर्च पर टैक्स नियम स्पष्ट

    अगर किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया जाता है और उसका पेमेंट कंपनी करती है, तो यह एक प्रकार का लाभ माना जाएगा और उस पर टैक्स लग सकता है। हालांकि, यदि खर्च पूरी तरह आधिकारिक काम के लिए है और उसका सही रिकॉर्ड मौजूद है, तो उस पर टैक्स नहीं लगेगा।


    नया आयकर अधिनियम 2025 लागू

    1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जाएगा, जो पुराने 1961 कानून की जगह लेगा। यह टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


    सख्त नियम
    पेट्रोल में 20% एथेनॉल अनिवार्य, गुणवत्ता भी बदलेगी

    अब पूरे देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर भी नए मानक लागू होंगे, जिससे प्रदूषण कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी।


    क्या है इसका सीधा असर?

    इन सभी बदलावों का सीधा असर आपकी टैक्स प्लानिंग, खर्च और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। खासतौर पर सैलरीड लोगों और ज्यादा खर्च करने वालों को अब ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी, क्योंकि हर बड़ा ट्रांजैक्शन अब टैक्स सिस्टम की नजर में होगा।

  • New इनकम टैक्स एक्ट.. बायबैक से लेकर HRA तक… 1st April से बदल जाएंगे ये 8 बड़े नियम

    New इनकम टैक्स एक्ट.. बायबैक से लेकर HRA तक… 1st April से बदल जाएंगे ये 8 बड़े नियम


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Union Finance Ministry) ने 20 मार्च 2026 को इनकम टैक्स नियम-2026 (New Income-Tax Rules 2026) के ड्राफ्ट को ई-गजट में नोटिफाई (Notified in e-Gazette) और पब्लिश कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से यह इनकम टैक्स एक्ट लागू हो जाएगा। नया नियम 1961 के नियमावली की जगह लेगा। आइए जानते हैं कि 1 अप्रैल से क्या कुछ बदल रहा है?


    1-HRA में हो रहा है बड़ा बदलाव

    आयकर नियम वेतनभोगी करदाताओं पर लागू होने वाले एचआरए (HRA) छूट के लिए प्रस्तावित ढांचे को बरकरार रखते हैं। नए नियमों के तहत आठ शहर – मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु – वेतन के 50 प्रतिशत की उच्च छूट सीमा के लिए पात्र होंगे। पहले इस दायरे में मात्र तीन ही शहर थे। अन्य सभी स्थान पर छूट की सीमा 40 प्रतिशत पर बनी रहेगी। बता दें, यह छूट ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत ही मिलेगी।


    2- बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्च

    बच्चों की शिक्षा पर मिलने वाले प्रति माह छूट को 100 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, एक बच्चे पर हॉस्टल खर्च को भी 300 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह छूट भी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत मिलेगी।


    3- कॉरपोरेट/कंपनी की गाड़ी

    ऑफिस कार्य या व्यक्तिगत कार्य के लिए कंपनी की तरफ से मिली 1.6 लीटर के इंजन वाली कार पर 8000 रुपये प्रति माह टैक्स लगेगा। वहीं, 1.6 लीटर इंजन से अधिक के वाहनों पर 10,000 महीने का टैक्स लगेगा। यह नियम नए और पुराने दोनों टैक्स कानून में है।


    4- मील कार्ड्स

    नए नियमों में मील कार्ड्स की लिमिट को भी 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है। अब 200 रुपये तक के कॉरपोरेट मील कार्ड्स कोई टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, यह छूट ओल्ड टैक्स रिजीम में ही है।


    5- कूपन और गिफ्ट कार्ड्स

    ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत प्रत्येक वर्ष 15000 रुपये तक के कॉरपोरेट गिफ्ट्स कार्ड्स, गिफ्ट सर्टीफिकेट और कूपंस पर छूट मिलेगी।


    6- सेक्टर भत्ता

    किसी भी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते की लिमिट को 10,000 रुपये या भत्ते का 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 25000 रुपये या भत्ते का 70 प्रतिशत कर दिया गया है।


    7- सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में इजाफा

    फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, ऑप्शंस ट्रांजैक्शन पर 0.1 प्रतिशत बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। यह टैक्स हर एक खरीद और बिक्री पर लागू होगा।


    8- बायबैक पर लगेगा टैक्स

    बायबैक के जरिए मिले हर एक राशि पर टैक्स 1 अप्रैल 2026 से लगेगा। अगले महीने की पहली तारीख से कॉरपोरेट प्रमोटर्स को ‘differential buyback tax’ के तहत 22 प्रतिशत और नॉन कॉरपोरेट प्रमोटर्स को 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा।