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  • MP: ग्वालियर में करवा चौथ के दिन पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति… दोनों ने थी लव मैरिज

    MP: ग्वालियर में करवा चौथ के दिन पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति… दोनों ने थी लव मैरिज


    ग्वालियर।
    करवा चौथ (Karwa Chauth) का दिन. इस दिन सुहाग की लंबी उम्र की कामना की जाती है. घरों में पूजा की तैयारी होती है और पति-पत्नी (Husband and wife) साथ में त्योहार मनाते हैं. लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में इसी दिन एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. मुरार थाना क्षेत्र (Murar police station area) के त्यागी नगर में मधु श्रीवास्तव की हत्या हो गई. आरोप मधु के पति आनंद श्रीवास्तव पर है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मधु के सिर पर कई बार वार किए गए, जिससे मधु की मौत हो गई. घटना के बाद आनंद खुद थाने पहुंचा. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    फिलहाल इस घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी. घटना ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर की है. मृतका की पहचान मधु श्रीवास्तव के रूप में हुई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, मधु के सिर पर कई बार वार किए गए थे. गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई. घटना की खबर सामने आने के बाद आसपास सनसनी फैल गई. जिस दिन कई घरों में करवा चौथ की पूजा हो रही थी, उसी दिन एक महिला की हत्या की खबर ने लोगों को सन्न कर दिया।

    हालांकि, घटना से पहले घर में क्या हुआ था, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या नहीं और वारदात किस परिस्थिति में हुई, इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं. पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

    हत्या के बाद आरोपी पति आनंद श्रीवास्तव खुद थाने पहुंचा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसने वहां हत्या की बात कबूल की. हालांकि, उसके बयान और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है. पुलिस ने आनंद को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय क्या हुआ था. इसी के साथ पुलिस को घटनास्थल से मिले सबूतों, बयानों और दूसरे तथ्यों को भी जोड़ना होगा।

    शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आनंद और मधु ने लव मैरिज की थी. दोनों की मैरिड लाइफ में किसी तरह का विवाद था या नहीं, इस बारे में पूछताछ की जा रही है. यह भी अभी साफ नहीं है कि घटना से ठीक पहले दोनों के बीच कोई कहासुनी हुई थी या वारदात के पीछे कोई दूसरी वजह थी. पुलिस की ओर से फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, आनंद श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है. जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े सबूतों और अन्य जानकारियों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: इंदौर में करवा चौथ पर पति को दूसरी महिला के संग देख भड़की पत्नी… सड़क पर जमकर हुई मारपीट

    MP: इंदौर में करवा चौथ पर पति को दूसरी महिला के संग देख भड़की पत्नी… सड़क पर जमकर हुई मारपीट


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में एक महिला के साथ मारपीट (Beating) का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के मुताबिक, शालीमार टाउनशिप (Shalimar Township) के बाहर एक पत्नी ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ देख लिया. इसके बाद मौके पर विवाद हुआ और मारपीट की नौबत आ गई. घटना के दौरान आसपास लोगों की भीड़ भी जमा हो गई. हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वजह और उसकी वास्तविक लोकेशन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि एक पत्नी ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया था. इसके बाद महिला ने दूसरी महिला के साथ मारपीट की. बताया जा रहा है कि घटना इंदौर की शालीमार टाउनशिप के बाहर हुई, जहां विवाद के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई. इस घटना को करवाचौथ से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद से जोड़कर भी चर्चा की जा रही है. हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए पति के साथ मौजूद महिला की पहचान और विवाद की असली वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।


    वायरल वीडियो में महिला के साथ मारपीट करती दिख रही दूसरी महिला

    वायरल वीडियो में एक महिला दूसरी महिला के साथ मारपीट करती नजर आ रही है. घटनास्थल पर आसपास कुछ लोग भी खड़े दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम के आधार पर अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ. यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना कब हुई और इसमें शामिल महिलाओं के बीच पहले से क्या संबंध था. सोशल मीडिया पर घटना को पति और दूसरी महिला से जुड़े विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन इस दावे की पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की सही जानकारी सामने आ सकेगी।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, लसूड़िया थाना क्षेत्र से संबंधित इस वीडियो के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल संबंधित थाने में घटना को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. इसके बावजूद पुलिस ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कहां का है, घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविकता क्या है. इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मारपीट के पीछे क्या वजह थी. मामले को लेकर एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, पुलिस वायरल वीडियो की वास्तविकता और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है. इसमें शामिल लोगों के संबंध में भी जानकारी एकत्र की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल किसी शिकायत के नहीं मिलने के बावजूद वीडियो के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है।


    जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की असली वजह

    इंदौर में महिला के साथ मारपीट का यह वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है. घटना की तारीख, वास्तविक लोकेशन और विवाद की वजह भी स्पष्ट नहीं है. पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय क्या हुआ था और मारपीट किस वजह से हुई. फिलहाल पुलिस मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है. अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता

    MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां चिड़ियाघर (Zoo) के बाहर से लापता हुई 18 साल की नवविवाहिता (Newlywed Woman) को पुलिस ने करीब 20 दिन बाद दस्तयाब किया. महिला अपने 21 वर्षीय पति के साथ शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के नरवर से ग्वालियर घूमने आई थी. पति का कहना था कि वह बाइक पार्क करने गया था और पत्नी को चिड़ियाघर के गेट के पास छोड़ गया था. जब वह वापस लौटा तो पत्नी वहां नहीं मिली. इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई. पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली तो महिला एक दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर जाती दिखाई दी. अब महिला मिल गई है और उसने पुलिस को बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और उसने एक शख्स से लिफ्ट ली थी. पुलिस अब उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया अपना रही है।

    यह मामला ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र का है. शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र का रहने वाला 21 वर्षीय युवक अपनी 18 वर्षीय पत्नी को बाइक से ग्वालियर घुमाने और रिश्तेदारों से मिलवाने आया था. पत्नी की इच्छा पर दोनों चिड़ियाघर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि चिड़ियाघर पहुंचने के बाद पति बाइक पार्क करने चला गया. इस दौरान उसने पत्नी को गेट के पास ही छोड़ दिया था. कुछ देर बाद जब वह वापस आया तो पत्नी वहां मौजूद नहीं थी. उसने आसपास तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई पता नहीं चला।


    CCTV फुटेज में दूसरे युवक की बाइक पर जाती दिखी महिला

    तलाश के दौरान उसे जानकारी मिली कि उसकी पत्नी किसी दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर वहां से चली गई है. इसके बाद पति अपने चाचा के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी. अचानक पत्नी के गायब होने से वह परेशान था और उसने पुलिस से उसे तलाशने की मांग की. महिला के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. चिड़ियाघर और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

    पति ने फुटेज देखकर पत्नी को पहचाना. उसने बाइक सवार युवक की पहचान अरमान खान के रूप में बताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा भी किया. पति की तरफ से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की थी. मामले में CCTV फुटेज अहम कड़ी बनी, क्योंकि इसमें महिला को एक अन्य युवक के साथ जाते हुए देखा गया था. हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाली घटना के पीछे की पूरी वजह उस समय स्पष्ट नहीं थी।

    करीब 20 दिन तक तलाश किए जाने के बाद पुलिस ने महिला को दस्तयाब कर लिया. महिला के मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आया है. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह रास्ता भटक गई थी. इसके बाद उसने एक व्यक्ति से लिफ्ट मांगी थी और उसके साथ चली गई थी. महिला के इस बयान के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. महिला ने जिस तरह रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है, उसकी परिस्थितियों की विस्तृत पूछताछ की जाएगी. पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि महिला अपनी मर्जी से गई थी या उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती हुई थी।


    CSP बोले, न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद होगी कार्रवाई

    सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले पड़ाव थाना क्षेत्र से एक महिला के लापता होने की सूचना मिली थी. उसके पति ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. बाद में CCTV फुटेज में महिला एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखाई दी थी. सीएसपी के मुताबिक, महिला को दस्तयाब कर लिया गया है. उसने बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और किसी से लिफ्ट मांगकर चली गई थी. पुलिस उससे और विस्तृत पूछताछ करेगी. उन्होंने बताया कि महिला बालिग है. यदि उसे जबरदस्ती नहीं ले जाया गया है, तो वह अपनी मर्जी से जा सकती है. अब न्यायालय में महिला के बयान दर्ज कराए जाएंगे. इसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    महिला के मिलने के बाद पुलिस की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है. पुलिस महिला के बयान, उसके लापता रहने के दौरान की परिस्थितियों और CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले युवक की भूमिका की जांच करेगी. फिलहाल महिला ने रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है. वहीं, पति ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा किया था. इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. न्यायालय में महिला के बयान दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, दूसरी महिलाओं से संबंध रखने के आरोप

    उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, दूसरी महिलाओं से संबंध रखने के आरोप


    देहरादून। उत्तराखंड की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने धोखाधड़ी, कथित प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी और अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री ने अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया है। इस बीच, उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है।

    रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने पक्ष में बात रखी। वीडियो में वह भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनने के बाद उन्हें अपनी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का फैसला लिया। हालांकि, ऑडियो में कथित तौर पर कही गई बातों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

    पहली शादी छिपाने और प्रताड़ना के आरोप

    एफआईआर के मुताबिक, रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू ने शादी के समय अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। उन्होंने पति के दूसरी महिलाओं से संबंध होने का भी दावा किया है। शिकायत में शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी देने तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे आरोप भी शामिल हैं।

    मंत्री ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए कहा कि उसमें कथित तौर पर उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश से जुड़ी बातें सामने आईं। उनके अनुसार, रिकॉर्डिंग सुनने के बाद वह भीतर तक विचलित हो गईं। इसके बाद उन्होंने अपनी और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी सत्यता की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही हो सकेगी।

    कंपनी के निदेशक पद से हटाने के लिए फर्जी हस्ताक्षर का आरोप

    रेखा आर्या ने अपने पति पर कंपनी के निदेशक पद से उन्हें हटाने के लिए उनके हस्ताक्षरों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया है। शिकायत के अनुसार, इस मामले में दस्तावेजों के साथ कथित छेड़छाड़ की गई। मंत्री ने इसे अपने खिलाफ किए गए गलत कामों में से एक बताया है।

    अपने वीडियो संदेश में रेखा आर्या ने कहा कि ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनने के बाद उन्हें लगा कि अपनी और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे घरेलू हिंसा या किसी भी तरह की प्रताड़ना को चुपचाप सहन न करें और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लें।

    उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को डर या दबाव में अन्याय सहने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

    15 अक्टूबर को दर्ज हुई FIR

    जानकारी के मुताबिक, देहरादून के कैंट थाना पुलिस ने रेखा आर्या की शिकायत पर 15 अक्टूबर 2026 को एफआईआर संख्या 0158 दर्ज की। शिकायत में आपराधिक षड्यंत्र, मारपीट, धोखाधड़ी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल, पूर्व विवाह छिपाकर दोबारा शादी करने, विवाहित महिला के साथ क्रूरता, जानबूझकर अपमान और आपराधिक धमकी देने से संबंधित आरोप शामिल हैं।

    एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(2)(va) भी लगाई गई हैं।

    पहले भी विवादों में आए थे गिरधारी लाल साहू

    गिरधारी लाल साहू इसी साल जनवरी में भी विवादों में आए थे। उस समय बिहार की लड़कियों को लेकर उनके कथित बयान के सार्वजनिक होने के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे। विवाद बढ़ने पर साहू ने अपने बयान को लेकर सफाई दी थी।

    अब रेखा आर्या की शिकायत के बाद मामला फिर चर्चा में है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई इस प्रकरण में अहम होगी।

  • जबलपुर में होटल में पति को दूसरी महिला संग देख भड़की पत्नी, मोबाइल चैट से मिला था मिलने का सुराग; जमकर थप्पड़बाजी

    जबलपुर में होटल में पति को दूसरी महिला संग देख भड़की पत्नी, मोबाइल चैट से मिला था मिलने का सुराग; जमकर थप्पड़बाजी


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में पति को दूसरी महिला के साथ होटल के कमरे में देखकर पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा। शारदा चौक स्थित होटल बैलेंसिंग रॉक में पत्नी ने कमरा खुलवाया तो अंदर पति और महिला को साथ देखकर हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद कहासुनी से थप्पड़बाजी तक पहुंच गया। होटल में अफरा-तफरी मचने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल किसी भी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

    मोबाइल चैट से मिला होटल में मिलने का सुराग

    जानकारी के मुताबिक, सविता यादव को अपने पति अरुण यादव और ज्योति कोरी के बीच संबंध होने का शक था। सविता का आरोप है कि दोनों के बीच करीब एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी दौरान मोबाइल चैट के जरिए उसे कथित तौर पर पता चला कि अरुण और ज्योति होटल में मिलने वाले हैं।

    इसके बाद सविता ने पति का पीछा किया और शारदा चौक स्थित होटल बैलेंसिंग रॉक पहुंच गई। पत्नी के मुताबिक, होटल के कमरा नंबर 103 में अरुण और ज्योति कोरी मौजूद थे।

    कमरा खुलते ही भड़की पत्नी, शुरू हुई थप्पड़बाजी

    सविता ने जब कमरे का दरवाजा खुलवाया और पति को दूसरी महिला के साथ देखा तो वह अपना आपा खो बैठी। इसके बाद कमरे के अंदर ही तीनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर सविता ने कथित तौर पर पति और ज्योति को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए।

    होटल में हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद होटल में चल रहा विवाद शांत हुआ।

    पति पर दूरी बनाने और महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप

    सविता ने आरोप लगाया कि अरुण और ज्योति के बीच लंबे समय से संबंध थे। उसका दावा है कि दूसरी महिला के करीब आने के बाद पति उससे दूरी बनाने लगा था। पत्नी ने ज्योति कोरी पर अरुण को ब्लैकमेल करने का आरोप भी लगाया है।

    हालांकि, संबंधों और ब्लैकमेलिंग को लेकर लगाए गए ये आरोप फिलहाल सविता के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इन आरोपों की पुष्टि किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस बोली- अभी किसी ने शिकायत नहीं की

    घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत कराया। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल, होटल के कमरे में पति और दूसरी महिला की मौजूदगी को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंच गया है। लेकिन औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • वैवाहिक विवाद में हर अपमान आपराधिक क्रूरता नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने 498A की कानूनी सीमा स्पष्ट की

    वैवाहिक विवाद में हर अपमान आपराधिक क्रूरता नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने 498A की कानूनी सीमा स्पष्ट की

    नई दिल्ली । झारखंड हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पति के खिलाफ धारा 498A के तहत चल रही आपराधिक कार्रवाई रद्द कर दी। पत्नी ने आरोप लगाया था कि पति उसके रंग, शर्मीले स्वभाव, समझ और बातचीत करने के तरीके को लेकर लगातार ताने देता था। अदालत ने माना कि इस तरह की टिप्पणियां अनुचित और दुख पहुंचाने वाली हो सकती हैं, लेकिन केवल इन्हीं आरोपों के आधार पर धारा 498A के तहत आपराधिक क्रूरता का मामला नहीं बनता।

    मामला एक ऐसे दंपती से जुड़ा है, जिनकी शादी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद दोनों के बीच मतभेद शुरू हो गए। पत्नी का आरोप था कि पति उसके रंग को लेकर टिप्पणी करता था और उसके व्यक्तित्व, कम IQ तथा बातचीत करने के तरीके का मजाक उड़ाता था। विवाद बढ़ने के बाद पति ने उसे अलग रहने के लिए कहा।

    इसके बाद पत्नी पहले बेंगलुरु में अपनी छोटी बहन के पास रहने लगी और बाद में कोलकाता में अपनी बड़ी बहन के पास चली गई। इसी दौरान पति ने रांची की फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की। वैवाहिक संबंधों में बढ़ते विवाद के बीच पत्नी ने भी पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।

    पत्नी ने धारा 498A के तहत क्रूरता का आरोप लगाने के अलावा करीब 35 लाख रुपये के स्त्रीधन को वापस नहीं करने की शिकायत भी की। उसका कहना था कि पति ने वैवाहिक जीवन जारी रखने में भी बाधा डाली। दूसरी ओर, पति ने अपने बचाव में पत्नी पर एक बीमारी से संबंधित आरोप लगाया और कहा कि विवाद के कारण परिस्थितियां खराब हुईं।

    11 जून 2024 को रांची की निचली अदालत ने शिकायत और उपलब्ध सामग्री के आधार पर पति को समन जारी किया। इसके बाद पति ने इस कार्रवाई को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी और आपराधिक कार्यवाही समाप्त करने की मांग की।

    मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की पीठ ने की। अदालत ने धारा 498A में परिभाषित क्रूरता की कानूनी कसौटी पर आरोपों को परखा। कोर्ट ने कहा कि इस प्रावधान के तहत ऐसे जानबूझकर किए गए व्यवहार को देखा जाता है, जिससे महिला आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो सकती हो या उसके जीवन, शरीर अथवा स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता हो। इसके अलावा गैरकानूनी संपत्ति या दहेज की मांग से जुड़ा उत्पीड़न भी इस प्रावधान के दायरे में आता है।

    अदालत ने पाया कि शिकायत में पति की ओर से किसी गैरकानूनी संपत्ति या दहेज की मांग का आरोप नहीं था। साथ ही ऐसे व्यवहार का स्पष्ट आरोप भी नहीं था, जिससे पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर होने या गंभीर शारीरिक अथवा स्वास्थ्य संबंधी खतरे का सामना करना पड़ा हो।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी के रंग, IQ और बातचीत करने की क्षमता पर टिप्पणी करना अपने आप में उचित व्यवहार नहीं माना जा सकता। हालांकि, केवल इन आरोपों को धारा 498A के तहत आपराधिक क्रूरता मानने के लिए कानून में निर्धारित आवश्यक तत्वों का पूरा होना जरूरी है।

    अदालत ने कहा कि आरोपों को पूरी तरह सही मान लेने के बाद भी इस मामले में धारा 498A के तहत अपराध स्थापित नहीं होता। ऐसे में आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत का समन आदेश और पति के खिलाफ संबंधित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी।

    फैसले का मुख्य संदेश यह है कि वैवाहिक जीवन में अपमानजनक व्यवहार और आपराधिक क्रूरता के बीच कानूनी अंतर होता है। हर वैवाहिक विवाद या ताने को स्वतः धारा 498A के अपराध के रूप में नहीं देखा जा सकता। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि पति-पत्नी के बीच अपमानजनक या असम्मानजनक व्यवहार उचित है। अदालत ने इस मामले में केवल यह तय किया कि उपलब्ध आरोप धारा 498A की कानूनी कसौटी पर आपराधिक कार्यवाही जारी रखने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं।

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी: पति की सैलरी का 25% गुजारा भत्ता तय नियम नहीं, मामले के आधार पर होगी राशि

    इलाहाबाद हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी: पति की सैलरी का 25% गुजारा भत्ता तय नियम नहीं, मामले के आधार पर होगी राशि


    नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ते को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि तलाकशुदा पति की आय का 25 प्रतिशत हिस्सा पत्नी को देना कोई अनिवार्य कानूनी नियम नहीं है। अदालत ने कहा कि यह केवल एक सामान्य दिशा-निर्देश है और प्रत्येक मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अदालतें इससे कम या अधिक गुजारा भत्ता तय कर सकती हैं।

    जस्टिस अचल सचदेव की एकल पीठ ने कानपुर देहात के एक दंपति से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी को मिलने वाला मासिक गुजारा भत्ता 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने का आदेश दिया।

    यह मामला पिंकी उर्फ प्रीति और उनके पति श्री जय प्रकाश से संबंधित है। पति ने पत्नी के खिलाफ तलाक की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था। तलाक के आदेश के आधार पर पति ने फैमिली कोर्ट द्वारा तय किए गए गुजारा भत्ते को चुनौती दी, जबकि पत्नी ने भत्ते की राशि अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि केवल तलाक हो जाने से पत्नी का गुजारा भत्ता पाने का अधिकार समाप्त नहीं हो जाता। यदि पत्नी स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं है और उसने दोबारा विवाह नहीं किया है या किसी अन्य व्यक्ति के साथ नहीं रह रही है, तो वह गुजारा भत्ते की हकदार रहेगी।

    अदालत ने यह भी कहा कि गुजारा भत्ते का उद्देश्य केवल जीवन-निर्वाह भर की राशि उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिला को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना है।

    हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि रिवीजन कोर्ट सामान्य परिस्थितियों में निचली अदालत द्वारा तय की गई भत्ते की राशि में बदलाव नहीं करती, क्योंकि उसका दायित्व केवल आदेश की वैधानिकता की समीक्षा करना होता है। हालांकि, यदि निचली अदालत का निर्णय गलत तथ्यों पर आधारित हो या महत्वपूर्ण साक्ष्यों की अनदेखी की गई हो, तो हाईकोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है।

    मामले की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि पति का मासिक वेतन 86,674 रुपये है, जबकि विभिन्न कटौतियों के बाद उसके खाते में 67,043 रुपये प्राप्त होते हैं। हाईकोर्ट ने पाया कि फैमिली कोर्ट ने सभी आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किए बिना गुजारा भत्ता निर्धारित कर दिया था। साथ ही, पति ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अपनी संपत्ति और देनदारियों का हलफनामा भी प्रस्तुत नहीं किया था।

    इन्हीं तथ्यों को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को दिए अपने फैसले में पत्नी की याचिका स्वीकार करते हुए मासिक गुजारा भत्ता 20 हजार रुपये निर्धारित किया, जो आवेदन की तारीख से प्रभावी होगा।

  • सतना में खौफनाक कांड : पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कर दी हत्या, 3 महीने बाद मिला कंकाल

    सतना में खौफनाक कांड : पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कर दी हत्या, 3 महीने बाद मिला कंकाल


    सतना । सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र से तीन महीने पहले लापता हुए युवक विपिन कुमार यादव की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस की सघन जांच में सामने आया कि युवक की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही पत्नी आंचल यादव ने अपने प्रेमी सुनील कुशवाहा के साथ मिलकर कराई थी. शादी से पहले से चल रहे प्रेम प्रसंग के कारण दोनों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.

    योजना के मुताबिक प्रेमी सुनील अपने साथी संदीप बहरोलिया के साथ मिलकर विपिन को घुमाने के बहाने ले गया और उसकी हत्या कर दी. आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से शव को पहले एक कुएं में फेंक दिया था, लेकिन जब पुलिस की जांच तेज हुई तो उन्होंने शव को कुएं से निकालकर जमीन में दफन कर दिया था. पुलिस ने कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में दफन किए गए स्थान की खुदाई करवाकर मृतक का शव बरामद कर लिया है. इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी पत्नी आंचल यादव और उसके प्रेमी सुनील कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया है.

    पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को भेजा जेल
    दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है. पुलिस के मुताबिक युवक विपिन यादव 26 मार्च को गायब हो गया था. उसके पिता द्वारा उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी. गुम इंसान की जांच के दौरान थाना प्रभारी को यह तथ्य आए कि उसकी पत्नी टीकर की रहने वाली थी और उसका टीकर के ही एक व्यक्ति के साथ में अवैध संबंध थे.

    शक के आधार पर मृतक की पत्नी को हिरासत में ले लिया गया और कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने पूरा राज उगल दिया. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट से परमिशन लेकर शव उत्खनन की कार्रवाई की गई है. उत्खनन की कार्रवाई के दौरान कंकाल बरामद हुआ है. फिलहाल मामले में महिला और उसके प्रेमी को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद जेल भेज दिया गया है.

  • MP: बॉयफ्रेंड को घर में रखना चाहती है पत्नी…पति ने जान का खतरा बताकर लगाई सुरक्षा की गुहार

    MP: बॉयफ्रेंड को घर में रखना चाहती है पत्नी…पति ने जान का खतरा बताकर लगाई सुरक्षा की गुहार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में एक पति ने अपनी ही पत्नी से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है. पीड़ित पति (Victimized Husband) का आरोप है कि उसकी पत्नी अपने बॉयफ्रेंड (Boyfriend) को घर में साथ रखना चाहती थी. जब उसने इसका विरोध किया तो पत्नी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और घर में रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और बच्चों को लेकर चली गई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

    मामला ग्वालियर के सिकंदर कम्पू इलाके का है. यहां रहने वाले राजकुमार कुशवाह मंगलवार को एसपी ऑफिस में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देते हुए बताया कि साल 2008 में उनकी शादी पूनम कुशवाह से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी. शादी के बाद उनके तीन बेटियां और एक बेटा हुआ.

    राजकुमार का आरोप है कि कुछ समय से उसकी पत्नी का किसी दूसरे युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. उसे इस बात की जानकारी तब हुई जब 22 जनवरी 2026 को उसकी पत्नी बिना बताए घर छोड़कर चली गई. करीब दो महीने बाद मार्च में जब वह वापस लौटी तो पूछताछ में उसने बताया कि वह आशु उर्फ कमल सेन नाम के युवक के साथ थी और अब उसी के साथ रहना चाहती है।

    पीड़ित पति के मुताबिक पत्नी ने उसके सामने ऐसी शर्त रखी जिसे सुनकर वह हैरान रह गया. राजकुमार का कहना है कि उसकी पत्नी ने कहा कि अगर उसे साथ रखना है तो उसका बॉयफ्रेंड भी उसी घर में रहेगा और तीनों एक ही छत के नीचे रहेंगे. जब उसने इसका विरोध किया तो घर में विवाद बढ़ गया।

    राजकुमार ने आरोप लगाया कि 5 मई 2026 को उसकी पत्नी फिर घर छोड़कर चली गई और दोपहर में वापस आने पर उसने झूठे केस में फंसाने और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी. पीड़ित के अनुसार इसी दौरान पत्नी ने उसके सिर पर हमला भी किया. इसके बाद वह घर में रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और अपने चारों बच्चों को लेकर चली गई.


    एसपी ऑफिस पहुंच पति ने मांगी पुलिस सुरक्षा

    पीड़ित पति का कहना है कि जाते-जाते उसकी पत्नी उसे धमकी देकर गई है कि वह उसकी हत्या करवा देगी. इसी डर के चलते वह एसपी ऑफिस पहुंचा और पुलिस से अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की. वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पति द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पत्नी बच्चों समेत घर छोड़कर किन परिस्थितियों में गई. पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला

    MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के कुटुंब न्यायालय (Family Court) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की सगी बहन (Husband’s real Sister) को ही ‘दूसरी पत्नी’ बताकर कोर्ट से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया. महिला ने फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश कर न्यायालय को गुमराह किया और तलाक की डिक्री ले ली।

    जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली तो उसने दस्तावेज खंगाले और सच्चाई सामने आई. अब पति ने इस एकतरफा तलाक को ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट से फैसला लिया. मामले में अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

    दरअसल, यह मामला ग्वालियर की रहने वाली एक 40 साल की महिला का है, साल 1998 में उसकी शादी हुई थी, पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहता था. इसी वजह से दोनों के बीच में विवाद बढ़ता गया और साल 2015 में महिला अलग रहने लगी।

    10 साल से अलग रह रही थी पत्नी
    करीब 10 साल से अलग रह रही महिला किसी भी स्थिति में पति से तलाक लेना चाहती थी. लेकिन पति तलाक देने के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में साल 2021 में महिला ने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई. जिसमें बताया गया कि पति ने दूसरी शादी कर ली है।


    परिवार के साथ था पति, उसी फोटो को बनाया आधार

    पत्नी ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में सबूत के तौर पर एक फोटो पेश किया, जिसमें उसका पति अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खड़ा था. पत्नी ने उस फोटो में मौजूद ननद यानी अपने पति की सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी बता दिया।


    पति को अप्रैल में हुई जानकारी

    ऐसे में कोर्ट ने उसे सबूत मानते हुए महिला को तलाक की डिक्री दे दी. पति को तलाक की जानकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में मिली तो उसने सारा रिकार्ड देखा. तब उसे मालूम हुआ कि पत्नी ने उसकी सगी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एक तरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली थी।

    ऐसे में अब पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में एक तरफा तलाक की डिक्री को चैलेंज किया है. जिसमें पत्नी द्वारा कोर्ट को गुमराह कर धोखे से फैसला लेने की जानकारी दी है. ऐसे में अब हाई कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करेगा।