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  • MP: नर्मदा तट पर पेशाब… भड़के IAS अफसर ने युवक को जड़े थप्पड़, जमीन में गाड़ने की दी धमकी

    MP: नर्मदा तट पर पेशाब… भड़के IAS अफसर ने युवक को जड़े थप्पड़, जमीन में गाड़ने की दी धमकी


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नरसिंहपुर जिले (Narsinghpur district) में नर्मदा नदी (Narmada River) पर बने एक घाट से कुछ दूरी पर एक युवक को पेशाब करता देख एक IAS अधिकारी का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने उसे दो थप्पड़ रसीद कर दिए। इतना ही नहीं उनकी देखादेखी उनके गार्ड ने भी युवक को एक चांटा जड़ दिया। हाथ उठाने वाले अधिकारी की पहचान गजेंद्र नागेश (Gajendra Nagesh) के रूप में हुई है, और इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें नागेश उस युवक को गालियां देते और थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं।

    घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों ने बताया कि युवक घाट के पीछे पेशाब करने के लिए गया था, तभी वहां आरोपी अधिकारी आ पहुंचे और उसे समझाने की बजाय उस पर हाथ उठाया शुरू कर दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने जिस युवक को सरेआम थप्पड़ मारे उसकी पहचान बृजेश नौरिया के रूप में हुई है, जो कि घाट के पास एक जनरल स्टोर्स चलाता है।


    अधिकारी ने कहा- इधर आ लौंडे

    घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वह अधिकारी कहते दिखाई दे रहे हैं, ‘नर्मदाजी के घाट क्या पेशाब करने के लिए हैं। इधर आओ लौंडे।’ इसी बीच वहां खड़ा एक बुजुर्ग पुजारी अपनी परेशानी बताते हुए IAS अधिकारी से कहता है, ‘क्या करें सर, कहां जाएं, कोई व्यवस्था नहीं है।’ तब वह अधिकारी कहते हैं, ‘तो कहीं दूर जाकर करोगे या नर्मदा के घाट पर ही करोगे।’


    ‘हटवाओ इसकी दुकान, फिंकवाओ इसके यहां से’

    इसके बाद अधिकारी उस युवक के पास जाते हैं और कहते हैं, ‘साले वहां पेशाब करने गया था’, इतना कहते ही वे उस पर हाथ उठा देते हैं, और इसके बाद उसका नाम पूछते हुए एकबार फिर उसे जोरदार थप्पड़ मार देते हैं और कहते हैं साले वहां पेशाब करने गया था, इसके बाद वह अपने साथ आए अमले से कहते हैं हटवाओ इसकी दुकान कहां है, फिंकवाओ इसको यहां से, क्या नाम है इसका, ये मुझे दिखना नहीं चाहिए एक महीने तक।’ इसके बाद जब वहां खड़े बुजुर्ग उस अधिकारी को समझाने की कोशिश करते हैं, तो अधिकारी गुस्से में उनसे कहता है, ‘मैं तुम्हें रेत में गड़वा दूंगा, जितना ऊपर दिख रहे हो ना, उतना ही अंदर करवा दूंगा।’

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना शहर के बरमान रेत घाट पर शनिवार को हुई थी, और इसका वीडियो सोमवार को वायरल हो गया। जिसके बाद लोगों में गुस्सा भी फैल गया और वे उस अधिकारी पर युवक का अपमान, पद का दुरुपयोग और दुर्व्यवहार करने जैसे आरोप लगाने लगे।

    उधर अधिकारी ने जिस बुजुर्ग पुजारी को जमीन में गाड़ने की धमकी दी, उनकी पहचान कैलाश चंद्र मिश्रा के रूप में हुई है, जिन्होंने वहां सार्वजनिक शौचालय नहीं होने को लेकर शिकायत की तो अधिकारी ने उन्हें भी डपट दिया था। इसके बाद मिश्रा ने यह भी दावा किया कि उसे वहां सजा भी दी गई और बतौर सजा उठक-बैठक लगाने के लिए मजबूर भी किया गया।

    इस घटना को लेकर जिले के पुजारियों और ब्राह्मण समुदाय के लोगों में भारी नाराजगी है और इसे लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत भी कर दी है। वहीं इलाके के एक पुलिस अधिकारी ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ब्राह्मण समुदाय के 25-30 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आया था और उन्होंने IAS अधिकारी के संबंध एक ज्ञापन भी सौंपा है। उधर IAS अधिकारी ने अपने किए का बचाव करते हुए कहा कि उनका इरादा सिर्फ नदी की पवित्रता की रक्षा करना था।

  • MP: IAS संतोष वर्मा पर एक्शन…. सीएम के निर्देश पर पदों से हटाया, बर्खास्तगी की तैयारी

    MP: IAS संतोष वर्मा पर एक्शन…. सीएम के निर्देश पर पदों से हटाया, बर्खास्तगी की तैयारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने ‘मर्यादाविहीन’ टिप्पणियों (‘Indecent’ comments.) से चर्चा में आए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी संतोष वर्मा (IAS Santosh Verma) पर ‘डबल ऐक्शन’ लिया है। राज्य सरकार ने एक ओर जहां संतोष वर्मा को कृषि विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी पद से हटा (Removed post Deputy Secretary Agriculture Department) दिया है। वहीं, केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजकर संतोष वर्मा को आईएएस सेवा से बर्खास्त करने की भी सिफारिश की है। उन पर फर्जी तरीके से आईएएस में प्रमोशन पाने का आरोप है।

    एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इसके साथ ही मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (जीडीए) ने संतोष वर्मा को कृषि विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी पद से हटाकर बिना विभाग और बिना कार्य के जीडीए से ‘अटैच’ कर दिया है।


    क्या है विवाद

    दरअसल, संतोष वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल में एक कार्यक्रम में एक विवादित बयान देते हुए कहा था, ‘‘जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।’’ उनके इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ और फिर ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया। वर्मा की इस टिप्पणी के बाद से प्रदेश ही नहीं देशभर में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही थी।

    यही नहीं, संतोष वर्मा की टिप्पणी से आक्रोशित 65 ब्राह्मण संगठन एकजुट हो गए और उन्होंने शुक्रवार को मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करने और 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान कर दिया और साथ ही कहा कि इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश बंद की तैयारी की जाएगी।


    हाईकोर्ट पर भी थी टिप्पणी

    इस बीच, संतोष वर्मा की एक और टिप्पणी ने उस वक्त आग में घी डालने का काम किया जब उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह कहा कि ‘‘एसटी वर्ग के बच्चों को सिविल जज कोई और नहीं, बल्कि हाईकोर्ट नहीं बनने दे रहा है… यही हाईकोर्ट है, जिससे हम संविधान के पालन की गारंटी मांगते हैं।’’

    उनकी इस टिप्पणी से जुड़ा वीडियो सामने आते ही विवाद और भड़क गया और सरकार पर दबाव बढ़ा। इसके बाद एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संतोष वर्मा प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जीएडी को सख्त कारवाई के निर्देश दिए। बयान में कहा गया कि संतोष वर्मा ने राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए प्रमोशन फर्जी और जाली आदेश तैयार कर लिया और उनके खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक प्रकरण लंबित है।

    बयान में कहा गया, “फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के आधार पर ली गई आईएएस की पदोन्नति गलत है। अतः आईएएस से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केन्द्र शासन को प्रेषित किया जा रहा है।” इसके कुछ देर बाद ही सरकार ने गुरुवार को केंद्र को यह प्रस्ताव भेज दिया। सरकार ने कहा कि वर्मा के विरुद्ध जाली और फर्जी दस्तावेज के आधार पर संनिष्ठा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के आरोप के लिए विभागीय जांच अंतिम स्तर पर है और वर्तमान प्रकरण में उनके द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का प्रस्तुत जबाव संतोषजनक नहीं है।

    सरकार ने कहा कि उनके द्वारा सतत मर्यादा विहीन बयान जारी किए जा रहे हैं, अतः उन्हें ‘चार्जशीट’ जारी करने का निर्णय लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड तो कर सकती हैं, लेकिन उन्हें बर्खास्त नहीं कर सकती क्योंकि यह शक्ति केन्द्र सरकार के पास होती है, जो राष्ट्रपति के द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद लागू होती है।

    अधिकारियों का कहना है, “MP सरकार ने MP कैडर के IAS अधिकारी संतोष वर्मा को एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के डिप्टी सेक्रेटरी के पद से हटा दिया है, क्योंकि यह पाया गया कि वह धोखाधड़ी से IAS अधिकारी बने थे।” “संतोष वर्मा के खिलाफ जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए डिपार्टमेंटल जांच अपने आखिरी स्टेज में है।”

    “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मध्य प्रदेश के IAS अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मण समुदाय की बेटियों के बारे में दिए गए विवादित बयान पर संज्ञान लिया। उन्होंने GAD को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।”