Tag: IAS transfer

  • मोहन सरकार में अफसरों की कुर्सियों पर बड़ा बदलाव, चार महीने में 22 जिलों के कलेक्टर बदले, पुलिस महकमे में भी व्यापक फेरबदल

    मोहन सरकार में अफसरों की कुर्सियों पर बड़ा बदलाव, चार महीने में 22 जिलों के कलेक्टर बदले, पुलिस महकमे में भी व्यापक फेरबदल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने पिछले 120 दिनों के दौरान प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। जुलाई से अक्टूबर के बीच प्रदेश के 22 जिलों में कलेक्टरों की पदस्थापना बदली गई जबकि 12 जिलों में पुलिस अधीक्षकों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इन फेरबदलों के बीच जहरीली शराब से हुई मौतें किसान आंदोलन मुआवजे को लेकर विरोध और प्रशासनिक स्तर पर सामने आए विवाद चर्चा में रहे हैं। हालांकि सभी तबादलों को किसी एक घटना से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा क्योंकि प्रत्येक नियुक्ति के पीछे अलग प्रशासनिक परिस्थितियां भी हो सकती हैं।

    नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने 23 जुलाई को कार्यभार संभाला था। इसके बाद प्रदेश में कलेक्टरों की पदस्थापना में लगातार बदलाव देखने को मिले। कुछ जिलों में गंभीर घटनाओं के बाद अधिकारियों को हटाया गया तो कुछ स्थानों पर प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर नई नियुक्तियां की गईं। इस पूरी प्रक्रिया में सरकार ने कई अधिकारियों को एक जिम्मेदारी से हटाकर दूसरी जगह महत्वपूर्ण पदों पर भी तैनात किया है।

    जहरीली शराब से मौतों के मामलों के बाद सागर और देवास में प्रशासनिक बदलाव विशेष रूप से चर्चा में रहे। सागर जिले की बंडा तहसील में सितंबर के दौरान जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच आयोग गठित किया था और स्वयं भी सागर पहुंचे थे। घटना के समय कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को तत्काल नहीं हटाया गया था लेकिन 27 अक्टूबर को जारी तबादला आदेश में कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया को नई जिम्मेदारियां दे दी गईं। सागर में दिलीप कुमार यादव को कलेक्टर और संजीव कुमार सिन्हा को एसपी बनाया गया।

    देवास जिले में भी जहरीली शराब से मौतों के बाद प्रशासनिक बदलाव किए गए। यहां कलेक्टर ऋतुराज और एसपी पुनीत गहलोत को हटाया गया। देवास की नई कलेक्टर नेहा मीना को बनाया गया जो इससे पहले सिवनी जिले की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। सिवनी में अंजू अरुण कुमार को कलेक्टर नियुक्त किया गया जबकि देवास के एसपी पद पर बालाघाट के तत्कालीन एसपी आदित्य मिश्रा को भेजा गया। इन बदलावों के बाद दोनों जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नई जिम्मेदारियां तय की गईं।

    कलेक्टरों के फेरबदल का एक बड़ा दौर 13 अक्टूबर को देखने को मिला था। उस दिन जारी आदेश में पन्ना मऊगंज जबलपुर नर्मदापुरम हरदा सिंगरौली बालाघाट शाजापुर बुरहानपुर भिंड और रायसेन सहित 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए थे। इससे पहले और बाद में भी कई जिलों में अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई। इन बदलावों के जरिए अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया।

    पुलिस विभाग में भी जुलाई से अक्टूबर के बीच लगातार फेरबदल हुए। शाजापुर शहडोल टीकमगढ़ और श्योपुर सहित कई जिलों में एसपी बदले गए। 27 अक्टूबर के आदेश में सागर और देवास के पुलिस अधीक्षकों की पदस्थापना बदली गई जबकि 28 अक्टूबर को नर्मदापुरम अलीराजपुर पन्ना बैतूल और हरदा में नई नियुक्तियां की गईं। इस तरह पुलिस महकमे में भी बड़े स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गईं।

    इन तबादलों का एक अहम पहलू यह है कि कुछ अधिकारियों को विवादों या गंभीर घटनाओं के बाद फील्ड पोस्टिंग से हटाया गया लेकिन बाद में उन्हें दूसरी जगह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी मिली। कुमार सत्यम दिलीप कुमार यादव और रोहित सिसोनिया के मामले इसी संदर्भ में चर्चा में रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अधिकारियों को हटाने के बाद सरकार ने कुछ मामलों में उन्हें दोबारा महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपीं।

    कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में पिछले चार महीनों के दौरान हुए प्रशासनिक और पुलिस फेरबदल ने सरकारी व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तस्वीर पेश की है। जहरीली शराब से मौतें किसान आंदोलन और मुआवजे से जुड़े विवाद इस अवधि में चर्चा के प्रमुख विषय रहे। अब इन बदलावों के बाद संबंधित जिलों में प्रशासनिक कामकाज कानून व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान पर कितना असर पड़ता है यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा।

  • यूपी में 15 IAS अफसरों के तबादले: जौनपुर-मऊ के CDO बदले, पंचायती राज से मेडिकल सप्लाई तक नई जिम्मेदारियां

    यूपी में 15 IAS अफसरों के तबादले: जौनपुर-मऊ के CDO बदले, पंचायती राज से मेडिकल सप्लाई तक नई जिम्मेदारियां


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 15 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। तबादला सूची में जौनपुर और मऊ के मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है।

    शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जौनपुर के मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खांडिया का तबादला कर उन्हें मऊ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। वहीं मऊ के CDO विवेक कुमार श्रीवास्तव को राजस्व परिषद, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    नरेंद्र बहादुर सिंह होंगे जौनपुर के नए CDO

    जौनपुर में अब नरेंद्र बहादुर सिंह मुख्य विकास अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले वह लखीमपुर खीरी में अपर जलाधिकारी (वित्त/राजस्व) के पद पर तैनात थे। शासन के इस फेरबदल के बाद जौनपुर और मऊ, दोनों जिलों के विकास प्रशासन में नए अधिकारियों की तैनाती हो गई है।

    पंचायती राज से चिकित्सा शिक्षा तक बदलाव

    तबादला सूची में कई अन्य विभागों के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अमित कुमार सिंह को निदेशक, पंचायती राज के पद से हटाकर प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ बनाया गया है। वहीं प्रकाश बिंदु को प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ के पद से स्थानांतरित कर सचिव, चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।

    इसी क्रम में डॉ. उज्ज्वल कुमार को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर विशेष सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया गया है।

    वहीं जे. रिभा को विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म के पद से स्थानांतरित कर प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    शासन के इस प्रशासनिक फेरबदल में पंचायती राज, चिकित्सा शिक्षा, भूतत्व एवं खनिकर्म, मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन समेत कई विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

  • IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना से बदली अहम मंत्रालयों की कमान नरेंद्र भूषण पर्यावरण मंत्रालय के सचिव नियुक्त

    IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना से बदली अहम मंत्रालयों की कमान नरेंद्र भूषण पर्यावरण मंत्रालय के सचिव नियुक्त


    नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS के दो वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। प्रशासनिक स्तर पर हुए इस बदलाव के तहत 1992 बैच के IAS अधिकारी नरेंद्र भूषण को पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं 1995 बैच के अधिकारी दिलीप कुमार को ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग में सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना के साथ केंद्र सरकार के दो महत्वपूर्ण विभागों में प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव हुआ है।
    नरेंद्र भूषण इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव तन्मय कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद किया गया है। तन्मय कुमार 1993 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी थे और 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए। उनके कार्यकाल के बाद पर्यावरण मंत्रालय में सचिव के पद पर नरेंद्र भूषण की नियुक्ति की गई है।

    नरेंद्र भूषण के पास प्रशासनिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में काम करने का अनुभव है। भूमि संसाधन विभाग में सचिव के तौर पर उनकी जिम्मेदारी के दौरान भूमि प्रबंधन और उससे जुड़े प्रशासनिक विषयों से संबंधित कामकाज उनके अधीन रहा। अब नई भूमिका में उनके सामने पर्यावरण संरक्षण वन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर मंत्रालय के प्रशासनिक कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

    इसी प्रशासनिक फेरबदल में दिलीप कुमार को भी नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। 1995 बैच के IAS अधिकारी दिलीप कुमार फिलहाल कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में महानिदेशक प्रशिक्षण के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग का सचिव बनाया गया है। वह नरेंद्र भूषण का स्थान लेंगे और विभाग के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    भूमि संसाधन विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। भूमि से संबंधित नीतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ भूमि रिकॉर्ड में सुधार और भूमि संसाधन प्रबंधन जैसे विषय इसके कामकाज का हिस्सा हैं। ऐसे में दिलीप कुमार की नई नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। उनके सामने विभाग की मौजूदा योजनाओं और कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

    केंद्र सरकार में वरिष्ठ IAS अधिकारियों की नियुक्तियां प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा होती हैं। अलग अलग मंत्रालयों और विभागों में अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर सरकार अपने कामकाज को आगे बढ़ाती है। इस ताजा बदलाव में भी दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके अनुभव के अनुरूप महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।

    एक ओर नरेंद्र भूषण अब पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सचिव के रूप में काम करेंगे तो दूसरी ओर दिलीप कुमार भूमि संसाधन विभाग में सचिव की भूमिका संभालेंगे। दोनों नियुक्तियों के साथ संबंधित मंत्रालयों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया क्रम प्रभावी हो गया है। यह बदलाव 30 सितंबर को तन्मय कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद सामने आया है और केंद्र सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर इसे महत्वपूर्ण पदस्थापना के तौर पर देखा जा रहा है।

  • मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 29 IAS अधिकारियों के तबादले, भोपाल-रीवा को मिले नए कमिश्नर

    मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 29 IAS अधिकारियों के तबादले, भोपाल-रीवा को मिले नए कमिश्नर


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 29 आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश में भोपाल और रीवा संभाग के आयुक्तों सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस प्रशासनिक पुनर्संरचना को आगामी नीतिगत और प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सरकार ने भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह और रीवा संभाग के आयुक्त बाबू सिंह जामोद को उनके पदों से हटाकर मंत्रालय में नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। अब कर्मवीर शर्मा को भोपाल संभाग का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि शैलेंद्र सिंह को रीवा संभाग की कमान सौंपी गई है। इन दोनों अधिकारियों की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री सचिवालय में भी बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार सिंह को उनके पद से हटाकर पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक मुद्रांक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री सचिवालय को राज्य शासन की सबसे प्रभावशाली इकाइयों में गिना जाता है।

    इस फेरबदल में जबलपुर नगर निगम के अपर आयुक्त अरविंद कुमार शाह का नाम भी चर्चा में रहा। हाल ही में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के साथ विवाद के बाद उनका तबादला कर दिया गया है। हालांकि सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

    राज्य सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। बाबू सिंह जामोद को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है। मुकेश चंद्र गुप्ता को जेल विभाग का प्रमुख सचिव, डॉ. ई. रमेश कुमार को राजस्व विभाग का प्रमुख सचिव तथा विवेक कुमार पोरवाल को खनिज साधन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है।

    इस सूची में एक और महत्वपूर्ण नाम अमन वीर सिंह का है। पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के पुत्र अमन वीर सिंह पर सरकार ने भरोसा जताते हुए उन्हें ओएसडी सह आयुक्त कोष एवं लेखा तथा पदेन अपर सचिव वित्त विभाग की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले वे ऊर्जा विकास निगम में प्रबंध संचालक के रूप में कार्यरत थे।

    वित्त विभाग और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। अपर सचिव वित्त रोहित सिंह को मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उनके पास स्कूल शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वहीं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर्षिका सिंह को बजट संचालक नियुक्त किया गया है।

    प्रशासनिक फेरबदल के दौरान शैलेंद्र सिंह की नियुक्ति भी चर्चा में रही। हाल ही में उनके ‘वॉश ऑन व्हील्स’ नवाचार को लेकर आईएएस एसोसिएशन के समूह में चर्चा और विवाद की स्थिति बनी थी। बाद में मुख्य सचिव ने उनके कार्यों की सराहना की थी। अब उन्हें नगरीय विकास विभाग के सचिव पद से हटाकर रीवा संभाग का आयुक्त बनाया गया है।

    इसके अलावा सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। मनु श्रीवास्तव को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। गुलशन बामरा को अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि अनिरुद्ध मुखर्जी को पर्यावरण विभाग और एपको की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

    राज्य सरकार का यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे आगामी रणनीतिक बदलावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

  • मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर

    मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 26 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार रात आदेश जारी कर नई पदस्थापनाएं तय कीं। इस फेरबदल में 14 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, जिन आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है, उनमें 14 जिलों के कलेक्टरों को इधर से उधर किया गया है।
    इनमें धार जिले के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि मौजूदा भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद के साथ आयुक्त सह-संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग की पदेन सचिव शिल्पा गुप्ता को हटाकर गृह विभाग में सचिव बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह पर गृह विभाग में सचिव अभिषेक सिंह को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय पदस्थ किया गया है।

    महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटाकर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है।

    संभाग स्तर पर भी बदलाव

    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है। वहीं, शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है, जबकि उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव पदस्थ किया गया है। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    अन्य जिलों में भी फेरबदल

    इसके अलावा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है।

    इसी प्रकार श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।