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  • Gold Price Today: सोने की कीमतों में फिर आई बड़ी नरमी, MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक टूटे भाव; शहरवार देखें नए रेट

    Gold Price Today: सोने की कीमतों में फिर आई बड़ी नरमी, MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक टूटे भाव; शहरवार देखें नए रेट

    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते उतार-चढ़ाव और निवेशकों की बदली रणनीति का असर सोमवार को घरेलू सर्राफा बाजार में भी देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई, जिससे लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कीमती धातु दबाव में रही। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और सुरक्षित निवेश की मांग में आई कमी के कारण सोने के भाव नरम बने हुए हैं। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है, जहां 24 कैरेट से लेकर 10 कैरेट तक लगभग सभी श्रेणियों के सोने की कीमतों में कमी दर्ज की गई।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 24 कैरेट सोने के वायदा भाव में लगभग 0.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान प्रति 10 ग्राम कीमत में 1,300 रुपये से अधिक की कमी देखने को मिली। वहीं सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतें दबाव में रहीं। दिनभर के कारोबार में भावों में उतार-चढ़ाव देखने के बाद शाम तक कीमतें सुबह के मुकाबले नीचे रहीं। इससे स्पष्ट है कि बाजार में फिलहाल खरीदारी की गति कमजोर बनी हुई है।

    शुद्धता के आधार पर देखें तो 24 कैरेट सोना करीब 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता रहा, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.31 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रही। 18 कैरेट सोने के दाम भी एक लाख रुपये से ऊपर बने रहे। इसके अलावा 20, 16, 14, 12 और 10 कैरेट श्रेणियों में भी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसका लाभ उन उपभोक्ताओं को मिल सकता है जो निकट भविष्य में आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं।

    देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में समान रुख देखने को मिला। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, जयपुर, पटना, इंदौर, अहमदाबाद, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु सहित अधिकांश शहरों में 24 कैरेट सोने के भाव में नरमी रही। हालांकि विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और बाजार की परिस्थितियों के कारण कीमतों में मामूली अंतर बना रहा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर फिलहाल सोने की चाल पर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती, अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की बदलती धारणा और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में नरमी के कारण सोने में सुरक्षित निवेश की मांग कुछ कम हुई है। इसी वजह से वैश्विक बाजार में भी सोना दबाव में बना हुआ है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर लगातार पड़ रहा है।

    इंडियन बुलियन बाजार में दिनभर के दौरान भी कीमतों में कई बार बदलाव दर्ज किया गया। सुबह के मुकाबले दोपहर में कुछ तेजी दिखाई दी, लेकिन कारोबार समाप्त होने तक फिर गिरावट दर्ज हो गई। इससे साफ है कि बाजार अभी भी अस्थिर बना हुआ है और निवेशक नई आर्थिक परिस्थितियों का इंतजार कर रहे हैं।

    पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में भी सोने के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना भी महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया, जिससे घरेलू बाजार पर दबाव और बढ़ गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर की चाल, वैश्विक ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के आधार पर सोने की दिशा तय होगी। ऐसे में निवेशकों और आभूषण खरीदारों को बाजार की चाल पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

  • चांदी ₹6,667 लुढ़की, ₹2.34 लाख पर आई; सोना ₹2,903 गिरकर ₹1.51 लाख, 4 दिन में बड़ी गिरावट

    चांदी ₹6,667 लुढ़की, ₹2.34 लाख पर आई; सोना ₹2,903 गिरकर ₹1.51 लाख, 4 दिन में बड़ी गिरावट


    नई दिल्ली । सोना-चांदी की कीमतों में आज 17 फरवरी को लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। India Bullion and Jewellers Association IBJA के अनुसार, एक किलो चांदी 6,667 रुपए गिरकर ₹2.34 लाख पर आ गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,903 रुपए सस्ता होकर ₹1.51 लाख पर पहुंच गया है।

    पिछले चार कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में कुल ₹32 हजार की गिरावट आई है। 29 जनवरी को चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया था। तब से अब तक इसमें ₹1.51 लाख की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। सोना भी दबाव में है। चार दिनों में यह करीब ₹6 हजार सस्ता हुआ है। 29 जनवरी को 10 ग्राम सोना ₹1.76 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, जो अब तक ₹25 हजार तक टूट चुका है।

    हालांकि साल 2025 के पूरे आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर अलग दिखती है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76 हजार था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर ₹1.33 लाख हो गयायानी सालभर में ₹57 हजार करीब 75% की तेजी। इसी अवधि में चांदी ₹86 हजार प्रति किलो से बढ़कर ₹2.30 लाख हो गई, यानी ₹1.44 लाख करीब 167% की उछाल।

    अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों?

    ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी लागत: आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ईंधन और सुरक्षा खर्च बढ़ता है, जिससे स्थानीय रेट प्रभावित होते हैं। खपत और बल्क खरीद: दक्षिण भारत में करीब 40% खपत होने से ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीद करते हैं, जिससे उन्हें छूट मिलती है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य के अपने एसोसिएशन होते हैं, जो मांग-सप्लाई के आधार पर स्थानीय रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स ने स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, इसका असर भी बिक्री मूल्य पर पड़ता है।

    सोना खरीदते समय रखें ध्यान

    हमेशा Bureau of Indian Standards BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। खरीद से पहले IBJA या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से रेट क्रॉस-चेक करें।

    असली चांदी की पहचान के तरीके

    मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट: असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आना शुद्धता का संकेत हो सकता है। इसी बीच Morgan Stanley की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में करीब 34,600 टन सोना जमा है, जिसकी कुल वैल्यू देश की GDP से भी ज्यादा आंकी गई है।

  • चांदी में गिरावट ₹1,486, सोना बढ़ा ₹1,333; निवेशकों में खरीदारी का रुझान

    चांदी में गिरावट ₹1,486, सोना बढ़ा ₹1,333; निवेशकों में खरीदारी का रुझान


    नई दिल्ली। 16 फरवरी 2026 को चांदी की कीमत में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन IBJA के अनुसार, एक किलो चांदी 1,486 रुपए सस्ती होकर ₹2,40,947 पर आ गई है। शुक्रवार को यह ₹2,42,433 प्रति किलो था। 18 दिनों में चांदी की कीमत में कुल ₹1,44,986 की गिरावट हो चुकी है।

    वहीं, सोने में बढ़त देखी गई है। आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,333 महंगा होकर ₹1,54,098 पर पहुंच गया। शुक्रवार को सोने का भाव ₹1,52,765 प्रति 10 ग्राम था। पिछले तीन कारोबारी दिनों में सोना ₹3,224 और चांदी ₹25,502 सस्ता हुआ था। 29 जनवरी को सर्राफा बाजार में सोने ने ₹1,76,121 और चांदी ने ₹3,85,933 का ऑल टाइम हाई बनाया था। तब से अब तक सोने की कीमत में ₹22,023 और चांदी में ₹1,44,986 की गिरावट आई है।

    शहरों में अलग-अलग रेट क्यों?

    IBJA के रेट्स में 3% GST, ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज और मार्जिन शामिल नहीं होता, इसलिए विभिन्न शहरों में कीमतें अलग हो सकती हैं। RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने में इन रेट्स का उपयोग करते हैं।

    निवेशक खरीदारी में सक्रिय

    सोने-चांदी में हालिया गिरावट के बाद निवेशक निचले स्तर पर खरीदारी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी एकमुश्त निवेश की बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर होगा।

    सोना खरीदते समय ध्यान रखें:

    सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड लें, जो अल्फान्यूमेरिक नंबर जैसे AZ4524 के साथ आता है। कीमत क्रॉस चेक करें खरीद के दिन सही वजन और 24, 22 या 18 कैरेट के हिसाब से कीमत की पुष्टि करें। चांदी और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए अवसर और सावधानी दोनों का संकेत है।

  • IBJA रिपोर्ट: चांदी और सोने ने तोड़े रिकॉर्ड, निवेशकों के लिए नई रफ्तार

    IBJA रिपोर्ट: चांदी और सोने ने तोड़े रिकॉर्ड, निवेशकों के लिए नई रफ्तार


    नई दिल्ली।देश के सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन IBJA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी ने साल 2025 में 165 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की और 26 दिसंबर को यह ₹2,28,107 प्रति किलो पर पहुंच गई। 19 दिसंबर को चांदी ₹2,00,336 प्रति किलो पर थी, जो मात्र एक हफ्ते में 27,771 रुपए की तेज वृद्धि दर्शाती है। यह लगातार पांचवां सप्ताह है जब चांदी में मजबूती देखने को मिली है।हफ्तेभर के कारोबार में चांदी ने चार बार नया ऑल टाइम हाई बनाया। शुक्रवार को यह ₹9,124 की एकदिनी तेजी के साथ बंद हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी केवल सट्टा नहीं, बल्कि मजबूत मांग और वैश्विक आर्थिक कारकों का नतीजा है।

    सोने की कीमतों में भी उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। 19 दिसंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,31,779 पर था, जो 26 दिसंबर को बढ़कर ₹1,37,956 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का उच्चतम स्तर है। घरेलू सोने की कीमतों में यह बढ़त न सिर्फ स्थानीय मांग बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों से भी प्रभावित मानी जा रही है।साल 2025 की शुरुआत के आंकड़े देखें तो 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था। इसका मतलब है कि सोने में इस साल 81 प्रतिशत की बढ़त हुई। वहीं, चांदी ₹86,017 प्रति किलो से बढ़कर ₹2,28,107 प्रति किलो पर पहुंच गई, यानी सालाना आधार पर 165 प्रतिशत की तेज वृद्धि।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला, अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती के संकेतों से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोना निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन गया। दूसरा, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत किया। तीसरा, चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोने की खरीद कर रहे हैं।चांदी की कीमतों में उछाल की वजहें थोड़ी अलग हैं। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ती खपत ने औद्योगिक मांग को बढ़ा दिया है। इसके अलावा, अमेरिका में संभावित टैरिफ के डर से कंपनियां चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं। मैन्युफैक्चरर्स भी संभावित उत्पादन बाधा के चलते अग्रिम खरीद कर रहे हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बना है।

    IBJA की दरों में GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होते। इसलिए अलग-अलग शहरों में कीमतों में थोड़ी भिन्नता देखी जा सकती है। यही दरें RBI के सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंकों के गोल्ड लोन के लिए आधार बनती हैं।विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक इस तेजी को ध्यान में रखते हुए सोने और चांदी में निवेश की रणनीति बनाएं। खासकर चांदी में लगातार पांचवे सप्ताह तक मजबूती ने निवेशकों और ज्वेलर्स दोनों का ध्यान आकर्षित किया है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और औद्योगिक मांग को देखते हुए, आने वाले हफ्तों में कीमती धातुओं की कीमतों में और उछाल की संभावना भी बनी हुई है।