Tag: ICC Rules

  • उस्मान तारिक के स्टॉप एंड पॉज एक्शन पर संग्राम, अश्विन का समर्थन, आकाश चोपड़ा ने उठाए तकनीकी सवाल

    उस्मान तारिक के स्टॉप एंड पॉज एक्शन पर संग्राम, अश्विन का समर्थन, आकाश चोपड़ा ने उठाए तकनीकी सवाल


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक इन दिनों अपने अनोखे स्टॉप एंड पॉज और साइड-आर्म बॉलिंग एक्शन को लेकर क्रिकेट जगत में बहस के केंद्र में हैं। कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले उनके एक्शन पर चर्चा तेज हो गई है। जहां इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने उनके गेंद डालते समय रुकने की शैली को संदिग्ध बताया वहीं भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलकर तारिक का समर्थन किया है और इसे नियमों के दायरे में बताया है।

    तारिक ने अभी तक केवल चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं लेकिन 11 विकेट लेकर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। प्रोफेशनल टी20 करियर में 42 मैचों में 70 विकेट उनके प्रभाव का प्रमाण हैं। खासकर धीमी पिचों पर उनका अंदाज बल्लेबाजों को असहज कर देता है। अमेरिका के बल्लेबाज मिलिंद कुमार जैसे खिलाड़ी भी उनकी गेंदों के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए। कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम की धीमी सतह पर वे आक्रामक भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं।

    तारिक के गेंद डालने से पहले हल्का रुकने या पॉज लेने की आदत ने विवाद को जन्म दिया है। केविन पीटरसन ने इसे अवैध करार देने की बात कही लेकिन अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया कि किसी भी गेंदबाज के एक्शन की वैधता का फैसला केवल आईसीसी के बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर में ही हो सकता है। अश्विन ने 15 डिग्री नियम का जिक्र करते हुए कहा कि गेंदबाज अपनी कोहनी को निर्धारित सीमा से अधिक सीधा नहीं कर सकता लेकिन मैदान पर खड़े अंपायर के लिए इसे सटीक रूप से आंक पाना लगभग असंभव है। उनके मुताबिक यह एक ग्रे एरिया है और जब तक वैज्ञानिक परीक्षण में एक्शन गलत साबित न हो तब तक किसी पर आरोप लगाना ठीक नहीं।

    अश्विन ने यह भी कहा कि अगर क्रीज पर रुकना किसी गेंदबाज की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है तो वह पूरी तरह वैध है। बल्लेबाज के ट्रिगर मूवमेंट का इंतजार करना या लय में बदलाव करना रणनीति का हिस्सा हो सकता है इसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व टीम प्रदर्शन विश्लेषक प्रसन्ना अघोरम ने भी तारिक का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से तारिक चकिंग नहीं कर रहे हैं और उनके एक्शन को पहले भी दो बार हरी झंडी मिल चुकी है। उनका मानना है कि अगर दोबारा जांच भी हुई तो एक्शन सही ही पाया जाएगा।

    हालांकि भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक दिलचस्प तकनीकी सवाल उठाया है। उन्होंने पॉज को गलत नहीं बताया लेकिन पूछा कि यदि रन-अप से खास मोमेंटम नहीं बन रहा तो बिना हाथ मोड़े कुछ गेंदों पर 20-25 किमी प्रति घंटे की अतिरिक्त रफ्तार कैसे पैदा हो रही है? उनका सवाल नियमों से ज्यादा तकनीकी विश्लेषण पर केंद्रित है।पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने भी स्पष्ट किया कि तारिक का एक्शन अलग जरूर है लेकिन अवैध नहीं।

    उनके अनुसार चूंकि वह हर गेंद लगभग एक ही तरीके से डालते हैं और बांह में कोई संदिग्ध सीधापन नहीं दिखता इसलिए इसे नियमों के खिलाफ नहीं कहा जा सकता।कुल मिलाकर उस्मान तारिक का अनोखा एक्शन क्रिकेट जगत में चर्चा जरूर छेड़ रहा है लेकिन फिलहाल विशेषज्ञों की राय उन्हें नियमों के दायरे में ही रखती है। अब सबकी निगाहें मैदान पर उनके प्रदर्शन पर टिकी होंगी जो इस बहस को नई दिशा दे सकता है।

  • पाकिस्तान का 'बॉयकॉट' ड्रामा: मैदान पर न आने की जिद, फिर भी 15 फरवरी को कोलंबो में टॉस के लिए उतरेगी टीम इंडिया; जानें ICC का नियम

    पाकिस्तान का 'बॉयकॉट' ड्रामा: मैदान पर न आने की जिद, फिर भी 15 फरवरी को कोलंबो में टॉस के लिए उतरेगी टीम इंडिया; जानें ICC का नियम


    नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने 1 फरवरी को अचानक यह ऐलान कर सबको चौंका दिया कि उनकी टीम टी20 विश्व कप 2026 में तो हिस्सा लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का ‘बॉयकॉट’ करेगी। पाकिस्तान के इस अड़ियल रुख के बावजूद भारतीय टीम अपने शेड्यूल के अनुसार कोलंबो रवाना होगी। इसके पीछे की वजह कोई समझौता नहीं बल्कि आईसीसी  के कड़े नियम और प्रोटोकॉल हैं।

    मैदान पर क्यों जाना होगा टीम इंडिया को? आईसीसी के नियमों के मुताबिक यदि कोई एक टीम मैच खेलने से मना कर देती है तो दूसरी टीम को वाकओवरके जरिए पूरे 2 अंक हासिल करने के लिए निर्धारित समय पर मैदान पर मौजूद रहना अनिवार्य है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय टीम सभी प्रोटोकॉल का पालन करेगी। टीम इंडिया कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम पहुँचेगी अभ्यास सत्र में हिस्सा लेगी और आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेगी। मैच के दिन कप्तान रोहित शर्मा टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे और यदि पाकिस्तान की टीम वहां नहीं पहुँचती है तो मैच रेफरी आधिकारिक तौर पर भारत को विजेता घोषित कर अंक प्रदान करेंगे।

    पाकिस्तान पर मंडरा रहा है कड़ा प्रतिबंध पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ न खेलने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है जबकि वे श्रीलंका में अन्य टीमों के खिलाफ खेलने को तैयार हैं। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था जिसे आईसीसी और अन्य सदस्य देश पचा नहीं पा रहे हैं। इस ‘मनमानी’ के लिए आईसीसी पाकिस्तान पर 5 बड़े प्रतिबंध लगा सकती है:

    भारी जुर्मानापीसीबी पर करोड़ों का वित्तीय दंड। पॉइंट्स की कटौतीवर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में अंकों का नुकसान। रैंकिंग पर असरआईसीसी रैंकिंग से टीम को हटाना या अंक कम करना।  पर संकटपाकिस्तान सुपर लीग में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर पाबंदी। द्विपक्षीय सीरीज का बहिष्कारअन्य देशों द्वारा पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने से इनकार।

    आईसीसी की चेतावनी आईसीसी ने आधिकारिक बयान जारी कर पीसीबी को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की चेतावनी दी है। सूत्रों का कहना है कि अगर पाकिस्तान अपने स्टैंड पर कायम रहता है तो उसे वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच से हाथ धोना पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय टीम का रुख साफ है वे खेल के नियमों का पालन करेंगे और 15 फरवरी को कोलंबो के मैदान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

  • टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही पाकिस्तान को लेकर सस्पेंस और विवाद दोनों बने हुए हैं. एक तरफ पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में खेलना अभी तक पूरी तरह कन्फर्म नहीं है, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के समर्थन में उसके संभावित कदमों ने आईसीसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में उतरता है तो वह बांग्लादेश के समर्थन में काली पट्टी बांधकर खेल सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसा करना ICC के नियमों के खिलाफ होगा और अगर हां, तो पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई हो सकती है.

    ICC के नियम क्या कहते हैं

    आईसीसी के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी या टीम बिना पूर्व अनुमति इंटरनेशनल मैच में काली पट्टी या किसी तरह का प्रतीक पहनती है, तो इसे नियमों के विरुद्ध माना जाएगा. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. 2023 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा को बिना अनुमति काली पट्टी पहनने पर आईसीसी की ओर से सख्त चेतावनी दी गई थी.

    पाकिस्तान पर क्या हो सकता है एक्शन

    अगर पाकिस्तान की टीम बिना अनुमति काली पट्टी पहनती है, तो पहली बार में आईसीसी फटकार या चेतावनी दे सकती है. इसे ‘अन्य उल्लंघन’ की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, अगर नियमों का दोबारा उल्लंघन हुआ तो खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर स्थिति में टीम पर और भी सख्त कार्रवाई संभव है.

    बांग्लादेश मुद्दे पर पाकिस्तान का खुला समर्थन

    दरअसल, सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार करने के बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. इस फैसले से पाकिस्तान नाखुश है और वह लगातार बांग्लादेश के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही अपनी टीम का ऐलान कर दिया हो, लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि टूर्नामेंट में खेलने का अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.

    काली पट्टी पहनना क्यों बना चर्चा का विषय

    कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप के दौरान काली पट्टी पहनकर उतर सकता है. आमतौर पर काली पट्टी विरोध या शोक का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे पहनना नियमों के खिलाफ माना जाता है. आईसीसी के क्लोथिंग और इक्विपमेंट नियम खिलाड़ियों को बिना अनुमति किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं देते.