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  • देश की शीर्ष कंपनियों के मार्केट वैल्यू में भारी उतार-चढ़ाव, ICICI बैंक सबसे आगे, रिलायंस-एचडीएफसी समेत कई दिग्गजों ने बढ़ाया बाजार पूंजीकरण

    देश की शीर्ष कंपनियों के मार्केट वैल्यू में भारी उतार-चढ़ाव, ICICI बैंक सबसे आगे, रिलायंस-एचडीएफसी समेत कई दिग्गजों ने बढ़ाया बाजार पूंजीकरण


    नई दिल्ली ।
    देश के शेयर बाजार में बीते सप्ताह उतार-चढ़ाव के बीच बड़ी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। इस दौरान शीर्ष 10 कंपनियों में से छह कंपनियों ने संयुक्त रूप से 88,678.1 करोड़ रुपए से अधिक की बढ़त दर्ज की, जबकि चार कंपनियों के मार्केटकैप में गिरावट भी सामने आई। बाजार के इस मिश्रित रुझान में आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़ा लाभ हासिल करने वाली कंपनी रही।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर के निवेशकों के लिए यह सप्ताह महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि कुछ टेलीकॉम और आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में दबाव देखने को मिला। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 29,588.75 करोड़ रुपए बढ़कर 9,95,610.74 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जिससे यह सप्ताह का सबसे बड़ा गेनर बनकर उभरा।

    एचडीएफसी बैंक ने भी मजबूत प्रदर्शन किया और इसका बाजार पूंजीकरण 24,718.3 करोड़ रुपए बढ़कर 12,25,981.44 करोड़ रुपए हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केटकैप में 12,043.96 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज हुई और इसका कुल मूल्यांकन 17,83,926.92 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। बजाज फाइनेंस ने भी 11,580.28 करोड़ रुपए की बढ़त के साथ 6,10,081.53 करोड़ रुपए का स्तर हासिल किया।

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के बाजार पूंजीकरण में 9,322.93 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज हुई और यह 9,64,738 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वहीं एलएंडटी ने भी 1,423.88 करोड़ रुपए की हल्की बढ़त के साथ अपना बाजार मूल्यांकन मजबूत किया।

    इसके विपरीत, कुछ बड़ी कंपनियों के मार्केटकैप में गिरावट देखने को मिली। भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 35,615.21 करोड़ रुपए घटकर 11,27,348.09 करोड़ रुपए पर आ गया। लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) में 21,188.74 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज हुई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केटकैप 11,143.71 करोड़ रुपए कम होकर 7,58,206.42 करोड़ रुपए रह गया, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का मूल्यांकन 5,321.83 करोड़ रुपए घटकर 5,10,624.92 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

    बीते सप्ताह सेंसेक्स में 0.39 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.18 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 24,056 पर बंद हुआ। बाजार में यह हल्की बढ़त वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों की सक्रियता के कारण देखने को मिली।

    आगामी सप्ताह को लेकर बाजार की नजरें कई अहम कारकों पर टिकी रहेंगी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत निवेशकों के लिए प्रमुख संकेतक होगी। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिए हैं कि दोनों देश एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं, जिससे बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है।

    इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियां और घरेलू आर्थिक आंकड़े भी बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कुल मिलाकर आने वाला सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए अत्यंत निर्णायक साबित हो सकता है, जिसमें वैश्विक और घरेलू दोनों कारक मिलकर निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करेंगे।

  • शेयर बाजार की तेजी से निवेशकों की बल्ले-बल्ले, टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू ₹1.90 लाख करोड़ बढ़ी, ICICI बैंक बना सबसे बड़ा लाभार्थी

    शेयर बाजार की तेजी से निवेशकों की बल्ले-बल्ले, टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू ₹1.90 लाख करोड़ बढ़ी, ICICI बैंक बना सबसे बड़ा लाभार्थी

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह दर्ज की गई मजबूत तेजी का सीधा फायदा देश की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों को मिला। बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, वैश्विक माहौल में सुधार और वित्तीय क्षेत्र में मजबूत खरीदारी के चलते देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से 8 के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में लगभग 1.90 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों ने बाजार की तेजी का नेतृत्व किया, जबकि कुछ चुनिंदा कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट भी देखने को मिली।

    सप्ताह के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,284.61 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मजबूती दिखाते हुए 256.2 अंक ऊपर चढ़ा। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि की और बड़ी कंपनियों के मूल्यांकन को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में मदद की।

    सबसे अधिक लाभ ICICI बैंक को हुआ, जिसका बाजार पूंजीकरण 56,223 करोड़ रुपये बढ़कर 9.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। बैंकिंग क्षेत्र में मजबूत निवेश और वित्तीय शेयरों में बढ़ती मांग के कारण कंपनी का मूल्यांकन तेजी से बढ़ा। इसके अलावा HDFC बैंक ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अपने मार्केट कैप में 38,571 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की। बैंक का कुल मूल्यांकन बढ़कर लगभग 11.89 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

    सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक SBI ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के बाजार पूंजीकरण में 36,137 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और इसका कुल मूल्यांकन 9.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। वित्तीय क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का लाभ इन प्रमुख बैंकिंग संस्थानों को सबसे अधिक मिला।

    वित्तीय सेवाओं की प्रमुख कंपनी बजाज फाइनेंस के बाजार पूंजीकरण में भी 18,366 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपने मूल्यांकन में 14,380 करोड़ रुपये का इजाफा किया। वहीं इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो तथा उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र की अग्रणी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में भी वृद्धि हुई। हालांकि अन्य कंपनियों की तुलना में यह बढ़त सीमित रही, फिर भी कंपनी 17.49 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मूल्यांकन के साथ देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनी रही।

    दूसरी ओर, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को इस सप्ताह नुकसान का सामना करना पड़ा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 13,296 करोड़ रुपये से अधिक घट गया। इसी तरह भारतीय जीवन बीमा निगम के मूल्यांकन में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। इन दोनों कंपनियों को छोड़कर बाकी सभी शीर्ष कंपनियों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक माहौल में सुधार, विदेशी निवेशकों की बढ़ती रुचि और वित्तीय स्थिरता से जुड़े कदमों ने भारतीय बाजारों को मजबूती प्रदान की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। यदि यह सकारात्मक माहौल आगे भी बना रहता है तो आने वाले सप्ताहों में भारतीय शेयर बाजार और प्रमुख कंपनियों के मूल्यांकन में नई बढ़त देखने को मिल सकती है।