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  • आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल की मौत मामले में नया खुलासा, आखिरी बातचीत में परीक्षा को लेकर कही थी ये बात

    आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल की मौत मामले में नया खुलासा, आखिरी बातचीत में परीक्षा को लेकर कही थी ये बात

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में जांच के बीच उनकी आखिरी बातचीत को लेकर नया खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि मौत से कुछ घंटे पहले साहिल ने एक महिला मित्र से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान दोनों के बीच सेमेस्टर परीक्षा को लेकर चर्चा हुई थी। बातचीत के दौरान साहिल ने कहा था कि उनका पेपर अच्छा नहीं गया और यह भी कहा था कि उनसे गलती हो गई।

    जानकारी के मुताबिक, यह बातचीत 18 सितंबर की दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी। इसके कुछ घंटे बाद शाम के समय साहिल ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस बातचीत को साहिल की किसी व्यक्ति से हुई आखिरी बातचीत बताया जा रहा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस दौरान साहिल ने जातिगत भेदभाव का कोई जिक्र नहीं किया था।

    साहिल की मौत से कुछ घंटे पहले परीक्षा को लेकर भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ था। बताया गया है कि सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को कथित तौर पर मोबाइल फोन पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परीक्षा से जुड़ी स्थिति को लेकर साहिल और महिला मित्र के बीच बातचीत हुई थी। इसी बातचीत में उन्होंने परीक्षा ठीक नहीं जाने की बात कही थी।

    साहिल की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी महिला मित्र की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि खबर सुनने के बाद उन्हें पैनिक अटैक आया, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले की जांच कर रही पुलिस ने महिला मित्र का बयान भी दर्ज किया है। आखिरी बातचीत से जुड़े तथ्यों को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

    साहिल की मौत के बाद मामले की जांच को लेकर संस्थान स्तर पर भी कई कदम उठाए गए हैं। निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से उस परीक्षा में निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर भेज दिया गया है। वह उसी परीक्षा में इनविजिलेटर थे, जिसमें साहिल को मोबाइल फोन के इस्तेमाल के मामले में पकड़े जाने की बात सामने आई है।

    मामले की विस्तृत जांच के लिए 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की अध्यक्षता आईआईटी पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। इसमें छात्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

    जांच समिति ने परीक्षा के दौरान की घटनाओं को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उस कमरे में मौजूद छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में परीक्षा के दौरान की परिस्थितियों, साहिल की आखिरी बातचीत और उनकी मौत से पहले हुए घटनाक्रम को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है।

    साहिल की मौत के बाद जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोपों और परीक्षा से संबंधित घटनाओं को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, आखिरी बातचीत के संबंध में सामने आई जानकारी में परीक्षा को लेकर बातचीत का उल्लेख है और उसमें जातिगत भेदभाव की चर्चा नहीं होने की बात कही गई है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ सीसीटीवी फुटेज, छात्रों के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों का विरोध, 18 मांगों पर प्रशासन सहमत, प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला निलंबित

    IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों का विरोध, 18 मांगों पर प्रशासन सहमत, प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला निलंबित

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन बातचीत के बाद आगे बढ़ा है। संस्थान प्रशासन ने छात्रों की ओर से रखी गई 18 मांगों के चार्टर पर सहमति जताई है। इस बीच प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को भी निलंबित कर दिया गया है।

    साहिल वाकोडे 18 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल स्थित कमरे में मृत पाए गए थे। वह एनर्जी साइंस विभाग के छात्र थे। उनकी मौत के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने संस्थान प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं और मामले की निष्पक्ष तथा स्वतंत्र जांच की मांग की।

    रविवार देर रात आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों के साथ बैठक की। बैठक में छात्रों की 18 मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद संस्थान ने मांगों के चार्टर पर सहमति जताई। कुछ मांगों को लागू करने की दिशा में कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

    छात्रों की प्रमुख मांगों में साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच शामिल है। छात्रों ने साहिल से संबंधित एक लिंक्डइन पोस्ट को लेकर सार्वजनिक माफी की मांग भी रखी है। इसके अलावा वे जांच की अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर तक और पूरी रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक जारी किए जाने की मांग कर रहे हैं।

    छात्रों ने शिक्षकों और प्रोफेसरों के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही कैंपस अस्पताल में चौबीसों घंटे मनोचिकित्सक की सुविधा उपलब्ध कराने और छात्रों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई है।

    छात्रों का कहना है कि संस्थान के बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी राय को भी शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा मांगों को एक महीने के भीतर पूरा नहीं किए जाने की स्थिति में उन्होंने निदेशक और कुछ अन्य अधिकारियों के इस्तीफे की मांग भी रखी है।

    साहिल की मौत के मामले को लेकर उनके पिता रविंद्र वाकोडे ने एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला पिछले करीब तीन महीने से साहिल को जाति को लेकर अपमानित कर रहे थे। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि साहिल को गलत मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी।

    संस्थान के अनुसार 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन से नकल करते हुए पकड़ा गया था। इसके कुछ समय बाद उनके हॉस्टल के कमरे में मृत पाए जाने की जानकारी सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर छात्रों में आक्रोश बढ़ा और विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।

    साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

    सूर्यनारायण डुल्ला आईआईटी बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं और लंबे समय से संस्थान से जुड़े हुए हैं। छात्रों के विरोध के बीच संस्थान ने 20 सितंबर की शाम उनके निलंबन की कार्रवाई की।

    अब छात्रों की 18 मांगों को लागू करने की प्रक्रिया और मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर है। संस्थान की ओर से आने वाले ओपन हाउस में मांगों पर हुई प्रगति और अन्य कदमों की जानकारी दिए जाने की संभावना है। जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की स्थिति भी और स्पष्ट हो सकेगी।