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  • भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त

    भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त


    भोपाल । भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान मदर इंडिया कॉलोनी में एक महिला के घर से अवैध देशी शराब बरामद की गई। आरोप है कि महिला घर में शराब जमा करके उसकी बिक्री कर रही थी। इसके अलावा गांधीनगर और बैरागढ़ क्षेत्र के होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में भी जांच की गई। आबकारी विभाग की अलग-अलग टीमों ने रातभर कार्रवाई करते हुए कुल 10 प्रकरण दर्ज किए। इस अभियान में अवैध शराब के भंडारण और बिक्री के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले लहान पर भी कार्रवाई की गई।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक मदर इंडिया कॉलोनी में रहने वाली एक महिला के घर पर जांच के दौरान अवैध देशी शराब मिली। विभाग के अनुसार महिला पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रही है और घर में शराब का अवैध भंडारण कर उसे बेच रही थी। टीम ने मौके से शराब जब्त करने के बाद महिला के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 45 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग अब इस बात की भी जानकारी जुटा रहा है कि महिला तक शराब कहां से पहुंच रही थी और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

    कार्रवाई का दायरा केवल मदर इंडिया कॉलोनी तक सीमित नहीं रहा। आबकारी विभाग की टीम ने बैरागढ़ इलाके में जैन मंदिर के पास स्थित एक घर पर भी दबिश दी। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान घर से अवैध शराब जब्त की गई। वहीं उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने करोंद क्षेत्र में जांच और कार्रवाई की। इन स्थानों पर मिली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

    गांधीनगर की नई बस्ती में भी आबकारी विभाग को बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल मिला। यहां टीम ने करीब 500 लीटर लहान बरामद किया। लहान का इस्तेमाल कच्ची शराब तैयार करने में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में लहान मिलने के बाद विभाग ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। देर रात तक गांधीनगर में कार्रवाई जारी रही। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े ठिकानों की पहचान करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

    इस अभियान के दौरान आबकारी विभाग ने दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की सप्लाई करने वाले युवकों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मुताबिक भोपाल में कुछ युवक मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहनों से शराब की आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। विभाग के अनुसार बीते दिनों तीन युवकों को पकड़ा गया था। अब उनसे पूछताछ कर उनके संपर्कों और संभावित गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल बिक्री के ठिकानों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है बल्कि इसकी आपूर्ति करने वाले लोगों और नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। मदर इंडिया कॉलोनी से लेकर बैरागढ़ और गांधीनगर तक हुई कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण और परिवहन पर निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में भी ऐसे ठिकानों की पहचान कर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

  • गांव में शराब लेकर पहुंचना पड़ा भारी, महिलाओं ने युवक को पकड़ा, खंभे से बांधा और पेटियों में लगाई आग

    गांव में शराब लेकर पहुंचना पड़ा भारी, महिलाओं ने युवक को पकड़ा, खंभे से बांधा और पेटियों में लगाई आग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला। मंगलवार को समोहा गांव में शराब की पेटियां लेकर पहुंचे दो बाइक सवारों को महिलाओं ने घेर लिया। दोनों युवकों ने मौके से भागने की कोशिश की लेकिन महिलाओं ने उनका पीछा कर लिया और पीछे बैठे एक व्यक्ति को पकड़ लिया। इसके बाद महिलाओं ने शराब की पेटियां अपने कब्जे में लेकर उन्हें सड़क पर फेंक दिया और आग लगा दी। पकड़े गए युवक को रस्सी से एक खंभे में बांध दिया गया और पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें महिलाओं का विरोध और शराब की पेटियों को जलाने का दृश्य दिखाई दे रहा है।

    जानकारी के मुताबिक मंगलवार को दो बाइक सवार समोहा गांव में शराब की पेटियां लेकर पहुंचे थे। गांव में उनकी गतिविधियों को देखकर महिलाओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बाइक सवारों ने वहां से निकलने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं उनके पीछे दौड़ पड़ीं। इस दौरान एक व्यक्ति महिलाओं के हाथ लग गया जबकि दूसरा मौके से निकल गया। महिलाओं ने पकड़े गए युवक को रस्सी से खंभे से बांध दिया। इसके बाद शराब की पेटियों को सड़क पर रखकर उनमें आग लगा दी गई। मामले की सूचना मिलने के बाद करैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई।

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सुरेंद्र राय के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और गांव में इसकी सप्लाई कौन कर रहा था। साथ ही दूसरे बाइक सवार और शराब की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

    वहीं गांव की महिलाओं का आरोप है कि समोहा में कई जगहों पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। महिलाओं का दावा है कि गांव में करीब तीन स्थानों पर शराब की बिक्री होती है और कुछ लोग परचून की दुकानों की आड़ में शराब बेच रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में आसानी से शराब उपलब्ध होने के कारण परिवारों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस से अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।

    महिलाओं के इस विरोध को हाल में सागर में शराब से हुई मौतों के बाद शराब की अवैध बिक्री को लेकर बढ़ी चिंता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि शिवपुरी की इस घटना में पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शराब की सप्लाई का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। फिलहाल गांव में महिलाओं के इस तरह सड़क पर उतरकर विरोध करने की घटना चर्चा में है। पुलिस ने पकड़े गए युवक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और अवैध शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

  • भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त

    भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त


    भोपाल। भोपाल के तरावली गांव में मंगलवार सुबह आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कच्ची शराब बनाने के ठिकाने का भंडाफोड़ किया। तड़के आबकारी विभाग की टीम भारी अमले के साथ गांव से दूर जंगल में पहुंची जहां अवैध रूप से हाथ भट्टी लगाकर शराब तैयार की जा रही थी। टीम ने मौके से कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली भट्टी समेत बड़ी संख्या में सामान और 30 से ज्यादा खाली तथा भरे हुए ड्रम जब्त किए। कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। सुबह के समय अचानक पहुंची आबकारी टीम को देखकर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

    यह कार्रवाई सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के निर्देशन में की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम तड़के तरावली क्षेत्र में पहुंची। टीम ने पहले उस इलाके की घेराबंदी की जहां जंगल के बीच शराब बनाने का काम चलने की सूचना थी। गांव से काफी दूर सुनसान जगह पर शराब बनाने का ठिकाना बनाया गया था ताकि सामान्य तौर पर वहां लोगों की आवाजाही कम रहे और अवैध गतिविधि की जानकारी आसानी से बाहर न पहुंच सके। आबकारी टीम ने मौके पर पहुंचकर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हाथ भट्टी और अन्य संसाधनों को जब्त किया।

    कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ड्रम भी मिले। इनमें कुछ खाली थे जबकि कुछ में शराब बनाने से संबंधित सामग्री मौजूद थी। आबकारी विभाग ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया। विभाग की टीम ने जंगल में काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री को मौके से बाहर लाया गया। इस दौरान टीम के साथ मौजूद कर्मचारियों ने अवैध शराब बनाने के ठिकाने से जुड़े अन्य सामान को भी कब्जे में लिया।

    तरावली क्षेत्र में कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस इलाके में लंबे समय से कच्ची शराब बनाए जाने और उसकी बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड पर लक्ष्मणपुरा गांव के पास शराब की बिक्री का एक प्रमुख ठिकाना बताया जाता है। इसी रास्ते से तरावली मंदिर की ओर जाने का रास्ता भी है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि तरावली और आसपास के गांवों में तैयार होने वाली शराब को यहां लाकर बेचा जाता है।

    बताया जाता है कि लक्ष्मणपुरा क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर के दायरे में पन्नियों में शराब की छोटी मात्रा बेची जाती है। इसकी कीमत 10 से 20 रुपए तक बताई जाती है। कम कीमत में शराब उपलब्ध होने के कारण यहां खरीदारी करने वालों की आवाजाही बनी रहती है। आबकारी विभाग पहले भी इस क्षेत्र में कार्रवाई कर चुका है लेकिन स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जाता है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद फिर से अवैध शराब की बिक्री शुरू हो जाती है।

    तरावली में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की नजर उन इलाकों पर भी है जहां जंगल या सुनसान स्थानों का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने के लिए किया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई से फिलहाल अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप है। अब आगे की कार्रवाई में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जब्त शराब और सामग्री का इस्तेमाल कौन कर रहा था और तैयार की गई शराब को किन इलाकों में खपाया जा रहा था।

  • शिवपुरी में वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर 8 से 10 झोपड़ियां हटाईं मौके से मिली कच्ची शराब

    शिवपुरी में वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर 8 से 10 झोपड़ियां हटाईं मौके से मिली कच्ची शराब


    शिवपुरी। शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कब्रिस्तान के पास वन भूमि पर बनी करीब 8 से 10 झोपड़ियों को संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से हटाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर कच्ची शराब भी मिली जिसे आबकारी विभाग की टीम ने जब्त कर लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी देर तक हलचल बनी रही।

    जानकारी के अनुसार वन भूमि पर कुछ परिवारों ने झोपड़ियां बनाकर रहना शुरू कर दिया था। प्रशासन को इन लोगों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। शिकायतों में वन भूमि पर अतिक्रमण करने के साथ ही बाहर से कच्ची शराब लाकर बेचने और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई थी। शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग वन विभाग आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई।

    संयुक्त टीम जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर मौके पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में वन भूमि पर बनी झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जेसीबी की मदद से करीब 8 से 10 झोपड़ियों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर मौजूद सामान और आसपास के क्षेत्र की भी जांच की।

    इसी दौरान आबकारी विभाग की टीम को मौके से बड़ी मात्रा में कच्ची शराब मिली। शराब बरामद होने के बाद उसे जब्त कर लिया गया। आबकारी विभाग ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद शराब किसकी थी और इसे कहां से लाकर यहां रखा या बेचा जा रहा था।

    प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद वन भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह हटाने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं अवैध शराब से जुड़े मामलों में आबकारी विभाग भी जांच कर रहा है।

    इस पूरी कार्रवाई में राजस्व विभाग वन विभाग आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ पहुंची टीम ने पहले मौके का निरीक्षण किया और इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। झोपड़ियां हटाए जाने के बाद क्षेत्र को खाली कराया गया।

    वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध शराब की शिकायतों को लेकर हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जे और अवैध गतिविधियों को लेकर सख्ती बरती जाएगी। फिलहाल आबकारी विभाग द्वारा दर्ज मामले की जांच जारी है। पुलिस और संबंधित विभाग यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इस पूरे मामले में कौन लोग शामिल थे।

  • अब अवैध शराब पर चौतरफा वार: अचानक छापे, रात में गश्त और वाहनों की जांच, गड़बड़ी नजरअंदाज करने वालों पर होगी कार्रवाई

    अब अवैध शराब पर चौतरफा वार: अचानक छापे, रात में गश्त और वाहनों की जांच, गड़बड़ी नजरअंदाज करने वालों पर होगी कार्रवाई


    भोपाल। सागर में जहरीली शराब पीने से 20 से अधिक लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ सरकार और आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेशभर में अब विशेष अभियान चलाकर केवल अवैध शराब की बिक्री ही नहीं बल्कि इसके निर्माण संग्रहण और परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जाएगी। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध मदिरा के कारोबार पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गंभीर गड़बड़ी को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

    जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद जारी निर्देशों में प्रदेश के सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया है। ऐसे इलाकों में जहां अवैध शराब के निर्माण संग्रहण परिवहन या बिक्री की आशंका रहती है वहां नियमित जांच के साथ अचानक छापेमारी की जाएगी। संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि अवैध शराब का कारोबार शुरू होने से पहले ही उस पर कार्रवाई की जा सके।

    विशेष अभियान में सूचना तंत्र को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब से संबंधित मिलने वाली हर विश्वसनीय सूचना का तत्काल सत्यापन किया जाएगा। सूचना सही पाए जाने पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 और लागू नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखने के भी निर्देश दिए हैं ताकि लोग बिना किसी डर के अवैध शराब के कारोबार की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।

    अवैध शराब बनाने वाली भट्ठियों अड्डों संग्रहण केंद्रों और बिक्री स्थलों पर विशेष दबिश देने की तैयारी है। तलाशी और जब्ती की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी और पंचनामा समेत सभी दस्तावेजों को सही तरीके से तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों को विशेष रूप से साक्ष्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए कहा गया है ताकि कार्रवाई के बाद मामले अदालत में मजबूती के साथ पेश किए जा सकें और आरोपी कानूनी प्रक्रिया की कमियों का फायदा न उठा सकें।

    अवैध शराब के परिवहन पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। संवेदनशील मार्गों जिला सीमाओं और चिन्हित स्थानों पर वाहनों की आकस्मिक जांच होगी। संदिग्ध वाहनों में अवैध शराब या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वाहन नंबर चालक और मालिक समेत जरूरी जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अंतर जिला और अंतर राज्यीय शराब तस्करी की आशंका वाले मार्गों पर संबंधित जिलों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी होगी।

    आबकारी विभाग ने लंबित मामलों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं। जिन मामलों में गिरफ्तारी की कार्रवाई बाकी है उनकी समीक्षा कर फरार और वांछित आरोपियों की अलग सूची तैयार की जाएगी। जमानत राजसात अभिरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामलों में भी लंबित कार्रवाई को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

    लाइसेंसी शराब दुकानों और परिसरों की भी विशेष जांच की जाएगी। यदि वहां अवैध शराब के विक्रय भंडारण लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन या किसी अन्य गंभीर अनियमितता की सूचना मिलती है तो तत्काल निरीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अनियमितताओं को किसी भी परिस्थिति में अनदेखा नहीं किया जाएगा।

    अभियान की निगरानी के लिए दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। दबिश तलाशी वाहन जांच जब्ती दर्ज प्रकरण गिरफ्तारियां फरार आरोपी और जब्त शराब समेत हर कार्रवाई का विवरण प्रतिदिन दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजना होगा। कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाएगा और कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शून्य अंकित करना होगा।

    सबसे अहम बात यह है कि अब अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। विश्वसनीय सूचना मिलने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करने गंभीर गड़बड़ी की उपेक्षा करने या दायित्व के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। सहायक आबकारी आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारियों को अपने जिलों में व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सागर की घटना के बाद शुरू होने वाला यह विशेष अभियान प्रदेश में अवैध शराब के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लगातार जांच छापेमारी और सख्त निगरानी से जहरीली और अवैध शराब के कारोबार पर कितनी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

  • ‘बार-बार चेताया फिर भी नहीं जागा प्रशासन’ बंडा शराब कांड पर सपा का बड़ा आरोप, कलेक्टर-SP समेत अधिकारियों की जांच की मांग

    ‘बार-बार चेताया फिर भी नहीं जागा प्रशासन’ बंडा शराब कांड पर सपा का बड़ा आरोप, कलेक्टर-SP समेत अधिकारियों की जांच की मांग


    भोपाल। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। समाजवादी पार्टी ने इस मामले में जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पार्टी लगातार कई महीनों से बंडा क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब की बिक्री के खिलाफ प्रशासन को चेतावनी दे रही थी। सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव का कहना है कि पार्टी ने पिछले पांच महीनों में छह बार ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए। अब जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पार्टी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    सपा प्रदेश अध्यक्ष ने सागर में पत्रकारों के सामने ज्ञापनों की प्रतियां पेश करते हुए कहा कि अप्रैल से ही प्रशासन को बंडा क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के कारोबार की जानकारी दी जा रही थी। पार्टी की ओर से अलग अलग अवसरों पर प्रशासन को चेतावनी दी गई कि अवैध रूप से बिक रही शराब लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है। इसके बावजूद आरोप है कि शिकायतों पर कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सपा का कहना है कि यदि समय रहते अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाती तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।

    मौतों के आंकड़े को लेकर भी सपा और प्रशासन के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने दावा किया है कि जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 50 तक पहुंच चुकी है जबकि प्रशासन की ओर से अब तक 22 मौतों की पुष्टि की जा रही है। सपा ने आरोप लगाया कि कई मामलों में मृतकों का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कराया जा रहा है और इसी वजह से मौतों का वास्तविक आंकड़ा सामने नहीं आ पा रहा है।

    हालांकि सपा की ओर से किए गए 50 मौतों के दावे और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से पुष्टि किए गए आंकड़े और विपक्षी दल के दावों में बड़ा अंतर होने के कारण इस पूरे मामले की जांच और पारदर्शिता की मांग भी तेज हो गई है।

    समाजवादी पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सागर कलेक्टर एसपी और बंडा एसडीएम समेत उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए जिन तक अवैध शराब की बिक्री से संबंधित शिकायतें पहुंचाई गई थीं। सपा ने प्रशासन से यह भी सवाल किया है कि बार बार ज्ञापन और शिकायतें दिए जाने के बावजूद अवैध शराब के खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

    डॉ. मनोज यादव का आरोप है कि यदि प्रशासन ने शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से लिया होता और अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए होते तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। पार्टी अब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।

    बंडा जहरीली शराब मामले में प्रशासन और समाजवादी पार्टी के दावों के बीच बड़ा अंतर सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। जहां प्रशासन ने अब तक 22 मौतों की पुष्टि की है वहीं सपा ने 50 लोगों की मौत का दावा किया है। ऐसे में अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जहरीली शराब से कितने लोगों की मौत हुई और अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले की गई शिकायतों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।

  • रेवाबाग में आबकारी का छापा, 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद; तस्कर फरार

    रेवाबाग में आबकारी का छापा, 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद; तस्कर फरार


    देवास । देवास में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 पेटी देशी शराब जब्त की है। मुखबिर से मिली सूचना पर रेवाबाग क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान करीब 63 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 33,400 रुपए बताई जा रही है। हालांकि कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा। आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

    आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि रेवाबाग क्षेत्र में एक व्यक्ति अपने घर के पास बड़ी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर रखता है और स्कूटर के जरिए शहर की अलग-अलग गलियों में इसकी सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने शुक्रवार को इलाके में दबिश दी।

    छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से 4 पेटी देशी मसाला और 3 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद की। कुल मिलाकर 63 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी आबकारी टीम के पहुंचने से पहले ही मौके से भाग निकला।

    आबकारी विभाग ने जब्त शराब को अपने कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब उसके ठिकानों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

    कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक प्रेम यादव के नेतृत्व में की गई। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • पुणे-पिंपरी चिंचवाड़ में जहरीली शराब का कहर, 13 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट, बड़े रैकेट पर शिकंजा

    पुणे-पिंपरी चिंचवाड़ में जहरीली शराब का कहर, 13 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट, बड़े रैकेट पर शिकंजा

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में अवैध शराब के सेवन से हुए भीषण हादसे ने राज्य प्रशासन और कानून व्यवस्था को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है। पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए व्यापक जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध शराब में औद्योगिक उपयोग में आने वाले जहरीले रसायन मेथेनॉल का उपयोग किया गया था, जिसके कारण यह जानलेवा साबित हुई। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को केवल दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे आपराधिक हत्या के समान गंभीर घटना बताया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए और किसी भी आरोपी को किसी प्रकार की रियायत न दी जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह घटना संगठित अवैध शराब कारोबार की ओर इशारा करती है, जिसकी जड़ तक पहुंचना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

    पुलिस प्रशासन ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि अवैध शराब निर्माण में बड़े पैमाने पर मेथेनॉल जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई सामान्य अवैध कारोबार नहीं बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

    अधिकारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पुलिस, आबकारी विभाग और फॉरेंसिक टीमें शामिल हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल दोषियों की गिरफ्तारी है, बल्कि पूरे अवैध शराब नेटवर्क को ध्वस्त करना भी है। जांच टीमें उन स्थानों की पहचान कर चुकी हैं जहां यह जहरीला मिश्रण तैयार किया जा रहा था और वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं।

    अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि मृतकों की संख्या और न बढ़े। चिकित्सकों के अनुसार कई मरीजों की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा दिया है।

    राज्य सरकार ने इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही तय करने के संकेत दिए हैं। जांच एजेंसियों का ध्यान अब इस बात पर केंद्रित है कि यह जहरीला पदार्थ बाजार तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े आपराधिक चेहरे शामिल हैं।

    यह घटना एक बार फिर अवैध शराब कारोबार के खतरनाक नेटवर्क को उजागर करती है, जो न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

  • मुरैना पुलिस ने अवैध शराब सहित कार चालक को धर दबोचा

    मुरैना पुलिस ने अवैध शराब सहित कार चालक को धर दबोचा


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पोरसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने बीती रात गश्त के दौरान एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस की टीम ग्राम जोटई रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक संदिग्ध कार पर नजर गई। वाहन को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें करीब पांच लाख रुपए मूल्य की 19 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई।

    पुलिस ने मौके पर कार चालक सुखबीर सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसका वितरण किस तरह किया जाना था।

    पोरसा थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को शराब तस्करी रोकने की दिशा में अहम कदम बताया। अधिकारीयों ने कहा कि गश्त और सतर्कता के कारण ही इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सका। घटना से इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास की जानकारी मिली।

    पुलिस अब आरोपी के अन्य सहयोगियों और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है। अवैध शराब के इस बड़े जखीरे की बरामदगी पुलिस के सक्रिय अभियान की सफलता को दर्शाती है।

  • मुरैना: कैलारस पुलिस ने लकड़ी की गुमठी से 1 लाख 2 हजार की अवैध शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

    मुरैना: कैलारस पुलिस ने लकड़ी की गुमठी से 1 लाख 2 हजार की अवैध शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार


    मुरैना। कैलारस थाना पुलिस ने बुधवार रात क्वारी बिलगांव के पास सड़क किनारे स्थित लकड़ी की गुमठी पर छापा मारकर 1 लाख 2 हजार रुपए की अवैध शराब जब्त की है। यह शराब देशी और अंग्रेजी दोनों प्रकार की थी। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो इस गुमठी से ग्रामीण इलाकों में शराब बेच रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्वारी बिलगांव में सड़क किनारे रखी एक लकड़ी की गुमठी में भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण किया गया है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने बुधवार रात मौके पर जाकर चेकिंग और तलाशी शुरू की।

    पुलिस की टीम के मौके पर पहुंचते ही आरोपी उसी गुमठी पर मौजूद पाया गया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। मौके से पकड़ा गया आरोपी अरविंद कुशवाह, पुत्र दीवान सिंह कुशवाह, निवासी क्वारी बिलगांव है।

    कैलारस थाना प्रभारी सतेंद्र कुशवाह ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार अवैध शराब तस्करी और बिक्री के आरोप में पकड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा, “पुलिस को सूचना मिली कि गुमठी में शराब भंडारित की जा रही है और वही से बिक्री भी हो रही थी। इस पर तत्काल कार्यवाही की गई और अवैध शराब जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।”

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ग्रामीण इलाकों में शराब की अवैध बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि उसके नेटवर्क और अवैध शराब के अन्य स्रोतों का पता लगाया जा सके।

    इस कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और संबंधित अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    अवैध शराब के बढ़ते प्रचलन और ग्रामीण इलाकों में इसके नुकसान को देखते हुए पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।