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  • मंदिर के बाहर वारदात की साजिश नाकाम, अवैध पिस्टल के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

    मंदिर के बाहर वारदात की साजिश नाकाम, अवैध पिस्टल के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार


    नई दिल्ली। ग्वालियर में एक संभावित आपराधिक वारदात को समय रहते टालते हुए थाटीपुर थाना पुलिस ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर मंदिर के बाहर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में बैठा हुआ था।
    गिरफ्तार आरोपी की पहचान नमन सोलंकी के रूप में हुई है, जो शिंदे की छावनी क्षेत्र के भारत टॉकीज के पास का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से 32 बोर की देसी पिस्टल, एक जिंदा राउंड और उसकी एक्टिवा गाड़ी भी जब्त कर ली है।
    थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भूतेश्वर मंदिर के पास रपट क्षेत्र में एक युवक संदिग्ध स्थिति में एक्टिवा पर बैठा हुआ है और उसके पास अवैध हथियार व जिंदा राउंड मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और कार्रवाई शुरू की।
    जैसे ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी, आरोपी को बिना किसी मौके के पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसकी एक्टिवा की डिग्गी से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए, जिससे उसके इरादे संदिग्ध पाए गए। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर वाहन और हथियार जब्त कर लिया।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
    थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ी घटना को टाल दिया गया। यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो आरोपी किसी गंभीर वारदात को अंजाम दे सकता था।
    फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी किस उद्देश्य से हथियार लेकर वहां पहुंचा था और उसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क या साजिश तो नहीं है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि उसे अवैध हथियार कहां से मिला और क्या वह पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है।
    यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि छोटे स्तर पर मिलने वाली सूचना भी बड़ी घटनाओं को रोकने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस की सतर्कता से एक संभावित अपराध टल गया और इलाके में बड़ी अनहोनी होने से बचाव हो सका।
  • भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज

    भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के देहात थाना क्षेत्र के टीकरी गांव में मजदूरी का बकाया पैसा लेने गए एक मजदूर से दबंगों द्वारा मारपीट और पिस्तौल के साथ दहशत फैलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार मजदूर अनूप रैयपुरिया और उनके छोटे भाई बॉबी ने लगभग एक माह पहले विकास चौरसिया के यहाँ कलर-पुट्टी का काम किया था जिसकी मजदूरी 5 400 रुपये तय थी लेकिन वह मजदूरी नहीं दी गई। पैसे की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया जिसके बाद मामला हाथापाई और कट्टे की फायरिंग तक पहुँच गया।

    घटना के मुताबिक विकास चौरसिया अपने साथी बेतू जाटव सहित दो अन्य लोगों के साथ अनूप के घर पहुँचे और बॉबी से विवाद करने लगे। घर के बाहर बैठे बॉबी से पहले मारपीट शुरू हुई और जब अनूप ने बचाव के लिए बीच में आकर रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस दौरान मारपीट से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और आसपास का माहौल tense हो गया।

    घायल युवक के बचाव के लिए गांव के अन्य लोग मौके पर इकट्ठा हुए इसी बीच बेतू जाटव ने अपनी जेब से कट्टा निकालकर लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने पहले कारतूस जारी करने का प्रयास किया लेकिन गोली मिस हो गई। भय फैलाने के लिए उसने दो बार फायर करने की कोशिश की लेकिन दोनों बार कारतूस चूक गया जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और आरोपी भी मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।

    पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित अनूप रैयपुरिया की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामला मारपीट और कट्टा लहराकर दहशत फैलाने का है तथा प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है और आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि टीकरी गांव में इस तरह का हिंसा-उत्पीड़क व्यवहार कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती है तथा ऐसे मामलों से ग्रामीणों में भय की स्थिति बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरी के लिये जबरदस्ती पैसा मांगने पर इस तरह की हिंसा निंदनीय है और ऐसी घटनाएँ सामाजिक व्यवहार और ग्रामीण सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय हैं।

    घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है तथा जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है।

    इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा और दबंगई रोकने में मदद मिले।

    कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मजदूरी विवाद जैसे मामूली मामलों में हिंसा की उग्र स्थिति कैसे उत्पन्न हो जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सद्भावना को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।