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  • मौसम का बदलेगा मिजाज! आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई राज्यों में राहत तो कहीं बढ़ेगी उमस

    मौसम का बदलेगा मिजाज! आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई राज्यों में राहत तो कहीं बढ़ेगी उमस



    मध्य प्रदेशदेशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 9 जून को कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में राहत की बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बरकरार रहेगा।

    मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश में भी मौसम के तेवर बदले हुए नजर आ सकते हैं। भोपाल, सीहोर, विदिशा, सागर, सतना, उज्जैन और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं दर्ज की गई थीं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव देखने को मिला था।

    दक्षिण भारत में मानसून की गतिविधियां तेज हो रही हैं। केरल और कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

    पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में व्यापक वर्षा के संकेत हैं। वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस और गर्मी का असर महसूस किया जा सकता है।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की प्रगति के साथ आने वाले दिनों में देश के अधिक हिस्सों में वर्षा गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।

    कुल मिलाकर 9 जून का दिन मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाला है। कहीं बारिश राहत देगी तो कहीं तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा चुनौती बन सकता है। इसलिए घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और आवश्यक सावधानी बरतें।

  • मध्य प्रदेश में भीषण लू का कहर: पारा 45°C के पार, कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

    मध्य प्रदेश में भीषण लू का कहर: पारा 45°C के पार, कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और तपती लू की चपेट में है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात ऐसे बन गए हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    राज्य के ग्वालियर, भिंड, मुरैना, रतलाम, खंडवा, खरगोन और आसपास के इलाकों में गर्म हवाओं का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। दोपहर के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब लू के थपेड़े शरीर को झुलसा देने वाले हो जाते हैं।

    मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह भीषण लू 20 मई तक जारी रह सकती है। इसके बाद ही मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

    गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दिन के सबसे गर्म समय यानी 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।

    स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक यात्रा से बचें और हल्के, ढीले व सूती कपड़े पहनें। साथ ही, सिर को ढककर बाहर निकलने और छायादार स्थानों में रहने की सलाह दी गई है।

    गांवों और कस्बों में स्थिति और अधिक कठिन हो गई है, जहां बिजली कटौती और पानी की कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। किसान वर्ग भी इस गर्मी से प्रभावित हो रहा है, क्योंकि खेतों में काम करना दिन के समय लगभग असंभव हो गया है।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में गर्मी का यह दौर लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में सतर्क रहने की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। फिलहाल लोगों को राहत का इंतजार है, लेकिन आसमान से बरसती आग अभी थमती नजर नहीं आ रही है।

  • 16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 मई को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के करीब 15 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे किसानों को फसलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली में 16 मई की शाम बादल छाने और हल्की आंधी चलने की संभावना है, जबकि तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 60–65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जहां 80–85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

    झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं पंजाब और राजस्थान में भी गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में जहां एक ओर तेज गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं कुछ जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

    दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण भी मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण का भी असर देश के मौसम पैटर्न पर पड़ रहा है।

    कुल मिलाकर 16 मई को देश के बड़े हिस्से में मौसम काफी अस्थिर रहने वाला है। तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका



    नई दिल्ली। झांसी में एक बार फिर भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में तापमान लगातार बढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। शुक्रवार से लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं अगले सप्ताह स्थिति और गंभीर हो सकती है, जब अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

    कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह के अनुसार, दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर और बढ़ेगा। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी जा रही है, क्योंकि तेज धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

    बृहस्पतिवार को झांसी में अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 27.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।

  • चारधाम यात्रा पर मौसम का बड़ा अलर्ट, 12-13 मई को भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

    चारधाम यात्रा पर मौसम का बड़ा अलर्ट, 12-13 मई को भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी


    नई दिल्ली। Char Dham Yatra पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार उत्तराखंड के कई पहाड़ी जिलों में 12 और 13 मई को खराब मौसम की आशंका है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
    मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी भी हो सकती है। इसके अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
    खराब मौसम के कारण यात्रा मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जिससे श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

    यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
    गढ़वाल आयुक्त Vinay Shankar Pandey ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की सलाह दी है।

    सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड पर
    उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और आपदा प्रबंधन टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं, इसलिए मौसम को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

    श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुझाव

    यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें
    गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखें
    पहाड़ी मार्गों पर सावधानी से यात्रा करें
    प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें
    खराब मौसम में यात्रा टालने पर विचार करें

  • एमपी में आज 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    एमपी में आज 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। तेज गर्मी की जगह अब आंधी, बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति अगले चार दिनों यानी 7 मई तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के 34 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 6 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और रीवा में आज ओले गिरने की आशंका है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके चलते यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी कारण कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर मई में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार महीने की शुरुआत ही बदले हुए मौसम के साथ हुई है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है।

  • Heatwave Alert: शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है? बढ़ते तापमान में बड़ा सवाल

    Heatwave Alert: शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है? बढ़ते तापमान में बड़ा सवाल


    नई दिल्ली।देश के कई हिस्सों में गर्मी ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई राज्यों में हालात ऐसे हैं कि दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस बीच लू का असर भी तेज हो गया है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे माहौल में सबसे अहम सवाल यह उठता है कि आखिर इंसानी शरीर कितनी गर्मी सह सकता है और कब यह सीमा टूटने लगती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इंसानी शरीर की गर्मी सहने की क्षमता सिर्फ तापमान पर निर्भर नहीं करती, बल्कि हवा में मौजूद नमी भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। इसे समझने के लिए “वेट बल्ब तापमान” की अवधारणा का उपयोग किया जाता है। यह बताता है कि शरीर पसीने के जरिए खुद को कितनी प्रभावी तरह से ठंडा कर सकता है। सामान्य तौर पर पहले माना जाता था कि इंसान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक के वेट बल्ब तापमान को सहन कर सकता है, लेकिन नई समझ के अनुसार यह सीमा लगभग 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास मानी जाती है। इससे अधिक होने पर शरीर की प्राकृतिक ठंडा करने की प्रक्रिया कमजोर पड़ने लगती है।

    नमी वाली गर्मी को सबसे अधिक खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें पसीना शरीर से जल्दी वाष्पित नहीं हो पाता। जब पसीना सूख नहीं पाता तो शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और अंदरूनी तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यही कारण है कि कम तापमान होने के बावजूद अधिक नमी वाली जगहों पर गर्मी ज्यादा असहनीय महसूस होती है।

    जब शरीर का तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाता है, तो स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। इस अवस्था को हीट स्ट्रोक कहा जाता है, जिसमें शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला तंत्र पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है। इसके शुरुआती संकेतों में चक्कर आना, सिर दर्द, भ्रम की स्थिति, तेज कमजोरी और घबराहट शामिल होते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।

    तेज गर्मी का असर केवल बाहरी शरीर पर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी अंगों पर भी पड़ता है। दिमाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, जिससे व्यक्ति मानसिक भ्रम या बेहोशी की स्थिति में जा सकता है। दिल को भी सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर पर तनाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर शरीर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है।

    ऐसे मौसम में सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है। दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना चाहिए, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करनी चाहिए। हल्के कपड़े पहनना, छांव में रहना और शरीर में पानी की कमी न होने देना जरूरी है। साथ ही ज्यादा मेहनत वाले काम गर्मी के समय से बचकर करने चाहिए।

    बढ़ती गर्मी और लू के इस दौर में जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। समय पर सावधानी अपनाकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है और शरीर को इस बढ़ते तापमान के खतरे से सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें

    पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें


    नई दिल्ली:   देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को अलग अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां कई राज्यों में बारिश और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज कई राज्यों में मौसम अस्थिर रहेगा और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

    उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन इलाकों में गरज चमक के साथ वर्षा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में भी मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे धूल भरी स्थिति बन सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में मौसम साफ रहने और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी का अनुमान है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान लगातार बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा।

    उत्तर प्रदेश में आज बारिश की संभावना बेहद कम है और यहां भीषण गर्मी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। राज्य के कई जिलों में लू चलने की आशंका जताई गई है। लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों में तापमान ऊंचा बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है।

    राजस्थान में भी मौसम शुष्क बना हुआ है और यहां हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। जयपुर सहित कई जिलों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है। सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में बादल और ठंडी हवाएं मौसम को सुहावना बनाए रख सकती हैं।

    बिहार में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। पटना सहित कई जिलों में लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। दिन के समय तापमान काफी ऊंचा रहने का अनुमान है, जिससे सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

    हरियाणा और पंजाब में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में गर्मी धीरे धीरे अपना असर दिखा रही है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश का अनुमान है, जिससे वहां के मौसम में ठंडक बनी रह सकती है।

    जम्मू कश्मीर में भी बारिश और तूफान की संभावना जताई गई है। कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।