Tag: IMD Bhopal

  • मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा

    मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला। प्रदेश के ऊपर एक साथ सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों ने बारिश की रफ्तार और तेज कर दी है। बीते 24 घंटों के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 4.9 इंच वर्षा सिवनी में रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी भोपाल और राजगढ़ में 1.6 इंच बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं सड़कें जलमग्न हो गईं तो कहीं पुराने भवनों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। इन तीनों सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में कम समय में तेज बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    सिवनी में सबसे अधिक 4.9 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धार, पचमढ़ी, उमरिया, दमोह, सीधी और मंडला में एक इंच से ज्यादा वर्षा हुई। शाजापुर, आगर मालवा, सीहोर, विदिशा, देवास, बड़वानी, मंदसौर, श्योपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, इंदौर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, गुना, नरसिंहपुर, खंडवा, रीवा, उज्जैन, सागर और सतना समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    लगातार हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। राजधानी भोपाल में करीब 90 वर्ष पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

    रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

    बारिश का असर सामाजिक आयोजनों पर भी देखने को मिला। इंदौर में गुरुवार सुबह गंगवाल से राजमोहल्ला जा रही एक बारात तेज बारिश की वजह से बिखर गई। अधिकांश बाराती बारिश से बचने के लिए रास्ते में रुक गए, जबकि दूल्हा डीजे के साथ अकेले ही आगे बढ़ता दिखाई दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

    मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

  • MP Weather Alert: डबल सिस्टम का असर, 28 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; कहीं तूफान तो कहीं झुलसाती गर्मी

    MP Weather Alert: डबल सिस्टम का असर, 28 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; कहीं तूफान तो कहीं झुलसाती गर्मी



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और इस बार वजह बने हैं एक साथ एक्टिव हुए दो मजबूत वेदर सिस्टम। इनके असर से प्रदेश के बड़े हिस्से में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार करीब 28 जिलों में तेज हवाओं, बारिश और अचानक बदलते मौसम की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

    ग्वालियर-चंबल, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में हालात ज्यादा गंभीर रह सकते हैं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने खासतौर पर शाम और रात के समय सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि इस दौरान सिस्टम ज्यादा सक्रिय हो सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश में मौसम का डबल रूप देखने को मिल रहा है। एक तरफ कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, धार, खंडवा, खरगोन और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि शाम होते-होते यहां भी मौसम बदल रहा है और तेज हवाओं के साथ बादल छाने लगते हैं।

    बीते कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार मौसम का उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कई जिलों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि कुछ इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। खरगोन में पारा 42 डिग्री तक दर्ज किया गया, जबकि खंडवा और नरसिंहपुर में भी तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा। वहीं कुछ जगहों पर तापमान में गिरावट भी देखने को मिली है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बदलाव दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है। इतना ही नहीं, 10 मई के आसपास एक और नया सिस्टम एक्टिव हो सकता है, जिससे आंधी-बारिश का दौर और तेज होने के संकेत हैं।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह से अनिश्चित बना हुआ है—कहीं तेज आंधी, कहीं बारिश और कहीं भीषण गर्मी एक साथ देखने को मिल रही है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

  • MP में फिर बदलेगा मौसम: 18-19 फरवरी को बारिश के आसार, पहले बढ़ेगा तापमान

    MP में फिर बदलेगा मौसम: 18-19 फरवरी को बारिश के आसार, पहले बढ़ेगा तापमान



    भोपाल । पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। IMD के भोपाल केंद्र ने 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के उत्तरी हिस्से ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के 8 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल हैं। इनसे सटे जिलों में बादल छाए रहने की स्थिति बनेगी।

    फरवरी में तीसरी बार बरसात की संभावना
    अगर अनुमान के मुताबिक बारिश होती है, तो फरवरी महीने में यह तीसरा मौका होगा जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा। महीने की शुरुआत में ही कई जिलों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी आई थी, जिससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल सर्वे भी कराया था।

    नया सिस्टम करेगा असर
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, लेकिन उसका असर पहाड़ी राज्यों तक सीमित है, जहां बर्फबारी हो रही है। मध्य प्रदेश में केवल हल्के बादल नजर आ रहे हैं। 16 फरवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव एमपी पर भी पड़ेगा।

    अभी रात में हल्की सर्दी
    प्रदेश में फिलहाल हल्की ठंड का असर बना हुआ है। रात और सुबह के समय सर्दी महसूस की जा रही है। ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हो रहा है, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच सकता है।

    शनिवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों में पारा 10 डिग्री से अधिक रहा। पांच प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा—भोपाल 14.2 डिग्री, इंदौर 13.6 डिग्री, ग्वालियर 12.8 डिग्री, उज्जैन 15.7 डिग्री और जबलपुर 14.6 डिग्री सेल्सियस। वहीं कटनी के करौंदी, सतना के चित्रकूट, शहडोल के कल्याणपुर, छतरपुर के नौगांव और रीवा में तापमान 10 से 11 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    16 फरवरी: कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, हालांकि दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
    17 फरवरी: हल्के कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। इस दिन भी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन आसमान में बादलों की मौजूदगी रहेगी।