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  • आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद

    आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण कई जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक केवल 16.3 इंच वर्षा हुई है, जबकि इस समय तक करीब 20 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी लगभग 3.7 इंच पानी की कमी दर्ज की गई है। इसका असर खेती, जलाशयों और भूजल स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। केवल छह जिलों में ही औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि इंदौर में 2 प्रतिशत, उज्जैन में 14 प्रतिशत और जबलपुर में 29 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। राहत की बात केवल ग्वालियर के लिए है, जहां अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में अपेक्षाकृत बेहतर बारिश हुई है। इससे साफ है कि पूरे प्रदेश में मानसून का वितरण संतुलित नहीं रहा है।

    हालांकि पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिली। सीधी जिले में सबसे अधिक करीब 3 इंच वर्षा दर्ज की गई। ग्वालियर में 2.3 इंच, दतिया में 2 इंच, रीवा में 1.8 इंच, सतना में 1.2 इंच और शिवपुरी में लगभग 1 इंच बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, नर्मदापुरम, पन्ना, श्योपुर, शाजापुर, मंडला, टीकमगढ़, बालाघाट और छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, खरगोन, झाबुआ, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सागर और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यदि यह मौसम प्रणाली मजबूत बनी रही तो अगले कुछ दिनों में लगातार अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे अब तक की बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि अगस्त का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यदि इस दौरान अच्छी वर्षा होती है तो खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।

  • बारिश का नया दौर शुरू 31 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम जानिए किन राज्यों में बरसेंगे बादल और कहां रहेगा बाढ़ जैसा खतरा

    बारिश का नया दौर शुरू 31 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम जानिए किन राज्यों में बरसेंगे बादल और कहां रहेगा बाढ़ जैसा खतरा


    मध्य प्रदेश । 31 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य प्रदेश राजस्थान गुजरात महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून के कारण बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रदेश में मानसून ट्रफ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन जैसे तीन मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय हैं जिनके प्रभाव से भोपाल इंदौर उज्जैन नर्मदापुरम हरदा धार देवास बैतूल सीहोर रायसेन सागर छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर जलभराव और नदी नालों के उफान पर आने की आशंका भी जताई गई है।

    राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोटा उदयपुर झालावाड़ और बारां जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात के दक्षिणी हिस्सों और सौराष्ट्र क्षेत्र में भी तेज बारिश के आसार हैं जबकि महाराष्ट्र के कोंकण विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में भी बादल जमकर बरस सकते हैं।

    उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है क्योंकि पश्चिमी तट पर तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसके अलावा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से सतर्क रहने को कहा गया है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह भी दी गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होगा। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।

  • मध्य प्रदेश में बारिश का नया गणित देवास सबसे आगे आलीराजपुर सबसे पीछे जुलाई के आखिर में फिर भारी बारिश के संकेत

    मध्य प्रदेश में बारिश का नया गणित देवास सबसे आगे आलीराजपुर सबसे पीछे जुलाई के आखिर में फिर भारी बारिश के संकेत


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। जुलाई के तीसरे सप्ताह में हुई तेज बारिश ने प्रदेश के कई जिलों की तस्वीर बदल दी है और सूखे जैसे हालात से काफी राहत मिली है। इस दौरान प्रदेश में औसतन 3.3 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जिससे नदियों झरनों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है और कई जिलों को अच्छी वर्षा का इंतजार है।

    मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में लगभग 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि सामान्य औसत 14.6 इंच माना जाता है। यानी मध्य प्रदेश में अब तक लगभग 11 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इस बार मानसून निर्धारित समय से नौ दिन की देरी से 24 जून को प्रदेश में पहुंचा था। देरी के कारण जून महीने में बारिश का आंकड़ा काफी पीछे रहा लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति तेजी से सुधरी और बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच गया। दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ने से बारिश लगभग थम गई लेकिन तीसरे सप्ताह में जोरदार बरसात ने एक बार फिर राहत दी।

    प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल इंदौर देवास सीहोर राजगढ़ हरदा बुरहानपुर मंदसौर नीमच आगर मालवा दमोह सिवनी निवाड़ी और भिंड प्रमुख हैं। सबसे अधिक बारिश देवास जिले में हुई है जहां करीब 19.3 इंच वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से लगभग 54 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर आलीराजपुर प्रदेश का सबसे सूखा जिला बना हुआ है जहां अब तक केवल 3.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    प्रदेश के 41 जिले अब भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे चल रहे हैं। इनमें जबलपुर रीवा सतना सागर कटनी मंडला छिंदवाड़ा बालाघाट शहडोल उमरिया ग्वालियर मुरैना दतिया धार उज्जैन रतलाम विदिशा रायसेन नर्मदापुरम खरगोन खंडवा और अन्य जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश की अभी भी आवश्यकता बनी हुई है ताकि खेती और जल भंडारण की स्थिति बेहतर हो सके।

    बारिश की कमी का असर प्रदेश के प्रमुख बांधों और नदियों पर भी देखने को मिला है। दूसरे सप्ताह में बारिश कमजोर रहने के कारण कई नदियों का जलस्तर घट गया था लेकिन पिछले सप्ताह हुई वर्षा से फिर जलस्तर में सुधार आने लगा है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशयों को पूरी क्षमता तक भरने के लिए लगातार और व्यापक बारिश की जरूरत है।

    राजधानी भोपाल में इस सीजन में अब तक करीब 17.5 इंच बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से बेहतर स्थिति मानी जा रही है। इंदौर में लगभग 15 इंच वर्षा हो चुकी है जबकि उज्जैन में करीब 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबलपुर में 13.6 इंच वर्षा दर्ज होने के बावजूद यह सामान्य कोटे से कम है। ग्वालियर चंबल संभाग में भी पिछले दिनों बारिश की रफ्तार बढ़ी है और मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यहां भी अच्छी वर्षा होगी।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में निचले स्तर पर नमी बनी हुई है और मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। इसी कारण जुलाई के अंतिम सप्ताह में कई जिलों में तेज और व्यापक बारिश होने की संभावना है। यदि अनुमान सही साबित होता है तो प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का घाटा काफी हद तक पूरा हो सकता है और किसानों के साथ साथ जल संसाधनों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

  • आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना

    आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना


    नई दिल्ली । आज देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं जबकि कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रह सकती है जिससे कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है जिससे लोगों को असहजता का सामना भी करना पड़ सकता है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादल छाए रहने और रुक रुककर बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे मौसम सुहावना बनेगा। वहीं निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून का असर जारी रहने के संकेत हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी नाले और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन इलाकों में कई स्थानों पर गरज चमक के साथ वर्षा हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहने का अनुमान है जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने और बदलते मौसम के अनुसार खानपान का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना हो वहां अनावश्यक यात्रा से बचना और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।

    कुल मिलाकर आज का दिन देश के कई हिस्सों में बारिश और बादलों के बीच बीतने की संभावना है। कहीं मौसम सुहावना रहेगा तो कहीं तेज बारिश और उमस लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सतर्कता और सावधानी के साथ मौसम का आनंद लेना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा।

  • 21 जुलाई का मौसम देगा राहत या बढ़ाएगा मुश्किलें देश के कई राज्यों में भारी बारिश और गरज चमक का अलर्ट जारी

    21 जुलाई का मौसम देगा राहत या बढ़ाएगा मुश्किलें देश के कई राज्यों में भारी बारिश और गरज चमक का अलर्ट जारी


    मध्यप्रदेश । 21 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। लगातार सक्रिय बने मानसूनी सिस्टम के कारण कई राज्यों में जलभराव बाढ़ और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर में पूरे दिन बादल छाए रहने और रुक रुक कर बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि कुछ निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। सुबह और शाम के समय तेज हवा के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव से नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी।

    महाराष्ट्र गुजरात गोवा कर्नाटक और केरल में भी मानसून पूरी मजबूती के साथ सक्रिय रहेगा। पश्चिमी घाट के आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क मार्ग प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

    हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। यात्रियों और श्रद्धालुओं को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र मानसून को लगातार मजबूती दे रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है इसलिए खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।

    विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। किसानों को भी मौसम के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर 21 जुलाई का दिन देश के कई हिस्सों में बारिश राहत और सतर्कता तीनों का संदेश लेकर आएगा। जहां एक ओर गर्मी और उमस से राहत मिलेगी वहीं दूसरी ओर भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी रहेगा।

  • आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

    आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट


    मध्य प्रदेश। 14 जुलाई को देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने के आसार हैं और मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है। उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। गरज चमक और तेज हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ रुक रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि सुबह और शाम के समय प्रमुख सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है।

    महाराष्ट्र गुजरात गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मुंबई और आसपास के इलाकों में बीच बीच में तेज वर्षा के कारण जलभराव और यातायात पर असर पड़ सकता है। पश्चिमी तट पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना बनी हुई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

    कुल मिलाकर 14 जुलाई का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बादलों के नाम रहने वाला है। जहां एक ओर बारिश गर्मी से राहत देगी वहीं दूसरी ओर भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज

    मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज


    मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर रुक गया है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले पांच दिनों से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। फिलहाल करीब 60 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल छंट चुके हैं, जिसके कारण प्रदेश में केवल हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर बना हुआ है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद एक बार फिर प्रदेश में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

    सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर समेत 22 जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार फिलहाल मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं या उनका प्रभाव मध्यप्रदेश से दूर चला गया है। इसी वजह से प्रदेश में लगातार रिमझिम बारिश तो हो रही है लेकिन कहीं भी जोरदार वर्षा देखने को नहीं मिल रही। अगले दो से तीन दिन तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। यदि यह सिस्टम निम्न दाब क्षेत्र में बदलता है तो इसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर पड़ेगा और प्रदेश में फिर से व्यापक और तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में बन रहे नए मौसम तंत्रों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है क्योंकि इनमें से किसी एक के बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने पर मानसून को नई ताकत मिल सकती है।

    बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने का असर प्रदेश के मौसमी आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। कुछ दिन पहले तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा रही थी, लेकिन अब यह बढ़त घटकर केवल एक प्रतिशत रह गई है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 239.8 मिलीमीटर है। यानी फिलहाल बारिश सामान्य से केवल एक प्रतिशत अधिक है।

    प्रदेश में इस बार जून के मुकाबले जुलाई से ज्यादा उम्मीदें हैं क्योंकि सामान्य तौर पर मानसून की लगभग 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में जुलाई सबसे अधिक वर्षा वाला महीना माना जाता है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि नया सिस्टम मजबूत हुआ तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बारिश की कमी तेजी से पूरी हो सकती है।

    बारिश के आंकड़ों की बात करें तो देवास इस समय प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, हरदा, सीहोर, उज्जैन और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। दूसरी ओर अलीराजपुर, झाबुआ, धार और कुछ पूर्वी जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सक्रिय होने वाला नया सिस्टम इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश लेकर आएगा।

  • मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

    मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और इसका असर अलग अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाएं और गरज चमक के साथ बारिश भी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेना बेहद जरूरी हो गया है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड दिल्ली हरियाणा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा से नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ सकता है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    पूर्वी भारत के बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा बना हुआ है इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावना है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    कुछ क्षेत्रों में बारिश के बावजूद उमस लोगों को परेशान कर सकती है। जहां वर्षा कम होगी वहां दिन में गर्मी और नमी का असर महसूस होगा। ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना हल्के कपड़े पहनना और धूप में लंबे समय तक रहने से बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई राज्यों में रुक रुक कर बारिश होती रहेगी जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी हो तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। सावधानी और सतर्कता ही बदलते मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

  • Weather Today 8 July 2026: मानसून पूरी तरह सक्रिय, कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

    Weather Today 8 July 2026: मानसून पूरी तरह सक्रिय, कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट


    मध्य प्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और 8 जुलाई को भी कई राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम के बदले मिजाज से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है वहीं कई इलाकों में तेज बारिश के कारण जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

    मध्य प्रदेश में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर सागर रीवा छिंदवाड़ा मंडला पन्ना खजुराहो और आसपास के जिलों में रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी नालों का जलस्तर बढ़ सकता है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    उत्तर प्रदेश राजस्थान छत्तीसगढ़ बिहार झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और शाम या रात के समय हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।

    पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र और गुजरात के कई क्षेत्रों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जहां बारिश राहत लेकर आएगी वहीं अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों से बचें नदी नालों के पास अनावश्यक रूप से न जाएं और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर ही रहें। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन लगातार भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों की निगरानी भी जरूरी होगी।

    कुल मिलाकर 8 जुलाई का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बादलों और बारिश के नाम रहने वाला है। कई राज्यों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है जिससे मौसम सुहावना रहेगा लेकिन भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहना चाहिए।

  • मानसून ने इंदौर को किया तरबतर, सीजन में 11 इंच से ज्यादा बारिश; अगले 3-4 दिन भी राहत नहीं

    मानसून ने इंदौर को किया तरबतर, सीजन में 11 इंच से ज्यादा बारिश; अगले 3-4 दिन भी राहत नहीं


    इंदौर । इंदौर में मानसून लगातार मेहरबान बना हुआ है। जुलाई की शुरुआत से ही शहर में बारिश का दौर जारी है और पिछले तीन दिनों में छह इंच से अधिक पानी बरस चुका है। शुक्रवार शाम हुई जोरदार बारिश के बाद रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि शनिवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी तेज बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के चलते इस सीजन में अब तक 11 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।

    शुक्रवार शाम करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश के दौरान लगभग ढाई इंच पानी बरसा। इसके बाद देर रात फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। लगातार बारिश के बावजूद दिन का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। बारिश के दौरान मौसम सुहावना हो जाता है, लेकिन कुछ समय बाद उमस का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिक अजय कुमार शुक्ला के अनुसार फिलहाल इंदौर पर दोहरे मानसूनी सिस्टम का प्रभाव है। अरब सागर में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर मालवा क्षेत्र तक पहुंच रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा और भोपाल संभाग में अच्छी बारिश करा रहा है। दोनों सिस्टम के सक्रिय रहने से पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह स्थिति अगले तीन से चार दिनों तक बनी रह सकती है और जुलाई का पहला सप्ताह अच्छी बारिश के साथ गुजरने की संभावना है।

    लगातार बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून के दौरान दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, पैचिश, हैजा, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने, ताजा भोजन करने और भोजन से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की अपील की है। दस्त और उल्टी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ओआरएस घोल और जिंक का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। साथ ही खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और सड़े-गले फलों से बचने की हिदायत दी गई है।

    मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है। कूलर, फ्रिज की ट्रे, फुलदान, पुराने टायर और अन्य बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से खाली करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जुलाई को 63.6 मिमी, 2 जुलाई को 41.9 मिमी और 3 जुलाई को 64.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस तरह जुलाई के शुरुआती तीन दिनों में ही 169 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे मानसून सीजन में अब तक करीब 283.9 मिमी यानी 11 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है।