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  • मानसून ने इंदौर को किया तरबतर, सीजन में 11 इंच से ज्यादा बारिश; अगले 3-4 दिन भी राहत नहीं

    मानसून ने इंदौर को किया तरबतर, सीजन में 11 इंच से ज्यादा बारिश; अगले 3-4 दिन भी राहत नहीं


    इंदौर । इंदौर में मानसून लगातार मेहरबान बना हुआ है। जुलाई की शुरुआत से ही शहर में बारिश का दौर जारी है और पिछले तीन दिनों में छह इंच से अधिक पानी बरस चुका है। शुक्रवार शाम हुई जोरदार बारिश के बाद रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि शनिवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी तेज बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के चलते इस सीजन में अब तक 11 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।

    शुक्रवार शाम करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश के दौरान लगभग ढाई इंच पानी बरसा। इसके बाद देर रात फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। लगातार बारिश के बावजूद दिन का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। बारिश के दौरान मौसम सुहावना हो जाता है, लेकिन कुछ समय बाद उमस का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिक अजय कुमार शुक्ला के अनुसार फिलहाल इंदौर पर दोहरे मानसूनी सिस्टम का प्रभाव है। अरब सागर में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर मालवा क्षेत्र तक पहुंच रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा और भोपाल संभाग में अच्छी बारिश करा रहा है। दोनों सिस्टम के सक्रिय रहने से पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह स्थिति अगले तीन से चार दिनों तक बनी रह सकती है और जुलाई का पहला सप्ताह अच्छी बारिश के साथ गुजरने की संभावना है।

    लगातार बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून के दौरान दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, पैचिश, हैजा, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने, ताजा भोजन करने और भोजन से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की अपील की है। दस्त और उल्टी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ओआरएस घोल और जिंक का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। साथ ही खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और सड़े-गले फलों से बचने की हिदायत दी गई है।

    मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है। कूलर, फ्रिज की ट्रे, फुलदान, पुराने टायर और अन्य बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से खाली करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जुलाई को 63.6 मिमी, 2 जुलाई को 41.9 मिमी और 3 जुलाई को 64.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस तरह जुलाई के शुरुआती तीन दिनों में ही 169 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे मानसून सीजन में अब तक करीब 283.9 मिमी यानी 11 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है।

  • एमपी में मानसून की एंट्री 22–24 जून के बीच संभव, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के बाद पहुंचेगा

    एमपी में मानसून की एंट्री 22–24 जून के बीच संभव, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के बाद पहुंचेगा

     
    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के लिए इंतजार अभी और बढ़ सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में मानसून 22 से 24 जून के बीच दस्तक दे सकता है। फिलहाल मानसून पश्चिमी तट पर 8 जून से ही रुका हुआ है और अभी तक मुंबई तक भी नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में यह पहले छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में आगे बढ़ेगा, उसके बाद मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा।

    इस बीच प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। जून महीने में बारिश के आंकड़े भी कमजोर बने हुए हैं। 1 से 17 जून के बीच प्रदेश में औसतन 41.6 मिमी (करीब 1.6 इंच) बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक सिर्फ करीब 1 इंच बारिश ही दर्ज हुई है। यह सामान्य से लगभग 37 प्रतिशत कम है।

    सबसे खराब स्थिति अलीराजपुर जिले की है, जहां अब तक बारिश रिकॉर्ड ही नहीं की गई है, जिससे वहां आंकड़ा शून्य है। इसके अलावा बालाघाट, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन जैसे 13 जिलों में 12.5 मिमी (आधा इंच) से भी कम बारिश हुई है।

    वहीं, भोपाल एकमात्र ऐसा जिला है जहां अब तक सामान्य से बेहतर बारिश दर्ज हुई है। यहां 91.9 मिमी यानी साढ़े 3 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। आगर-मालवा, बुरहानपुर, देवास, गुना, हरदा, इंदौर, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, डिंडौरी, सतना और सीधी में 1 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज हुई है।

    बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल और राजगढ़ में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई, जबकि बैतूल, गुना, इंदौर और छिंदवाड़ा में भी हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट भी देखने को मिली। बैतूल में एक ही दिन में तापमान 10 डिग्री गिरकर 26.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    अन्य जिलों में शिवपुरी-पचमढ़ी में 34 डिग्री, छिंदवाड़ा में 35.9 डिग्री, रायसेन में 26.6 डिग्री, सागर में 37 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री, श्योपुर-धार में 37.4 डिग्री और मंडला में 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 39.3 डिग्री और ग्वालियर में 39.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    मौसम विभाग ने गुरुवार को रतलाम, छिंदवाड़ा और बालाघाट में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, शाजापुर, देवास, सीहोर, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया और शहडोल में गर्मी का असर बना रहेगा।

  • गर्मी से मिलेगी राहत, अगले 2-3 दिन में केरल पहुंचेगा मानसून; दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

    गर्मी से मिलेगी राहत, अगले 2-3 दिन में केरल पहुंचेगा मानसून; दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

    नई दिल्ली । देशभर में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों के भीतर केरल में प्रवेश कर सकता है। मानसून की यह प्रगति देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के स्वरूप को तेजी से बदलने वाली है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्र तक व्यापक स्तर पर वर्षा गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही कई राज्यों में तेज हवाएं, गरज-चमक और आंधी का दौर भी देखने को मिल सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रही अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून को आगे बढ़ने में सहायता मिल रही है। इसी वजह से केरल तट पर मानसून की दस्तक अब बेहद करीब मानी जा रही है। मानसून के सक्रिय होने के बाद दक्षिण भारत के राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। कृषि गतिविधियों के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून की प्रगति पर निर्भर करती है। किसानों की नजरें भी मानसून की आधिकारिक शुरुआत पर टिकी हुई हैं।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर आंधी की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आ सकती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी वर्षा गतिविधियां तेज होने की संभावना है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आगामी दिनों में व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में लगातार भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। इन क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर और भूस्खलन जैसी संभावित परिस्थितियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग का मानना है कि पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां सामान्य से अधिक सक्रिय रह सकती हैं।

    हालांकि शुरुआती संकेतों के अनुसार इस वर्ष मानसून की कुल वर्षा सामान्य से थोड़ी कम रहने की आशंका जताई गई है। इसके बावजूद फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की आगामी प्रगति कृषि, जल संसाधनों और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखना आवश्यक होगा।

    मानसून की संभावित एंट्री ने देशभर में राहत की उम्मीद बढ़ा दी है। यदि वर्षा का क्रम अपेक्षित रूप से आगे बढ़ता है तो किसानों, जलाशयों और आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है, जबकि मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारी भी अहम रहेगी।

  • 36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं


    नई दिल्ली ।
    भीषण गर्मी से जूझ रहे देश के कई हिस्सों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी 36 घंटों के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं के साथ बारिश का यह दौर कई इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।

    गर्मी के बीच मौसम ने बदली चाल

    लगातार बढ़ते तापमान और लू के हालात के बीच मौसम में यह बदलाव राहत लेकर आ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में भी एक मजबूत मौसम प्रणाली विकसित हुई है। इन प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी और उत्तरी भारत में मौसम तेजी से बदलने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, मेघालय, त्रिपुरा और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित 17 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

    पूर्वी राज्यों में ज्यादा असर की आशंका

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ ही बिजली गिरने और वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा। ऐसे हालात में लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं झारखंड के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का असर दिखाई दे सकता है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में भी मौसम का प्रभाव बना रहेगा।

    दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत पर नजर

    राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली में फिलहाल तापमान ऊंचा बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी जिलों में बारिश के साथ तेज हवा चलने के संकेत हैं। कई शहरों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

    उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बारिश के चलते यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बदलाव से कई क्षेत्रों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि तेज हवाओं और वज्रपात के कारण सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • देशभर में मौसम का डबल अटैक: कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं लू का कहर, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट

    देशभर में मौसम का डबल अटैक: कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं लू का कहर, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट

    नई दिल्ली ।देशभर में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 22 मई को देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, भारी बारिश और तूफान को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है। तेज हवाओं की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में बिजली गिरने, पेड़ उखड़ने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। मौसम में इस अचानक बदलाव की वजह से लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन तेज तूफान और बारिश नई परेशानियां भी खड़ी कर सकते हैं।

    मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो गया है, जिसका असर कई राज्यों में दिखाई देगा। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर मणिपुर तक मौसम प्रणाली मजबूत हो रही है। इसी कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, असम, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया, आजमगढ़ और आसपास के इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है। वहीं बिहार के गया, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज, सुपौल और भागलपुर जैसे जिलों में भारी बारिश और तूफान का खतरा बना हुआ है। झारखंड में भी रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर समेत कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में भी मौसम बिगड़ सकता है और कई जिलों में तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है।

    पहाड़ी राज्यों में भी मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के नैनीताल, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि खराब मौसम के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

    राजधानी दिल्ली में भी 22 मई की शाम मौसम अचानक बदल सकता है। यहां तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हालांकि तापमान अभी भी काफी ऊंचा बना रहेगा और अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। जयपुर, ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों में गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

    दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय हो गया है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कई स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। वहीं अंडमान-निकोबार क्षेत्र में भी मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ सकता है, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि तेज आंधी और बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

  • एमपी में लू का कहर: इंदौर-उज्जैन में तेज गर्मी का ऑरेंज अलर्ट, कल से कई जिलों में असर

    एमपी में लू का कहर: इंदौर-उज्जैन में तेज गर्मी का ऑरेंज अलर्ट, कल से कई जिलों में असर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश इस समय भीषण गर्मी और हीट वेव की चपेट में है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार अगले चार दिन तक प्रदेश का बड़ा हिस्सा लू की चपेट में रहेगा।

    इंदौर और उज्जैन संभाग में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर मानी जा रही है, जहां तेज लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिसे “वॉर्म नाइट” की स्थिति कहा जा रहा है।

    राजधानी Bhopal सहित जबलपुर, ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इन शहरों में गर्म हवाओं का असर देखने को मिलेगा और दिन के समय लू जैसी स्थिति बन सकती है।

    बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो में सबसे अधिक 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है। रतलाम और धार भी अत्यधिक गर्म जिलों में शामिल रहे, जहां पारा 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया।

    शाजापुर, गुना, सागर और अन्य जिलों में भी तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि गर्मी का असर पूरे राज्य में फैल चुका है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा। उज्जैन में 44.7 डिग्री, इंदौर में 43.6 डिग्री, भोपाल में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 42 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है और कई जिलों में लू की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। खासकर इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

    इसके साथ ही कुछ इलाकों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की भी हल्की संभावना जताई गई है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन इससे गर्मी से राहत की उम्मीद कम ही है।

    कुल मिलाकर मध्यप्रदेश फिलहाल भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहा है और लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।

  • मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी

    मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला अब थमने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अब धीरे-धीरे मौसम साफ हो रहा है और इसके साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार से ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में यह तेजी से ऊपर जाएगा।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 12 मई से प्रदेश में लू का असर शुरू हो सकता है। खासकर पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में दिन का तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    शनिवार को हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की राहत देखने को मिली थी। एक ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। लेकिन यह राहत अब खत्म होती नजर आ रही है।

    रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में तेज गर्मी की शुरुआत का संकेत है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई के पहले सप्ताह में लगातार पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के कारण बारिश का दौर बना रहा, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रहा। लेकिन अब सिस्टम कमजोर पड़ चुका है और गर्म हवाएं प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार 10 मई से प्रदेश में मौसम साफ होने लगा है और 12-13 मई के बीच कई जिलों में लू चलने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि होगी और लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मई के मध्य से जून तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को हिदायत दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।

    मौसम के इस बदलाव ने जहां एक ओर बारिश से राहत पाने वालों को झटका दिया है, वहीं अब लू और तपती धूप से जूझने की तैयारी शुरू हो गई है। आने वाले दिन मध्यप्रदेश के लिए गर्मी की बड़ी चुनौती लेकर आ रहे हैं।

  • एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

    एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद प्रदेश में तेज गर्मी की वापसी होने जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। रविवार से ही तापमान में बढ़ोतरी महसूस होने लगेगी।

    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    शनिवार को प्रदेश में ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में बादल छाए रहे। शाम के समय भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश के साथ तेज आंधी चली।

    प्रदेश में 30 अप्रैल से लगातार मौसम बदला हुआ था। 9 मई तक कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। इस दौरान कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी ट्रफ और चक्रवातीय गतिविधियों का असर देखने को मिला, जिसके चलते मई के शुरुआती दिनों में गर्मी से राहत बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, 10 मई के बाद मौसम साफ होने लगेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा। 12 और 13 मई को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। विभाग के अनुसार, गर्मी के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें, शरीर को हाइड्रेट रखें और दोपहर में लंबे समय तक धूप में निकलने से बचें। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

  • MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर

    MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को 21 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह मौसम परिवर्तन 5 मई तक जारी रहने का अनुमान है।

    जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, धार, खंडवा, खरगोन, रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहर बाद मौसम बदल सकता है।

    बीते दिनों भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा में तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। इसके चलते नमी बढ़ रही है और आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है।

    इस अचानक बदले मौसम का असर जनजीवन पर भी दिख रहा है। कई जगहों पर तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • नई दिल्ली में दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ता हुआ, तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान

    नई दिल्ली में दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ता हुआ, तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान

    नई दिल्ली में उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है, जहां तापमान में लगातार वृद्धि के साथ भीषण गर्मी का असर तेज होता जा रहा है। दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में दिन के समय चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम के मौजूदा पैटर्न को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोगों की दिनचर्या पर सीधा असर पड़ रहा है।
    नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तापमान पहले ही सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है और लगातार बढ़ती गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में नमी की कमी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से लू जैसी स्थिति बन रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर दिन के समय आवाजाही में कमी देखी जा रही है, जो गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है।
    उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी मौसम का यही रूप देखने को मिल रहा है, जहां लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। दिन के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य से कम गतिविधि देखी जा रही है। गर्म हवाओं के साथ तेज धूप के कारण लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता महसूस हो रही है। मौसम के इस बदलते स्वरूप ने कृषि और दैनिक कार्यों पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव डालना शुरू कर दिया है।
    बिहार और झारखंड में भी गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है। शाम के समय कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल दिखाई देने से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन यह स्थिति अस्थायी साबित हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी का यह दौर जारी रह सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
    दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों में मौसम में कुछ राहत देखने को मिल रही है, जहां हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है, जिससे मैदानी क्षेत्रों की तुलना में स्थिति अलग दिखाई दे रही है। हालांकि यह बदलाव सीमित क्षेत्रों तक ही दिखाई दे रहा है।
    पंजाब और हरियाणा में भी मौसम में अस्थायी परिवर्तन देखा जा रहा है, जहां कुछ स्थानों पर धूल भरी हवाएं और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। इससे तापमान में थोड़ी कमी आई है, लेकिन गर्मी का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मौसम के इस उतार चढ़ाव के कारण लोगों को लगातार बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ रहा है।
    पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं, जिससे वहां का मौसम अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है। हालांकि भारी बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन तापमान नियंत्रण में रहने से गर्मी का असर कम महसूस किया जा रहा है। इस प्रकार देश के अलग अलग हिस्सों में मौसम का भिन्न स्वरूप देखने को मिल रहा है।
    मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर और मध्य भारत में आने वाले दिनों में सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक होगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए लोगों को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचने की आवश्यकता है। शरीर में पानी की कमी को रोकने और हल्के कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।